कांग्रेस नेता के भाई के गोदाम पर छापा, एनसीईआरटी की फर्जी किताबों का भंडाफोड़ -यूपी-छत्तीसगढ़ तक खपाई जानी थीं किताबें, पुलिस प्रशासन को गोदाम से तीन जगह पर किताबें पहुंचाने के मिले प्रमााण, करीब पांच करोड़ कीमत की हैं किताबें
रुद्रपुर (संवाद-सूत्र)। कोतवाली क्षेत्र के कीरतपुर में पुलिस-प्रशासन और शिक्षा विभाग ने कांग्रेस नेता के भाई के गोदाम पर छापा मारा। गोदाम से एनसीईआरटी की फर्जी किताबों का भंडाफोड़ हुआ। टीम ने किताबों की गिनती के बाद गोदाम को सील कर दिया है। साथ ही गहन जांच के लिए दिल्ली से एनसीईआरटी की टीम को बुलाया गया है। जिस गोदाम से फर्जी किताबें मिलीं है उसे मेरठ में रहने वाला संदीप चला रहा था। शनिवार की रात कोतवाल मनोज रतूड़ी को सूचना मिली कि कीरतपुर में एक गोदाम पर एक कैंटर में एनसीईआरटी की फर्जी किताबें लोड की जा रही हैं। इस पर कोतवाल मौके पर पहुंचे और किताबों से भरे ट्रक को पकड़कर कब्जे में ले लिया। सूचना पर तहसीलदार दिनेश कुटौला और प्रभारी सीईओ हरेंद्र मिश्रा भी मौके पर पहुंचे। इससे पहले गोदाम संचालक दुकान में ताला लगाकर फरार हो गया। रात अधिक होने पर टीम वापस लौट आई। रविवार की सुबह टीम दोबारा गोदाम में पहुंचीं। पुलिस ने सब्बल से ताला तोड़कर गोदाम में प्रवेश किया। इसके बाद तहसीलदार कुटौला व प्रभारी सीईओ मिश्रा ने जांच की। प्रथम जांच में किताबों के फर्जी पाया जाना प्रकाश में आया है। इसकी गहन जांच के लिए दिल्ली से एनसीईआरटी के विशेषज्ञों को बुलाया गया है। तहसीलदार ने बताया की देर शाम तक किताबों की गिनती करने के बाद गोदाम को सील कर दिया है। सोमवार को जांच के लिए सील खोली जाएगी। एसएसपी अजय गणपति ने बताया कि गोदाम राजेश कुमार जैन का होना पाया गया। पूछताछ में राजेश जैन ने बताया कि गोदाम संदीप निवासी मेरठ को किराए पर दिया गया है। वहीं कैंटर चालक ने पूछताछ में बताया कि वह किताबों को लोड कर मेरठ ले जा रहा था।





