सत्यमेव जयते

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बीसी खंडूड़ी को अंतिम विदाई, पंचतत्व में विलीन, सीएम धामी, उपराष्ट्रपति सहित राजनेताओं ने जताया शोक

देहरादून। उत्तराखंड के पूर्व सीएम मेजर जनरल बीसी खंडूड़ी पंचतत्व में विलीन हो गए। वह 49 दिनों से अस्पताल में भर्ती थे। मंगलवार सुबह उनका निधन हो गया। उनके निधन की खबर से प्रदेश में शोक की लहर दौड़ गई। उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने उनके निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया। देहरादून उनके आवास पर पहुंचकर उपराष्ट्रपति ने श्रद्धांजलि दी। मेजर जनरल भुवन चंद्र खंडूड़ी को नम आंखों से अंतिम विदाई दी गई। सीएम धामी, केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर सहित तमाम बड़े राजनेता खंडूड़ी को अंतिम विदाई देने हरिद्वार पहुंचे। खंडूड़ी की अंतिम यात्रा में जनसैलाब उमड़ा। खड़खड़ी श्मशान घाट में राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। सेना एवं पुलिस के जवानों ने गार्ड ऑफ ऑनर देकर अंतिम सलामी दी। पूर्व मुख्यमंत्री भुवन चंद खंडूड़ी को श्रद्धांजिल देने उनके आवास पर पहुंचे सीएम धामी, उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने पूर्व सीएम मेजर जनरल बीसी खंडूड़ी (सेनि.) के निधन पर गहरा शोक प्रकट किया। उन्होंने कहा कि देश के विकास में उनका योगदान मील के पत्थर के रूप में बना रहेगा। उनके निधन से देश एक विशिष्ट सैनिक, सक्षम प्रशासक और असाधारण सत्यनिष्ठ वाले राजनेता को खो दिया है। केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह, नितिन गडकरी समेत कई नेताओं के हरिद्वार खड़खड़ी पहुंचने की सूचना है। उपराष्ट्रपति आज सुबह खंडूड़ी को श्रद्धांजलि देने उनके बसंत विहार स्थित घर पहुंचे। यहां उन्होंने उनके पार्थिव शरीर को श्रद्धांजलि दी। बीती 17 जनवरी को देहरादून आए उप राष्ट्रपति ने आवास पहुंचकर खंडूड़ी से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना था। इस दौरान उन्होंने लोकसभा में पूर्व सहकर्मी के रूप में अपने संबंधों को याद किया था। पूर्व मुख्यमंत्री मेजर जनरल भुवन चंद्र खंडूड़ी (सेनि.) की हल्का दिल का दौरा पड़ने से मृत्यु हो गई। वह 49 दिनों से अस्पताल में भर्ती थे। मंगलवार सुबह 11.10 बजे उन्होंने 91 वर्ष की आयु में अंतिम सांस ली। अस्पताल प्रबंधन की ओर से मिली जानकारी के मुताबिक मेजर जनरल बीसी खंडूड़ी (सेनि.) को एक अप्रैल को निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। चिकित्सकों की जांच में उनकी आंतों में रक्तस्राव होने की बात सामने आई थी। चिकित्सकों की निगरानी में उनका उपचार चल रहा था। मंगलवार सुबह करीब 11.10 मिनट पर उन्हें हल्का कार्डियक अरेस्ट आया और उनकी मृत्यु हो गई। खंडूरी लंबे समय से अस्वस्थ चल रहे थे। उन्हें बार-बार अस्पताल आना पड़ रहा था। सही होने के बाद उनको घर भेज दिया जाता था लेकिन अप्रैल में भर्ती होने के बाद उनकी हालत में कोई सुधार नहीं आया। 49 दिनों से वह विशेषज्ञ चिकित्सकों की निगरानी में थे। उनकी मृत्यु से पूरे प्रदेश में शोक है। प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री मेजर जनरल बीसी खंडूड़ी के निधन पर राज्य में तीन दिन का राजकीय शोक घोषित किया गया है। जिसे देखते हुए प्रदेश के शासकीय, अशासकीय और निजी स्कूल एवं कार्यालय आज बंद रहेंगे। माध्यमिक शिक्षा निदेशक डॉ. मुकुल कुमार सती ने इस संबंध में आदेश जारी किया है। वही पूर्व मुख्यमंत्री बीसी खंडूड़ी के निधन पर विनोद वार्ता समाचार पत्र के सम्पादक विनोद कुमार एवं  परिवार ने दुःख प्रकट करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की है। 

