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धामी सरकार की बड़ी सौगात, मात्र 3 लाख रुपये में मिलेगा आधुनिक फ्लैट

रुद्रपुर/देहरादून (सू.वि.)। धामी सरकार की बड़ी सौगात, मात्र 3 लाख रुपये में मिलेगा आधुनिक फ्लैट, तैयार हुई उत्तराखंड की सबसे बड़ी ईडब्लूएस आवासीय परियोजनाओं में से एक प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के तहत रुद्रपुर के बागवाला में साकार हो रहा 1872 परिवारों का आशियाने का सपना, जल्द लाभार्थियों को सौंपी जाएंगी चाबियां गरीब और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को सम्मानजनक जीवन देने के संकल्प के साथ उत्तराखंड सरकार और भारत सरकार मिलकर एक ऐसी आवासीय परियोजना को अंतिम रूप दे रही हैं, जो हजारों लोगों के जीवन में बड़ा बदलाव लाने वाली है। प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के अंतर्गत रुद्रपुर के ग्राम बागवाला में 1872 ईडब्ल्यूएस (आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग) आवासों का निर्माण कार्य लगभग पूरा हो चुका है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दिशा-निर्देशों के अनुरूप सचिव आवास डॉ. आर. राजेश कुमार की सतत निगरानी में विकसित यह परियोजना राज्य में गरीब परिवारों के लिए सुरक्षित और आधुनिक आवास उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है। जिला स्तरीय विकास प्राधिकरण (उधमसिंह नगर) द्वारा संचालित इस महत्वाकांक्षी योजना का उद्देश्य ऐसे परिवारों को अपना घर उपलब्ध कराना है, जिनके पास अब तक पक्का मकान नहीं है। परियोजना के पूर्ण होने के बाद हजारों लोगों का वर्षों पुराना सपना साकार होने जा रहा है।
गरीब परिवारों के लिए उम्मीद की नई बस्ती
‘अपना घर, अपना स्वाभिमान’ की भावना के साथ तैयार की गई इस परियोजना में कुल 1872 आवासों का निर्माण किया गया है। इनमें से 832 फ्लैट पूरी तरह तैयार हो चुके हैं, जबकि 512 अतिरिक्त फ्लैटों में अंतिम चरण के छोटे-मोटे कार्य तेजी से चल रहे हैं। सरकार की योजना शीघ्र ही परियोजना का लोकार्पण कर लाभार्थियों को उनके नए घरों की चाबियां सौंपने की है। सबसे बड़ी बात यह है कि छह लाख रुपये लागत वाले इन आधुनिक फ्लैटों के लिए लाभार्थी को मात्र तीन लाख रुपये ही देने होंगे। शेष राशि भारत सरकार और उत्तराखंड सरकार द्वारा डेढ़-डेढ़ लाख रुपये की सब्सिडी के रूप में वहन की जाएगी। इससे सीमित आय वाले परिवारों को भी सम्मानजनक आवास प्राप्त करने का अवसर मिलेगा।
आधुनिक सुविधाओं से लैस आवासीय परिसर
करीब 6.0281 हेक्टेयर भूमि पर विकसित इस आवासीय परियोजना का निर्माण क्षेत्रफल लगभग 39,220 वर्ग मीटर है। योजना में कुल 23 बहुमंजिला आवासीय ब्लॉक बनाए गए हैं, जिनमें आधुनिक शहरी सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा गया है। प्रत्येक फ्लैट में एक बेडरूम, ड्राइंग रूम, किचन, टॉयलेट, बाथरूम और बरामदा उपलब्ध कराया गया है। लगभग 28 वर्ग मीटर क्षेत्रफल वाले इन आवासों को इस प्रकार डिजाइन किया गया है कि छोटे परिवारों को पर्याप्त सुविधा और बेहतर जीवन स्तर मिल सके। परियोजना की विशेषता यह है कि सभी भवन भूकंपरोधी तकनीक से निर्मित किए गए हैं। इसके साथ ही चैड़ी सड़कों, पर्याप्त पार्किंग, पेयजल, विद्युत आपूर्ति और स्वच्छ वातावरण की व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई है।
पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास पर विशेष जोर
बागवाला आवासीय परियोजना को केवल मकानों का समूह नहीं, बल्कि एक आधुनिक और टिकाऊ आवासीय परिसर के रूप में विकसित किया गया है। परिसर में वर्षा जल संचयन (रेन वाटर हार्वेस्टिंग), सीवरेज सिस्टम और अत्याधुनिक एसटीपी (सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट) की व्यवस्था की गई है।परियोजना में हरे-भरे पार्क, बच्चों के लिए सुरक्षित खेल क्षेत्र और सौंदर्यीकरण के व्यापक कार्य भी पूरे किए जा चुके हैं। हॉर्टिकल्चर का कार्य पूर्ण होने से परिसर का वातावरण आकर्षक और पर्यावरण अनुकूल बन गया है।
