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खटीमा (सू.वि.)। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को हल्दीघेरा खटीमा में 722.76 लाख की लागत से नवनिर्मित गौशाला का लोकार्पण एवं 10884.28 लाख की 15 विकास योजनाओं का शिलान्यास किया। जिसमें राज्य मार्ग-70 सत्रहमील से नानकसागर प्रभाग में 3444.29 लाख के लागत से 13.600 किमी उच्चीकरण कार्य, पुरनपुर मेन रोड से रपटा होते हुए जोगीढेर की ओर 241.96 लाख की लागत से 04 किमी हॉट मिक्स रोड निर्माण, विधानसभा नानकमत्ता के ग्राम पहेनिया में देहवा फीडर शारदा नहर में 248.08 लाख की लागत से 36 मीटर स्पान पुल निर्माण, ग्राम ज्ञानपुरगोढ़ी के पीपलगोला (बरकीडांडी) में 656.75 लाख के 01 किमी मोटर मार्ग एवं देहवा नदी पर 60 मीटर स्पान आरसीसीपीएससी गार्डर पुल निर्माण कार्य, विधानसभा क्षेत्र रूद्रपुर के अन्तर्गत ग्राम बरीराई में 297 लाख की लागत से गौशाला निर्माण कार्य, राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय खटीमा 706.91 लाख के आवासीय भवन निर्माण कार्य, विधानसभा खटीमा क्षेत्र में 613.48 लाख के 6.400 किमी पुराना एनएच-125 से सुखापुल होते हुए लोहियाहेड मोटर मार्ग के सुदृढ़करण कार्य, ग्रामसभा जोगीढेर नगला में नानक सिंह के घर से होते हुए वासुदेव आदि के घरों की ओर 601.91 लाख के 06 किमी हॉट मिक्स रोड निर्माण कार्य, मेलाघाट रोड से बग्घा कालोनी होते हुए मयूर बिहार सेक्टर 2,3 वार्ड नं0-9 में जीर्ण शीर्ण मार्ग का 305.04 लाख से 2.600 किमी लम्बाई इण्टरलॉकिंग टाईल्स द्वारा पुर्ननिर्माण कार्य, ग्राम खेतलसण्डाखाम में खकरा नाले के ऊपर 272.48 लाख से 20 मीटर स्पान आरसीसी पुल निर्माण कार्य, खटीमा में मुख्य रोड से खकरा क्रोकोडायल ट्रेल तक 345.01 लाख से 3.040 किमी मोटर मार्ग निर्माण कार्य, 944.70 लाख के बिकराबाग से चकरपुर तक के भाग को उच्चीकृत कर 4.875 किमी तक एक लेन से डेढ़ लेन में परिवर्तन किए जाने के कार्य, 1342.63 लाख से खटीमा चैराहे से थारू विकास भवन तक सड़क का फोरलेन में चैड़ीकरण व प्रकाश व्यवस्था कार्य, 462.62 लाख के ग्राम सिसैया, मेलाघाट एवं एसएसबी कैम्प कार्यालय के बचाव हेतु बाढ़ सुरक्षा कार्य 401.42 लाख के 07 गांवों में आवासीय भवनों की नदी/नालो की बाढ़ से सुरक्षा कार्य का शिलान्यास किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने संबोधित करते हुए कहा कि आज का दिन खटीमा एवं आसपास के क्षेत्र के लिए विशेष है। गौ माता एवं भगवान के आशीर्वाद से उन्हें इस भव्य एवं आधुनिक गौशाला का लोकार्पण करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ है। मुख्यमंत्री ने गौशाला के निर्माण में सहयोग करने वाले सभी स्थानीय लोगों, अधिकारियों एवं कर्मचारियों का आभार व्यक्त करते हुए उन्हें बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह केवल गौशाला का औपचारिक उद्घाटन नहीं है, बल्कि निराश्रित गोवंश को सुरक्षित एवं सम्मानजनक आश्रय उपलब्ध कराने के संकल्प की शुरुआत है। सड़कों पर विचरण करने वाले ऐसे निराश्रित गोवंश, जिनकी देखभाल करने वाला कोई नहीं है, उन्हें सुरक्षित स्थान उपलब्ध कराने के लिए इस गौशाला का निर्माण महत्वपूर्ण पहल है। मुख्यमंत्री ने कहा कि निराश्रित गोवंश के कारण किसान भाइयों को भी अनेक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। किसानों को अपनी फसलों को गोवंश से बचाने के लिए अतिरिक्त प्रयास करने पड़ते थे।