रुद्रपुर, गर्भधारण पूर्व एवं प्रसव पूर्व निदान-तकनीक (लिंग चयन प्रतिषेध) अधिनियम, 1994 का उल्लंघन करने वालों को अब किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। मुख्य चिकित्सा अधिकारी एवं समुचित प्राधिकारी डॉ. के. के. अग्रवाल के अत्यंत कड़े एवं स्पष्ट निर्देशों के अनुपालन में आज दिनांक 18/04/2026 को रुद्रपुर ब्लॉक के 04 पंजीकृत अल्ट्रासाउंड केंद्रों एवं 01 IVF केंद्र पर स्वास्थ्य विभाग की PC-PNDT टीम ने निरीक्षण की कार्रवाई की।अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी एवं जिला नोडल अधिकारी (PC-PNDT) डॉ. एस. पी. सिंह के नेतृत्व में केंद्रों पर निरीक्षण में अधिनियम की धारा 4, 5, 6, 18, 20, 22, 23 एवं नियम 9, 10 के अंतर्गत एक-एक दस्तावेज को खंगाला।निरीक्षण वाले केंद्र: फुटेला हॉस्पिटल, फुटेला आई.वी.एफ. सेंटर, बी.डी. पाठक हॉस्पिटल, जीवनदीप डायग्नोस्टिक सेंटर एवं न्यूरो अल्ट्रासाउंड सेंटर।टीम सदस्य: डॉ. एस. पी. सिंह (ACMO/DNO), डॉ. नम्रता सिंह, प्रदीप महर (जिला समन्वयक PC-PNDT सेल) तथा गोपाल आर्य (अधिशासी सहायक)।सघन तलाशी: टीम ने फॉर्म-F में छोटी से छोटी गलती, मरीजों के अभिलेखों में ओवरराइटिंग, बिना रेफरल स्लिप के USG, रजिस्टर में कटिंग, मशीनों का भौतिक सत्यापन तथा धारा 22 के तहत अनिवार्य चेतावनी बोर्ड 'लिंग परीक्षण कराना एवं करवाना कानूनी अपराध है – जेल होगी' की गहन जांच की।सीधी चेतावनी: सभी संचालकों को अंतिम चेतावनी देते हुए साफ कर दिया गया कि PCPNDT एक्ट की धारा 23(1) के तहत पहली गलती पर 3 साल की सश्रम कैद + 50 हजार जुर्माना और धारा 23(2) के तहत दोबारा पकड़े जाने पर 5 साल की सश्रम कैद + 1 लाख जुर्माना होगा। साथ ही धारा 20 के तहत रजिस्ट्रेशन तत्काल निलंबित/रद्द कर धारा 30 के तहत मशीनें जब्त कर ली जाएंगी। लिंग बताने वाले डॉक्टर का मेडिकल लाइसेंस भी रद्द करवाया जाएगा।डॉ. एस. पी. सिंह ने दो टूक कहा, "अब केवल निरीक्षण नहीं, सीधी कार्रवाई होगी। यह रिपोर्ट धारा 17(4) के तहत आज ही राज्य समुचित प्राधिकारी को भेजी जा रही है।" जिले में लिंगानुपात बिगाड़ने वालों के विरुद्ध 'जीरो टॉलरेंस, जीरो मर्सी' की नीति लागू है।जनता के लिए खुली चेतावनी: यदि कोई डॉक्टर, आशा, ANM, परिचित या रिश्तेदार लिंग परीक्षण के लिए उकसाता है या पैसे मांगता है तो उसकी वीडियो/ऑडियो बनाकर CMO कार्यालय या PC-PNDT सेल को दें। सूचना देने वाले को इनाम दिया जाएगा व नाम पूर्णतः गुप्त रखा जाएगा। लिंग परीक्षण = गैर-जमानती अपराध = सीधी जेल।"बेटी को कोख में मत मारो – जेल जाने को तैयार रहो"
"जो लिंग बताएगा, वो सलाखों के पीछे जाएगा"जारीकर्ता
डॉ. के. के. अग्रवाल
मुख्य चिकित्सा अधिकारी एवं समुचित प्राधिकारी
PC-PNDT सेल, जनपद – उधम सिंह नगर