सत्यमेव जयते

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ढाई घंटे में दून से दिल्ली-पीएम ने किया 213 किमी लंबे इकोनॉमिक कॉरिडोर का लोकार्पणय तीन राज्यों को सौगात

देहरादून (संवाद-सूत्र)। पीएम मोदी ने आज उत्तराखंड को दून-दिल्ली इकोनॉमिक कॉरिडोर समेत कई जल विद्युत परियोजनाओं व अन्य योजनाओं की सौगात दी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश को दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर की सौगात देते हुए कहा कि ये हाईवे, सड़कें, एक्सप्रेसवे और कॉरिडोर हमारे राष्ट्र की भाग्य रेखाएं हैं, ये भविष्य की सूरत बदल देंगे। ये आने वाली पीढ़ियों की समृद्धि की गारंटी हैं, ये मोदी की भी गारंटी हैं। मंगलवार को पीएम मोदी ने मां डाट काली मंदिर में पूजा अर्चना के बाद देहरादून में 12 किमी का रोड शो किया। इसके बाद गढ़ी कैंट स्थित जसवंत सिंह सेना मैदान में जनसभा को संबोधित करने पहुंचे। सबसे पहले बाब साहेब डॉ.भीमराव आंबेडकर के चित्र पर पुष्प अर्पित किए और फिर बटन दबाकर देश को 213 किमी के 11,963 करोड़ की लागत से तैयार हुए दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर की सौगात दी। लोकार्पण कार्यक्रम में जहां सीएम पुष्कर सिंह धामी पीएम के साथ मंच पर ही मौजूद थे, वहीं गणेशपुर से यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ और दिल्ली से मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता वर्चुअल माध्यम से जुड़े थे। खास है डाट काली मंदिर, पीएम मोदी ने दिल्ली-दून एक्सप्रेसवे के लोकार्पण से पहले लिया मां का अशीर्वाद लिया। पीएम ने कहा कि भविष्य की दशा और दिशा क्या होगी, इसके लिए अक्सर लोग हाथ की रेखाएं दिखाते हैं। मैं इस विज्ञान को तो नहीं जानता लेकिन कहते हैं कि ये भी एक शास्त्र है। अगर इसी संदर्भ को राष्ट्र जीवन से जोड़कर देखूं तो राष्ट्र की भाग्य रेखाएं हमारी सड़कें होती हैं। हमारे हाईवे, एक्सप्रेसवे, रेलवे, वाटरवे ये हमारे राष्ट्र की भाग्य रेखाएं होती हैं। बीते एक दशक से हमारा देश विकसित भारत बनाने के लिए विकास की ऐसी ही भाग्य रेखाओं के निर्माण में जुटा है। ये रेखाएं सिर्फ आज की सुविधा नहीं है। ये आने वाली पीढ़ियों की समृद्धि की गारंटी हैं, ये मोदी की भी गारंटी हैं। पीएम ने कहा कि बीते एक दशक से हमारी सरकार राष्ट्र की विकास रेखाओं पर अभूतपूर्व निवेश कर रही है। 