इसके साथ ही सड़क दुर्घटनाओं का खतरा भी बना रहता है। उन्होंने कहा कि इस गौशाला के निर्माण से गोवंश के साथ-साथ किसान भाइयों और स्थानीय लोगों को भी राहत मिलेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे शास्त्रों में गौ माता में सभी देवी-देवताओं का वास माना गया है और इसी कारण भारतीय संस्कृति में गौ माता को विशेष एवं सर्वोच्च स्थान प्राप्त है। उन्होंने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड सदैव गौ माता के संरक्षण एवं सुरक्षा की परंपरा वाली भूमि रही है। गौ माता की सुरक्षा केवल हमारी परंपरा नहीं, बल्कि हमारा कर्तव्य, धर्म और जिम्मेदारी भी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सनातन संस्कृति के गौरव को पुनर्स्थापित करने तथा गौ माता के संरक्षण एवं संवर्धन की दिशा में निरंतर कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जी को जब भी समय मिलता है, प्रधानमंत्री आवास में गौ सेवा करते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि गौ माता के प्रति आस्था के साथ-साथ गोवंश ग्रामीण अर्थव्यवस्था का भी महत्वपूर्ण आधार है। प्रदेश में बद्री गाय के शुद्ध घी एवं दुग्ध उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए विशेष ग्रोथ सेंटर स्थापित किए गए हैं। उन्होंने कहा कि अकेले चमोली जनपद में तीन ग्रोथ सेंटर संचालित किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा प्रदेश में 72 पंजीकृत एवं 9 अनुबंधित गौ सदनों के माध्यम से 16 हजार से अधिक निराश्रित गोवंश को सुरक्षित आश्रय उपलब्ध कराया जा रहा है। इसके अतिरिक्त ग्राम्य गौ सेवक योजना को पूरे प्रदेश में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि शहरी विकास विभाग एवं पंचायती राज विभाग के सहयोग से प्रदेश में 63 स्थानों पर गौशाला निर्माण के लिए भूमि चिन्हित की गई है। उन्होंने कहा कि इन स्थानों पर शीघ्र ही गौशालाओं का निर्माण कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि गौ सुरक्षा केवल सरकार का दायित्व नहीं है, बल्कि इसके लिए समाज के सभी वर्गों को सामूहिक रूप से आगे आना होगा। सरकार और समाज के सामूहिक प्रयासों से ही निराश्रित गोवंश के संरक्षण को प्रभावी बनाया जा सकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हल्दीघेरा स्थित इस गौशाला का भविष्य में आवश्यकता के अनुसार विस्तार भी किया जाएगा, जिससे अधिक से अधिक निराश्रित गोवंश को सुरक्षित एवं सम्मानजनक आश्रय उपलब्ध कराया जा सके। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम स्थल पर बुजुर्गों एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं को अंग वस्त्र एवं पुष्पगुच्छ देकर सम्मानित किया । सांसद अजय भट्ट ने संबोधित करते हुए कहा कि युवा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सरकार प्रदेश के सर्वांगीण विकास के लिए तत्पर है,तथा कई योजनाओं व लक्ष्यों में हमारा प्रदेश देश में नम्बर एक स्थान है। उन्होंने कहा कि निराश्रित गौवंशों के आश्रय के लिए गौशाला निर्माण अदभुत प्रयास है,प्रदेश में अनेकोनेक गौशालाओं का निर्माण किया जा रहा है। उन्होंने कहा जनपद नैनीताल के लालकुआं में उच्च पशु चिकित्सालय का निर्माण किया जा रहा है। अध्यक्ष जिला पंचायत अजय मौर्य ने सभी अतिथियों का स्वागत व अभिनंदन करते हुए जनपद में हो रहे विकास कार्यों की विस्तृत जानकारी दी। इस अवसर पर महापौर दीपक बाली, नगर पालिका अध्यक्ष रमेश चंद्र जोशी, प्रेम सिंह टूरना, ब्लॉक प्रमुख सरिता राणा, दर्जा मंत्री गंभीर सिंह धामी, उत्तम दत्ता, किसन सिंह किन्ना, मोहिनी पोखरिया, रणजीत सिंह नामधारी,फरजाना बेगम, मंजीत सिंह राजू, अध्यक्ष गौ सेवा आयोग राजेंद्र अन्थवाल, पूर्व विधायक डॉ प्रेम सिंह राणा, राजेश शुक्ला, श्रीपाल सिंह,रवींद्र राणा,मनोज साही,राजपाल सिंह, बलराज सिंह, जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय गणपति सहित अनेक जनप्रतिनिधि व अधिकारी मौजूद थे।
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