सत्यमेव जयते

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पंडित गोविंद बल्लभ पंत कृषि एवम् प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय पंतनगर में दो दिवसीय पूर्व छात्र सम्मेलन का केंद्रीय कृषि एवम् कृषक कल्याण मंत्री  मुख्यमंत्री व कृषि एवम् कृषक कल्याण मंत्री ने दीप प्रज्ज्वलित कर शुभारम्भ किया

पंतनगर (सू.वि.)। पंडित गोविंद बल्लभ पंत कृषि एवम् प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय पंतनगर में दो दिवसीय पूर्व छात्र सम्मेलन का केंद्रीय कृषि एवम् कृषक कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान, मुख्य मंत्री पुष्कर सिंह धामी व कृषि एवम् कृषक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने दीप प्रज्ज्वलित कर शुभारम्भ किया। कार्यक्रम में पंतनगर विश्वविद्यालय के पूर्व डीन ए के मुखोपाध्याय को अंगवस्त्र व प्रतीक चिन्ह देकर सम्मानित किया जाता गया। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि वह पंतनगर आकर किसी को धन्य करने नहीं, बल्कि स्वयं इस हरित क्रांति की पावन भूमि पर आकर धन्य हुए हैं। उन्होंने कहा कि पंतनगर विश्वविद्यालय भारतीय कृषि के इतिहास का गौरवशाली केंद्र है, जिसने देश को वैज्ञानिक, नीति निर्माता, कृषि उद्यमी तथा उत्कृष्ट मानव संसाधन प्रदान कर कृषि एवं ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई दिशा दी है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन तथा मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड देश ही नहीं, बल्कि विश्व की आध्यात्मिक राजधानी बनने की ओर अग्रसर है। श्री चैहान ने पंतनगर विश्वविद्यालय को परंपरा, आधुनिकता और अनुसंधान का त्रिवेणी संगम बताते हुए कहा कि देश आज लगभग 377 मिलियन टन खाद्यान्न उत्पादन कर रहा है। देश के अन्न भंडार पूरी तरह भरे हुए हैं तथा चावल उत्पादन में भारत चीन को पीछे छोड़कर विश्व में प्रथम स्थान पर पहुंच चुका है। उन्होंने कहा कि गेहूं का उत्पादन भी अधिशेष है तथा भारतीय गेहूं एवं बासमती चावल की मांग विश्वभर में लगातार बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि इस उपलब्धि में पंतनगर विश्वविद्यालय का योगदान अतुलनीय है और इसलिए वह इस पावन भूमि को बार-बार नमन करते हैं। केंद्रीय कृषि मंत्री ने कहा कि कृषि मंत्री के रूप में धरातल से जुड़े रहना अत्यंत आवश्यक है और उन्हें सौभाग्य प्राप्त हुआ कि उन्होंने पंतनगर में विद्यार्थियों एवं विशेषज्ञों के साथ संवाद किया। उन्होंने कहा कि उन्होंने केवल विद्यार्थियों से नहीं, बल्कि भारतीय कृषि के भविष्य से संवाद किया है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यहां से शिक्षा प्राप्त करने वाले विद्यार्थी देश और दुनिया में भारत का नाम रोशन