बेहतर कनेक्टिविटी से बढ़ेगी सुविधा
आवासीय परिसर का स्थान भी इसकी सबसे बड़ी विशेषताओं में शामिल है। बागवाला स्थित यह परियोजना मुख्य बाजार और प्रमुख मार्ग से लगभग तीन किलोमीटर की दूरी पर है। बस स्टेशन छह किलोमीटर और रेलवे स्टेशन आठ किलोमीटर दूर स्थित है। बेहतर सड़क संपर्क और शहर के प्रमुख क्षेत्रों से नजदीकी के कारण यहां रहने वाले परिवारों को शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और अन्य आवश्यक सुविधाओं तक आसानी से पहुंच मिल सकेगी।
पारदर्शी होगी आवंटन प्रक्रिया
सरकार ने आवास आवंटन प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बनाने का निर्णय लिया है। पात्र लाभार्थियों का चयन कंप्यूटर आधारित रैंडमाइजेशन लॉटरी प्रणाली के माध्यम से किया जाएगा। आवेदन के लिए आवेदक का प्रधानमंत्री आवास योजना के एमआईएस पोर्टल पर पंजीकृत होना आवश्यक है। साथ ही आवेदक को 17 जून 2015 से पूर्व का उत्तराखंड निवासी होना चाहिए तथा उसकी वार्षिक आय तीन लाख रुपये या उससे कम होनी चाहिए। आवेदक या उसके परिवार के किसी सदस्य के नाम देश में कहीं भी पक्का मकान नहीं होना चाहिए। मात्र पांच हजार रुपये जमा कर आवेदन प्रक्रिया शुरू की जा सकती है। शेष राशि के भुगतान के लिए बैंकों के माध्यम से ऋण सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी।
सुरक्षा और गुणवत्ता के मानकों पर खरा परिसर
परियोजना में सुरक्षा और गुणवत्ता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। परिसर में आरसीसी बाउंड्री वॉल और मुख्य प्रवेश द्वार का निर्माण पूरा हो चुका है। सभी ब्लॉकों में विद्युत कार्य पूर्ण कर लिए गए हैं तथा यूपीसीएल द्वारा इलेक्ट्रिकल सेफ्टी जांच भी पूरी की जा चुकी है। इसके अलावा फायर डिपार्टमेंट द्वारा फायर फाइटिंग सिस्टम का सफल परीक्षण किया जा चुका है। जलापूर्ति व्यवस्था के लिए अंडरग्राउंड टैंक और ओवरहेड टैंक स्थापित किए गए हैं, जबकि एसटीपी भी परीक्षण चरण में पहुंच चुका है।
धामी सरकार की समावेशी विकास सोच का उदाहरण
प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत विकसित बागवाला परियोजना उत्तराखंड में समावेशी विकास और सामाजिक सुरक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार लगातार ऐसी योजनाओं को गति दे रही है, जिनका सीधा लाभ आम नागरिकों और विशेष रूप से आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को मिल रहा है। सचिव आवास डॉ. आर. राजेश कुमार की निगरानी में तेजी से आगे बढ़ी यह परियोजना अब अपने अंतिम चरण में है। आने वाले दिनों में जब हजारों परिवार अपने नए घरों में प्रवेश करेंगे, तब यह केवल मकानों का हस्तांतरण नहीं होगा, बल्कि आत्मसम्मान, सुरक्षा और बेहतर भविष्य की एक नई शुरुआत होगी। बागवाला की यह आवासीय बस्ती उत्तराखंड में गरीब परिवारों के जीवन स्तर को बदलने वाली एक नई पहचान बनने जा रही है।
सचिव आवास डॉ. आर. राजेश कुमार का बयान 
सचिव आवास एवं आवास आयुक्त डॉ. आर. राजेश कुमार ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के अंतर्गत रुद्रपुर के बागवाला में विकसित की गई यह परियोजना आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने वाली है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के मार्गदर्शन में राज्य सरकार प्रत्येक पात्र परिवार को सम्मानजनक आवास उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। परियोजना में गुणवत्ता, सुरक्षा और आधुनिक सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा गया है। सभी कार्य निर्धारित मानकों के अनुरूप पूरे किए गए हैं। शीघ्र ही पात्र लाभार्थियों को आवासों का आवंटन कर चाबियां सौंपी जाएंगी, जिससे हजारों परिवारों का अपने घर का सपना साकार होगा।
 

