सत्यमेव जयते

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जरूरी खबरः उत्तराखंड आ रहे हैं तो गाड़ी के कागज रखें दुरुस्त, वरना सीमा में घुसते ही खुद कट जाएगा चालान

देहरादून (संवाद सूत्र)। परिवहन विभाग कल से ई-डिटेक्शन प्रणाली लागू करने जा रहा है। इसे परिवहन मंत्रालय के वाहन पोर्टल से रियल टाइम कनेक्ट किया जाएगा। ऐसे में वाहनों पर हर समय निगरानी रखी जा सकेगी। अगर आप देवभूमि उत्तराखंड की यात्रा पर आ रहे हैं या स्थानीय स्तर पर वाहन चला रहे हैं तो कागजात दुरुस्त करा लीजिए। परिवहन विभाग 19 जनवरी से ई-डिटेक्शन प्रणाली लागू करने जा रहा है। इसके माध्यम से बिना बीमा, परमिट, प्रदूषण या फिटनेस उत्तराखंड की सीमा में घुसने वाले वाहनों का स्वतः चालान हो जाएगा। सात टोल प्लाजा से वाहनों की ई-निगरानी और ई-चालान की व्यवस्था की जाएगी। उप परिवहन आयुक्त शैलेश कुमार तिवारी ने बताया कि ई-डिटेक्शन प्रणाली के तहत वाहनों के नंबर को परिवहन मंत्रालय के वाहन पोर्टल से रियल टाइम कनेक्ट किया जाएगा। इससे वाहनों की ई-निगरानी और ई-चालान किया जा सकेगा। इसमें वाहनों के परमिट, बीमा प्रमाणपत्र, प्रदूषण प्रमाणपत्र, फिटनेस सर्टिफिकेट और रोड टैक्स आदि की जांच होगी। डाटाबेस में कोई भी दस्तावेज एक्सपायर या अवैध होने पर सिस्टम उसे डिफॉल्टर के रूप में चिह्नित कर देगा। 15 वर्ष या इससे अधिक पुराने वाहनों की भी पहचान की जा सकेगी। उल्लंघन होने पर ई-चालान कटेगा और वाहन मालिक के मोबाइल नंबर पर एसएमएस मिल जाएगा। इसका भुगतान ऑनलाइन किया जा सकेगा। उत्तराखंड में प्रथम चरण में परमिट, बीमा, फिटनेस की जांच कर अधूरा होने पर ई-चालान किया जाएगा। इन टोल प्लाजा पर होगी वाहनों की ई-निगरानीबहादराबाद टोल प्लाजा, हरिद्वार, भगवानपुर टोल प्लाजा, हरिद्वार, लच्छीवाला टोल प्लाजा, देहरादू जगतापुर पट्टी टोल प्लाजा, ऊधमसिंह नगर, बनुषी टोल प्लाजा, ऊधमसिंह नगर,  नगला टोल प्लाजा, ऊधमसिंह नगर देवरिया टोल प्लाजा, ऊधमसिंह नगर, ट्रायल में 1569 ऐसे वाहन पहचाने गए जिनके परमिट और फिटनेस समाप्त हो गयी थी। उप परिवहन आयुक्त शैलेश तिवारी ने बताया कि शनिवार को मैनुअली परीक्षण करते हुए इसकी शुरुआत की गई। इस दौरान एक दिन में सभी सात टोल प्लाजा से 49060 वाहनों की सूची ई-डिटेक्शन प्रणाली को प्राप्त हुई थी। इनमें से 1569 ऐसे वाहन पहचाने गए, जिनके परमिट और फिटनेस समाप्त थे। इसका ट्रायल सफलतापूर्वक पूरा किया गया है।

उत्तराखंड में नौकरशाही में बड़ा फेरबदलः -कई आईएएस एवं पीसीएस अधिकारियों के विभाग बदले, आठ नए सचिवों को भी जिम्मेदारी

