सत्यमेव जयते

खबरें

उत्तराखंड: एसआईआर की तिथि बढ़ी, अब 28 तक सुनवाईय तीन अक्तूबर को प्रकाशित होगी मतदाता सूची

देहरादून (संवाद-सूत्र)। विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान की जानकारी दी। बताया कि भारत निर्वाचन आयोग ने उत्तराखंड में मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन की तिथि तीन अक्तूबर कर दी है, जो कि पहले 15 सितंबर थी। उत्तराखंड में चल रहे चुनाव आयोग के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की तिथि बढ़ गई है। अब आपत्तियों का निपटारा 11 सितंबर के बजाए 28 सितंबर तक किया जाएगा। मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बीवीआरसी पुरुषोत्तम ने सोमवार को सचिवालय स्थित मीडिया सेंटर में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान की जानकारी दी। बताया कि भारत निर्वाचन आयोग ने उत्तराखंड में मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन की तिथि तीन अक्तूबर कर दी है, जो कि पहले 15 सितंबर थी। इसी प्रकार, एसआईआर की आपत्तियों का निपटारा करने की तिथि भी 11 सितंबर से बढ़ाकर 28 सितंबर कर दी है। इसके बाद तीन अक्तूबर को अंतिम मतदाता सूची जारी होगी। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि प्रदेश में 24 लाख 30 हजार के सापेक्ष 99 प्रतिशत से अधिक नोटिसों की सुनवाई कर दी गई है। इसके साथ ही फार्म 6, 7 और 8 की 40 प्रतिशत सुनवाई का कार्य भी पूर्ण हो चुका है। इस अवसर पर अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. विजय कुमार जोगदंडे, उप मुख्य निर्वाचन अधिकारी किशन सिंह नेगी सहायक मुख्य निर्वाचन अधिकारी मस्तू दास उपस्थित रहे।


 

देहरादून : माउंट किलिमंजारो का सफल आरोहण करने वाले पर्वतारोही रियांश और प्रिशा पहुंचे दून, सीएम से मिले

देहरादून (संवाद-सूत्र)। नौ वर्षीय मास्टर रियांश पंत अल्मोड़ा के चीनाखान और 10 वर्षीय प्रिशा रावत नैनीताल जनपद के बैलपड़ाव की निवासी हैं। दोनों ने 22 अगस्त 2026 को 5,895 मीटर ऊंची माउंट किलिमंजारो चोटी का सफल आरोहण कर तिरंगा फहराया था। आज दोनों ने सीएम से भेंट की। अफ्रीका की सबसे ऊंची चोटी माउंट किलिमंजारो का सफल आरोहण करने वाले उत्तराखंड के नन्हें पर्वतारोही मास्टर रियांश पंत और प्रिशा रावत ने आज मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से भेंट की। मुख्यमंत्री ने दोनों बच्चों को इस उपलब्धि के लिए बधाई एवं शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि इतनी कम उम्र में माउंट किलिमंजारो जैसी चुनौतीपूर्ण चोटी का सफल आरोहण करना उनके साहस, दृढ़ संकल्प और आत्मविश्वास का परिचायक है। दोनों बच्चों ने अपनी इस उपलब्धि से उत्तराखंड का गौरव बढ़ाया है। उनकी सफलता प्रदेश के अन्य बच्चों और युवाओं को भी बड़े लक्ष्य निर्धारित कर उन्हें हासिल करने के लिए प्रेरित करेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड के बच्चों और युवाओं में प्रतिभा, साहस और सामर्थ्य की कोई कमी नहीं है। प्रदेश के युवा पर्वतारोहण, खेल एवं अन्य साहसिक गतिविधियों में अपनी प्रतिभा का उत्कृष्ट प्रदर्शन कर राज्य का नाम राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोशन कर रहे हैं। राज्य सरकार युवा प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने और उन्हें आगे बढ़ने के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है।
 

शिक्षक दिवस क्यों मनाया जाता है पर विशेष- -शिक्षक दिवसः जिंदगी को पढ़ते हुए याद आते रहेंगे वे