उत्तराखंड जनपद देहरादून में 07 प्रभारी निरीक्षक के हुए ट्रांसफर  निरीक्षक यशपाल सिंह को ऋषिकेश कोतवाली प्रभारी की मिली बड़ी जिम्मेदारी 

(राजेश पसरीचा)
देहरादून।
उत्तराखंड जनपद देहरादून वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रमेन्द्र डोभाल द्वारा जनपद के 07 प्रभारी निरीक्षक के ट्रांसफर किए गए हैं जिसकी सूची जारी करते हुए ट्रांसफर हुए प्रभारी निरीक्षक को पदभार ग्रहण करने के आदेश दिए गए हैं। ट्रांसफर किए गए निरीक्षकों में यशपाल सिंह को रिजर्व पुलिस लाईन से ऋषिकेश कोतवाली प्रभारी निरीक्षक की जिम्मेदारी सौंपी गई है वहीं निरीक्षक कैलाश चंद भट्ट को ऋषिकेश कोतवाली से  प्रभारी निरीक्षक कोतवाली नगर की जिम्मेदारी दी गई है। निरीक्षक हरि राज चौहान को  कोतवाली नगर से प्रभारी चुनाव सैल पुलिस कार्यालय की जिम्मेदारी दी गई है। निरीक्षक राकेश गुसाई को रिजर्व पुलिस लाईन से प्रभारी निरीक्षक कोतवाली डोईवाला भेजा गया है निरीक्षक कमल कुमार लुण्टी कोतवाली डोईवाला से कोतवाली रायवाला प्रभारी बनाया गया है । निरीक्षक संतोष कुमार कुंवर को प्रभारी निरीक्षक कोतवाली डालनवाला से शाखा प्रभारी शिकायत प्रकोष्ठ पुलिस कार्यालय भेजा गया। निरीक्षक नरेन्द्र सिंह गहलावत को शाखा प्रभारी शिकायत प्रकोष्ठ पुलिस कार्यालय से प्रभारी निरीक्षक डालनवाला की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
 

उत्तराखंड पुलिस के लिए गौरव के पल अपर पुलिस महानिदेशक श्री ए.पी अंशुमान ने बढ़ाया उत्तराखंड पुलिस का गौरव  -पासपोर्ट सत्यापन में उत्कृष्ट प्रदर्शन पर भारत सरकार विदेश मंत्री द्वारा राष्ट्रीय सम्मान से नवाजे गए अपर पुलिस महानिदेशक प्रशासन ए.पी अंशुमान