करेंगे। उन्होंने कहा कि वह पंतनगर सिखाने नहीं, बल्कि सीखने आए हैं। पंतनगर विश्वविद्यालय ने केवल डिग्रियां नहीं बांटीं, बल्कि देश को वैज्ञानिक, नीति निर्माता, उद्योग जगत के नेतृत्वकर्ता तथा कृषि उद्यमी दिए हैं, जिन्होंने भारतीय कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। श्री चैहान ने कहा कि वर्तमान समय में भारतीय कृषि जलवायु परिवर्तन जैसी गंभीर चुनौतियों का सामना कर रही है। बढ़ता तापमान, गिरता भूजल स्तर, बदलता मौसम, मिट्टी का बिगड़ता स्वास्थ्य तथा रासायनिक उर्वरकों के अंधाधुंध प्रयोग जैसी समस्याओं का समाधान वैज्ञानिक अनुसंधान और नवाचार से ही संभव है। उन्होंने कहा कि उत्पादन के क्षेत्र में देश ने नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं, लेकिन भविष्य की चुनौतियों का समाधान खोजने में कृषि वैज्ञानिकों और विश्वविद्यालयों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होगी। मुख्यमंत्री ने पारंपरिक फसलों के संरक्षण पर बल देते हुए फल एवं विविध कृषि उत्पादों के उत्पादन को बढ़ावा देने की आवश्यकता बताई। साथ ही उन्होंने कृषि उत्पादन से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए विश्वविद्यालय के पूर्व छात्रों और विशेषज्ञों से समिति बनाकर ठोस सुझाव देने का आह्वान किया, ताकि उन पर गंभीरता से विचार किया जा सके। केंद्रीय कृषि मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में कृषि उत्पादों से संबंधित जितने भी अंतरराष्ट्रीय समझौते किए गए हैं, वे किसानों और राष्ट्रहित को सर्वोच्च प्राथमिकता में रखकर किए गए हैं। उन्होंने दोहराया कि विकसित भारत के निर्माण का संकल्प तभी साकार होगा, जब कृषि विकसित होगी और किसान समृद्ध होंगे। पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए श्री चैहान ने कहा कि वह प्रतिदिन एक पौधा लगाते हैं। उन्होंने सभी से अपील की कि यदि प्रतिदिन पौधा लगाना संभव न हो, तो कम से कम अपने जन्मदिन पर अवश्य एक पौधा लगाएं, क्योंकि पर्यावरण संरक्षण समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि विकसित उत्तराखण्ड के निर्माण में विश्वविद्यालयों के पूर्व छात्रों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने पूर्व छात्रों से आह्वान किया कि वे अपने ज्ञान, अनुभव और विशेषज्ञता को राज्य के विकास से जोड़ते हुए कृषि, अनुसंधान, नवाचार, स्टार्टअप और युवाओं के मार्गदर्शन में सक्रिय योगदान दें। मुख्यमंत्री शुक्रवार को गोविन्द बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय, पंतनगर में आयोजित पूर्व छात्र कार्यशाला ब्रेन 3.0 (बूस्टिंग रिसर्च, एकेडमिक, इनोवेशन एंड नेटवर्किंग) को संबोधित करते हुए कहा कि विकसित उत्तराखण्ड के निर्माण में विश्वविद्यालयों के पूर्व