सत्यमेव जयते

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गदरपुर में राजस्व लोक अदालत में 65 वादों का निस्तारण किया गया

विनोद वार्ता संवाद-सूत्र
गदरपुर।
तहसीलदार दवेन्द्र सिंह बिष्ट ने तहसील में राजस्व लोक अदालत लगायी। जिसमें 65 राजस्व वादों का निस्तारण किया गया। तहसीलदार ने कहा कि न्याय व्यवस्था को अधिक सरल, सुलभ एवं प्रभावी बताते हुए आम जनमानस से समयबद्ध न्याय उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्य प्राथमिकता है। इसी मूलमंत्र के साथ राजस्व लोक अदालत की अभिनय पहल प्रारम्भ की है जिससे अधिक से अधिक लोगों को इसका लाभ मिल सके। 
 

जिला उद्योग केंद्र में रैम्प योजना के अंतर्गत एक कार्यशाला का आयोजन किया गया -लगभग 65 प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की

रूद्रपुर (सू0वि0)। जिला उद्योग केंद्र में रैम्प योजना के अंतर्गत एक कार्यशाला का आयोजन किया गया, जिसमें लगभग 65 प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। कार्यक्रम के दौरान सभी अधिकारियों ने प्रतिभागियों को एम0एस0एम0ई0 क्षेत्र, स्वरोजगार एवं उद्यमिता के विविध अवसरों के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान की। युवाओं को नवाचार, आत्मनिर्भरता एवं स्वरोजगार की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया तथा उनके उज्ज्वल भविष्य हेतु मार्गदर्शन दिया गया। इस कार्यशाला के माध्यम से प्रतिभागियों में उद्यमिता के प्रति नई सोच विकसित हुई और उन्हें अपने कौशल एवं क्षमताओं को पहचानकर आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया गया। कार्यक्रम में संयुक्त निदेशक उद्योग डॉ. दीपक मुरारी, डिप्टी जनरल मैनेजर एम0एस0एम0ई0 टेक्नोलॉजी सेंटर भारत सरकार गोपाल देवीदास बेलुरकर, महाप्रबंधक जिला उद्योग केन्द्र विपिन कुमार आदि उपस्थित थे साथ ही रोहित श्रीवास्तव ने उद्योग निदेशालय से ऑनलाइन माध्यम प्रतिभाग किया।
 

जिलाधिकारी ने राजस्व लोक अदालत’ लगाई

रूद्रपुर (सू0वि0)। जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया ने शनिवार को ‘राजस्व लोक अदालत’ लगाई। जिलाधिकारी ने कहा कि न्याय व्यवस्था को अधिक सरल, सुलभ एवं प्रभावी बनाते हुए आम जनमानस को समयबद्ध न्याय उपलब्ध कराना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। जिलाधिकारी ने कहा कि जनता के राजस्व वादों के समाधान के लिए राज्य सरकार ने ‘सरलीकरण, समाधान, निस्तारीकरण एवं संतुष्टि’ के मूल मंत्र के साथ ‘राजस्व लोक अदालत’ की अभिनव पहल प्रारम्भ की है। उन्होंने बताया कि इस पहल के अंतर्गत भूमि विवादों के अतिरिक्त आबकारी, खाद्य, स्टाम्प, सरफेसी एक्ट, गुंडा एक्ट, सीआरपीसी, विद्युत अधिनियम, वरिष्ठ नागरिक अधिनियम एवं रेंट कंट्रोल एक्ट से संबंधित मामलों का भी समयबद्ध एवं पारदर्शी निस्तारण किया जाएगा। जिलाधिकारी ने कहा कि पारदर्शिता एवं निष्पक्षता लोक अदालत की प्रमुख विशेषताएं हैं, जहां सभी पक्षों को सुनकर संवेदनशीलता के साथ न्याय किया जाता है। उन्होंने कहा मा0 मुख्यमंत्री जी ‘विकल्प रहित संकल्प’ के साथ प्रदेश के प्रत्येक नागरिक को समयबद्ध एवं न्यायपूर्ण न्याय प्रदान करने हेतु प्रतिबद्ध है। उन्होने कहा ने कि माननीय मुख्यमंत्री के दिशा- निर्देशों के क्रम में समस्त राजस्व वाद को  प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित किया जाएगा।
 

