सत्यमेव जयते

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फॉर्म-7 की सुनवाई में 2,560 मतदाता हुए उपस्थित, 284 रहे अनुपस्थित

गदरपुर। 65 विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र, गदरपुर के अंतर्गत भाग संख्या 101 से 195 तक के कुल 2,847 मतदाताओं के फॉर्म-7 से संबंधित सुनवाई आज तहसील गदरपुर परिसर के अंतर्गत चयनित 09 सुनवाई स्थलों पर आयोजित की गई। सुनवाई के दौरान कुल 2,560 मतदाता अपना पक्ष रखने के लिए उपस्थित हुए, जबकि 284 मतदाता अनुपस्थित रहे। उपस्थित मतदाताओं से आवश्यक दस्तावेज प्राप्त कर नियमानुसार अग्रिम कार्रवाई प्रारंभ कर दी गई है। वहीं, अनुपस्थित मतदाताओं के संबंध में संबंधित बीएलओ (बूथ लेवल ऑफिसर) से जांच कराई जाएगी तथा नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। सुनवाई प्रक्रिया के सुचारु एवं सफल संचालन के लिए 09 एईआरओ (सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी) को 09 सुनवाई स्थलों पर तैनात किया गया था। इसके अतिरिक्त संबंधित बूथों के सुपरवाइजर एवं बीएलओ को भी सुनवाई स्थल पर उपस्थित रहने के निर्देश दिए गए थे।
 

विनोद वार्ता समाचार पत्र की पहल -शिक्षक दिवस पर नगर की शिक्षण संस्थाओं को स्मृति चिन्ह देकर किया सम्मानित

गदरपुर। पांच सितम्बर शिक्षक दिवस के उपलक्ष में विनोद वार्ता समाचार पत्र के मान्यता प्राप्त सम्पादक विनोद कुमार के नेतृत्व में नगर की शिक्षण संस्थाओं को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। विनोद वार्ता की टीम द्वारा सेंट मेरी स्कूल, जिज्ञासा एकेडमी स्कूल, एसएस पब्लिक स्कूल, रेडरोज कान्वेंट स्कूल, राजरानी कन्या इण्टर कालेज, लायंस पब्लिक स्कूल एवं मोनाड पब्लिक स्कूल में जाकर स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। इस दौरान कहा कि आप समाज के नन्हे मनों को ज्ञान का प्रकाश देकर उनके भविष्य को उज्जवल बनाने का जो सतत प्रयास करते हैं, वह अतुलनीय है। आपके समर्पण, त्याग और कठिन परिश्रम को शत्-शत् नमन। इस मौके पर समाजसेवी भूपेन्द्र अनेजा, राकेश गुम्बर आदि मौजूद थे। 
 

शिक्षक दिवस क्यों मनाया जाता है पर विशेष- -शिक्षक दिवसः जिंदगी को पढ़ते हुए याद आते रहेंगे वे

