सत्यमेव जयते

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ईडी ने हाकम सिंह की 63 लाख की संपत्ति की अटैच, जांच में करोड़ों की वसूली का खुलासा

देहरादून। यूकेएसएसएससी पेपर लीक मामले में आरोपी हाकम सिंह पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए उसकी संपत्ति अटैच कर दी है। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने यूकेएसएसएससी पेपर लीक मामले में आरोपी हाकम सिंह की करीब 63 लाख रुपये की चल एवं अचल संपत्ति अटैच की है। ईडी की जांच में सामने आया है कि हाकम सिंह ने विभिन्न भर्ती परीक्षाओं के अभ्यर्थियों से कथित तौर पर करीब एक करोड़ रुपये वसूले थे। इनमें स्नातक स्तरीय भर्ती परीक्षा और वीपीडीओ भर्ती परीक्षा के अभ्यर्थी शामिल थे। जांच में यह भी सामने आया कि इन परीक्षाओं का आयोजन करने वाली आरएमएस टेक सॉल्यूशन के कुछ अधिकारियों और कर्मचारियों की भी कथित मिलीभगत थी। ईडी मामले में धनशोधन के पहलुओं की जांच कर रही है।
नए कानून के शिकंजे में फंसा हाकम
पहले हाकम को शिकंजे में फंसाने के लिए पुलिस ने कई कानूनी धाराएं लगाई थीं, लेकिन नकल को लेकर पहले कानून में इतने प्रावधान नहीं थे। इस बार हाकम उत्तराखंड प्रतियोगी परीक्षा (भर्ती में अनुचित साधनों की रोकथाम एवं उपाय) अध्यादेश 2023 के शिकंजे में फंस गया है। इस कानून में कोई व्यक्ति, परीक्षा केंद्र के प्रबंधतंत्र, कोचिंग संस्थान, प्रिंटिंग प्रेस, परीक्षा के आयोजन में किसी भी जुड़े लोग पेपर लीक या अनुचित साधनों में शामिल पाए गए तो उन्हें आजीवन कारावास और 10 करोड़ रुपये तक के जुर्माने की सजा का प्रावधान है। प्रदेश में अब यह संज्ञेय, गैर जमानती और अशमनीय अपराध है।
 

जिलाधिकारी ने बताया कि राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार 03 अगस्त को निर्वाचित उप प्रधानो को शपथ दिलाई जायेगी

रूद्रपुर (सू0वि0)। जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया ने बताया कि राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार 03 अगस्त को निर्वाचित उप प्रधानो को शपथ दिलाई जायेगी। उन्होने समस्त खण्ड विकास अधिकारियों को निर्देश दिये है कि निर्वाचित उप प्रधानो को शपथ दिलाये जाने हेतु आवश्यक कार्यवाही करते हुए कार्यवाही से अवगत कराना सुनिश्चित करेगें। 
 

मुख्य कृषि अधिकारी ने कहा कि जनपद में रासायनिक उर्वरक पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है -किसान भाई उर्वरकों के न होने की भ्रामक शिकायत पर ध्यान न दें

रूद्रपुर (सू0वि0)। मुख्य कृषि अधिकारी वीके यादव ने बताया कि जनपद में कुछ व्यक्तियो द्वारा रसायनिक उर्वरकों की कमी की भ्रामक शिकायत की जा रही है। इस सम्बन्ध में उन्होंने सभी किसान भाईयों से कहा है कि जनपद में आज 01 अगस्त को रसायनिक उर्वरक पर्याप्त मात्रा में जैसे यूरिया 11361 मी० टन, डी०ए०पी० 3956 मी० टन, एम०ओ०पी० (पोटाश) 872 मी०टन, एन०पी०के० 1455 मी० टन, एस०एस०पी० 2003 मी०टन तथा एफ०ओ०एम० 47 मी०टन रसायनिक उर्वरक जनपद में स्थित सहकारी समितियों तथा निजी उर्वरक विक्रेताओं के यहाँ उपलब्ध है। किसान भाई अपनी माँग एवं आवश्यकता के अनुसार समय-समय पर दिशानिर्देशों का पालन करते हुए रसायनिक उर्वरक सहकारी समितिध्निजी उर्वरक विक्रेताओं के यहाँ से क्रय कर सकते है। जनपद की सभी सहकारी समितियों एवं निजी उर्वकर विक्रेताओं को निर्देशित किया जाता है कि वह कृषको की माँग पर समय-समय पर रसायनिक उर्वरक वितरण के सम्बन्ध में जारी निर्देशों का पालन करते हुए भारत सरकार द्वारा निर्धारित अधिकतम खुदरा मूल्य (एम०आर०पी०) पर रसायनिक उर्वरक कृषको को उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। उन्होने बताया कि निर्धारित मूल्य से अधिक मूल्य पर उर्वरक बिक्री करने या उर्वरको के साथ अन्य अनावश्यक (कृषक की बिना माँग के) सामग्री बिक्री की जाती है और ऐसी शिकायत प्राप्त होती है तो सम्बन्धित उर्वरक विक्रेता के विरुद्ध एफ०सी०ओ० 1985 की सुसंगत धाराओं के अन्तर्गत नियामानुसार कार्यवाही की जाएगी। उन्होने किसान भाईयों से अनुरोध किया है कि उर्वरकों से सम्बन्धित किसी प्रकार की कोई समस्या होने पर आप अपने निकटवर्ती कृषि विभाग कार्यालय में शिकायत दर्ज करा सकते है।