छात्रों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने पूर्व छात्रों से आह्वान किया कि वे अपने ज्ञान, अनुभव और विशेषज्ञता को राज्य के विकास से जोड़ते हुए कृषि, अनुसंधान, नवाचार, स्टार्टअप और युवाओं के मार्गदर्शन में सक्रिय योगदान दें। मुख्यमंत्री ने कहा कि पंतनगर विश्वविद्यालय केवल एक शिक्षण संस्थान नहीं, बल्कि भारत की हरित क्रांति का महत्वपूर्ण केंद्र रहा है। इस विश्वविद्यालय ने देश को ऐसे वैज्ञानिक, प्रशासक, उद्यमी और कृषि विशेषज्ञ दिए हैं, जिन्होंने राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है। उन्होंने कहा कि ब्रेन 3.0 केवल एक कार्यशाला नहीं, बल्कि ज्ञान, अनुभव, नवाचार और भविष्य की संभावनाओं को जोड़ने वाला प्रभावी मंच है। उन्होंने कहा कि किसी भी संस्थान की वास्तविक पहचान उसकी इमारतों से नहीं, बल्कि वहां से निकले विद्यार्थियों की उपलब्धियों से होती है। पूर्व छात्र विश्वविद्यालय की सबसे बड़ी शक्ति और उसकी गौरवशाली परंपरा के सशक्त प्रतिनिधि हैं। उन्होंने कहा कि जीवन में सफलता प्राप्त करना महत्वपूर्ण है, लेकिन उससे भी अधिक महत्वपूर्ण है उस सफलता और अनुभव को समाज तथा आने वाली पीढ़ियों के साथ साझा करना। मुख्यमंत्री ने पूर्व छात्रों से युवाओं के लिए मेंटरशिप कार्यक्रम चलाने, अनुसंधान कार्यों में सहयोग देने, नवाचार और स्टार्टअप संस्कृति को बढ़ावा देने तथा शिक्षा जगत और उद्योगों के बीच मजबूत सेतु बनने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि आज का युवा केवल रोजगार खोजने वाला नहीं, बल्कि नवाचार और उद्यमिता के माध्यम से परिवर्तन का नेतृत्व करने वाला युवा है। ऐसे में अनुभवी पूर्व छात्रों का मार्गदर्शन युवाओं को नई दिशा और नई ऊंचाइयां प्रदान कर सकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि  वर्तमान  समय कृत्रिम बुद्धिमत्ता ड्रोन तकनीक, डेटा एनालिटिक्स, जैव प्रौद्योगिकी और डिजिटल कृषि जैसी आधुनिक तकनीकों का युग है। इन क्षेत्रों में तेजी से हो रहे बदलावों के अनुरूप विश्वविद्यालयों और पूर्व छात्रों को भी अपनी भूमिका और अधिक प्रभावी बनानी होगी। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड की पर्वतीय कृषि आज छोटे एवं बिखरे खेतों, जंगली जानवरों से फसलों को होने वाले नुकसान, युवाओं के पलायन, सीमित बाजार पहुंच तथा जलवायु परिवर्तन जैसी अनेक चुनौतियों का सामना कर रही है। इन समस्याओं का समाधान केवल सरकारी योजनाओं से नहीं, बल्कि ज्ञान, अनुसंधान, नवाचार और सामूहिक सहभागिता से संभव है। उन्होंने पूर्व छात्रों से आधुनिक कृषि तकनीकों, जैविक एवं प्राकृतिक खेती, कृषि प्रसंस्करण, मूल्य संवर्धन, डिजिटल मार्केटिंग तथा कृषि उद्यमिता के क्षेत्र में किसानों और युवाओं का मार्गदर्शन करने का आह्वान किया।
 