देहरादून (संवाद-सूत्र)। प्राप्त जानकारी के अनुसार, विभिन्न आईएएस और पीसीएस अधिकारियों को उनके वर्तमान पदों से हटाकर नए विभागों में स्थानांतरित किया गया है। इन तबादलों के पीछे मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि राज्य के विकास कार्यों में तेजी लाई जा सके और विभिन्न सरकारी योजनाओं का क्रियान्वयन अधिक प्रभावी ढंग से हो।  धामी सरकार ने शनिवार को अफसरशाही में बड़ा बदलाव किया है। 19 आईएएस और 11 पीसीएस अफसरों के तबादले किए गए हैं। इसके तहत आवास, स्वास्थ्य, पेयजल, सहकारिता, आयुष, नियोजन जैसे अहम विभागों के सचिव बदले गए हैं। वहीं, हाल ही में पदोन्नत होकर सचिव बनने वाले अफसरों को भी जिम्मेदारी दी गई है। प्रमुख सचिव आर मीनाक्षी सुंदरम का बोझ हल्का करते हुए सरकार ने उनसे आवास, मुख्य प्रशासक आवास एवं नगर विकास प्राधिकरण की जिम्मेदारी हटा दी है। उन्हें कोई नया विभाग नहीं सौंपा गया। सचिव मुख्यमंत्री शैलेश बगौली से पेयजल हटाकर रणवीर चौहान को दिया गया है। सचिव रणवीर सिंह चौहान से राज्य संपत्ति व आयुक्त खाद्य की जिम्मेदारी हटाई गई है। सचिव सचिन कुर्वे को अब नागरिक उड्डयन के साथ ही चिकित्सा स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा, आयुक्त स्वास्थ्य, प्रोजेक्ट डायरेक्टर हेल्थ सिस्टम की जिम्मेदारी सौंपी गई है। सचिव वित्त दिलीप जावलकर से सरकार ने निदेशक ऑडिट की जिम्मेदारी हटा दी है। बाकी विभाग यथावत रखे गए हैं। सचिव पशुपालन डॉ. बीवीआरसी पुरुषोत्तम से सहकारिता हटाकर हाल ही में सचिव बने डॉ. अहमद इकबाल को सौंप दिया गया है। सचिव डॉ. आर राजेश कुमार से स्वास्थ्य महकमा ले लिया गया है। उन्हें अब आवास, राज्य संपत्ति विभाग, आयुक्त आवास, मुख्य प्रशासक उत्तराखंड आवास एवं नगर विकास प्राधिकरण की जिम्मेदारी सौंपी गई है। सचिव सैनिक कल्याण दीपेंद्र चौधरी से सचिवालय प्रशासन और आयुष व आयुष शिक्षा विभाग हटा दिया गया है। सचिव विनोद कुमार सुमन से सामान्य प्रशासन, उत्तराखंड डिजास्टर प्रिपेयर्डनेस एंड रेजिलिएंस प्रोजेक्ट की जिम्मेदारी हटा दी गई है। बाकी विभाग यथावत रहेंगे। डॉ. अहमद इकबाल से बतौर अपर सचिव सभी विभाग हटा दिए गए हैं। सचिव रंजना राजगुरु से अपर सचिव