देहरादून: अस्पताल के एसी में शॉर्ट सर्किट से लगी आग, आईसीयू में भर्ती बुजुर्ग महिला की मौत, दो की हालत गंभीर

देहरादून (संवाद-सूत्र)। देहरादून हरिद्वार रोड स्थित पेनेसीया अस्पताल में आग लग गई। आनन फानन मरीजों को दूसरे अस्पताल में शिफ्ट कराया जा रहा है। लेकिन इस दौरान  आईसीयू में भर्ती एक महिला की मौत हो गई। देहरादून हरिद्वार रोड स्थित पैनेसिया हॉस्पिटल में बुधवार को अचानक आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। हादसे में एक बुजुर्ग महिला बीरावती की मौत हो गई है। जबकि दो की हालत गंभीर है। जानकारी के मुताबिक अस्पताल में आग एसी में शॉर्ट सर्किट होने के कारण लगी, जिसके बाद पूरे परिसर में धुआं फैल गया और मरीजों व स्टाफ के बीच हड़कंप मच गया। घटना के समय अस्पताल के आईसीयू में छह मरीज भर्ती थे। धुआं फैलते ही अस्पताल स्टाफ, राहत टीमों और स्थानीय प्रशासन ने तत्परता दिखाते हुए सभी मरीजों को सुरक्षित बाहर निकालकर अन्य अस्पतालों में शिफ्ट कराया। आग और धुएं की चपेट में आने से अस्पताल के कुछ कर्मचारी भी घायल हुए, जिन्हें भी उपचार के लिए दूसरे अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड, पुलिस और प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंचीं और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। मौके पर पहुंचे एसएसपी प्रमोद डोबाल ने भी घटनास्थल का निरीक्षण कर राहत एवं बचाव कार्य का जायजा लिया।आईसीयू में लगे एसी में ब्लास्ट होने के कारण आग लगी, जिसके बाद वहां धुआं और गैस फैल गई। पुलिस कर्मियों ने जान की परवाह किए बिना आईसीयू में भर्ती मरीजों को बाहर निकाला। बचाव अभियान के दौरान धुएं और गैस के कारण कुछ मरीजों और पुलिसकर्मियों को ऑक्सीजन की कमी होने लगी, जिन्हें उपचार के लिए नजदीकी कैलाश अस्पताल में भर्ती कराया गया। घटना के दौरान आईसीयू में पहले से वेंटिलेटर पर भर्ती एक बुजुर्ग महिला की मौत हो गई। वहीं इस हादसे में दस लोग घायल हुए हैं। राहत और बचाव कार्य में लगे तीन पुलिस कर्मियों की तबीयत भी बिगड़ गई, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। घटना की सूचना मिलते ही एसएसपी देहरादून और एसपी सिटी मौके पर पहुंचे और अधिकारियों से जानकारी लेकर आवश्यक निर्देश दिए। बाद में एसएसपी ने कैलाश अस्पताल पहुंचकर भर्ती पुलिसकर्मियों और मरीजों का हाल जाना तथा डॉक्टरों से उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली। एसएसपी प्रमोद डोबाल ने बताया कि फिलहाल आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया है। सभी मरीजों और घायल कर्मचारियों को अन्य अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है।