गदरपुर पुलिस ने एक वांछित/फरार अपराधी को किया गिरफ्तार -315 बोर का तमंचा, 02 अदद जिन्दा कारतूस भी बरामद

(पुलिस एंड मीडिया गदरपुर)
गदरपुर।
पुलिस ने अवैध हथियार के खिलाफ कार्यवाही करते हुए एक अवैध तमंचा सहित एक वांछित/फरार अपराधी को गिरफ्तार किया है। उसके पास से 315 बोर मय 02 अदद जिन्दा कारतूस 315 बरामद किया गया। पुलिस के अनुसार दिनांक 21-05-2025 को वादी  मुकदमा गुरदेव सिंह, पुत्रः बलवंत सिंह पताः खुशहालपुर सरोवर नगर, गदरपुर, उधम सिंह नगर, द्वारा थाना गदरपुर में दी गई तहरीरी सूचना बाबत प्रतिवादी गण  सुक्खा आदि द्वारा उसके व उसके पूरे परिवार को जान से मारने की नीयत से अंधाधुंध फायरिंग, घर में घुसकर हमला, तोड़फोड़ एवं जानलेवा हमला करने के आधार पर थाना हाजा पर मु0 एफआईआर नंबर 140/2025  धारा-109/190/191(2)/191(3)/324(2)/331/351 (2)/352 बी0एन0एस0  बनाम सुक्खा आदि 08 नफर  के विरुद्ध पंजीकृत किया गया था। उपरोक्त अभियुक्त फरार चल रहे थे। वर्तमान में वांछित ध् फरार अभियुक्त  गण की गिफ्तारी हेतु चलाये जा रहे अभियान के दृष्टिगत श्रीमान् वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक महोदय, जनपद उधम सिह नगर द्वारा अभियुक्त गणों की शीघ्र गिरफ्तारी किये जाने हेतु कड़े आदेश निर्गत किये गये थे। उपरोक्त आदेश निर्देशों के क्रम में श्रीमान् पुलिस अधीक्षक अपराध ध्पुलिस अधीक्षक काशीपुर तथा क्षेत्राधिकारी महोदय बाजपुर के कुशल पर्यवेक्षण मे तथा प्रभारी थानाध्यक्ष गदरपुर के नेतृत्व मे थाना गदरपुर पुलिस टीम आज दिनांक 25-12-2025 को थाना दिनेशपुर रोड फ्लाईओवर के पास सूरजपुर  को जाने वाले रास्ते से मुखविर की सूचना पर ’ वांछित/फरार चल रहे अपराधी सुखविन्दर सिह उर्फ सुख्खा पुत्र स्वरुप सिह निवासी अज्जूवाला, थाना मिलखखानम, जिला रामपुर(उ0प्र0) उम्र 22 वर्ष को घटना में प्रयुक्त एक अदद तमंचा 315 बोर मय 02 अदद जिन्दा कारतूस के साथ अन्तर्गत धारा  109(1), 191(2), 191(3), 324(2), 331 (2), 351(3), 352/3 (5) बी0एन0एस0 व 3/25 शस्त्र अधि0  में गिरफ्तार किया गया। अभियुक्त सुखविन्सिंदर सिंह उर्फ सुक्खा को नियमानुसार माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया। आपराधिक इतिहास की जानकारी की जा रही है। पकड़ने वाली पुलिस टीम में प्रभारी थानाध्यक्ष प्रदीप शर्मा, कानि. कुन्दन सिंह, कानि. जीवन फुलेरा शामिल रहे।
 

केन्द्रीय कृषि मंत्री के पंतनगर पहुंचने पर मुख्यमंत्री श्री धामी ने किया स्वागत -केन्द्रीय कृषि मंत्री ने पंतनगर विश्वविद्यालय के म्यूजियम का भी किया निरीक्षण

पंतनगर (सू.वि.)। केन्द्रीय कृषि मंत्री श्री शिवराज सिंह चैहान के  पंतनगर पहुंचने पर माननीय मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी  व अन्य जनप्रतिनिधियों द्वारा जोरदार किया स्वागत। इसके उपरान्त केन्द्रीय कृषि मंत्री द्वारा  पंतनगर विश्वविद्यालय के म्यूजियम का निरीक्षण किया गया।

जिला आपदा प्रबन्धन प्राधिकरण, उधमसिंह नगर में विशेष गहन पुनरीक्षण हेतु जनपद स्तर पर स्थापित कन्ट्रोल रूम का  अपर जिलाधिकारी (वि./रा.)/उप जिला निर्वाचन अधिकारी  द्वारा विस्तृत निरीक्षण किया गया

रूद्रपुर (सू.वि.)। जिला आपदा प्रबन्धन प्राधिकरण, उधमसिंह नगर में विशेष गहन पुनरीक्षण हेतु जनपद स्तर पर स्थापित कन्ट्रोल रूम का  कौस्तुभ मिश्र, अपर जिलाधिकारी (वि./रा.)/उप जिला निर्वाचन अधिकारी  द्वारा विस्तृत निरीक्षण किया गया, जिसमें उनके द्वारा 1950 हैल्प लाईन नम्बर के सुचारू रूप से कार्य किये जाने की स्वयं जांच की गयी एवं जनपदीय कन्ट्रोल रूम में मतदाताओं से प्राप्त शिकायतों/जानकारियों के इन्द्राज किये जाने से सम्बन्धित पंजिका का अवलोकन करते हुए पंजिका का उचित रखरखाव से सम्बन्धित निर्देश एवं विशेष गहन पुनरीक्षण के संबंध में मतदाताओं को आ रही समस्याओं का ससमय निस्तारण एवं मतदाताओं का उचित मार्गदर्शन किये जाने हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश दिये गये। इस दौरान नोडल, एसआईआर जनपदीय कन्ट्रोल रूम  उमाशंकर नेगी, नितीश जोशी, नीरज कुमार आदि मौजूद रहें।
 