विद्यालयी शिक्षा की जिम्मेदारी हटाते हुए आयुष एवं आयुष शिक्षा विभाग सौंपा गया है। सचिव आनंद स्वरूप से आपदा प्रबंधन समेत सभी विभाग हटाते हुए अब खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले, आयुक्त खाद्य, परियोजना निदेशक उत्तराखंड डिजास्टर प्रिपेयर्डनेस एंड रेजिलिएंस प्रोजेक्ट की जिम्मेदारी दी गई है। सचिव देव कृष्ण तिवारी को अब नियोजन सौंपा गया है। अपर सचिव संबंधी सभी विभाग हटा दिए गए। सचिव उमेश नारायण पांडेय को पुनर्गठन, भाषा विभाग मिला है। सचिव राजेंद्र कुमार को सामान्य प्रशासन विभाग, अपर सचिव आयुष एवं आयुष शिक्षा डॉ. विजय कुमार जोगदंडे को अब निर्वाचन विभाग भी सौंपा गया है। नैनीताल की मुख्य विकास अधिकारी अनामिका को सरकार ने फिलहाल बाध्य प्रतीक्षा में रखा है। आईएएस प्रवीण कुमार की बाध्य प्रतीक्षा खत्म करते हुए अपर निदेशक शहरी विकास और अपर नगर आयुक्त नगर निगम देहरादून की जिम्मेदारी दी गई है। वित्त सेवा से अपर सचिव मनमोहन मैनाली को निदेशक ऑडिट की जिम्मेदारी सौंपी। 11 पीसीएस अफसरों के तबादले, अरविंद पांडे नैनीताल सीडीओ सरकार ने 11 पीसीएस के तबादले भी कर दिए। संभागीय खाद्य नियंत्रक अरविंद पांडे को अब मुख्य विकास अधिकारी नैनीताल बनाया गया है। पीसीएस दिनेश प्रताप सिंह से चीनी मिल डोईवाला की जिम्मेदारी हटाई गई है। बाकी आवास संबंधी विभाग यथावत रहेगा। रुद्रप्रयाग के एसडीएम अनिल कुमार शुक्ला को एसडीएम हरिद्वार बनाया गया है। हरिद्वार में पीसीएस दयानंद से एसडीएम की जिम्मेदारी हटाई गई है। वह अपर मेलाधिकारी बने रहेंगे। पौड़ी की एसडीएम नुपुर को अधिशासी निदेशक डोईवाला चीनी मिल बनाया गया है। देहरादून के सिटी मजिस्ट्रेट प्रत्यूष सिंह से जीएमवीएन हटाकर उन्हें एमडीडीए संयुक्त सचिव की अतिरिक्त जिम्मेदारी सौंपी गई है। एसडीएम चंपावत आकाश जोशी को एसडीएम हरिद्वार के साथ ही उप मेलाधिकारी भी बनाया गया है। एसडीएम नैनीताल राहुल शाह को एसडीएम ऊधमसिंह नगर, एसडीएम टिहरी संदीप कुमार को एसडीएम पौड़ी, एसडीएम पिथौरागढ़ मंजीत सिंह गिल को उप मेलाधिकारी हरिद्वार और एसडीएम बागेश्वर ललित मोहन तिवारी को एसडीएम पिथौरागढ़ की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