गदरपुर महिला मोर्चा द्वारा शक्ति पूजन कार्यक्रम का आयोजन किया  -101 कन्याओं का कन्या पूजन किया गया और उसके उपरांत भजन कीर्तन का भी आयोजन हुआ

विनोद वार्ता संवाद-सूत्र
गदरपुर।
भारतीय जनता पार्टी महिला मोर्चे की प्रदेश अध्यक्ष रुचि भट्ट के निर्देशानुसार गदरपुर महिला मोर्चा द्वारा शक्ति पूजन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें बड़ी संख्या में महिलाएं व कन्याएं उपस्थिति थी। कार्यक्रम के प्रारंभ में 101 कन्याओं का कन्या पूजन किया गया और उसके उपरांत भजन कीर्तन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए भाजपा महिला मोर्चे की कुमाऊं संयोजक अंजू  भुडडी ने श्री रामनवमी के पावन दिवस की सभी उपस्थित लोगों को बधाई दी और कहा कि कि हमारे धर्म में नारी को शक्ति की संज्ञा दी गई है और इस पावन पर्व पर आज हम सब लोग यहां पर कन्या पूजन को शक्ति पूजन के नाम से कार्यक्रम आयोजित कर रहे हैं क्योंकि मां का दूसरा रूप शक्ति होता है। इस अवसर पर उन्होंने बोलते हुए कहा कि देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र भाई मोदी के नेतृत्व में हमारा देश निरंतर प्रगति के पद पर है और केंद्र सरकार एवं राज्य सरकार द्वारा महिलाओं के उत्थान के लिए और उनको आगे बढ़ाने के लिए विभिन्न योजनाएं चलाई जा रही हैं। कार्यक्रम में पहुंची विशिष्ट अतिथि  जिला पंचायत सदस्य रेखा कंबोज ने भी सभी बालिकाओं का पूजन किया व कार्यक्रम के आयोजन के लिए महिला मोर्चा नगर मंडल का धन्यवाद किया। कार्यक्रम संयोजक मंडल अध्यक्ष महिला मोर्चा पूनम ग्रोवर ने आए हुए सभी कन्याओं का एवं मातृशक्ति का धन्यवाद किया। कार्यक्रम में मंडल उपाध्यक्ष विपिन गुप्ता मनी ठाकुर शिल्पी गुप्ता सुधा ठाकुर सुमन चौहान मोनिका चौहान कलावती सैनी माया देवी अनीता कश्यप लता भट्ट देवी पूनम देवी पूर्व जिला उपाध्यक्ष युवा मोर्चा विजय अरोड़ा कविता गुप्ता संजीव शर्मा संचित ढींगरा संतोष गुप्ता सहित बड़ी संख्या में मातृशक्ति उपस्थित थी।

गदरपुर पुलिस की बड़ी कार्यवाही-गदरपुर में पुलिस मुठभेड़ में घायल हुआ नशे का सौदागर -लंबे समय से अवैध धंधे में लिप्त था नकटा, एनडीपीएस एक्ट में दर्ज हैं 12 से अधिक मामले

गदरपुर। लंबे समय से नशे के धंधे में लिप्त शाकिर अली उर्फ नकटा को पुलिस ने मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। पैर में गोली लगने से घायल हुए नकटा को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उसके खिलाफ गदरपुर समेत कई थानों में एनडीपीएस एक्ट के तहत 12 से अधिक मामले दर्ज हैं। शुक्रवार करीब रात्रि नौ बजे कोतवाल संजय पाठक के नेतृत्व में पुलिस टीम ने सकैनिया पुलिस चैकी क्षेत्र के ग्राम कनकटा में शमशान घाट के पास वार्ड नंबर एक करतारपुर रोड निवासी शाकिर अली उर्फ नकटा की घेराबंदी की। खुद को पुलिस के बीच घिरा देख उसने टीम पर फायर झोंक दिया। पुलिस टीम की जवाबी कार्रवाई में उसके पैर पर गोली लग गई जिससे वह घायल होकर गिर पड़ा। पुलिस ने उसे दबोच लिया। इसके बाद पुलिस उसे इलाज के लिए जिला अस्पताल रुद्रपुर लेकर पहुंची। शाकिर के मुठभेड़ में घायल होने की सूचना पर एसएसपी अजय गणपति को दी गयी वह भी जिला अस्पताल पहुंच गए और मामले की जानकारी ली। 
 