02 अगस्त को पंतनगर विश्वविद्यालय में माननीय मुख्य न्यायमूर्ति उच्च न्यायालय नैनीताल उत्तराखण्ड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के कार्यपालक अध्यक्ष की उपस्थिति में बहुउद्देशीय शिविर का आयोजन

रूद्रपुर (सू0वि0)। सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ममता पंत ने बताया कि मा0 उत्तराखण्ड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण नैनीताल के निर्देशों के क्रम में मा0 जिला न्यायाधीश/अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार 02 अगस्त रविवार को गांधी भवन पंतनगर विश्वविद्यालय में माननीय मुख्य न्यायमूर्ति उच्च न्यायालय नैनीताल उत्तराखण्ड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के कार्यपालक अध्यक्ष की उपस्थिति में प्रातः 9.30 बजे से सांय 04 बजे तक बहुउद्देशीय शिविर का आयोजन किया जायेगा। सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ममता पंत ने बताया कि बहुउद्देशीय शिविर में विभागीय स्टॉलों के माध्यम से विभिन्न सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की निः शुल्क प्रचार सामग्री व फार्म आंवटित कर, पात्र व्यक्तियों का पंजीकरण कर, विधवा पेंशन, वृद्धावस्था पेंशन, बौना पेंशन, आधार कार्ड आदि से संबधित लाभ दिलाया जायेगा और परिवार रजिस्टर की नकल एवं अन्य सुविधाये भी उपलब्ध कराई जायेगी। श्रम विभाग की और से निःशुल्क सामग्री वितरित कर, असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों, मजदूरों का पंजीकरण भी किया जायेगा। समाज कल्याण विभाग द्वारा सभी केंद्र एवं राज्य सरकार की लाभकारी योजनाओं से आमजन को लाभान्वित किया जायेगा। उन्होने बताया कि शिविर में स्वास्थ्य विभागध्मुख्य चिकित्सा अधिकारी के सहयोग से निःशुल्क ओपीडी के माध्यम से आम जनता को चिकित्सा सुविधा एवं दवाईया उपलब्ध करायी जायेगी तथा विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम द्वारा पात्र व्यक्तियों के विकलांगता प्रमाण पत्र भी बनाये जायेगे। शिविर मे प्राधिकरण की ओर से लगाये गये स्टॉल पर विभिन्न कानूनों की व स्थाई लोक अदालत के लाभ एवं भूमिका की जानकारी उपलब्ध करवाकर, निशुल्क कानूनी सहायता आदि की जानकारी दी जायेगी तथा नालसा व उत्तराखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, नैनीताल के ऑनलाइन विधिक सहायता पोर्टल की जानकारी उपलब्ध करवाकर, जागरूक किया जायेगा। उन्होने कहा है कि समस्त विभाग अपने साथ कम्प्यूटर, प्रिंटर आदि उपकरण (यथा आवश्यक) साथ लेकर आयें जिससे कि शिविर में उपस्थित पात्र व्यकितयों की समस्या का शिविर स्थल पर तत्काल निराकरण किया जा सकें। 
 

थारू जनजाति संवाद कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सुनी जनजाति समाज की समस्याएं, विकास और सांस्कृतिक संरक्षण को बताया सरकार की प्राथमिकता

