सत्यमेव जयते

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उत्तराखंड बजट- सत्र दूसरे दिन चार अध्यादेश व 11 विधेयक पेश, विपक्ष का हंगामा, पांच बार स्थगित हुई कार्यवाही

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भराड़ीसैंण (संवाद-सूत्र)। विधानसभा सत्र के दूसरे दिन मंगलवार को सरकार ने सदन में चार अध्यादेश व 11 विधेयक पेश किए। भोजनावकाश के बाद नियम-58 में सभी विधायकों के प्रस्ताव पर चर्चा की मांग करते हुए विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी भूषण के साथ विपक्ष की तीखी बहस हुई। विपक्ष ने पीठ पर आरोप लगाया कि विपक्ष को नहीं सुना जा रहा है और सदन को सरकार के दबाव में संचालित किया जा रहा है। इस पर विस अध्यक्ष ने आपत्ति जताते हुए कहा कि पीठ पर इस तरह के आरोप नहीं लगा सकते हैं। मंगलवार को सदन में प्रश्न काल के दौरान विपक्ष के तेवर शांत रहे। इसके बाद दिवंगत विधायक दिवाकर भट्ट, बलवीर सिंह नेगी व राजेश जवांठा के निधन पर सदन में पक्ष-विपक्ष ने भावभीनी श्रद्धांजलि दी। भोजनावकाश के बाद संसदीय कार्यमंत्री सुबोध उनियाल ने चार अध्यादेश व 11 विधेयक सदन के पटल पर रखे। इसके अलावा आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26, कैग की रिपोर्ट, सेवा का अधिकार आयोग, जैवि विविधता बोर्ड, लोक सेवा नियम 58 में विपक्ष के कई विधायकों ने अलग-अलग मुद्दों के 310 में प्रस्ताव दिए थे। विधानसभा अध्यक्ष ने पांच विधायकों के प्रस्ताव स्वीकार किए। इसी बात पर नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य, विधायक प्रीतम सिंह समेत कांग्रेस विधायकों ने विरोध किया। विपक्ष ने आरोप लगाया कि सदन में विपक्ष को नहीं सुना जा रहा है। सरकार सदन नहीं चलाना चाहती है। सरकार के दबाव में सदन को चलाया जा रहा है। इस पर विधानसभा अध्यक्ष ने आपत्ति जताते हुए कहा कि पीठ पर आरोप नहीं लगा सकते हैं। मेरा चार साल का रिकॉर्ड देखें कि विपक्ष को सुनने का कितना मौका दिया।
ये 11 विधेयक पेश
- उत्तराखंड कारागार और सुधारात्मक सेवाएं (संशोधन) विधेयक।
- उत्तराखंड जन विश्वास उपबंधों पर (संशोधन) विधेयक।
- उत्तराखंड दुकान और स्थापन (रोजगार विनियमन और सेवा शर्त) संशोधन विधेयक।
- उत्तराखंड माल और सेवाकर (संशोधन) विधेयक।
- उत्तराखंड उत्तर प्रदेश लोक सेवा (शारीरिक रूप से विकलांग स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के आश्रितों और पूर्व सैनिकों के लिए आरक्षण) (संशोधन) विधेयक।
- उत्तराखंड भाषा संस्थान (संशोधन) विधेयक।
- उत्तराखंड देवभूमि परिवार विधेयक।
- उत्तराखंड अल्पसंख्यक आयोग (संशोधन) विधेयक।
- समान नागरिक संहिता उत्तराखंड (संशोधन) विधेयक।
- उत्तराखंड निजी विश्वविद्यालय (संशोधन) विधेयक।
- उत्तराखंड सार्वजनिक द्यूत रोकथाम विधेयक को सदन में रखा गया।
ये अध्यादेश हुए पेश
- उतराखंड दुकान और स्थापना रोजगार विनियमन और सेवा शर्त संशोधन अध्यादेश।
- उत्तराखंड जन विश्वास उपबंधों का संशोधन अध्यादेश।
- उत्तराखंड माल और सेवा कर संशोधन अध्यादेश।
- उत्तराखंड समान नागरिक संहिता संशोधन अध्यादेश।
पांच बार स्थगित हुई कार्यवाही, वेल में प्रदर्शन
विपक्ष के हंगामे से सदन की कार्यवाही पांच बार स्थगित की गई। नियम-58 के तहत विधायकों के मुद्दों पर चर्चा की मांग करते हुए विपक्ष ने वेल में आकर प्रदर्शन किया। 15-15 मिनट तक सदन स्थगन का समय बढ़ाया गया। शाम पांच बजे पर विधानसभा अध्यक्ष ने 5.15 बजे तक सदन की कार्यवाही स्थगित की। इसके बाद 5.30 बजे, 5.45 बजे, 6.0 बजे, 6.15 बजे सदन स्थगित रहा। 6.30 बजे फिर से सदन की कार्यवाही शुरू हुई और कार्यस्थगन के तहत कानून व्यवस्था के मुद्दे पर चर्चा की गई।
 

खबरें

सहायक सम्भागीय परिवहन कार्यालय, की ओर से शहर के निजी होटल में सड़क दुर्घटनाओं का वैज्ञानिक विश्लेषण प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारम्भ मुख्यातिथि जिलाधिकारी ने दीप प्रज्वलित कर किया