2014 में ऐसे इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए सालभर में पूरे देश में दो लाख करोड़ रुपये भी खर्च नहीं होते थे। आज यह खर्च 12 लाख करोड़ से भी ज्यादा है। उत्तराखंड में ही सवा दो लाख करोड़ से अधिक की परियोजनाओं पर काम जारी है। कभी उत्तराखंड के गांवों में सड़क के इंतजार में पीढि़यां बदल जाती थीं। आज डबल इंजन सरकार के प्रयासों से अब सड़क गांव तक पहुंच रही है। जो गांव पहले वीरान पड़ गए थे वो फिर से जीवंत हो रहे हैं। चारधाम महामार्ग परियोजना, रेल परियोजना का विस्तार, केदारनाथ व हेमकुंड साहिब का रोपवे हो, विकास की ये रेखाएं इस प्रदेश के कोने-कोने में जीवन की भी भाग्य रेखाएं बन रही हैं। पीएम मोदी ने कहा कि 21वीं सदी का भारत आज जिस स्पीड पर काम कर रहा है, उसकी पूरी दुनिया चर्चा कर रही है। मैं आपको उत्तराखंड, पश्चिमी यूपी और दिल्ली का ही उदाहरण देता हूं। कुछ सप्ताह पहले दिल्ली मेट्रो का विस्तार हुआ। मेरठ में मेट्रो सेवा शुरू हुई। दिल्ली-मेरठ नमो भारत रेल देश को समर्पित की गई। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट शुरू हुआ। आज देहरादून-दिल्ली एक्सप्रेस वे शुरू हो रहा है। इतने छोटे से क्षेत्र में इतने कम समय में ये सब हो रहा है। कल्पना कीजिए देश में कितने बड़े पैमाने पर इंफ्रास्ट्रक्चर बन रहा है। इसलिए कहता हूं कि 21वीं सदी का भारत आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर के जिस क्षेत्र में प्रवेश कर रहा है, वह अभूतपूर्व है। उन्होंने दिल्ली-मुंबई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर, बंगलूरू-मुंबई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर, अमृतसर का इंडस्ट्रियल कॉरिडोर बनाए जा रहे हैं। ये प्रगति के नए द्वार हैं, गेटवे हैं, डोर हैं। इनसे उम्मीदों की डोर भी जुड़ी हुई है। पीएम मोदी ने कहा, ये कॉरिडोर नए-नए कारोबार के आधार बनते हैं। नए कॉरिडोर से पूरे क्षेत्र का कायाकल्प होने जा रहा है। पहला फायदा तो ये है कि इससे समय बचेगा। आना-जाना सस्ता और तेज होगा। पेट्रोल-डीजल कम खर्च होगा। किराया भाड़ा कम होगा। दूसरा बड़ा फायदा रोजगार का होगा। अब इसके निर्माण में 12 हजार करोड़ खर्च हुए तो हजारों श्रमिकों को काम मिला। साथ ही इंजीनियर व अन्य क्षेत्रों में भी काम मिला। किसानों, पशुपालकों की अब तेज गति से बड़ी मंडी, बड़े बाजारों तक पहुंच होगी। इससे उत्तराखंड के पर्यटन को बड़ा फायदा होगा। दून, हरिद्वार, ऋषिकेश, मसूरी और चारधाम यात्रा का यह प्रमुख मार्ग बनेगा। आंबेडकर जयंती के मौके को खास बताते हुए पीएम मोदी न कहा कि बाबा साहेब डॉ.भीमराव आंबेडकर भी आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर की वकालत करते थे। कहा, यहां आने से पहले मुझे मां डाट काली के दर्शन का सौभाग्य मिला। देहरादून शहर पर उनकी बड़ी कृपा है। दिल्ली-देहरादून इकोनोमिक कॉरिडोर के इतने बड़े प्रोजेक्ट को पूरा करने में मां डाट काली का आशीर्वाद बहुत बड़ी शक्ति है। ये प्रोजेक्ट उत्तराखंड को नई गति देगा। इससे गाजियाबाद, बागपत, बड़ौत, शामली, सहारनपुर को भी बहुत फायदा होगा।
 