(राजेश पसरीचा)
देहरादून।
उत्तराखंड पुलिस ने बड़ी उपलब्धि हासिल की है उत्तराखंड पुलिस मुख्यालय द्वारा प्राप्त जानकारी के अनुसार उत्तराखंड पुलिस महानिदेशक प्रशासन ए. पी अंशुमान द्वारा पासपोर्ट सत्यापन में उत्कृष्ट प्रदर्शन पर भारत सरकार विदेश मंत्री के कर कमलों द्वारा राष्ट्रीय सम्मान से नवाजा गया है राष्ट्रीय सम्मान प्राप्त होने पर उत्तराखंड पुलिस में अलग ही उत्साह देखने को मिला है। जिसमें उत्तराखंड मुख्यमंत्री पुष्कर धामी के साथ ही पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ एवं समस्त पुलिस अधिकारियों द्वारा राष्ट्रीय सम्मान प्राप्त करते हुए उत्तराखंड पुलिस का गौरव बढ़ाने पर अपर पुलिस महानिदेशक प्रशासन ए पी अंशुमान को बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए उज्जवल भविष्य की कामना की गई। उत्तराखंड पुलिस मुख्यालय द्वारा प्राप्त जानकारी के अनुसार उत्तराखंड पुलिस को वित्तीय वर्ष 2025.26 के दौरान पासपोर्ट आवेदनों के सत्यापन में उत्कृष्ट एवं प्रभावी कार्य निष्पादन के लिए भारत सरकार द्वारा पदेजपजनजपवदंस चमतवितउंदबम ंूंतक वित ेजंजम चवसपबम से सम्मानित किया गया है ।यह प्रतिष्ठित सम्मान जो कि देश भर में पासपोर्ट आवेदनों के पुलिस सत्यापन संबंधी प्रदर्शन के आधार पर प्रदान किया गया है । नई दिल्ली स्थित विदेश मंत्रालय के जवाहरलाल नेहरू भवन में शुक्रवार को आयोजित समझ में माननीय विदेश मंत्री डॉ एस जयशंकर द्वारा उत्तराखंड पुलिस की ओर से आप अंशुमन अपर पुलिस महानिदेशक प्रशासन को यह सम्मान प्रदान किया गया। वहीं उत्तराखंड पुलिस महानिदेशक श्री दीपम सेठ द्वारा बताया गया कि यह सम्मान उत्तराखंड पुलिस द्वारा पासपोर्ट सत्यापन प्रक्रिया को समयबद्ध पारदर्शी एवं नागरिक केंद्रित बनाने हेतु किए गए सतत प्रयासों का परिणाम है जिसमें पुलिस मुख्यालय द्वारा राज्य के सभी  में पासपोर्ट सत्यापन कार्यों की नियमित समीक्षा ,तकनीकी संसाधनों के प्रभावी उपयोग तथा निर्धारित समय सीमा के भीतर गुणवत्ता पूर्वक सत्यापन सुनिश्चित करने पर बल दिया गया ।जिसके फलस्वरुप उत्तराखंड पुलिस ने राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। वहीं उत्तराखंड पुलिस की इस बड़ी उपलब्धि हासिल करने पर प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर धामी द्वारा उत्तराखंड पुलिस को बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण, पारदर्शी एवं समयबद्ध सेवाएं उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है यह उपलब्धि उसी दिशा में किए जा रहे प्रयासों की सफलता का प्रतीक है। वहीं मुख्यमंत्री पुष्कर धामी ने आशा व्यक्त करते हुए कहा कि भविष्य में भी उत्तराखंड पुलिस नागरिक सेवाओं के क्षेत्र में इसी प्रकार उत्कृष्ट प्रदर्शन कर राज्य का गौरव बढ़ती रहेगी । इस अवसर पर उत्तराखंड पुलिस के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों एवं समस्त उत्तराखंड पुलिस द्वारा अपर पुलिस महानिदेशक प्रशासन ए.पी अंशुमान जी को बधाई एवं शुभकामनाएं दी गई।
 

बीसी खंडूड़ी को अंतिम विदाई, पंचतत्व में विलीन, सीएम धामी, उपराष्ट्रपति सहित राजनेताओं ने जताया शोक