सांसद अजय भट्ट ने शून्य काल के दौरान लोकसभा सदन में उत्तराखंड के खाली हो चुके भूतिया गांव के पुनर्स्थापन के लिए नई योजना बनाने की बात उठाई

रुद्रपुर (सू.वि.)। पूर्व केंद्रीय राज्य मंत्री व नैनीताल उधम सिंह नगर संसदीय क्षेत्र से सांसद श्री अजय भट्ट ने शून्य काल के दौरान लोकसभा सदन में उत्तराखंड के खाली हो चुके भूतिया गांव के पुनर्स्थापन के लिए नई योजना बनाने की बात उठाई। सांसद श्री अजय भट्ट ने लोकसभा सदन में बताया कि उत्तराखंड में 1700 से अधिक गांव ऐसे हैं जो पूरी तरह खाली हो चुके हैं जिन्हें भूतिया गांव यानी घोस्ट विलेज कहा जाता है। श्री भट्ट ने कहा कि प्रधानमंत्री जी की वाइब्रेट विलेज योजना का लाभ बॉर्डर क्षेत्र के गांव को मिल रहा है जिससे वहां पलायन रोकने में आसानी हो रही है। ठीक इसी प्रकार मध्य हिमालय क्षेत्र में पलायन को रोकने के लिए इसी प्रकार की कोई नई योजना बनाई जानी बेहद आवश्यक है ताकि लगातार खाली होते गांव जो आज जंगली जानवरों का विचरण का केंद्र बन चुके हैं वहां फिर से रिवर्स पलायन हो सके।श्री भट्ट ने सदन में कहा कि जनगणना 2011 के आंकड़ों के अनुसार राज्य में कुल 1048 गैर आबाद गांव (Non&Inhabited Villages) सूचीबद्ध हैं। मान्यवर, उत्तराखण्ड ग्रामीण विकास एवं प्रवासन आयोग की रिपोर्ट के आधार पर 2025 में 1700 से भी अधिक गांव पूरी तरह निर्जन हो चुके हैं और ये अब भूतिया गांव (घोस्ट विलेज) बन गए हैं, जहां पर कोई बसावट नहीं है, खेत खलिहान उजड़ चुके हैं, घर सुनसान पड़े हैं, जमीन बंजर पड़ गई है। जहां लोगों की किलकारी गूंजती थी, शादी-ब्याह एवं शुभ कार्यों के शगुन गीत गाए जाते थे। दुःख दर्द में सब सहभागिता करके एक-दूसरे का हाथ बटाते थे। त्यौहारों पर संस्कृति के फूल बिखरते थे, झोड़े, चांचरी, लोकल संस्कृति के गीत गाए जाते थे। आज वहां बाघ, तेंदुआ, भालू, लोमड़ी, हिरन, बंदर, सुअर, सांप, बिच्छू एवं विभिन्न प्रकार के जंगली जानवरों की आवाजाही हो रही है। मान्यवर, रोजगार की चाह में हमारे लोग अपने गांव छोड़कर बड़े शहरों में चले गए है, इस प्रकार ये सभी गांव माईग्रेटेड (पालयन) की समस्या से जूझ रहे है, जिसके कारण ये गांव पूरी तरह से खाली हो गए हैं और ष्घोस्ट विलेजष् (भूतिया गांव) में परिवर्तित हो गए हैं। यद्यपि हमारे मा० प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी द्वारा सीमावर्ती गांवों को जोड़ने और उनकी सुरक्षा के लिए वाईब्रेन्ट विलेज की घोषणा की है, जो एक मील का पत्थर साबित होगा, जिससे सीमावर्ती क्षेत्रों के गांवों को बहुत तेजी से जोड़ा जा रहा है, ताकि पलायन रूक सके और सीमावर्ती क्षेत्र ओर मजबूत हो सकें। लेकिन मध्य हिमालय के गांव बहुत तेजी से खाली हो रहे है, जो उत्तराखण्ड राज्य एवं पूरे देश के लिए चिंता का विषय है। अतः मैं, इन गावों को पुनः बसाने हेतु केन्द्र सरकार से ठोस कदम उठाने एवं विशेष आर्थिक पैकेज देने की मांग करता हूं।