शिक्षक दिवस यानी शिक्षकों का सम्मान दिवस। ‘आचार्य देवो भवः’ का बोध वाक्य सुनकर हम बड़े हुए हैं। यह दिवस पूरे देश में प्रतिवर्ष 5 सितंबर को मनाया जाता है। यह हमारे देश के द्वितीय राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन का जन्म दिवस है। राधाकृष्णन ने चालीस वर्षों तक शिक्षण कार्य किया था। वह महान शिक्षक तो थे ही, साथ में शिक्षक और छात्रों के उत्तम समन्वयक भी थे। उन्होंने अपने जन्म दिवस को शिक्षक दिवस के रूप में मनाने की इच्छा व्यक्त की थी, जिसका उद्देश्य शिक्षकों को सम्मान दिलाना था। डॉ. राधाकृष्णन शिक्षा और शिक्षक जगत के मसीहा थे। उनके विचार थे कि यदि देश का प्रत्येक शिक्षक अपने धर्म का पालन करे तो पूरा देश अशिक्षा और अज्ञान से मुक्त हो जाएगा। शिक्षक अर्थात गुरु का अर्थ है ‘अंधकार दूर करने वाला’। ‘गु’ का अर्थ है ‘अंधकार’ और ‘रु’ का अर्थ है ‘मिटाने वाला’। आदर्श शिक्षक अपने शिष्यों के हृदय में अच्छे संस्कारों और ज्ञान का सृजन करता है। वही कुप्रवृतियों का नाश करता है, इसलिए वह भगवान के समान पूजनीय और वंदनीय है। संत कबीर मानते हैं कि गुरु का दर्जा ऊपर वाले से भी बड़ा है, क्योंकि गुरु के कारण ही परमात्मा को पाया जा सकता है। हमारे देश में गुरु-शिष्य परंपरा के अनेकानेक उदाहरण मिलते हैं। गुरु द्रोणाचार्य-अर्जुन, चाणक्य-चंद्रगुप्त मौर्य और रामकृष्ण परमहंस-विवेकानंद परस्पर संबंधों की अनूठी मिसाल हैं। इसी तरह विश्व के महान दार्शनिक सुकरात के शिष्य प्लेटो और प्लेटो के शिष्य अरस्तु को हम सब जानते हैं। गुरु-शिष्य की परंपरा इस तरह गंगा की अविरल धारा की तरह बहती चली आ रही है। वर्तमान में गुरु-शिष्य परंपरा का स्वरूप काफी बदला है। इंटरनेट का जमाना आ गया है। ऑनलाइन पढ़ाई भी विद्यार्थियों को प्रदान की जा रही है और ई-लर्निंग में इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों से विद्यार्थियों को पढ़ाया जाता है। इसका सबसे बड़ा लाभ सैकड़ों किलोमीटर दूर बैठे विद्यार्थियों को हो रहा है। वे ऑनलाइन गुरु से मिल सकते हैं और ई-टीचिंग कर सकते हैं। ई-शिक्षक और ई-टीचिंग से सबसे बड़ा लाभ यह है कि हम किसी भी विषय को बार-बार पढ़कर समझ सकते हैं, याद कर सकते हैं। ब्लॉग, सोशल नेटवर्किंग, वेबसाइट, वीडियो फेसबुक, ट्विटर, यूट्यूब, कंप्यूटर, लैपटॉप, टैबलेट, स्मार्टफोन भी ई-शिक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। देश के अनेक शिक्षण संस्थानों, जैसे आईबीएस हैदराबाद, आईआईएम अहमदाबाद और सिमबायोसिस पुणे ने ई-लर्निंग के माध्यम से कोर्स शुरू किए हैं। डॉ. राधाकृष्णन का सपना तभी साकार होगा, जब हमारे देश का प्रत्येक शिक्षक अपने कर्तव्यों का पालन ठीक प्रकार से करने लगे। जो शिक्षक अनुशासित और निष्ठावान रहते हुए शिक्षा देते हैं, उनका विद्यार्थियों पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है। वर्तमान में भी अनेक ऐसे शिक्षक हैं, जो अपने धर्म का निष्ठा से पालन कर रहे हैं। यदि देश का प्रत्येक शिक्षक अपने कर्तव्यों का पालन निष्ठा और सेवा भावना से करने लगे, तो वो दिन दूर नहीं, जब देश अज्ञान, अनीति, अंधकार के दलदल से निकलकर विश्व का सिरमौर बन सकता है।