शिक्षक दिवस यानी शिक्षकों का सम्मान दिवस। ‘आचार्य देवो भवः’ का बोध वाक्य सुनकर हम बड़े हुए हैं। यह दिवस पूरे देश में प्रतिवर्ष 5 सितंबर को मनाया जाता है। यह हमारे देश के द्वितीय राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन का जन्म दिवस है। राधाकृष्णन ने चालीस वर्षों तक शिक्षण कार्य किया था। वह महान शिक्षक तो थे ही, साथ में शिक्षक और छात्रों के उत्तम समन्वयक भी थे। उन्होंने अपने जन्म दिवस को शिक्षक दिवस के रूप में मनाने की इच्छा व्यक्त की थी, जिसका उद्देश्य शिक्षकों को सम्मान दिलाना था। डॉ. राधाकृष्णन शिक्षा और शिक्षक जगत के मसीहा थे। उनके विचार थे कि यदि देश का प्रत्येक शिक्षक अपने धर्म का पालन करे तो पूरा देश अशिक्षा और अज्ञान से मुक्त हो जाएगा। शिक्षक अर्थात गुरु का अर्थ है ‘अंधकार दूर करने वाला’। ‘गु’ का अर्थ है ‘अंधकार’ और ‘रु’ का अर्थ है ‘मिटाने वाला’। आदर्श शिक्षक अपने शिष्यों के हृदय में अच्छे संस्कारों और ज्ञान का सृजन करता है। वही कुप्रवृतियों का नाश करता है, इसलिए वह भगवान के समान पूजनीय और वंदनीय है। संत कबीर मानते हैं कि गुरु का दर्जा ऊपर वाले से भी बड़ा है, क्योंकि गुरु के कारण ही परमात्मा को पाया जा सकता है। हमारे देश में गुरु-शिष्य परंपरा के अनेकानेक उदाहरण मिलते हैं। गुरु द्रोणाचार्य-अर्जुन, चाणक्य-चंद्रगुप्त मौर्य और रामकृष्ण परमहंस-विवेकानंद परस्पर संबंधों की अनूठी मिसाल हैं। इसी तरह विश्व के महान दार्शनिक सुकरात के शिष्य प्लेटो और प्लेटो के शिष्य अरस्तु को हम सब जानते हैं। गुरु-शिष्य की परंपरा इस तरह गंगा की अविरल धारा की तरह बहती चली आ रही है। वर्तमान में गुरु-शिष्य परंपरा का स्वरूप काफी बदला है। इंटरनेट का जमाना आ गया है। ऑनलाइन पढ़ाई भी विद्यार्थियों को प्रदान की जा रही है और ई-लर्निंग में इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों से विद्यार्थियों को पढ़ाया जाता है। इसका सबसे बड़ा लाभ सैकड़ों किलोमीटर दूर बैठे विद्यार्थियों को हो रहा है। वे ऑनलाइन गुरु से मिल सकते हैं और ई-टीचिंग कर सकते हैं। ई-शिक्षक और ई-टीचिंग से सबसे बड़ा लाभ यह है कि हम किसी भी विषय को बार-बार पढ़कर समझ सकते हैं, याद कर सकते हैं। ब्लॉग, सोशल नेटवर्किंग, वेबसाइट, वीडियो फेसबुक, ट्विटर, यूट्यूब, कंप्यूटर, लैपटॉप, टैबलेट, स्मार्टफोन भी ई-शिक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। देश के अनेक शिक्षण संस्थानों, जैसे आईबीएस हैदराबाद, आईआईएम अहमदाबाद और सिमबायोसिस पुणे ने ई-लर्निंग के माध्यम से कोर्स शुरू किए हैं। डॉ. राधाकृष्णन का सपना तभी साकार होगा, जब हमारे देश का प्रत्येक शिक्षक अपने कर्तव्यों का पालन ठीक प्रकार से करने लगे। जो शिक्षक अनुशासित और निष्ठावान रहते हुए शिक्षा देते हैं, उनका विद्यार्थियों पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है। वर्तमान में भी अनेक ऐसे शिक्षक हैं, जो अपने धर्म का निष्ठा से पालन कर रहे हैं। यदि देश का प्रत्येक शिक्षक अपने कर्तव्यों का पालन निष्ठा और सेवा भावना से करने लगे, तो वो दिन दूर नहीं, जब देश अज्ञान, अनीति, अंधकार के दलदल से निकलकर विश्व का सिरमौर बन सकता है।


 

मुख्यमंत्री उदीयमान छात्रवृत्ति योजनान्तर्गत एस० एस० पब्लिक स्कूल, गदरपुर के 7 छात्र/छात्राओं का चयन

गदरपुर। मुख्यमंत्री उदीयमान उन्नयन छात्रवृत्ति योजना में ग्राम पंचायत, ब्लाक स्तर, तथा जिला स्तर में सम्पन्न  छात्रवृत्ति  प्रतियोगिता  में  एस० एस० पब्लिक स्कूल,  गदरपुर के सात छात्र/छात्राओं कृ मनराज कौर, उन्शा बी, काव्या मेलकानी, शीनू, आकिब जावेद, जीत, डिक्कू का चयन हुआ। जिन्हें स्कूल के प्रबन्ध निर्देशक श्री दिग्विजय प्रताप सिंह, सचिव श्री अभिषेक प्रताप सिंह, प्रधानाचार्य श्री परविन्दर सिंह, उप प्रधानाचार्य सुरेन्द्र प्रसाद, तथा समस्त  शिक्षक/शिक्षिकाओं ने बधाई दी है।
 

जन्माष्टमी महोत्सव में सजी कान्हा-राधा की मनमोहक -झांकी 102 नन्हे प्रतिभागियों ने बाल स्वरूप में मोहा मन, मंदिर परिसर गूंजा राधे-राधे के जयकारों से