गुमनाम रहकर दर्ज करा सकते हैं ऑनलाइन उत्पीड़न की शिकायत, साइबर क्राइम पोर्टल पर खुला विकल्प

देहरादून। बढ़ते मामलों के बाद साइबर क्राइम पोर्टल पर एनोनिमसली शिकायत दर्ज कराने का विकल्प  खुला है। बहुत से लोग पहचान उजागर होने के डर डिजिटल दौर में ऑनलाइन उत्पीड़न और साइबर अपराध के मामलों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। कई बार पीड़ित अपनी पहचान उजागर होने के डर या शर्म से शिकायत दर्ज नहीं करा पाते। ऐसे लोगों के लिए भारत सरकार के राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल साइबर क्राइम डॉट जीओवी डॉट इन पर गुमनाम शिकायत दर्ज कराने की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। पोर्टल पर विशेष रूप से महिलाओं और बच्चों से जुड़े साइबर अपराधों की शिकायत बिना पहचान बताए दर्ज की जा सकती है। इसके लिए पीड़ित को सबसे पहले वेबसाइट पर जाकर वुमेनध्चिल्ड्रन रिलेटेड क्राइम सेक्शन खोलना होगा। इसके बाद रजिस्टर एनोनिमसली विकल्प चुनकर शिकायत प्रक्रिया शुरू की जा सकती है। शिकायत दर्ज करते समय घटना का प्रकार, तारीख, समय और संबंधित प्लेटफॉर्म की जानकारी भरनी होती है। साथ ही राज्य और जिला चयन करने के बाद आरोपी की आईडी, प्रोफाइल लिंक या यूआरएल जैसी जानकारी भी अपलोड की जा सकती है। पीड़ित स्क्रीनशॉट, चैट रिकॉर्ड या अन्य डिजिटल साक्ष्य भी पोर्टल पर अपलोड कर सकते हैं। सभी विवरण सत्यापित करने के बाद कन्फर्म और सबमिट पर क्लिक करते ही शिकायत दर्ज हो जाती है। विशेषज्ञों का कहना है कि मजबूत डिजिटल साक्ष्य शिकायत की जांच और कार्रवाई में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसलिए किसी भी प्रकार की ऑनलाइन धमकी, अश्लील संदेश, फर्जी प्रोफाइल, ब्लैकमेलिंग या सोशल मीडिया उत्पीड़न के मामलों में स्क्रीनशॉट और अन्य रिकॉर्ड सुरक्षित रखना जरूरी है। लोग कई बार पहचान उजागर होने की डर से शिकायत करने में कतराते हैं। इसलिए साइबर क्राइम पोर्टल पर ऐसी व्यवस्था है कि आप अपनी पहचान उजागर किए बिना शिकायत दर्ज करा सकते हैं। लोगों को साइबर अपराधों के प्रति जागरूक होने की आवश्यकता है। साइबर ठगी या ऑनलाइन फ्रॉड का शिकार होने पर तुरंत हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करें या राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं। इसके साथ ही लोगों को डिजिटल सुरक्षा के प्रति जागरूक रहने और सुरक्षित ऑनलाइन व्यवहार अपनाने की आवश्यकता है। - अजय सिंह, एसएसपी एसटीएफ फेक लोग एप्स से रहें सावधान, साइबर पुलिस ने जारी की एडवायजरी साइबर पुलिस ने लोगों को फेक लोन ऐप्स के बढ़ते खतरे को लेकर सतर्क रहने की अपील की है। पुलिस के अनुसार हाल के दिनों में ऐसे कई मामले सामने आए हैं, जिनमें साइबर ठग आसान और तुरंत लोन दिलाने का झांसा देकर लोगों को ब्लैकमेल कर रहे हैं। एसएसपी एसटीएफ अजय सिंह ने बताया कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर आसान लोन के आकर्षक विज्ञापन दिखाकर लोगों को फर्जी ऐप डाउनलोड करने के लिए प्रेरित किया जाता है। जैसे ही व्यक्ति लिंक पर क्लिक कर ऐप इंस्टॉल करता है, ऐप उसके मोबाइल के कॉन्टैक्ट्स, गैलरी और अन्य निजी डाटा का एक्सेस ले लेता है। इसके बाद ठग पीड़ित की तस्वीरों को एडिट कर आपत्तिजनक फोटो तैयार कर लेते हैं और उन्हें रिश्तेदारों व परिचितों को भेजने की धमकी देकर पैसे वसूलने लगते हैं। कई लोग बदनामी के डर से ठगों के दबाव में आकर रकम भी ट्रांसफर कर देते हैं। लोगों को सलाह दी है कि किसी भी अनजान या बिना सत्यापन वाले लोन ऐप को डाउनलोड न करें। सोशल मीडिया पर दिखने वाले लुभावने विज्ञापनों और संदिग्ध लिंक्स पर क्लिक करने से बचें। किसी भी ऐप को डाउनलोड करने से पहले उसकी विश्वसनीयता और रिव्यू जरूर जांचें।