प्रवेश-उत्सव हमारे बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की नींव रखने का प्रतीक है: गणेश उपाध्याय

विनोद वार्ता संवाद-सूत्र
किच्छा।
ग्राम सभा गडरिया बाग के रजपुरा प्राइमरी पाठशाला में डॉ गणेश उपाध्याय पूर्व दर्जा राज्य मंत्री व प्रवक्ता उत्तराखंड कांग्रेस ने प्रवेश-उत्सव पर अभिभावकों और विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि आज हम एक महत्वपूर्ण अवसर पर यहाँ एकत्रित हुए हैं, जो हमारे बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की नींव रखने का प्रतीक है। यह पल न केवल एक शुरुआत है, बल्कि एक नए युग की अभिव्यक्ति है, जो हमारे बच्चों की क्षमताओं और सपनों को आकार देने के लिए हमें प्रेरित करती है। आज आजकल सरकारी स्कूलों में बच्चों को मुक्त शिक्षा, मिड डे मील पुस्तक व कॉपियां, यूनिफॉर्म  एव जूते  सरकारे प्रदान करती हैं तो समाज के हम सब लोगों का दायित्व बनता है सब बच्चों स्कूल जाने के लिए प्रेरित करें। अगर आपका बच्चा अच्छा पढेगा, समाज अच्छा होगा निश्चित तौर पर देश आगे बढ़ेगा। इस अवसर पर प्रधानाचार्य चैधरी नवनीत, सुरेश पंत,भागु, आंगनवाड़ी तारा राय, शांति देवी सहित कई दर्जनो अभिवाहक जन उपस्थित थे।
 

प्रधानमंत्री 14 अप्रैल को आ सकते हैं उत्तराखंड, कई योजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास करेंगे

देहरादून (संवाद-सूत्र)। कुछ राज्यों में चुनावी व्यस्तता के कारण प्रधानमंत्री मोदी का उत्तराखंड आने का पूर्व में प्रस्तावित दौरान टल गया था। अब प्रधानमंत्री 14 अप्रैल को उत्तराखंड आ सकते हैं, हालांकि पीएमओ से प्रस्तावित दौरे का अधिकारिक कार्यक्रम जारी नहीं हुआ है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 14 अप्रैल को उत्तराखंड आ सकते हैं। प्रदेश सरकार प्रस्तावित दौरे की तैयारियों में जुट गई है। प्रधानमंत्री देहरादून में दून-दिल्ली एलिवेटेड एक्सप्रेस-वे समेत कई योजनाओं का लोकार्पण व शिलान्यास करेंगे। प्रधानमंत्री का पहले चार अप्रैल को उत्तराखंड का दौरा प्रस्तावित था लेकिन कुछ राज्यों में चुनावी व्यस्तता के कारण यह टल गया था। अब प्रधानमंत्री 14 अप्रैल को उत्तराखंड आ सकते हैं, हालांकि पीएमओ से प्रस्तावित दौरे का अधिकारिक कार्यक्रम जारी नहीं हुआ है। प्रधानमंत्री देहरादून में दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस-वे के अलावा टिहरी पंप स्टोरेज प्लांट का लोकार्पण करने के साथ ही पंतनगर एयरपोर्ट के विस्तारीकरण की योजना व बनबसा लैंड पोर्ट परियोजना का शिलान्यास करेंगे। शुक्रवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बताया कि प्रधानमंत्री जल्द उत्तराखंड आएंगे, उनके दौरे की तैयारियां चल रही हैं।

उत्तराखण्ड सरकार के चार वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में जन जन की सरकार के 4 साल बेमिसाल का आयोजन किया गया