(संजीव झाम)
गदरपुर।
श्री सनातन धर्म मंदिर, बुध बाजार, गदरपुर में जन्माष्टमी महोत्सव के अवसर पर श्री सनातन धर्म युवा मंच, बुध बाजार, गदरपुर द्वारा आयोजित “नटखट कान्हा एवं प्यारी राधा बाल स्वरूप प्रस्तुति” ने श्रद्धालुओं और अभिभावकों का मन मोह लिया। कार्यक्रम में 102 नन्हे बच्चों ने प्रतिभाग कर भगवान श्रीकृष्ण एवं राधा रानी के बाल स्वरूपों की मनमोहक छटा बिखेरी। कार्यक्रम का शुभारंभ श्री सनातन धर्म सभा के अध्यक्ष राजकुमार भुड्डी एवं श्री सनातन धर्म युवा मंच के अध्यक्ष संजीव झाम ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। कार्यक्रम में बच्चे भगवान श्रीकृष्ण और राधा रानी के आकर्षक बाल स्वरूपों में सजकर पहुंचे। कोई नटखट कान्हा के रूप में नजर आया तो कोई राधा रानी की मनमोहक छवि में। बच्चों की मनमोहक वेशभूषा, मासूम अदाओं और उत्साह ने पूरे मंदिर परिसर को भक्तिमय वातावरण से भर दिया। अभिभावकों ने भी अपने बच्चों को कान्हा और राधा के रूप में सजाने में विशेष उत्साह दिखाया। कार्यक्रम में बच्चों के बाल स्वरूप एवं प्रस्तुतियों का मूल्यांकन मोनिका भुड्डी, सोलकी अनेजा एवं देवांगनी तनेजा ने निर्णायक मंडल के रूप में किया। निर्णायकों द्वारा बच्चों की वेशभूषा, प्रस्तुति एवं आकर्षक बाल स्वरूप के आधार पर मूल्यांकन किया गया। 0 से 5 वर्ष आयु वर्ग में अविराज गगनेजा ने प्रथम, आरम्या गाबा ने द्वितीय तथा गुरताज सिंह ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। वहीं 5 से 10 वर्ष आयु वर्ग में अवनी बादलानी ने प्रथम, गौरी ने द्वितीय तथा अविराज सुखीजा ने तृतीय स्थान हासिल किया। विजेता प्रतिभागियों को श्री सनातन धर्म सभा एवं श्री सनातन धर्म युवा मंच के पदाधिकारियों एवं सदस्यों द्वारा स्मृति चिन्ह एवं प्रमाणपत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर बच्चों का उत्साह देखते ही बनता था। कार्यक्रम के दौरान मंदिर परिसर में बच्चों के उत्साह और अभिभावकों के उमंगपूर्ण सहभाग ने आयोजन को विशेष बना दिया। कार्यक्रम स्थल “राधे-राधे” और “जय श्री कृष्ण” के जयकारों से गूंजता रहा। कार्यक्रम का मंच संचालन श्रृंखला चावला एवं सहायक दीपांशु ने प्रभावशाली ढंग से किया। दोनों ने अपनी वाक्पटुता और शानदार संचालन से पूरे कार्यक्रम में ऊर्जा एवं उत्साह बनाए रखा। आयोजन को सफल बनाने में राजकुमार भुड्डी, समन मुंजाल, कृष्णलाल सुधा, अशोक हुड़िया, विजय छाबड़ा, अशोक भुड्डी, सोमनाथ छाबड़ा, लेखराज भुड्डी, जयकिशन भुड्डी, धीरज गुलाटी, अंकित खेडा, दीपक भुड्डी, विक्की मुरादिया, हिमांशु सुखीजा एवं आशीष शाही सहित मंच के पदाधिकारियों एवं सदस्यों का विशेष सहयोग रहा। आयोजकों ने सभी प्रतिभागी बच्चों एवं उनके अभिभावकों का आभार व्यक्त किया। श्री सनातन धर्म युवा मंच के अध्यक्ष संजीव झाम ने कहा कि ऐसे धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजन बच्चों को अपनी सनातन संस्कृति, संस्कारों और धार्मिक परंपराओं से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। जन्माष्टमी जैसे पर्व पर बच्चों की सहभागिता न केवल उत्सव की सुंदरता बढ़ाती है, बल्कि आने वाली पीढ़ी में अपनी संस्कृति के प्रति प्रेम, संस्कार और आस्था को भी मजबूत करती है।
 