धामी सरकार की बड़ी सौगात, मात्र 3 लाख रुपये में मिलेगा आधुनिक फ्लैट

रुद्रपुर/देहरादून (सू.वि.)। धामी सरकार की बड़ी सौगात, मात्र 3 लाख रुपये में मिलेगा आधुनिक फ्लैट, तैयार हुई उत्तराखंड की सबसे बड़ी ईडब्लूएस आवासीय परियोजनाओं में से एक प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के तहत रुद्रपुर के बागवाला में साकार हो रहा 1872 परिवारों का आशियाने का सपना, जल्द लाभार्थियों को सौंपी जाएंगी चाबियां गरीब और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को सम्मानजनक जीवन देने के संकल्प के साथ उत्तराखंड सरकार और भारत सरकार मिलकर एक ऐसी आवासीय परियोजना को अंतिम रूप दे रही हैं, जो हजारों लोगों के जीवन में बड़ा बदलाव लाने वाली है। प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के अंतर्गत रुद्रपुर के ग्राम बागवाला में 1872 ईडब्ल्यूएस (आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग) आवासों का निर्माण कार्य लगभग पूरा हो चुका है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दिशा-निर्देशों के अनुरूप सचिव आवास डॉ. आर. राजेश कुमार की सतत निगरानी में विकसित यह परियोजना राज्य में गरीब परिवारों के लिए सुरक्षित और आधुनिक आवास उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है। जिला स्तरीय विकास प्राधिकरण (उधमसिंह नगर) द्वारा संचालित इस महत्वाकांक्षी योजना का उद्देश्य ऐसे परिवारों को अपना घर उपलब्ध कराना है, जिनके पास अब तक पक्का मकान नहीं है। परियोजना के पूर्ण होने के बाद हजारों लोगों का वर्षों पुराना सपना साकार होने जा रहा है।
गरीब परिवारों के लिए उम्मीद की नई बस्ती
‘अपना घर, अपना स्वाभिमान’ की भावना के साथ तैयार की गई इस परियोजना में कुल 1872 आवासों का निर्माण किया गया है। इनमें से 832 फ्लैट पूरी तरह तैयार हो चुके हैं, जबकि 512 अतिरिक्त फ्लैटों में अंतिम चरण के छोटे-मोटे कार्य तेजी से चल रहे हैं। सरकार की योजना शीघ्र ही परियोजना का लोकार्पण कर लाभार्थियों को उनके नए घरों की चाबियां सौंपने की है। सबसे बड़ी बात यह है कि छह लाख रुपये लागत वाले इन आधुनिक फ्लैटों के लिए लाभार्थी को मात्र तीन लाख रुपये ही देने होंगे। शेष राशि भारत सरकार और उत्तराखंड सरकार द्वारा डेढ़-डेढ़ लाख रुपये की सब्सिडी के रूप में वहन की जाएगी। इससे सीमित आय वाले परिवारों को भी सम्मानजनक आवास प्राप्त करने का अवसर मिलेगा।
आधुनिक सुविधाओं से लैस आवासीय परिसर
करीब 6.0281 हेक्टेयर भूमि पर विकसित इस आवासीय परियोजना का निर्माण क्षेत्रफल लगभग 39,220 वर्ग मीटर है। योजना में कुल 23 बहुमंजिला आवासीय ब्लॉक बनाए गए हैं, जिनमें आधुनिक शहरी सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा गया है। प्रत्येक फ्लैट में एक बेडरूम, ड्राइंग रूम, किचन, टॉयलेट, बाथरूम और बरामदा उपलब्ध कराया गया है। लगभग 28 वर्ग मीटर क्षेत्रफल वाले इन आवासों को इस प्रकार डिजाइन किया गया है कि छोटे परिवारों को पर्याप्त सुविधा और बेहतर जीवन स्तर मिल सके। परियोजना की विशेषता यह है कि सभी भवन भूकंपरोधी तकनीक से निर्मित किए गए हैं। इसके साथ ही चैड़ी सड़कों, पर्याप्त पार्किंग, पेयजल, विद्युत आपूर्ति और स्वच्छ वातावरण की व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई है।
पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास पर विशेष जोर
बागवाला आवासीय परियोजना को केवल मकानों का समूह नहीं, बल्कि एक आधुनिक और टिकाऊ आवासीय परिसर के रूप में विकसित किया गया है। परिसर में वर्षा जल संचयन (रेन वाटर हार्वेस्टिंग), सीवरेज सिस्टम और अत्याधुनिक एसटीपी (सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट) की व्यवस्था की गई है।परियोजना में हरे-भरे पार्क, बच्चों के लिए सुरक्षित खेल क्षेत्र और सौंदर्यीकरण के व्यापक कार्य भी पूरे किए जा चुके हैं। हॉर्टिकल्चर का कार्य पूर्ण होने से परिसर का वातावरण आकर्षक और पर्यावरण अनुकूल बन गया है।