विनोद वार्ता संवाद-सूत्र
गदरपुर।
उत्तराखण्ड सरकार के चार वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में विकास खण्ड गदरपुर में जन जन की सरकार के 4 साल बेमिसाल का आयोजन सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र के प्रारंण में किया गया। जिसमे प्रदेश मंत्री भाजपा गुजन सुखीजा, प्रमुख क्षेत्र पंचायत श्रीमती ज्योति ग्रोवर, सासद प्रतिनिधि प्रीत ग्रोवर सभासद श्री परमजीत सिंह पम्मा, श्री रमन छाबड़ा, सचिन गुप्त क्षेत्र पंचायत सदस्य बलवीर चंद्र, रविन्द्र सिंह पूर्व प्रधान लखनऊ, उपजिलाधिकारी श्रीमती अमृता शर्मा, तहसीलदार देवेन्द्र सिंह बिष्ट, राजपाल सिंह चैहान सहायक विकास अधिकारी (पंचायत), श्रीमती बीना भंडारी, बाल विकास परियोजना अधिकारी गदरपुर मदन सिह सैनी, लेखाकार आनन्द सिह विष्ट, प्रधान सहायक, सुमित उपाध्याय, कनिष्ठ सहायक, शिखर ओझा, कनिष्ठ अभियंता (पंचायत), शाखावत शाह, बी0एम0एम0, अब्दुल कदीर, एम0एण्ड०ई०, श्रीमती राधा बठला, ब्लॉक कोडिनेटर एनआरएलएम सुश्री लता पाण्डेय ए०बी०पी० फैला, श्री दीपक असगोला, ग्राम पंचायत विकास अधिकारी देवेन्द्र सिंह, ग्राम पंचायत विकास अधिकारी, श्रीमती पार्वती चंद ग्राम पंचायत विकास अधिकारी पूनम पनेरू, ग्राम पंचायत विकास अधिकारी, राजेश कुमार, ग्राम विकास अधिकारी, अजय कुमार, ग्राम विकास अधिकारी, श्रीमती नीरू भारती, ग्राम विकास अधिकारी उपस्थित रहे। प्रदेश मंत्री भाजपा श्री गुंजन सुखीजा एवं श्रीमती ज्योति ग्रोवर प्रमुख क्षेत्र पंचायत गदरपुर द्वारा 03 महालक्ष्मी कीटों का वितरण तथा ग्राम उत्थान परियोजना के तीन लाभार्थियों को तीस तीस हजार रुपये की सब्सीडी के स्वीकृति पत्र सौपें गये। सभी विभागों के खण्ड स्तरीय अधिकारियों द्वारा अपने अपने विभागों में संचालित योजनाओं की सम्पूर्ण जानकारी उपस्थित जनसमूह को दी गयी। कार्यक्रम का संचालन जसवीर सिंह ग्राम पंचायत विकास अधिकारी द्वारा किया गया। 
 

किसानों को बड़ी राहत.-.धान बोने पर रोक का आदेश रद्द -याचिकाकर्ता किसानों ने डीएमके 4 फरवरी 2026 के आदेश को दी थी उय न्यायाल में चुनौती

नैनीताल (संवाद-सूत्र)। उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने ऊधम सिंह नगर के किसानों को बड़ी राहत दी है। अदालत ने उधम सिंह नगर के जिलाधिकारी की ओर से किसानो को ग्रीष्मकालीन धान की बुवाई से रोकने के आदेश को निरस्त कर दिया है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि किसी भी किसान को अपनी पसंद की फसल बोने से रोकने के लिए विधि में स्पष्ट प्रावधान होना आवश्यक है। न्यायमूर्ति पंकज पुरोहित की एकलपीठ ने चरन सिंह एवं अन्य बनाम मुख्य कृषि अधिकारी एवं अन्य सहित कई रिट याचिकाओं पर एक साथ सुनवाई करते हुए यह निर्णय सुनाया। मामले में याचिकाकर्ता किसानों ने डीएम के 4 फरवरी 2026 के उस आदेश को चुनौती दी थी। जिसमें उन्हें जलभराव वाले खेतों को छोड़कर अन्य खेतों में ग्रीष्म धान की बुवाई से रोक दिया गया था। किसानों की ओर से कहा गया  कि ऐसा आदेश बिना किसी विधि आधार के दिया गया। किसानांे को अपनी मनपसंद की फसल उगाने से नहीं रोका जा सकता। किसानों ने बताया कि वे वर्षो ग्रीष्म धान उगा रहे है। जिसकी फसल लगभग दो माह में तैयार हो जाती है। इसमें कीटनाशकों का उपयोग भी बहुत कम मात्रा में होता है। वहीं, राज्य सरकार ने कहा कि किसानों को जलभराव वाले खेतों में ग्रीष्मकालीन धान तथा अन्य खेतों में दूसरी फसलें बोने की अनुमति दी गयी थी। इस पर  कोर्ट ने कहा कि राज्य सरकार का निर्णय कानून के अनुरुप होना चाहिए। जब तक किसी भी फसल खेती पर रोक लगाने के लिए को वैधानिक प्रावधान नहीं है तक तक प्रशासन किसानों को उसकी पसंद की फसल बोने से रोक नहीं सकता। कोर्ट ने कहा ग्रीष्मकालीन धान की खेती पर प्रतिबंध लगाने के लिए कोई विधिक व्यवस्था नहीं है इसलिए जिलाधिकारी का आदेश मान्य नहीं है। कोर्ट ने 4 फरवरी 2026 के डीएम आदेश को निरस्त करते हुए किसानों को यह स्वतंत्रता दी कि वे अपने खेतों में, चाहे भूमि जलभराव वाली हो या नही, अपनी पसंद के अनुसार ग्रीष्मकालीन धान की बवाई कर सकते है।
 