श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के उपलक्ष्य में श्री लक्ष्मी नारायण पांच मंदिर में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल ने पहुंचकर कथा श्रवण किया

रुद्रपुर। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के उपलक्ष्य में श्री लक्ष्मी नारायण पांच मंदिर में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल ने पहुंचकर कथा श्रवण किया। इस दौरान उन्होंने व्यास पीठ पर विराजमान कथा व्यास मनोज महाराज से आशीर्वाद लिया। कथा स्थल पर पहुंचने पर आयोजकों की ओर से पूर्व विधायक ठुकराल को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल ने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा भारतीय सनातन संस्कृति और आध्यात्मिक परंपरा का महत्वपूर्ण आधार है। भगवान श्रीकृष्ण का जीवन हमें सत्य, धर्म, कर्म और मानवता के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। धार्मिक आयोजनों के माध्यम से समाज में संस्कार और आध्यात्मिक चेतना का प्रसार होता है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की सहभागिता हमारी समृद्ध धार्मिक परंपराओं के प्रति आस्था को दर्शाती है। उन्होंने आयोजन के लिए सनातन धर्म सभा और मंदिर प्रबंधन का आभार जताते हुए कहा कि धार्मिक एवं सामाजिक आयोजनों से समाज में आपसी प्रेम, भाईचारा और सद्भाव की भावना मजबूत होती है। उन्होंने श्रद्धालुओं से भगवान श्रीकृष्ण के बताए मार्ग पर चलने तथा अपने जीवन में अच्छे संस्कारों को अपनाने का आह्वान किया। इस अवसर पर सनातन धर्म सभा अध्यक्ष महेश बब्बर, महामंत्री विजय जग्गा, सुभाष खंडेलवाल, केवल बत्तरा, श्याम घई, मोहित बत्रा, रमेश मिड्ढा, सुरेंद्र मिड्ढा, शशि अरोरा, अशोक भल्ला, गुलशन नारंग, राकेश सुखीजा, ओम प्रकाश अरोरा, तिलक घई एवं नंदलाल भूड्डी सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं गणमान्यजन उपस्थित रहे।
 

किच्छा में स्वास्थ्य विभाग का बड़ा छापा, बिना पंजीकरण चल रहे 5 क्लीनिक निरीक्षण गए -जिले में बिना पंजीकरण और मानकों के विपरीत चल रहे क्लीनिकों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा: सीएमओ

ऊधमसिंह नगर (सू. वि.)।  मुख्य चिकित्सा अधिकारी  डॉ. संजीव कुमार गोस्वामी के निर्देशों के क्रम में  स्वास्थ्य विभाग की टीम ने किच्छा क्षेत्र में क्लीनिकों का औचक निरीक्षण किया। नैदानिक स्थापन अधिनियम के तहत की गई इस औचक कार्रवाई से क्षेत्र के अवैध क्लीनिक संचालकों में हड़कंप मच गया। कार्रवाई का नेतृत्व नोडल अधिकारी डॉ. सुधीर गुप्ता की विशेष टीम द्वारा किया गया। निरीक्षण टीम ने क्षेत्र के पांच क्लीनिकों की गहन जांच की। जांच के दौरान यह स्वास्थ्य मानकों को ताक पर रखकर, बिना किसी वैध पंजीकरण के इन क्लीनिकों का खुलेआम संचालन किया जा रहा था। जिन संस्थानों में यह गंभीर अनियमितता पाई गई, उनके नाम निम्नलिखित हैं-गुप्ता डेंटल केयर, गुरुकृपा क्लीनिक, अर्चना क्लीनिक, राहुल क्लीनिक, मित्रा क्लीनिक। नोडल अधिकारी डॉ. सुधीर गुप्ता ने बताया कि निरीक्षण के दौरान इनमें से किसी भी चिकित्सालय के पास वैध पंजीकरण नहीं पाया गया। बिना पंजीकरण चिकित्सा सेवाएं देना कानूनन अपराध है। अधिकारियों का आधिकारिक बयान में कहा गया कि जिले में बिना पंजीकरण और मानकों के विपरीत चल रहे क्लीनिकों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। इन पांचों क्लीनिकों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई अमल में लाई जा रही है। जनता के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वाले के खिलाफ यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा। डॉ. संजीव कुमार गोस्वामी, सीएमओ, ऊधमसिंह नगर।