बेहतर कनेक्टिविटी से बढ़ेगी सुविधा
आवासीय परिसर का स्थान भी इसकी सबसे बड़ी विशेषताओं में शामिल है। बागवाला स्थित यह परियोजना मुख्य बाजार और प्रमुख मार्ग से लगभग तीन किलोमीटर की दूरी पर है। बस स्टेशन छह किलोमीटर और रेलवे स्टेशन आठ किलोमीटर दूर स्थित है। बेहतर सड़क संपर्क और शहर के प्रमुख क्षेत्रों से नजदीकी के कारण यहां रहने वाले परिवारों को शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और अन्य आवश्यक सुविधाओं तक आसानी से पहुंच मिल सकेगी।
पारदर्शी होगी आवंटन प्रक्रिया
सरकार ने आवास आवंटन प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बनाने का निर्णय लिया है। पात्र लाभार्थियों का चयन कंप्यूटर आधारित रैंडमाइजेशन लॉटरी प्रणाली के माध्यम से किया जाएगा। आवेदन के लिए आवेदक का प्रधानमंत्री आवास योजना के एमआईएस पोर्टल पर पंजीकृत होना आवश्यक है। साथ ही आवेदक को 17 जून 2015 से पूर्व का उत्तराखंड निवासी होना चाहिए तथा उसकी वार्षिक आय तीन लाख रुपये या उससे कम होनी चाहिए। आवेदक या उसके परिवार के किसी सदस्य के नाम देश में कहीं भी पक्का मकान नहीं होना चाहिए। मात्र पांच हजार रुपये जमा कर आवेदन प्रक्रिया शुरू की जा सकती है। शेष राशि के भुगतान के लिए बैंकों के माध्यम से ऋण सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी।
सुरक्षा और गुणवत्ता के मानकों पर खरा परिसर
परियोजना में सुरक्षा और गुणवत्ता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। परिसर में आरसीसी बाउंड्री वॉल और मुख्य प्रवेश द्वार का निर्माण पूरा हो चुका है। सभी ब्लॉकों में विद्युत कार्य पूर्ण कर लिए गए हैं तथा यूपीसीएल द्वारा इलेक्ट्रिकल सेफ्टी जांच भी पूरी की जा चुकी है। इसके अलावा फायर डिपार्टमेंट द्वारा फायर फाइटिंग सिस्टम का सफल परीक्षण किया जा चुका है। जलापूर्ति व्यवस्था के लिए अंडरग्राउंड टैंक और ओवरहेड टैंक स्थापित किए गए हैं, जबकि एसटीपी भी परीक्षण चरण में पहुंच चुका है।
धामी सरकार की समावेशी विकास सोच का उदाहरण
प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत विकसित बागवाला परियोजना उत्तराखंड में समावेशी विकास और सामाजिक सुरक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार लगातार ऐसी योजनाओं को गति दे रही है, जिनका सीधा लाभ आम नागरिकों और विशेष रूप से आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को मिल रहा है। सचिव आवास डॉ. आर. राजेश कुमार की निगरानी में तेजी से आगे बढ़ी यह परियोजना अब अपने अंतिम चरण में है। आने वाले दिनों में जब हजारों परिवार अपने नए घरों में प्रवेश करेंगे, तब यह केवल मकानों का हस्तांतरण नहीं होगा, बल्कि आत्मसम्मान, सुरक्षा और बेहतर भविष्य की एक नई शुरुआत होगी। बागवाला की यह आवासीय बस्ती उत्तराखंड में गरीब परिवारों के जीवन स्तर को बदलने वाली एक नई पहचान बनने जा रही है।
सचिव आवास डॉ. आर. राजेश कुमार का बयान 
सचिव आवास एवं आवास आयुक्त डॉ. आर. राजेश कुमार ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के अंतर्गत रुद्रपुर के बागवाला में विकसित की गई यह परियोजना आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने वाली है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के मार्गदर्शन में राज्य सरकार प्रत्येक पात्र परिवार को सम्मानजनक आवास उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। परियोजना में गुणवत्ता, सुरक्षा और आधुनिक सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा गया है। सभी कार्य निर्धारित मानकों के अनुरूप पूरे किए गए हैं। शीघ्र ही पात्र लाभार्थियों को आवासों का आवंटन कर चाबियां सौंपी जाएंगी, जिससे हजारों परिवारों का अपने घर का सपना साकार होगा।
 