रोशनपुर (डलबाबा) में 24.78 लाख की लागत से 9 फीट ऊँची एवं 11कुंटल की अष्टधातु से बनी बुक्सा जनजाति समाज के श्रद्धेय महापुरुष राजा जगतदेव जी की प्रतिमा का लोकार्पण/अनावरण माननीय मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा वर्चुअल माध्यम से किया गया

गदरपुर, (सू0वि0)।  जिला विकास प्राधिकरण, ऊधम सिंह नगर द्वारा विकास खण्ड गदरपुर के अंतर्गत ग्राम पंचायत रोशनपुर (डलबाबा) में 24.78 लाख की लागत से 9 फीट ऊँची एवं 11कुंटल की अष्टधातु से बनी बुक्सा जनजाति समाज के श्रद्धेय महापुरुष राजा जगतदेव जी की प्रतिमा का लोकार्पण/अनावरण माननीय मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा वर्चुअल माध्यम से किया गया। मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राजा जगत देव जी का जीवन त्याग, वीरता, धर्मनिष्ठा और संस्कृति संरक्षण का अमूल्य उदाहरण है। उन्होंने कहा कि यह अवसर केवल एक प्रतिमा के अनावरण का नहीं, बल्कि बुक्सा जनजाति की गौरवशाली परंपरा, संस्कृति और बलिदान की स्मृति को नमन करने का दिवस है। उन्होंने कहा कि राजा जगत देव जी ने कठिन परिस्थितियों में भी धर्म और संस्कृति की रक्षा के लिए अपना सर्वस्व समर्पित किया। यह केवल वीरता की नहीं, बल्कि स्वाभिमान और आस्था की अदम्य शक्ति की प्रतीक गाथा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऊधमसिंहनगर, नैनीताल, कोटद्वार सहित अनेक क्षेत्रों में बसे बुक्सा समाज के लोग अपनी संस्कृति, परंपरा और आत्मसम्मान को जीवंत रखे हुए हैं। राज्य सरकार जनजातीय समुदायों के सांस्कृतिक संरक्षण, इतिहास के दस्तावेजीकरण, शिक्षा, स्वास्थ्य, आवास और रोजगार के लिए पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राजा जगत देव जी की गौरवगाथा को शोध कार्य भी होने चाहिए ताकि आने वाली पीढ़ियाँ उनसे प्रेरणा ले सकें। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने क्षेत्र के विकास से संबंधित तीन घोषणाएँ भी की। घोषणाओं में ग्राम सभा रोशनपुर स्थित श्री डलबाबा मंदिर परिसर में चाहरदीवारी, टीनशेड, फर्श और शौचालय का निर्माण कराया जाएगा। ग्राम बलरामनगर से खेमपुर तक 3 किमी सड़क का पुनर्निर्माण कार्य कराया जाएगा। ग्राम सीतापुर से एएनके इंटर कॉलेज तक 4 किमी सड़क का पुनर्निर्माण कार्य कराया जाएगा। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए माननीय विधायक अरविंद पाण्डे व प्रदेश मंत्री गुँजन सुखीजा ने श्रद्धये राजा जगतदेव जी को नमन करते हुए कहा कि आज आदिवासी बुक्सा जनजातियों के आराध्य पूर्वज राजा जगतदेव जी का 765वें जन्मदिवस के अवसर पर बुक्सा जनजाति समाज के गौरव जिन्होंने समाज को एकता, स्वाभिमान और संघर्ष की प्रेरणा दी। उनकी प्रतिमा की स्थापना की गई जिसका मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी जी के द्वारा लोकार्पण किया गया है जो इस क्षेत्र के लिए एवं हम सभी के लिए गौरव की बात है। कार्यक्रम में जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया ने श्रद्धये राजा जगतदेव को नमन करते हुए जनता को सम्बोधित किया। उन्होंने कहा कि राजा जगतदेव जी की प्रतिमा की स्थापना माननीय मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी जी के निर्देशानुसार व आप सभी जनता व जनप्रतिनिधियों के सहयोग से किया गया है। उन्होंने कहा कि राजा जगतदेव जी के कार्यों से बुक्सा समाज के साथ ही हम सभी को प्रेरणा लेनी चाहिए। इस अवसर पर ग्राम पंचायत रोशनपुर में भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन भी किया गया, जिसमें स्थानीय कलाकारों एवं जनजातीय समाज के लोगों ने अपनी समृद्ध परंपरा और लोक संस्कृति का मनोहारी प्रदर्शन किया। कार्यक्रम स्थल पर उत्साह और उल्लास का माहौल देखने को मिला। लोकार्पण कार्यक्रम में हजारों की संख्या में स्थानीय नागरिक, जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता एवं जनजाति समाज के लोग उपस्थित रहे। सभी ने मुख्यमंत्री द्वारा किए गए इस लोकार्पण को जनजातीय समाज के लिए सम्मान और गौरव का प्रतीक बताया। इस अवसर ब्लॉक प्रमुख ज्योति ग्रोवर, नगर पंचायत अध्यक्ष सतीश चुघ, दर्जामंत्री मंजीत सिंह राजू, सांसद प्रतिनिधि प्रीत ग्रोवर, बिट्टू चैहान, कन्नू जोशी, सुरेश खुराना, प्रधान लक्ष्मी देवी, दिनेश सिंह, रघुवीर संधू, सोमल सिंह, पार्वती देवी, राखी देवी, रवि सिंह, पूजा देवी, कोमल रानी, सहित वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मणिकांत मिश्रा, उपाध्यक्ष विकास प्राधिकरण जय किशन, मुख्य विकास अधिकारी दिवेश शाशनी, अपर जिलाधिकारी पंकज उपाध्याय, उपजिलाधिकारी ऋचा सिंह सहित अनेक जनप्रतिनिधि, अधिकारी व जनता भारी संख्या में मौजूद थी।
 

सीएम धामी ने होमगार्ड्स स्थापना दिवस पर रैतिक परेड का किया निरीक्षण -भोजन भत्ता बढ़ा...महिला होमगार्ड को मातृत्व अवकाश, होमगार्ड स्थापना दिवस पर सीएम धामी ने की घोषणाएं