देहरादून। उत्तराखंड के पूर्व सीएम मेजर जनरल बीसी खंडूड़ी पंचतत्व में विलीन हो गए। वह 49 दिनों से अस्पताल में भर्ती थे। मंगलवार सुबह उनका निधन हो गया। उनके निधन की खबर से प्रदेश में शोक की लहर दौड़ गई। उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने उनके निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया। देहरादून उनके आवास पर पहुंचकर उपराष्ट्रपति ने श्रद्धांजलि दी। मेजर जनरल भुवन चंद्र खंडूड़ी को नम आंखों से अंतिम विदाई दी गई। सीएम धामी, केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर सहित तमाम बड़े राजनेता खंडूड़ी को अंतिम विदाई देने हरिद्वार पहुंचे। खंडूड़ी की अंतिम यात्रा में जनसैलाब उमड़ा। खड़खड़ी श्मशान घाट में राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। सेना एवं पुलिस के जवानों ने गार्ड ऑफ ऑनर देकर अंतिम सलामी दी। पूर्व मुख्यमंत्री भुवन चंद खंडूड़ी को श्रद्धांजिल देने उनके आवास पर पहुंचे सीएम धामी, उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने पूर्व सीएम मेजर जनरल बीसी खंडूड़ी (सेनि.) के निधन पर गहरा शोक प्रकट किया। उन्होंने कहा कि देश के विकास में उनका योगदान मील के पत्थर के रूप में बना रहेगा। उनके निधन से देश एक विशिष्ट सैनिक, सक्षम प्रशासक और असाधारण सत्यनिष्ठ वाले राजनेता को खो दिया है। केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह, नितिन गडकरी समेत कई नेताओं के हरिद्वार खड़खड़ी पहुंचने की सूचना है। उपराष्ट्रपति आज सुबह खंडूड़ी को श्रद्धांजलि देने उनके बसंत विहार स्थित घर पहुंचे। यहां उन्होंने उनके पार्थिव शरीर को श्रद्धांजलि दी। बीती 17 जनवरी को देहरादून आए उप राष्ट्रपति ने आवास पहुंचकर खंडूड़ी से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना था। इस दौरान उन्होंने लोकसभा में पूर्व सहकर्मी के रूप में अपने संबंधों को याद किया था। पूर्व मुख्यमंत्री मेजर जनरल भुवन चंद्र खंडूड़ी (सेनि.) की हल्का दिल का दौरा पड़ने से मृत्यु हो गई। वह 49 दिनों से अस्पताल में भर्ती थे। मंगलवार सुबह 11.10 बजे उन्होंने 91 वर्ष की आयु में अंतिम सांस ली। अस्पताल प्रबंधन की ओर से मिली जानकारी के मुताबिक मेजर जनरल बीसी खंडूड़ी (सेनि.) को एक अप्रैल को निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। चिकित्सकों की जांच में उनकी आंतों में रक्तस्राव होने की बात सामने आई थी। चिकित्सकों की निगरानी में उनका उपचार चल रहा था। मंगलवार सुबह करीब 11.10 मिनट पर उन्हें हल्का कार्डियक अरेस्ट आया और उनकी मृत्यु हो गई। खंडूरी लंबे समय से अस्वस्थ चल रहे थे। उन्हें बार-बार अस्पताल आना पड़ रहा था। सही होने के बाद उनको घर भेज दिया जाता था लेकिन अप्रैल में भर्ती होने के बाद उनकी हालत में कोई सुधार नहीं आया। 49 दिनों से वह विशेषज्ञ चिकित्सकों की निगरानी में थे। उनकी मृत्यु से पूरे प्रदेश में शोक है। प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री मेजर जनरल बीसी खंडूड़ी के निधन पर राज्य में तीन दिन का राजकीय शोक घोषित किया गया है। जिसे देखते हुए प्रदेश के शासकीय, अशासकीय और निजी स्कूल एवं कार्यालय आज बंद रहेंगे। माध्यमिक शिक्षा निदेशक डॉ. मुकुल कुमार सती ने इस संबंध में आदेश जारी किया है। वही पूर्व मुख्यमंत्री बीसी खंडूड़ी के निधन पर विनोद वार्ता समाचार पत्र के सम्पादक विनोद कुमार एवं  परिवार ने दुःख प्रकट करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की है। 