तहसील ने वसूली अभियान के तहत बकायेदार को पकड़कर बंदी गृह में बंद किया -जिलाधिकारी के दिशा निर्देश पर हुई कार्यवाही

गदरपुर। जिलाधिकारी द्वारा दिए गए निर्देश के क्रम में गदरपुर तहसील में वसूली अभियान चलाकर उत्तराखंड ग्रामीण बैंक, आर.सी. के बकायेदार रमेश सिंह और किशन बसवा जो 5, लाख के बाकीदार है, उन्हें मजराझुन्नी सकैनिया से  गिरफ्तार कर तहसील के बंदी गृह में बंद किया गया। आगे वसूली का अभियान और अधिक तेज किया जाएगा।
 

मोहर्रम पर्व को लेकर कोतवाली में अमन कमेटी की बैठक -सीओ ने लोगों से अपील की गयी कि निर्धारित नियमों का पालन करें

(पुलिस एंड मीडिया गदरपुर)
गदरपुर।
कोतवाली गदरपुर में मोहर्रम पर्व के अवसर पर शांति व्यवस्था बनाए रखने हेतु सीओ अखिलेश कुमार की अध्यक्षता में अमन कमेटी की बैठक आयोजित की गई। बैठक में उपस्थित लोगों से अपील की गई कि त्योहार के दौरान निर्धारित नियमों का पालन करें तथा ताजियों की ऊंचाई 10 फीट तक ही रखें। साथ ही क्षेत्र में अमन, चैन और शांति बनाए रखने के लिए सभी लोग आपसी सौहार्द बनाए रखें तथा पुलिस प्रशासन का सहयोग करें।