देहरादून (संवाद-सूत्र)। सीएम धामी ने ननूरखेड़ा देहरादून में होमगार्ड्स स्थापना दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभाग कर रैतिक परेड का निरीक्षण किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने होमगार्ड्स एवं नागरिक सुरक्षा विभाग की स्मारिका 2025 और विभागीय कैलेंडर 2026 का विमोचन किया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को ननूरखेड़ा देहरादून में होमगार्ड्स स्थापना दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभाग कर रैतिक परेड का निरीक्षण किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने होमगार्ड्स एवं नागरिक सुरक्षा विभाग की स्मारिका 2025 और विभागीय कैलेंडर 2026 का विमोचन किया।  मुख्यमंत्री ने सेवा प्रदत्त एवं दिवंगत होमगार्ड के आश्रितों को चेक भी वितरित किए। मुख्यमंत्री ने घोषणा कि की होमगार्ड्स स्वंयसेवकों को वर्दी भत्ता अनुमन्य किया जाएगा। राज्य में अर्न्तजनपदीय ड्यूटीयों में तैनात होने वाले होमगार्डस स्वयंसेवकों को मिलने वाले भोजन भत्ते को  100 रूपये से बढ़ाकर 150 रुपए प्रतिदिन किया जाएगा। नागरिक सुरक्षा संगठन के स्वयंसेवकों को मिलने वाले प्रशिक्षण भत्ते को 50 रुपये से बढ़ाकर 140 रुपये प्रतिदिन किया जाएगा। सीएम ने 63वें होमगार्ड्स एवं नागरिक सुरक्षा स्थापना दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि प्रस्तुत की गई रैतिक परेड अत्यंत गौरवशील है। परेड में राष्ट्रसेवा के प्रति जवानों के समर्पण, साहस और उत्कृष्टता की शानदार झलक देखने को मिली। मुख्यमंत्री ने कहा होमगार्ड जवान कठिन परिस्थितियों में भी धैर्य, समर्पण और अदम्य इच्छाशक्ति के साथ प्रदेश की सुरक्षा व्यवस्था और जनसेवा के दायित्वों को निभाते हैं। उन्होंने कहा राज्य सरकार ने होम गार्ड्स जवानों के कल्याण और संगठन के उत्थान के लिए अनेकों महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। राज्य सरकार ने पहली बार होमगार्ड्स जवानों को 12 आकस्मिक अवकाश प्रदान करने का निर्णय लिया। महिला होमगार्ड्स को प्रसूति अवकाश प्रदान करने की सुविधा भी प्रारंभ की गई है। पुलिस कर्मियों और एनडीआरएफ की भांति 9 हजार फीट से अधिक ऊंचाई पर ड्यूटी करने वाले होमगार्ड्स स्वयंसेवकों को 200 रुपए प्रतिदिन प्रोत्साहन राशि देने का निर्णय भी लिया गया है। एसडीआरएफ के जवानों के साथ प्रशिक्षित हुए होमगार्ड्स के जवानों को 100 रुपये प्रतिदिन प्रोत्साहन राशि भी प्रदान की जा रही है। उन्होंने कहा होमगार्ड्स जवान बरसात, ठंड, गर्मी जैसी हर परिस्थितियों में अपने कर्तव्यों का निर्वहन पूरी निष्ठा और समर्पण से करते हैं। होमगार्ड्स जवान, यातायात प्रबंधन, कानून व्यवस्था बनाए रखने के साथ कुंभ और कांवड़ यात्रा जैसे विशाल धार्मिक आयोजनों को सफलतापूर्वक संपन्न कराने में अपनी भूमिका निभा रहे हैं। चारों धामों के साथ-साथ हरिद्वार में स्थापित होमगार्ड्स हेल्प डेस्क देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को हर संभव मदद उपलब्ध करा रहा है। होमगार्ड्स के जवान प्राकृतिक आपदाओं के समय में भी आवश्यकता पड़ने पर त्वरित रूप से घटनास्थल पर पहुंचकर राहत और बचाव कार्य में पूरी तत्परता और समर्पण के साथ जुट जाते हैं। उन्होंने कहा जवानों के हौंसले और समर्पण को राज्य सरकार उचित सम्मान दे रही है। राज्य सरकार होमगार्ड जवानों के हितों के लिए आगे भी पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ कार्य करते रहेगी।