खटीमा (सू.वि.)। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी शनिवार को खटीमा में आयोजित थारू जनजाति संवाद कार्यक्रम में शामिल हुए। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन एवं वंदे मातरम् के सामूहिक गायन के साथ हुआ। इस अवसर पर थारू जनजाति समाज के प्रतिनिधियों ने पुष्पगुच्छ भेंट कर मुख्यमंत्री का स्वागत किया। कार्यक्रम के प्रारंभ में मुख्यमंत्री ने बीएसएफ के एवरेस्ट विजेता मोहन सिंह राणा तथा आईटीबीपी के एवरेस्ट विजेता टीला सेन को सम्मानित करते हुए कहा कि दोनों ने न केवल उत्तराखंड बल्कि पूरे देश का नाम गौरवान्वित किया है। संवाद के दौरान थारू समाज के प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए उन्हें उत्तराखंड का मसीहा बताया। प्रतिनिधियों ने कहा कि मुख्यमंत्री हमेशा समाज के सुख-दुख से जुड़े रहे हैं तथा थारू संस्कृति और परंपराओं के संरक्षण के लिए किए गए कार्य ऐतिहासिक हैं। उन्होंने धर्मांतरण विरोधी कानून की सराहना करते हुए कहा कि इससे अनेक लोगों की अपने मूल धर्म में वापसी का मार्ग प्रशस्त हुआ है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में योजनाबद्ध तरीके से धर्मांतरण का प्रयास किया गया, जिसे रोकना आवश्यक था। इसी उद्देश्य से सख्त धर्मांतरण विरोधी कानून लागू किया गया। उन्होंने कहा कि अनुसूचित जनजाति का लाभ लेकर धर्मांतरण करने वालों को मिलने वाली सुविधाओं पर भी सरकार गंभीरता से विचार कर रही है। उन्होंने समाज से इस कुप्रथा को समाप्त करने में सक्रिय सहयोग का आह्वान किया। संवाद के दौरान जनप्रतिनिधियों ने बताया कि उत्तराखंड गठन से पूर्व उत्तर प्रदेश में थारू जनजाति का आरक्षण रोस्टर में पांचवां स्थान था, जबकि वर्तमान में यह 24वें स्थान पर है। उन्होंने इसे पुनः पांचवें स्थान पर लाने का अनुरोध किया ताकि युवाओं को रोजगार में बेहतर अवसर मिल सकें। साथ ही आश्रम पद्धति विद्यालय को हाईस्कूल से इंटरमीडिएट तक उच्चीकृत करने की मांग भी रखी। मुख्यमंत्री ने आश्वस्त किया कि गदरपुर की तर्ज पर इस दिशा में सकारात्मक कार्रवाई की जाएगी। प्रतिनिधियों ने वर्ष 1962 में नानक सागर बांध से विस्थापित किसानों की भूमि संबंधी समस्या का भी मुद्दा उठाया। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार लोगों को बसाने के लिए काम करती है, उजाड़ने के लिए नहीं। उन्होंने कहा कि यह मामला सरकार के संज्ञान में है और इसके समाधान के लिए आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। जनप्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री के बीच बैठकर संवाद करने की शैली की सराहना करते हुए कहा कि यह उनके लिए गौरव का विषय है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2022 में भ्रम और अफवाहों के कारण जो राजनीतिक भूल हुई, उसका प्रायश्चित समाज भविष्य में करेगा। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि चुनाव में हार-जीत होती रहती है, लेकिन उन्होंने कभी खटीमा और यहां के लोगों का साथ नहीं छोड़ा। थारू समाज के प्रतिनिधियों ने उत्तराखंड में केंद्र सरकार की तर्ज पर पृथक जनजातीय कार्य मंत्रालय गठित करने तथा खटीमा में उच्च शिक्षा एवं प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए कोचिंग सेंटर स्थापित करने का सुझाव दिया। मुख्यमंत्री ने इन सुझावों का स्वागत करते हुए कहा कि सरकार इस दिशा में गंभीरता से कार्य करेगी। अवैध नशे के बढ़ते प्रभाव पर चिंता व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार संयुक्त रूप से इसके खिलाफ अभियान चला रही हैं। उन्होंने कहा कि नशा केवल व्यक्ति ही नहीं, पूरे परिवार को बर्बाद कर देता है। इससे बचाव के लिए समाज और प्रशासन को मिलकर व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाना होगा। शिक्षा के विषय पर मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने प्रधानमंत्री के प्रति आपत्तिजनक टिप्पणी की निंदा करते हुए कहा कि ऐसे कृत्यों से बचने के लिए संस्कारयुक्त एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने प्रधानमंत्री द्वारा बच्चों से संवाद स्थापित करने के प्रयासों वह उन्हें क्षमा करने की भी सराहना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज का यह संवाद केवल औपचारिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि सरकार और थारू समाज के बीच विश्वास एवं विकास की साझेदारी को मजबूत करने का माध्यम है। उन्होंने कहा कि उनका थारू समाज से जुड़ाव आज का नहीं, बल्कि वर्षों पुराना है और खटीमा से उनका आत्मीय संबंध हमेशा बना रहेगा। उन्होंने कहा कि वे यहां समाज की समस्याएं, सुझाव और अपेक्षाएं सुनने आए हैं ताकि योजनाओं को और अधिक प्रभावी ढंग से लागू किया जा सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में आजादी के बाद पहली बार जनजातीय समाज के सशक्तिकरण के लिए अभूतपूर्व कार्य हुए हैं। उन्होंने कहा कि देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु का जनजातीय समाज से होना इस सोच का सबसे बड़ा उदाहरण है। माननीय मुख्यमंत्री ने कहा कि आज एक बार फिर आप सभी के बीच आकर अपने परिवार से मिलने जैसा सुखद अनुभव हो रहा है। उन्होंने कहा कि हमारी डबल इंजन की सरकार आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के सशक्त नेतृत्व में जनजातीय समाज के सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। हमारा प्रयास है कि जनजातीय समुदाय को शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और आधारभूत सुविधाओं से जोड़कर उन्हें सशक्त और आत्मनिर्भर बनाया जाए। उन्होंने कहा कि इसी दिशा में कार्य करते हुए जहां एक ओर अटल आवास योजना में हमने आय सीमा को व्यावहारिक बनाया है, वहीं घर निर्माण की लागत में भी बढ़ोतरी की है, ताकि अधिक से अधिक परिवारों को इसका लाभ मिल सके। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने उधम सिंह नगर में ही इस योजना के तहत लगभग 3 करोड़ रुपये से अधिक की सहायता प्रदान की है। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) में भी बड़ी संख्या में जनजातीय परिवारों को लाभ मिला है। उन्होंने कहा कि इस योजना के अंतर्गत घर पाने के लिए इस वर्ष जो आवेदन आए हैं, उनमें लगभग 28 प्रतिशत आवेदन जनजातीय परिवारों के हैं। माननीय मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना के तहत इस जनपद में पहले चरण में 824 और दूसरे चरण में 101 घरों का निर्माण किया गया है। शिक्षा के क्षेत्र में भी हमारी सरकार जनजातीय समाज को सशक्त बनाने के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने कहा कि जनजाति कल्याण विभाग के माध्यम से आश्रम पद्धति विद्यालयों, छात्रावासों और आईटीआई संस्थानों के विकास के लिए करोड़ों रुपये की धनराशि दी गई है, जिससे बच्चों को और बेहतर सुविधाएं मिल सकें। उन्होंने कहा कि इन आश्रम पद्धति विद्यालयों को कक्षा 12 तक अपग्रेड करने का काम भी किया जा रहा है। इसके अलावा एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालयों के माध्यम से भी जनजातीय बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान की जा रही है। उन्होंने कहा कि हमने खटीमा में बालिका छात्रावास के लिए 4 करोड़ रुपये स्वीकृत किए हैं, जबकि बाजपुर में 16 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से विद्यालय और छात्रावास का निर्माण किया जा रहा है। माननीय मुख्यमंत्री ने कहा कि गदरपुर में 100 बेड का बालक छात्रावास भी बनाया जा रहा है। वहीं, थारू राजकीय इंटर कॉलेज में 2 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से खेल मैदान का सौंदर्गीकरण, ऑडिटोरियम का आधुनिकीकरण और भवन की मरम्मत का कार्य भी किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार जनजातीय समाज की माताओं और बहनों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए भी पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। आज राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के माध्यम से उन्हें रोजगार, प्रशिक्षण और आत्मनिर्भरता के अवसर प्रदान किए जा रहे हैं। साथ ही वन धन केंद्रों के माध्यम से तैयार उत्पादों को बाजार से जोड़कर उनकी आय बढ़ाने का कार्य भी किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हम जनजातीय समाज की महिलाओं को 1 करोड़ रुपये से अधिक की चक्रीय निधि और 8 करोड़ रुपये से अधिक की निवेश सहायता देकर उनके छोटे-छोटे रोजगारों को आगे बढ़ाने का प्रयास कर रहे हैं।  माननीय मुख्यमंत्री ने संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री सीमांत क्षेत्र विकास कार्यक्रम के तहत वर्ष 2020 से 2025 तक 10 करोड़ रुपये से अधिक की विभिन्न योजनाएं सफलतापूर्वक पूरी की गई हैं। इसके अलावा हजारों परिवारों को पेयजल, बिजली और गैस कनेक्शन उपलब्ध कराए गए हैं। उन्होंने कहा कि आज जहां एक ओर विधानसभा सितारगंज में थारू विकास भवन का निर्माण किया जा रहा है। वहीं समाज कल्याण विभाग के अंतर्गत जनजातीय क्षेत्रों में अवस्थापना सुविधाओं के लिए 2 करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि स्वीकृत की गई है। साथ ही हमारी सरकार जनजातीय परिवारों को बेटी की शादी के लिए 50 हजार रुपये तक की आर्थिक सहायता भी प्रदान की जा रही है। उन्होंने कहा कि हमने उधम सिंह नगर, देहरादून, पिथौरागढ़ और चमोली में जनजातीय क्षेत्रों के विकास को और गति देने के लिए अलग-अलग जनजाति कल्याण अधिकारियों की नियुक्ति भी की है। उन्होंने कहा कि हम केवल योजनाओं की घोषणा नहीं करते, बल्कि उन्हें धरातल पर उतारकर वास्तविक बदलाव लाने का कार्य भी करते हैं। माननीय मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2014 के बाद आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने जनजातीय समाज के गौरव को राष्ट्रीय पहचान दिलाने का ऐतिहासिक कार्य प्रारंभ किया। भगवान बिरसा मुंडा जी की जयंती को ष्जनजातीय गौरव दिवसष् के रूप में मनाने का निर्णय लेकर उन्होंने पूरे देश को जनजातीय समाज के साहस, संघर्ष और बलिदान से परिचित कराया। उन्होंने कहा कि हमारी डबल इंजन सरकार का संकल्प है कि थारू समाज का प्रत्येक परिवार विकास की मुख्यधारा से जुड़े, प्रत्येक युवा आत्मनिर्भर बने और प्रत्येक बेटी शिक्षित और सशक्त बने। उन्होंने कहा कि थारू समाज कि हर समस्या, हर सुझाव और हर अपेक्षा हमारी सरकार की प्राथमिकता है। हम थारू समाज के सर्वांगीण विकास के लिए पूरी निष्ठा और प्रतिबद्धता के साथ इसी प्रकार कार्य करते रहेंगे। इस अवसर पर ब्लॉक प्रमुख सरिता राणा, अध्यक्ष थारू राणा परिषद दान सिंह राणा, सांसद प्रतिनिधि रविंद्र राणा, वरिष्ठ समाजसेवी रमेश राणा, ग्राम प्रधान संघ अध्यक्ष मंजीत सिंह राणा, सभासद दौलत राणा, ग्राम प्रधान शोभा देवी, जिला पंचायत सदस्य मनोज राणा, क्षेत्र पंचायत सदस्य कमलदीप राणा, ग्राम प्रधान मनोज राणा, अध्यक्ष बार एसोसिएशन प्रकाश सिंह राणा रमेश सिंह राणा हरीश राणा, आकाश राणा, मंजीत सिंह राणा, गोपाल सिंह राणा, नगर पालिका अध्यक्ष रमेश चंद्र जोशी, दर्जा मंत्री अनिल डब्बू, गंभीर सिंह धामी, किशन सिंह किन्ना, रंदीप पोखरिया, भवानी भण्डारी, जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय गणपति, उपाध्यक्ष जिला विकास प्राधिकरण जय किशन, मुख्य विकास अधिकारी दिवेश शाशनी, एडीएम कौशतुभ मिश्र सहित जनप्रतिनिधि एवं थारू समाज के जनता उपस्थित थी।
 