विशेष आग्रह

यदि आप भारतीय है तो लिंक पर क्लिक कर वीडियो अवश्य देखें और लोगों शेयर अवश्य करें। इसमें आपको जानकारी मिलेगी कि उत्तराखंड प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री पुष्कर धामी जी के चार साल बेमिसाल कैसे हुए। सहयोग के लिए सधन्यवाद।
 

गदरपुर में पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना” पालिकाध्यक्ष ने किया शुभारम्भ

(आकाश कोचर)
गदरपुर।
वार्ड नं. 3 स्थित राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान में भारत सरकार  के छप्म्ैठन्क् द्वारा  आयोजित 9 दिवसीय पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना” का शुभारम्भ गदरपुर बतौर मुख्य अतिथि के रुप में पालिकाध्यक्ष मनोज गुम्बर (मिन्टू) द्वारा किया गया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पालिकाध्यक्ष ने योजना के उद्देश्यों एवं इसके लाभों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि यह योजना आमजन को सस्ती एवं स्वच्छ ऊर्जा उपलब्ध कराने के साथ-साथ देश को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। कार्यक्रम के दौरान युवाओं एवं स्थानीय नागरिकों में योजना को लेकर खासा उत्साह देखने को मिला। उपस्थित लोगों को इस योजना से अधिक से अधिक जुड़कर लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया गया। इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि के रूप में सभासद सचिन गुप्ता, रमन छाबड़ा, मुकेश चावला, सभासद प्रतिनिधि सलीम बाबा, इदरीस पाशा एवं विशद अरोरा की गरिमामयी उपस्थिति रही। कार्यक्रम में सभी अतिथियों ने योजना की सराहना करते हुए इसके व्यापक प्रचार-प्रसार पर जोर दिया।
 

ढाई घंटे में दून से दिल्ली-पीएम ने किया 213 किमी लंबे इकोनॉमिक कॉरिडोर का लोकार्पणय तीन राज्यों को सौगात