 

बीस सूत्रीय कार्यक्रम के क्रियान्वयन में ऊधम सिंह नगर ने प्रदेश में हासिल किया तृतीय स्थान

देहरादून/रुद्रपुर (सू.वि.)। उत्तराखंड सरकार के बीस सूत्रीय कार्यक्रम एवं कार्यान्वयन के अंतर्गत वर्ष 2025-26 में निर्धारित लक्ष्यों के प्रभावी क्रियान्वयन, अनुश्रवण एवं सतत निगरानी में जनपद ऊधम सिंह नगर ने प्रदेश में तृतीय स्थान प्राप्त कर महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। जनपद की इस उपलब्धि के उपलक्ष्य में देहरादून स्थित एक निजी होटल में आयोजित कार्यक्रम में ऊधम सिंह नगर को प्रशस्ति पत्र एवं स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया गया। बीस सूत्रीय कार्यक्रम क्रियान्वयन समिति के उपाध्यक्ष श्री रामपाल सिंह,श्री ज्योति प्रसाद गिरोला एवं निदेशक श्री सुशील कुमार द्वारा यह सम्मान प्रदान किया गया। यह उपलब्धि जिलाधिकारी श्री नितिन सिंह भदौरिया एवं मुख्य विकास अधिकारी श्री दिवेश शाशनी के नेतृत्व में जिला प्रशासन तथा विभिन्न विभागों द्वारा किए गए समन्वित प्रयासों का परिणाम है। बीस सूत्रीय कार्यक्रम के अंतर्गत संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं को प्रभावी रूप से धरातल पर उतारने, निर्धारित लक्ष्यों की प्राप्ति तथा योजनाओं का लाभ पात्र लाभार्थियों तक पहुंचाने में जनपद द्वारा किए गए कार्यों को प्रदेश स्तर पर सराहा गया है।
रामपाल सिंह ने दी जिला प्रशासन को बधाई
इस अवसर पर बीस सूत्रीय कार्यक्रम क्रियान्वयन समिति के उपाध्यक्ष श्री रामपाल सिंह ने ऊधम सिंह नगर के प्रदेश में तृतीय स्थान प्राप्त करने पर जिलाधिकारी श्री नितिन सिंह भदौरिया, मुख्य विकास अधिकारी श्री दिवेश शाशनी सहित समस्त जिला प्रशासन एवं संबंधित विभागों के अधिकारियों-कर्मचारियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि “ऊधम सिंह नगर का प्रदेश में तृतीय स्थान प्राप्त करना पूरे जनपद के लिए गौरव की बात है। यह उपलब्धि किसी एक व्यक्ति या विभाग की नहीं, बल्कि जिला प्रशासन, अधिकारियों, कर्मचारियों एवं जनप्रतिनिधियों के सामूहिक प्रयासों का परिणाम है। मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में प्रदेश सरकार का स्पष्ट लक्ष्य है कि सरकार की प्रत्येक जनकल्याणकारी योजना का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे।” उन्होंने कहा कि बीस सूत्रीय कार्यक्रम सरकार की विकास एवं जनकल्याणकारी योजनाओं को धरातल तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण माध्यम है। जनपद ऊधम सिंह नगर ने जिस प्रतिबद्धता और टीम भावना के साथ कार्य किया है, वह सराहनीय है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आगामी वर्ष में जनपद और बेहतर प्रदर्शन करते हुए प्रदेश में प्रथम स्थान प्राप्त करने का लक्ष्य हासिल करेगा। जनपद की इस उपलब्धि से जिला प्रशासन एवं संबंधित विभागों में हर्ष का माहौल है। अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने इसे विकास एवं जनकल्याण के क्षेत्र में किए जा रहे निरंतर प्रयासों की महत्वपूर्ण सफलता बताया।
 