जिलाधिकारी के निर्देशानुसार मुख्य विकास अधिकारी की अध्यक्षता में नवीन शिक्षा सत्र प्रारम्भ होने से पूर्व जनपद के निजि विद्यालयों के प्रधानाचार्यो/प्रबंधको के साथ महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई

रुद्रपुर (सू.वि.)। जिलाधिकारी नितिन सिह भदौरिया के निर्देशानुसार मुख्य विकास अधिकारी दिवेश शाशनी की अध्यक्षता में नवीन शिक्षा सत्र प्रारम्भ होने से पूर्व जिला सभागार में जनपद के निजि विद्यालयों के प्रधानाचार्यो/प्रबंधको के साथ महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई। बैठक में आर टी ई के तहत सभी विद्यालयों को मानकानुसार ऐडमिशन करने तथा विद्यालयों की मान्यता/नवीनीकरण पर चर्चा की गयी। मुख्य विकास अधिकारी ने निजि विद्यालय संचालकों को निर्देश दिये कि शिक्षा का अधिकार अधिनियम-2009 निर्धन बच्चों द्वारा आवेदन किया जाता है तो उन्हे मानकानुसार आवश्य प्रवेश दिया जाये। उन्होने कहा कि प्रवेश शुक्ल एवं शिक्षण शुल्क से सम्बन्धित निर्धारित मानको का अवश्य पालन किया जाय। उन्होने विद्यार्थियों के गणवेश में बार-बार बदलाव न किये जाने, विद्यालय वाहन व्यवस्था एवं सुरक्षा मानको का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिये। उन्होने विद्यालयों में छात्रों की सुरक्षा व्यवस्था करने, शिक्षकों, कार्मिको एवं चालकध्परिचालकों का पुलिस सत्यापन कराने के निर्देश भी दिये।  उन्होने बुक बैंक की स्थापना एनसीपीसीआर व एससीपीसीआर के निर्देशों का अनुपालन करने के निर्देश दिये। उन्होने कहा कि सुरक्षा के दृष्टि से विद्यालयों के आस-पास के गतिविधियों पर भी नजर रखा जाये। अपर जिलाधिकारी पंकज उपाध्याय ने विद्यालयों में छात्र-छात्राओं के लाने-लेजाने वालों वाहनों पर नजर रखने, विद्यालयों में एण्टी ड्रग्स के सम्बन्ध में जागरूक रहने पर विस्तार चर्चा करते हुए बच्चों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिये।  सहायक सम्भागीय परिवहन अधिकारी ने विद्यालय में छात्र-छात्राओं को लाने-लेजाने वाले वाहनों में सुरक्षा सम्बन्धित सभी मानक पूर्ण करने के सम्बन्ध में विस्तार से जानकारी दी। उन्होने कहा कि स्कूली वाहनों में महिला कंडक्टर की नियुक्ति अनिवार्य रूप से किया जाये। मुख्य शिक्षा अधिकारी हरेन्द्र मिश्रा ने छात्रों के साथ किसी भी प्रकार का उत्पीड़न न करने, सुरक्षा आदि सभी मानकों को पूर्ण करने के निर्देश दिये। बैठक में खण्ड शिक्षा अधिकारी सावेद आलम, डीके साहू, हरिवाब निरंजन, सतेन्द्र यादव, जिला समन्वयक हिमांशु कुमार चैहान सहित विद्यालयों के प्रधानाचार्य, प्रबंधक आदि मौजूद थे।