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सुनीं जनसमस्याएं, अधिकारियों को त्वरित समाधान के दिए निर्देश

खटीमा (सू.वि.)। (सूचना) मुख्यमंत्री  पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को लोहियाहेड हेलीपैड स्थित कैंप कार्यालय में जनता एवं जनप्रतिनिधियों से मुलाकात कर उनकी समस्याओं और सुझावों को गंभीरता से सुना। इस अवसर पर उन्होंने संबंधित अधिकारियों को प्राप्त शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर त्वरित, पारदर्शी एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री श्री धामी ने कहा कि जनसेवा ही सरकार का मूल उद्देश्य है और आमजन की समस्याओं का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रत्येक शिकायत का संवेदनशीलता के साथ परीक्षण कर उसका प्रभावी समाधान किया जाए, ताकि लोगों को अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। उन्होंने कहा कि सरकार प्रदेश में सरलीकरण, समाधान और संतुष्टि के मंत्र के साथ कार्य कर रही है। शासन और प्रशासन की जवाबदेही तभी सार्थक होगी, जब आम नागरिक को उसकी समस्या का शीघ्र एवं संतोषजनक समाधान मिले। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से जनहित से जुड़े मामलों में पूर्ण गंभीरता, पारदर्शिता और संवेदनशीलता के साथ कार्य करने को कहा। मुख्यमंत्री ने उपस्थित जनप्रतिनिधियों से भी क्षेत्र की विकास संबंधी आवश्यकताओं एवं जनहित के मुद्दों पर चर्चा की तथा आश्वस्त किया कि जनता की अपेक्षाओं के अनुरूप विकास कार्यों को गति देने और नागरिक सुविधाओं को सुदृढ़ बनाने के लिए राज्य सरकार निरंतर प्रतिबद्ध है। इसके उपरान्त मा० मुख्यमंत्री जी द्वारा खटीमा कैंप कार्यालय में 27 दिव्यांगजनों को 77 सहायक उपकरण और 22 वरिष्ठ नागरिकों को 113 सहायक उपकरण, 11 बैटरी रिक्शा, 14 व्हील चेयर, 18 कमोड चेयर, 06 ट्राई साइकिल, 24 हियरिंग मशीन, 40 नी ब्रेस, 13 बैशाखी के अतिरिक्त वॉकर, वॉकिंग स्टिक, सिलिकॉन कुशन, सी पी चेयर का वितरण किये गए साथ ही ग्रामोत्थान रीप योजनांतर्गत नारी शक्ति ग्राम संगठन गदरपुर व सत्यमेव जयते सी एल एफ बाजपुर को बोलेरो वाहन तथा एकता सी एल एफ गदरपुर को फूड वैन की चाबी सौंपी। इस अवसर पर दर्जा मंत्री अनिल कपूर डब्बू, किशन सिंह किन्ना, गंभीर सिंह धामी, रणजीत सिंह नामधारी, मोहिनी पोखरिया, जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय गणपति, वीसी जय किशन,मुख्य विकास अधिकारी दिवेश शासनी, अपर जिलाधिकारी कौस्तुभ मिश्रा, जिला समाज कल्याण अधिकारी अमन अनिरुद्ध सहित अनेक जनप्रतिनिधि, अधिकारी मौजूद थे।