शान से लहराया तिरंगा, सीएम धामी ने दिलाई राष्ट्रीय एकता की शपथ 

देहरादून (संवाद-सूत्र)।स्वतंत्रता दिवस पर उत्तराखंड देशभक्ति के रंग में रंगा है। देहरादून से लेकर बदरीनाथ धाम, देवप्रयाग और थराली तक तिरंगा शान से लहराया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राष्ट्रीय एकता और विकसित भारत के संकल्प की बात कही, जबकि हरिद्वार में बाबा रामदेव ने भ्रष्टाचार और नशे को लेकर बात कही। 80वां स्वतंत्रता दिवस उत्साह और देशभक्ति के साथ मनाया जा रहा है। देहरादून में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास में ध्वजारोहण किया। इससे पहले मुख्यमंत्री और मौजूद अधिकारियों-कर्मचारियों ने सामूहिक रूप से वंदे मातरम् का गायन किया। इसके बाद मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया और सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को राष्ट्रीय एकता की शपथ दिलाई। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने देश की आजादी के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों और मां भारती की रक्षा के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर जवानों को नमन किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि अमर बलिदानियों ने जिस सशक्त, समृद्ध और आत्मनिर्भर भारत का सपना देखा था, उसे साकार करने की दिशा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश तेजी से आगे बढ़ रहा है।सीएम ने कहा कि विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने के लिए प्रत्येक नागरिक को अपने कार्यक्षेत्र में पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ योगदान देना होगा। उन्होंने जनभागीदारी और सामूहिक प्रयासों को देश के विकास की महत्वपूर्ण ताकत बताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड के समग्र, संतुलित और सतत विकास के लिए राज्य सरकार पूरी प्रतिबद्धता से काम कर रही है। प्रयास है कि विकास का लाभ प्रदेश के हर क्षेत्र और हर वर्ग तक पहुंचे।  कहा कि सभी के सहयोग और सहभागिता से उत्तराखंड को देश का श्रेष्ठ राज्य बनाने की दिशा में लगातार काम किया जा रहा है। उन्होंने स्वतंत्रता दिवस को राष्ट्र के प्रति अपने कर्तव्यों का स्मरण कराने वाला दिन बताया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्कृष्ट कार्य करने वाले पुलिस अधिकारियों को पदक देकर सम्मानित किया। राज्य का गौरव बढ़ाने वाले खिलाड़ियों को भी इस अवसर पर पदक प्रदान कर सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री ने सम्मानित किए गए पुलिस अधिकारियों एवं खिलाड़ियों को बधाई दी।

उत्तराखंड में सरेआम नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए यात्रियों की जान दांव पर लगा रहे प्राइवेट बस संचालक आखिर कौन जिम्मेदार  -मोटी कमाई के चक्कर में बसों में ठूस ठूस कर भर रहे सवारी 

