पुष्कर सिंह धामी के कुशल नेतृत्व और दूरदर्शी सोच का ही परिणाम है कि आज उत्तराखंड न सिर्फ विकास के नए आयाम गढ़ रहा है
रुद्रपुर। पुष्कर सिंह धामी के कुशल नेतृत्व और दूरदर्शी सोच का ही परिणाम है कि आज उत्तराखंड न सिर्फ विकास के नए आयाम गढ़ रहा है, बल्कि स्वरोजगार और महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में भी एक मजबूत उदाहरण बनकर उभर रहा है। इसी दिशा में जिला प्रशासन, ऊधम सिंह नगर द्वारा रुद्रपुर के गांधी पार्क में आयोजित सरस आजीविका मेला-2026 आत्मनिर्भर भारत की भावना को जमीन पर साकार करता हुआ नजर आ रहा है। इस मेले में देश के विभिन्न राज्यों से आए स्वयं सहायता समूहों और स्थानीय उद्यमियों ने अपने पारंपरिक उत्पादों के साथ स्टॉल लगाए हैं, जो न केवल भारत की सांस्कृतिक विविधता का परिचय दे रहे हैं, बल्कि स्थानीय कारीगरों और महिलाओं को अपनी आय बढ़ाने का सशक्त मंच भी प्रदान कर रहे हैं। यह आयोजन इस बात का प्रमाण है कि धामी सरकार की नीतियाँ अब केवल योजनाओं तक सीमित नहीं, बल्कि धरातल पर लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही हैं। इसी क्रम में हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जनपद के हरिपुरधार स्थित ग्राम पंचायत दिउड़ी खड़ाह से आई जय बिजाई माता स्वयं सहायता समूह ने अपने स्टॉल के माध्यम से हिमाचल के पारंपरिक व्यंजनों की सुगंध से मेले में आए लोगों को आकर्षित किया। समूह की सदस्य सोनू राणा द्वारा प्रस्तुत स्थानीय व्यंजनों का स्वाद लोगों को इतना पसंद आ रहा है कि उनका स्टॉल मेले में विशेष आकर्षण का केंद्र बन गया है। सोनू राणा ने इस मंच के लिए उत्तराखंड सरकार का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार के आयोजनों से न केवल छोटे समूहों को पहचान मिलती है, बल्कि उन्हें अपनी आजीविका बढ़ाने के लिए व्यापक अवसर भी प्राप्त होते हैं। उन्होंने मेले में मिले सकारात्मक माहौल और बेहतर व्यवस्थाओं की सराहना करते हुए बताया कि यह सब राज्य सरकार की संवेदनशील और दूरदर्शी नीतियों का ही परिणाम है। वास्तव में, सरस आजीविका मेला-2026 जैसे आयोजन इस बात के जीवंत उदाहरण हैं कि धामी सरकार का उद्देश्य केवल विकास नहीं, बल्कि हर वर्ग को विकास की मुख्यधारा से जोड़ते हुए आत्मनिर्भरता की ओर अग्रसर करना है। यह पहल महिलाओं, स्वयं सहायता समूहों और स्थानीय उत्पादकों के लिए नई उम्मीद और आर्थिक सशक्तिकरण का सशक्त माध्यम बनती जा रही है।