देहरादून (संवाद-सूत्र)। पीएम मोदी ने आज उत्तराखंड को दून-दिल्ली इकोनॉमिक कॉरिडोर समेत कई जल विद्युत परियोजनाओं व अन्य योजनाओं की सौगात दी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश को दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर की सौगात देते हुए कहा कि ये हाईवे, सड़कें, एक्सप्रेसवे और कॉरिडोर हमारे राष्ट्र की भाग्य रेखाएं हैं, ये भविष्य की सूरत बदल देंगे। ये आने वाली पीढ़ियों की समृद्धि की गारंटी हैं, ये मोदी की भी गारंटी हैं। मंगलवार को पीएम मोदी ने मां डाट काली मंदिर में पूजा अर्चना के बाद देहरादून में 12 किमी का रोड शो किया। इसके बाद गढ़ी कैंट स्थित जसवंत सिंह सेना मैदान में जनसभा को संबोधित करने पहुंचे। सबसे पहले बाब साहेब डॉ.भीमराव आंबेडकर के चित्र पर पुष्प अर्पित किए और फिर बटन दबाकर देश को 213 किमी के 11,963 करोड़ की लागत से तैयार हुए दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर की सौगात दी। लोकार्पण कार्यक्रम में जहां सीएम पुष्कर सिंह धामी पीएम के साथ मंच पर ही मौजूद थे, वहीं गणेशपुर से यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ और दिल्ली से मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता वर्चुअल माध्यम से जुड़े थे। खास है डाट काली मंदिर, पीएम मोदी ने दिल्ली-दून एक्सप्रेसवे के लोकार्पण से पहले लिया मां का अशीर्वाद लिया। पीएम ने कहा कि भविष्य की दशा और दिशा क्या होगी, इसके लिए अक्सर लोग हाथ की रेखाएं दिखाते हैं। मैं इस विज्ञान को तो नहीं जानता लेकिन कहते हैं कि ये भी एक शास्त्र है। अगर इसी संदर्भ को राष्ट्र जीवन से जोड़कर देखूं तो राष्ट्र की भाग्य रेखाएं हमारी सड़कें होती हैं। हमारे हाईवे, एक्सप्रेसवे, रेलवे, वाटरवे ये हमारे राष्ट्र की भाग्य रेखाएं होती हैं। बीते एक दशक से हमारा देश विकसित भारत बनाने के लिए विकास की ऐसी ही भाग्य रेखाओं के निर्माण में जुटा है। ये रेखाएं सिर्फ आज की सुविधा नहीं है। ये आने वाली पीढ़ियों की समृद्धि की गारंटी हैं, ये मोदी की भी गारंटी हैं। पीएम ने कहा कि बीते एक दशक से हमारी सरकार राष्ट्र की विकास रेखाओं पर अभूतपूर्व निवेश कर रही है। 2014 में ऐसे इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए सालभर में पूरे देश में दो लाख करोड़ रुपये भी खर्च नहीं होते थे। आज यह खर्च 12 लाख करोड़ से भी ज्यादा है। उत्तराखंड में ही सवा दो लाख करोड़ से अधिक की परियोजनाओं पर काम जारी है। कभी उत्तराखंड के गांवों में सड़क के इंतजार में पीढि़यां बदल जाती थीं। आज डबल इंजन सरकार के प्रयासों से अब सड़क गांव तक पहुंच रही है। जो गांव पहले वीरान पड़ गए थे वो फिर से जीवंत हो रहे हैं। चारधाम महामार्ग परियोजना, रेल परियोजना का विस्तार, केदारनाथ व हेमकुंड साहिब का रोपवे हो, विकास की ये रेखाएं इस प्रदेश के कोने-कोने में जीवन की भी भाग्य रेखाएं बन रही हैं। पीएम मोदी ने कहा कि 21वीं सदी का भारत आज जिस स्पीड पर काम कर रहा है, उसकी पूरी दुनिया चर्चा कर रही है। मैं आपको उत्तराखंड, पश्चिमी यूपी और दिल्ली का ही उदाहरण देता हूं। कुछ सप्ताह पहले दिल्ली मेट्रो का विस्तार हुआ। मेरठ में मेट्रो सेवा शुरू हुई। दिल्ली-मेरठ नमो भारत रेल देश को समर्पित की गई। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट शुरू हुआ। आज देहरादून-दिल्ली एक्सप्रेस वे शुरू हो रहा है। इतने छोटे से क्षेत्र में इतने कम समय में ये सब हो रहा है। कल्पना कीजिए देश में कितने बड़े पैमाने पर इंफ्रास्ट्रक्चर बन रहा है। इसलिए कहता हूं कि 21वीं सदी का भारत आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर के जिस क्षेत्र में प्रवेश कर रहा है, वह अभूतपूर्व है। उन्होंने दिल्ली-मुंबई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर, बंगलूरू-मुंबई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर, अमृतसर का इंडस्ट्रियल कॉरिडोर बनाए जा रहे हैं। ये प्रगति के नए द्वार हैं, गेटवे हैं, डोर हैं। इनसे उम्मीदों की डोर भी जुड़ी हुई है। पीएम मोदी ने कहा, ये कॉरिडोर नए-नए कारोबार के आधार बनते हैं। नए कॉरिडोर से पूरे क्षेत्र का कायाकल्प होने जा रहा है। पहला फायदा तो ये है कि इससे समय बचेगा। आना-जाना सस्ता और तेज होगा। पेट्रोल-डीजल कम खर्च होगा। किराया भाड़ा कम होगा। दूसरा बड़ा फायदा रोजगार का होगा। अब इसके निर्माण में 12 हजार करोड़ खर्च हुए तो हजारों श्रमिकों को काम मिला। साथ ही इंजीनियर व अन्य क्षेत्रों में भी काम मिला। किसानों, पशुपालकों की अब तेज गति से बड़ी मंडी, बड़े बाजारों तक पहुंच होगी। इससे उत्तराखंड के पर्यटन को बड़ा फायदा होगा। दून, हरिद्वार, ऋषिकेश, मसूरी और चारधाम यात्रा का यह प्रमुख मार्ग बनेगा। आंबेडकर जयंती के मौके को खास बताते हुए पीएम मोदी न कहा कि बाबा साहेब डॉ.भीमराव आंबेडकर भी आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर की वकालत करते थे। कहा, यहां आने से पहले मुझे मां डाट काली के दर्शन का सौभाग्य मिला। देहरादून शहर पर उनकी बड़ी कृपा है। दिल्ली-देहरादून इकोनोमिक कॉरिडोर के इतने बड़े प्रोजेक्ट को पूरा करने में मां डाट काली का आशीर्वाद बहुत बड़ी शक्ति है। ये प्रोजेक्ट उत्तराखंड को नई गति देगा। इससे गाजियाबाद, बागपत, बड़ौत, शामली, सहारनपुर को भी बहुत फायदा होगा।
 