देहरादून: अस्पताल के एसी में शॉर्ट सर्किट से लगी आग, आईसीयू में भर्ती बुजुर्ग महिला की मौत, दो की हालत गंभीर

देहरादून (संवाद-सूत्र)। देहरादून हरिद्वार रोड स्थित पेनेसीया अस्पताल में आग लग गई। आनन फानन मरीजों को दूसरे अस्पताल में शिफ्ट कराया जा रहा है। लेकिन इस दौरान  आईसीयू में भर्ती एक महिला की मौत हो गई। देहरादून हरिद्वार रोड स्थित पैनेसिया हॉस्पिटल में बुधवार को अचानक आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। हादसे में एक बुजुर्ग महिला बीरावती की मौत हो गई है। जबकि दो की हालत गंभीर है। जानकारी के मुताबिक अस्पताल में आग एसी में शॉर्ट सर्किट होने के कारण लगी, जिसके बाद पूरे परिसर में धुआं फैल गया और मरीजों व स्टाफ के बीच हड़कंप मच गया। घटना के समय अस्पताल के आईसीयू में छह मरीज भर्ती थे। धुआं फैलते ही अस्पताल स्टाफ, राहत टीमों और स्थानीय प्रशासन ने तत्परता दिखाते हुए सभी मरीजों को सुरक्षित बाहर निकालकर अन्य अस्पतालों में शिफ्ट कराया। आग और धुएं की चपेट में आने से अस्पताल के कुछ कर्मचारी भी घायल हुए, जिन्हें भी उपचार के लिए दूसरे अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड, पुलिस और प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंचीं और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। मौके पर पहुंचे एसएसपी प्रमोद डोबाल ने भी घटनास्थल का निरीक्षण कर राहत एवं बचाव कार्य का जायजा लिया।आईसीयू में लगे एसी में ब्लास्ट होने के कारण आग लगी, जिसके बाद वहां धुआं और गैस फैल गई। पुलिस कर्मियों ने जान की परवाह किए बिना आईसीयू में भर्ती मरीजों को बाहर निकाला। बचाव अभियान के दौरान धुएं और गैस के कारण कुछ मरीजों और पुलिसकर्मियों को ऑक्सीजन की कमी होने लगी, जिन्हें उपचार के लिए नजदीकी कैलाश अस्पताल में भर्ती कराया गया। घटना के दौरान आईसीयू में पहले से वेंटिलेटर पर भर्ती एक बुजुर्ग महिला की मौत हो गई। वहीं इस हादसे में दस लोग घायल हुए हैं। राहत और बचाव कार्य में लगे तीन पुलिस कर्मियों की तबीयत भी बिगड़ गई, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। घटना की सूचना मिलते ही एसएसपी देहरादून और एसपी सिटी मौके पर पहुंचे और अधिकारियों से जानकारी लेकर आवश्यक निर्देश दिए। बाद में एसएसपी ने कैलाश अस्पताल पहुंचकर भर्ती पुलिसकर्मियों और मरीजों का हाल जाना तथा डॉक्टरों से उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली। एसएसपी प्रमोद डोबाल ने बताया कि फिलहाल आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया है। सभी मरीजों और घायल कर्मचारियों को अन्य अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है।

गुमनाम रहकर दर्ज करा सकते हैं ऑनलाइन उत्पीड़न की शिकायत, साइबर क्राइम पोर्टल पर खुला विकल्प