सिंचाई विभाग द्वारा हरिपुरा जलाशय गूलरभोज में सरकारी भूमि पर अतिक्रमणकारियो को नोटिस देने की कार्रवाई की गई -कुल 60 नोटिस जारी किए गए। जिसमें से चार धार्मिक स्थल भी है

गूलरभोज (सू.वि.)। माननीय मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी एवं जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया के निर्देश के क्रम में सोमवार  को अपर जिलाधिकारी कौस्तुभ मिश्रा के निर्देशन में सिंचाई विभाग द्वारा हरिपुरा जलाशय गूलरभोज में सरकारी भूमि पर अतिक्रमणकारियो को नोटिस देने की कार्रवाई की गई। कुल 60 नोटिस जारी किए गए। जिसमें से चार धार्मिक स्थल भी है। अपर जिलाधिकारी ने कहा कि 15 दिन की नोटिस के उपरांत अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जाएगी। इस कार्रवाई में पुलिस, प्रशासन, सिंचाई विभाग के अधिकारी एवं टीम मौजूद रहे। अपर जिलाधिकारी ने कहा कि हरिपुरा जलाशय के इस स्थान पर प्रथम चरण में 1.13 हेक्टेयर से अतिक्रमण हटाया जा चुका है, द्वितीय चरण में 2.45  हेक्टेयर से अतिक्रमण हटाया जाना है। इस कार्रवाई में उपजिलाधिकारी ऋचा सिंह, सहायक अभियंता सिंचाई, कोतवाल आदि मौजूद थे।
 

सरकार की गन्ना किसानों को बड़ी सौगात, गन्ना मूल्य में 30 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी -किसानों ने मुख्यमंत्री का किया जोरदार स्वागत

देहरादून (संवाद-सूत्र)। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेश के गन्ना किसानों को बड़ी सौगात दी है। सरकार ने गन्ने के मूल्य में 30 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी की है। अब अगैती प्रजाति के गन्ने का मूल्य 405 रुपये प्रति क्विंटल होगा जबकि सामान्य प्रजाति के लिए यह दर 395 रुपये प्रति क्विंटल तय की गई है।एमुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य किसानों के आर्थिक सशक्तीकरण को गति देना और यह सुनिश्चित करना है कि गन्ना किसानों को उनकी उपज का पूर्ण और उचित मूल्य समय पर मिले। इसी उद्देश्य के तहत वर्ष 2024दृ25 की तुलना में इस साल गन्ना मूल्य में उल्लेखनीय बढ़ोतरी की गई है। पिछले पेराई सत्र 2024-25 में अगैती प्रजाति का राज्य परामर्शित मूल्य 375 रुपये प्रति क्विंटल एवं सामान्य प्रजाति का मूल्य 365 रुपये प्रति क्विंटल था। मुख्यमंत्री ने कहा कि मूल्य निर्धारण की संपूर्ण प्रक्रिया में सहकारी, सार्वजनिक एवं निजी क्षेत्र की चीनी मिलों, गन्ना विकास एवं चीनी उद्योग विभाग, किसान संगठनों एवं संबंधित हितधारकों के साथ विस्तृत विमर्श किया गया। इसके साथ ही केेंद्र सरकार ने निर्धारित एफआरपी, उत्तर प्रदेश में प्रभावी गन्ना मूल्य, राज्य की भौगोलिक एवं कृषि परिस्थितियों का समुचित विश्लेषण कर निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री धामी ने कहा, राज्य सरकार प्रत्येक निर्णय में किसान हित को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है। गन्ना किसानों की आय बढ़ाना, उनकी उपज का उचित सम्मान सुनिश्चित करना, उन्हें सुविधाजनक, पारदर्शी और समयबद्ध भुगतान उपलब्ध कराना राज्य सरकार का दायित्व है। उन्होंने संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि क्रय केंद्रों पर किसी तरह की असुविधा न हो और भुगतान बिना देरी के सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि पेराई सत्र 2025-26 के लिए घोषित मूल्य न केवल गन्ना किसानों को राहत देगा, बल्कि राज्य की कृषि अर्थव्यवस्था को भी मजबूती प्रदान करेगा। राज्य में करीब तीन लाख गन्ना किसान हैं। इसमें से एक लाख तीस हजार किसान चीनी मिलों की गन्ने की आपूर्ति करते हैं।