हल्द्वानी में रक्षा मंत्री की जनसभा रू सीएम को धाकड़ नहीं धुरंधर धामी कहा, विकास और सख्ती के लिए पीठ थपठापाई

हल्द्वानी (संवाद-सूत्र)। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह हल्द्वानी की जनसभा में फ्रंटफुट पर बैटिंग करते दिखे। रक्षा मंत्री ने जहां विकास कार्यों के लिए धामी सरकार की पीठ थपथपाई, वहीं कांग्रेस पर भी जमकर हमला बोला। केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने अंतरराष्ट्रीय हालात पर चिंता जताते हुए कहा कि खाड़ी देशों में चल रहे युद्ध और पश्चिमी एशिया में हो रहे हमलों का समाधान केवल बातचीत और कूटनीति के माध्यम से ही संभव है। उन्होंने शांति और संवाद को ही स्थायी रास्ता बताया। राजनाथ सिंह ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी केवल सरकार बनाने के लिए नहीं, बल्कि देश निर्माण के उद्देश्य से राजनीति करती है। उन्होंने राज्य सरकार की नीतियों का समर्थन करते हुए कहा कि उत्तराखंड में अवैध घुसपैठ करने वालों के लिए कोई स्थान नहीं है और गैरकानूनी गतिविधियों को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने बताया कि धामी सरकार ने 10 हजार से अधिक अतिक्रमण हटाकर एक साहसिक और निर्णायक कदम उठाया है, जिससे प्रशासनिक सख्ती का स्पष्ट संदेश गया है। राजनाथ सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री धामी के नेतृत्व में जमरानी परियोजना को नई गति मिली है, जिससे क्षेत्र के विकास को बल मिलेगा।उन्होंने कहा कि कुमाऊं क्षेत्र को उत्तराखंड का प्रवेश द्वार बताते हुए कहा कि यहां होने वाले विकास कार्यों का प्रभाव पूरे राज्य के पर्यटन और जनजीवन पर पड़ता है। उन्होंने कहा कि राज्य में तेजी से हो रहे विकास कार्यों के कारण अब मुख्यमंत्री धामी को “धुरंधर धामी” कहना ज्यादा उचित होगा। भाजपा और कांग्रेस की कार्यशैली की तुलना करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस शासन में घोटालों पर पर्दा डाला जाता था, जबकि भाजपा सरकार में भ्रष्टाचार करने वालों को जेल भेजा जाता है। केंद्रीय रक्षा मंत्री में कहा कि पार्टी उत्तराखंड में विकास, कानून व्यवस्था और राष्ट्रीय मुद्दों पर सख्त व स्पष्ट संदेश देने की रणनीति पर आगे बढ़ रही है। अपने संबोधन से रक्षा मंत्री ने मुख्यमंत्री धामी की छवि को एक निर्णायक और प्रभावी नेता के रूप में बताया।  उन्होंने दावा किया कि 2027 के विधानसभा चुनाव में भाजपा को कोई भी ताकत सत्ता में आने से नहीं रोक सकती। जनसभा को संबोधित करते हुए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि कांग्रेस के शासनकाल में घोटालों पर पर्दा डाला जाता था, जबकि भाजपा सरकार में भ्रष्टाचार करने वालों को सीधे जेल भेजा जाता है। उन्होंने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि चुनाव में हार मिलने पर वह ईवीएम और चुनाव आयोग पर सवाल उठाने लगती है। रक्षा मंत्री ने पहाड़ी क्षेत्रों के विकास पर जोर देते हुए कहा कि “पहाड़ की जवानी और पहाड़ का पानी, पहाड़ और देशकृदोनों के काम आना चाहिए।” उन्होंने इसे संतुलित विकास की दिशा में अहम सोच बताया। चुनावी माहौल पर बोलते हुए रक्षा मंत्री ने कहा कि उत्तराखंड की जनता 2027 में भी भाजपा को अधिक सीटें देकर सत्ता में वापस लाएगी। उन्होंने भरोसा जताया कि “दुनिया की कोई भी ताकत भाजपा को उत्तराखंड में सरकार बनाने से नहीं रोक सकती।” हल्द्वानी की जनसभा में उमड़ी भीड़ को लेकर उन्होंने कहा कि उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन में यहां इतनी बड़ी भीड़ पहले कभी नहीं देखी, जो जनता के बढ़ते समर्थन का संकेत है। इसके साथ ही उन्होंने उत्तराखंड की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए कहा कि राज्य ने देश के सामने खुद को एक आदर्श राज्य के रूप में प्रस्तुत किया है और विकास की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।