देहरादून। बढ़ते मामलों के बाद साइबर क्राइम पोर्टल पर एनोनिमसली शिकायत दर्ज कराने का विकल्प  खुला है। बहुत से लोग पहचान उजागर होने के डर डिजिटल दौर में ऑनलाइन उत्पीड़न और साइबर अपराध के मामलों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। कई बार पीड़ित अपनी पहचान उजागर होने के डर या शर्म से शिकायत दर्ज नहीं करा पाते। ऐसे लोगों के लिए भारत सरकार के राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल साइबर क्राइम डॉट जीओवी डॉट इन पर गुमनाम शिकायत दर्ज कराने की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। पोर्टल पर विशेष रूप से महिलाओं और बच्चों से जुड़े साइबर अपराधों की शिकायत बिना पहचान बताए दर्ज की जा सकती है। इसके लिए पीड़ित को सबसे पहले वेबसाइट पर जाकर वुमेनध्चिल्ड्रन रिलेटेड क्राइम सेक्शन खोलना होगा। इसके बाद रजिस्टर एनोनिमसली विकल्प चुनकर शिकायत प्रक्रिया शुरू की जा सकती है। शिकायत दर्ज करते समय घटना का प्रकार, तारीख, समय और संबंधित प्लेटफॉर्म की जानकारी भरनी होती है। साथ ही राज्य और जिला चयन करने के बाद आरोपी की आईडी, प्रोफाइल लिंक या यूआरएल जैसी जानकारी भी अपलोड की जा सकती है। पीड़ित स्क्रीनशॉट, चैट रिकॉर्ड या अन्य डिजिटल साक्ष्य भी पोर्टल पर अपलोड कर सकते हैं। सभी विवरण सत्यापित करने के बाद कन्फर्म और सबमिट पर क्लिक करते ही शिकायत दर्ज हो जाती है। विशेषज्ञों का कहना है कि मजबूत डिजिटल साक्ष्य शिकायत की जांच और कार्रवाई में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसलिए किसी भी प्रकार की ऑनलाइन धमकी, अश्लील संदेश, फर्जी प्रोफाइल, ब्लैकमेलिंग या सोशल मीडिया उत्पीड़न के मामलों में स्क्रीनशॉट और अन्य रिकॉर्ड सुरक्षित रखना जरूरी है। लोग कई बार पहचान उजागर होने की डर से शिकायत करने में कतराते हैं। इसलिए साइबर क्राइम पोर्टल पर ऐसी व्यवस्था है कि आप अपनी पहचान उजागर किए बिना शिकायत दर्ज करा सकते हैं। लोगों को साइबर अपराधों के प्रति जागरूक होने की आवश्यकता है। साइबर ठगी या ऑनलाइन फ्रॉड का शिकार होने पर तुरंत हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करें या राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं। इसके साथ ही लोगों को डिजिटल सुरक्षा के प्रति जागरूक रहने और सुरक्षित ऑनलाइन व्यवहार अपनाने की आवश्यकता है। - अजय सिंह, एसएसपी एसटीएफ फेक लोग एप्स से रहें सावधान, साइबर पुलिस ने जारी की एडवायजरी साइबर पुलिस ने लोगों को फेक लोन ऐप्स के बढ़ते खतरे को लेकर सतर्क रहने की अपील की है। पुलिस के अनुसार हाल के दिनों में ऐसे कई मामले सामने आए हैं, जिनमें साइबर ठग आसान और तुरंत लोन दिलाने का झांसा देकर लोगों को ब्लैकमेल कर रहे हैं। एसएसपी एसटीएफ अजय सिंह ने बताया कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर आसान लोन के आकर्षक विज्ञापन दिखाकर लोगों को फर्जी ऐप डाउनलोड करने के लिए प्रेरित किया जाता है। जैसे ही व्यक्ति लिंक पर क्लिक कर ऐप इंस्टॉल करता है, ऐप उसके मोबाइल के कॉन्टैक्ट्स, गैलरी और अन्य निजी डाटा का एक्सेस ले लेता है। इसके बाद ठग पीड़ित की तस्वीरों को एडिट कर आपत्तिजनक फोटो तैयार कर लेते हैं और उन्हें रिश्तेदारों व परिचितों को भेजने की धमकी देकर पैसे वसूलने लगते हैं। कई लोग बदनामी के डर से ठगों के दबाव में आकर रकम भी ट्रांसफर कर देते हैं। लोगों को सलाह दी है कि किसी भी अनजान या बिना सत्यापन वाले लोन ऐप को डाउनलोड न करें। सोशल मीडिया पर दिखने वाले लुभावने विज्ञापनों और संदिग्ध लिंक्स पर क्लिक करने से बचें। किसी भी ऐप को डाउनलोड करने से पहले उसकी विश्वसनीयता और रिव्यू जरूर जांचें।

विशेष आग्रह

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