पालिकाध्यक्ष ने माननीय मुख्यमंत्री को नगर के विकास हेतु 6 सूत्रीय मांगों का दिया ज्ञापन

विनोद वार्ता संवाद-सूत्र
गदरपुर।
गदरपुर में यशस्वी मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के आगमन पर पालिकाध्यक्ष मनोज गुम्बर ने भाजपा प्रदेश मंत्री गुंजन सुखीजा के नेतृत्व में 6 सूत्रीय मांगों का एक ज्ञापन सौंपा। श्री गुम्बर ने दिये गये ज्ञापन में अनुरोध किया कि- 1. वार्ड न0 10 पुरानी अनाज मण्डी शैड के चारो ओर डामर रोड निर्माण कार्य एंव सौन्दर्यकरण ।2. ठण्डी नदी के पुल का सौन्दर्यकरण ।3. नगर पालिका परिषद गदरपुर सीमान्तर्गत दिनेशपुर मटकोटा मोड चैराहे पर राष्ट्रीय ध्वज,स्थापन्न, सडक चैडीकरण एंव सौन्दर्यकरण। 4. निकाय क्षेत्रान्तर्गत ठण्डी नदी की पिंचिंग का कार्य । 5. पुराने राष्ट्रीय राजमार्ग 74 से मजरा शीला की पुलिया तक रैडरोज स्कूल से हाइवे तक, अशोका रेस्टोरेन्ट से तिकोनिया पार्क तक सुनारा मार्किट से भोला कालोनी तक, न्यू करतारपुररोड पर फुटपाथ निर्माण कार्य । 6. खिलाडियों के लिए गदरपुर नगर क्षेत्र में स्टेडियम का कार्य । ज्ञापन में माननीय मुख्यमंत्री जी से अनुरोध किया गया कि उपरोक्त कार्यो की जनहित में स्वीकृति प्रदान की जाये। इस पर माननीय मुख्यमंत्री द्वारा श्री गुम्बर को आश्वासन दिया गया।