प्रदेश में उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए किए जा रहे हैं कारगर प्रयास- मुख्यमंत्री

ऊधम सिंह नगर (सू.वि.)। मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी को मुख्यमंत्री आवास में सिडकुल इंटरप्रन्योर वेलफेयर सोसाईटी पंतनगर के प्रतिनिधि मंडल ने भेंट की। उन्होंने मुख्यमंत्री को रजत जयंती उत्सव के साथ ही मुख्यमंत्री के कुशल नेतृत्व में राज्य में बेहतर औधोगिक वातावरण के सृजन के लिए उनका आभार जताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में उद्योगों को बढावा देने के लिए उद्योगों के लिए अनुकूल नीतियां बनाई गयी हैं। उन्होंने सोसाईटी के प्रतिनिधियों से प्रदेश में उद्योगों को बढ़ावा देने में सहयोगी बनने की अपेक्षा करते हुए कहा कि, किच्छा खुरपिया पार्क के विकास के साथ ही अमृतसर कोलकता औद्योगिक गलियारा उधमसिंह नगर जनपद को उद्योग के क्षेत्र में नये आयाम स्थापित करने में मददगार होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के आर्थिक एवं समग्र विकास में सभी को सहयोगी बनना होगा। सभी के समेकित प्रयासों से ही हम उत्तरखण्ड उत्तराखण्ड को अग्रणी राज्य बनाने में सफल होंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि किच्छा खुरपिया फार्म में औद्योगिक स्मार्ट सिटी व सेटेलाईट एम्स क्षेत्र के विकास को भी गति मिलेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में उद्योग को बढ़ावा देने एवं उद्यमियों की सुविधा के लिए जिलाधिकारियों एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों को उद्यमियों की सुविधाओं एवं सहयोग करने के स्पष्ट निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि प्रदेश किसी भी स्तर पर किसी का भी उत्पीड़न न होने दिया जाएगा और न ही इसकी किसी को इजाजत दी जाएगी। राज्य सरकार की भ्रष्टाचार के विरुद्ध जीरो टोलरेंस की नीति रही है। राज्य में किसी भी स्तर पर कोई गलत कार्य न हो इसके लिए भी प्रवाही प्रयास किए जा रहे है। राज्य में बेहतर कानून व्यवस्था की निरंतर समीक्षा की जा रही है। उन्होंने कहा कि निवेश के लिए राज्य में बड़े औद्योगिक संस्थानों द्वारा इच्छा जताई जा रही है। अच्छे व बड़े उद्योग राज्य में स्थापित हो इसके लिए हम प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि किच्छा के पास पंतनगर में 700 करोड़ की लागत से अंतरराष्ट्रीय स्तर का एयरपोर्ट बनने से क्षेत्र का स्वर्णिम विकास होगा। इसके लिए लगभग 900 एकड़ भूमि एयरपोर्ट विस्तारीकरण के लिए हस्तगत कर दी गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में उधम सिंह नगर के खुरपिया में एक हजार एकड़ में एक इंडस्ट्रियल स्मार्ट सिटी स्थापित की जा रही है जिससे अरबों का निवेश होगा तथा लाखों लोगों को रोजगार मिलेगा। इससे क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। मुख्यमंत्री ने एक बार फिर सभी से अपील की कि वे किसी भी कार्यक्रम में गुलदस्ता नहीं पुस्तक भेंट करने की परंपरा को आगे बढ़ाएं इससे आम जनमानस में पुस्तकों के प्रति लगाव बढ़ेगा। इस अवसर पर सोसाईटी के अध्यक्ष श्री धर सिन्हा, संरक्षक अजय तिवारी, महामंत्री गौरव हरीश, विनीत शर्मा आदि उपस्थित थे।