(राजेश पसरीचा)
देवभूमि उत्तराखंड
में जहां सड़क सुरक्षा को लेकर उत्तराखंड सरकार एवं परिवहन विभाग द्वारा लगातार अभियान चलाए जा रहे हैं तो वहीं दूसरी ओर बाहरी राज्यों से आने वाली टूर एंड ट्रेवल की बस संचालक सड़क हादसों को बढ़ावा देने से बाज नहीं आ रहे जो कि अपनी मोटी कमाई के चक्कर में सरेआम कानून को ठेंगा दिखाते हुए उत्तराखंड की सड़कों पर ओवर लोडिंग सवारियां भरकर आम आदमी की जान दांव पर लगा रहे हैं। जबकि उत्तराखंड परिवहन विभाग द्वारा अभियान के अंतर्गत ऐसे ओवर लोडिंग वाहनों के विरुद्ध कार्यवाही करता है उसके बावजूद कई बस संचालक अपनी मनमानी से बाज नहीं आ रहे। वहीं एक हैरान करने वाली ाीं खबर सामने आई है जहां एक टूर एंड ट्रेवल की बस जो कि ऊधम सिंह नगर रुद्रपुर किच्छा रोड लालपुर में ओवर लोडिंग सवारियों के साथ संचालित होते हुए पाई गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार दिनांक 10.08.2026 को देर रात लखीमपुर से उत्तराखंड ऊधम सिंह नगर होते हुए पंजाब जाने वाली 30 स्लीपर पास बस में 30 बच्चों सहित 168 सवारी पाई गई। वहीं इस प्राइवेट बस में ठूस ठूस कर सवारियां देख कर परिवहन विभाग टीम भी हैरान रह गई। ओवर लोडिंग सवारियां पाए जाने पर  उप संभागीय परिवहन अधिकारी नवीन सिंह के नेतृत्व में तत्काल प्रभाव से कार्यवाही करते हुए बस का चालान कर बस को रुद्रपुर रोडवेज बस स्टैंड पर सीज किया गया। वहीं बड़ा सवाल यह है कि क्या ऐसे बस संचालकों के हौसले इतने बुलंद होते जा रहे हैं कि सरेआम नियमों को तोड़ते हुए आम आदमी की जान दांव पर लगा रहे हैं। वहीं उत्तराखंड की तीर्थ नगरी हरिद्वार ऋषिकेश में भी भारी संख्या में बाहरी राज्यों से टूर एंड ट्रेवल की बसें संचालित होती हैं यदि परिवहन विभाग द्वारा हरिद्वार ऋषिकेश आने वाली प्राइवेट बसों के विरुद्ध चेकिंग अभियान चलाया जाए जिसमें आम जनता की सुरक्षा का भी ध्यान रखा जाए और ऐसे मनमानी करने वाले बस संचालकों पर भी कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।
 

अच्छी खबर: उत्तराखंड में लगने वाले हैं चार बड़े रोजगार मेले, 10 हजार बेरोजगार युवाओं को मिलेगी नौकरी

देहरादून (संवाद-सूत्र)। अगर आप भी नौकरी की तलाश में हैं तो तैयार हो जाएं। तकनीकी शिक्षा विभाग की ओर से गढ़वाल और कुमाऊं में रोजगार मेलों का आयोजन किया जाएगा। तकनीकी शिक्षा विभाग की ओर से प्रदेश में चार बड़े रोजगार मेले लगाए जाएंगे। जिसमें से दो गढ़वाल और दो मेले कुमाऊं मंडल में लगाए जाएंगे। इसमें देश की विभिन्न बहुराष्ट्रीय कंपनियां 10 हजार युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराएंगी। तकनीकी शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने यह बात कही। उन्होंने कहा, अगले चार महीने के भीतर यह मेले आयोजित किए जांएगे। तकनीकी शिक्षा मंत्री ने कहा, सरकार का लक्ष्य अधिक से अधिक युवाओं को रोजगार देना है। अब तक 42 हजार युवाओं को रोजगार दिया जा चुका है, जिसमें स्थायी, संविदा और आउटसोर्स कार्मिक शामिल हैं। गढ़वाल मंडल में श्रीनगर और देहरादून एवं कुमाऊं मंडल में काशीपुर और अल्मोड़ा में मेलों का आयोजन होगा। इन मेलों में पॉलीटेक्निक, आईटीआई और राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज के पास आउट व अंतिम वर्ष के छात्र-छात्राओं को अवसर मिलेगा। विद्यालयी शिक्षा के व्यावसायिक कोर्स कर चुके छात्र-छात्राएं भी पात्र होंगे। उच्च शिक्षा ग्रहण कर रहे और ग्रामीण क्षेत्रों के बेरोजगार युवा भी निजी कंपनियों में रोजगार पा सकेंगे। बैठक में विभागीय मंत्री ने तकनीकी शिक्षा विभाग को एक सप्ताह के भीतर मुफ्त ऑनलाइन पंजीकरण प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए। बैठक में बताया गया कि रोजगार मेलों के आयोजन में विद्यालयी शिक्षा विभाग, उच्च शिक्षा विभाग की भागीदारी रहेगी। सेवायोजन एवं कौशल विकास विभाग भी इसमें शामिल होगा।