 

धामी कैबिनेट का हुआ विस्तार, विधायक खजान दास, भरत सिंह चैधरी सहित इन पांच मंत्रियों ने ली शपथ

देहरादून (संवाद-सूत्र)। क्षेत्रीय व जातीय समीकरण के बीच संतुलन बनाते हुए पांच नए मंत्रियों को धामी कैबिनेट में एंट्री मिली है। लोकभवन में राज्यपाल ने विधायक खजान दास, भरत सिंह चैधरी, मदन कौशिक, प्रदीप बत्रा, राम सिंह कैड़ा को मंत्रिपद की शपथ दिलाई। धामी मंत्रिमंडल में पांच नए मंत्रियों की ताजपोशी की गई। राजपुर विधायक खजान दास, भरत सिंह चैधरी, मदन कौशिक, प्रदीप बत्रा और राम सिंह केड़ा ने आज धामी मंत्रिमंडल में मंत्रिपद की शपथ ली। प्रदेश में लंबे समय से कैबिनेट विस्तार की चर्चाएं थी, जिन पर आज विराम लगा। आज नवरात्र के दूसरे दिन शुक्रवार को लोकभवन में राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि.) ने सबसे पहले राजपुर विधायक खजान दास को शपथ दिलाई। इसके बाद भरत सिंह चैधरी ने संस्कृत में शपथ ली। फिर विधायक मदन कौशिक, प्रदीप बत्रा और राम सिंह केड़ा ने भी मंत्रिपद की शपथ ली। वर्तमान में कैबिनेट में पांच मंत्रियों के पद खाली हैं, जिनमें नए मंत्रियों की ताजपोशी की गई। ताजपोशी के लिए नए चेहरों का चयन विधायकों के पिछले चार साल के कामकाज का रिकॉर्ड देखकर किया गया है। नई कैबिनेट में क्षेत्रीय व जातीय समीकरण के बीच संतुलन बनाया गया। राष्ट्रीय नेतृत्व के साथ कैबिनेट विस्तार पर कई दौर की वार्ता हो चुकी थी। सरकार व संगठन के बीच कैबिनेट विस्तार के लिए होमवर्क पूरा होने के बाद इसके लिए नवरात्र का शुभ मुहूर्त चुना गया।
मैदान से लेकर पहाड़ तक संतुलन बनाया
धामी मंत्रिमंडल में मैदान से लेकर पहाड़ तक संतुलन बनाया है। पहली बार हरिद्वार को दो कैबिनेट मंत्री मिले। अब कैबिनेट में गढ़वाल के आठ और कुमाऊं के चार मंत्री हैं। तीन विधायक पहली बार कैबिनेट मंत्री बने। दो पुराने मंत्रियों को भी मौका दिया गया।