प्रवेश-उत्सव हमारे बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की नींव रखने का प्रतीक है: गणेश उपाध्याय

विनोद वार्ता संवाद-सूत्र
किच्छा।
ग्राम सभा गडरिया बाग के रजपुरा प्राइमरी पाठशाला में डॉ गणेश उपाध्याय पूर्व दर्जा राज्य मंत्री व प्रवक्ता उत्तराखंड कांग्रेस ने प्रवेश-उत्सव पर अभिभावकों और विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि आज हम एक महत्वपूर्ण अवसर पर यहाँ एकत्रित हुए हैं, जो हमारे बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की नींव रखने का प्रतीक है। यह पल न केवल एक शुरुआत है, बल्कि एक नए युग की अभिव्यक्ति है, जो हमारे बच्चों की क्षमताओं और सपनों को आकार देने के लिए हमें प्रेरित करती है। आज आजकल सरकारी स्कूलों में बच्चों को मुक्त शिक्षा, मिड डे मील पुस्तक व कॉपियां, यूनिफॉर्म  एव जूते  सरकारे प्रदान करती हैं तो समाज के हम सब लोगों का दायित्व बनता है सब बच्चों स्कूल जाने के लिए प्रेरित करें। अगर आपका बच्चा अच्छा पढेगा, समाज अच्छा होगा निश्चित तौर पर देश आगे बढ़ेगा। इस अवसर पर प्रधानाचार्य चैधरी नवनीत, सुरेश पंत,भागु, आंगनवाड़ी तारा राय, शांति देवी सहित कई दर्जनो अभिवाहक जन उपस्थित थे।