रुद्रपुर (सू0वि0)। सहायक सम्भागीय परिवहन कार्यालय, ऊधमसिंहनगर की ओर से शहर के निजी होटल में सड़क दुर्घटनाओं का वैज्ञानिक विश्लेषण प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारम्भ कार्यक्रम के मुख्यातिथि जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया ने दीप प्रज्वलित कर किया। डॉ० गुरूदेव सिंह, सम्भागीय परिवहन अधिकारी (प्रशासन) द्वारा कार्यक्रम में मुख्य अतिथि एवं विशिष्ट अतिथि संयुक्त परिवहन आयुक्त राजीव कुमार मेहरा एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय गणपति का स्वागत कर किया गया।कार्यक्रम में जिलाधिकारी ने कहा कि ए०आई० का प्रयोग कर सड़क दुर्घटनाओं का वैज्ञानिक विश्लेषण कर दुर्घटनाओं में प्रभावी रोकथाम एवं नियत्रंण किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि यह प्रशिक्षण कार्यक्रम सड़क सुरक्षा की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है, कार्यक्रम में आये सभी लोग अधिक से अधिक प्रश्न पूछिये और बेहतर से बेहतर जानिये। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक गणपति द्वारा अपने संबोधन में कहा गया कि सभी थाना इंचार्ज दुर्घटना के कारणों की बारीकियों को समझे और अपने दैनिक कार्यकलापो में उनका प्रयोग कर दुर्घटनाओं के रोकथाम में अपनी प्रभावी भूमिका कर निर्वहन करें। संयुक्त परिवहन आयुक्त राजीव कुमार मेहरा ने कहा कि जनपद में सम्पन्न इस कार्यशाला का उद्देद्देश्य दुर्घटना की दृष्टि से संवेदनशील ऊधमसिंहनगर जनपद में दुर्घटनाओं को न्यूनतम करना है। कार्यक्रम में जे०पी० रिसर्च इण्डिया लि० के विशेषज्ञ श्री सुमित ढुल द्वारा साईंटिफिक क्रैश इन्वेस्टिगेशन ऑफ एक्सीडेंट के सम्बन्ध में प्रतिभागियों को प्रथम व्याख्यान के रूप में विस्तृत जानकारी प्रदान की गयी। सहायक निदेशक, सड़क सुरक्षा. परिवहन विभाग श्री नरेश संगल द्वारा रोड़ सेफ्टी एंड ओवरव्यू ऑन रोड़ एक्सीडेंट इन उत्तराखण्ड के सम्बन्ध में द्वितीय व्याख्यान के रूप में जानकारी प्रदान की गयी। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य राज्य में घटित हो रही सड़क दुर्घटनाओं के कारणों का वैज्ञानिक एवं तथ्यात्मक विश्लेषण कर भविष्य में उनकी पुनरावृत्ति को रोकना तथा दुर्घटनाओं में होने वाले घायलों एवं मृतकों की संख्या में प्रभावी कमी लाना है। कार्यकम में प्रतिभागियों को दुर्घटना विश्लेषण की आधुनिक तकनीकों, डिजीटल उपकरणों का उपयोग एवं त्वरित रिपोर्टिंग प्रणाली के सम्बन्ध में प्रशिक्षित किया गया, जिससे दुर्घटना के मूल कारणों की पहचान कर ठोस सुधारात्मक कार्यवाही सुनिश्चित की जा सकें। उक्त प्रशिक्षण कार्यक्रम के माध्यम से सड़क सुरक्षा के प्रति सभी सम्बन्धित विभागों की जिम्मेदारी एवं समन्वय को और अधिक सुदृढ़ बनाने का संकल्प लिया गया। कार्यकम में उपस्थित समस्त प्रतिभागियों को जिलाधिकारी ऊधमसिंहनगर, संयुक्त परिवहन आयुक्त एवं सम्भागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन एवं सड़क सुरक्षा) हल्द्वानी की ओर से सर्टिफिकेट प्रदान किये गये। कार्यक्रम में सम्भागीय परिवहन अधिकारी अरविन्द कुमार पाण्डेय, सहायक सम्भागीय परिवहन अधिकारी, विपिन कुमार सिंह, सुरेंद्र कुमार, मनोज बागोरिया, मोहित कोठारी, नवीन सिंह, पूजा नयाल, संदीप वर्मा, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी उमा शंकर नेगी एवं लोक निर्माण विभाग,  राष्ट्रीय मार्ग खण्ड, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण, विद्युत विभाग, पुलिस विभाग, स्वास्थ्य विभाग, राजस्व विभाग, वन विभाग, पूर्ति विभाग, शिक्षा विभाग, नगर निगम के अधिकारी उपस्थित थे।

गैस सिलेंडर की वर्तमान स्थिति को देखते हुए जिलाधिकारी की जनता से अपील

रुद्रपुर (सू0 वि0)। जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया ने गैस सिलेंडर की वर्तमान स्थिति को देखते हुए जनपदवासियों से संयम और सहयोग बनाए रखने की अपील की है। उन्होंने एक वीडियो संदेश जारी कर कहा कि प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और आवश्यक आपूर्ति को सुचारु बनाए रखने के लिए संबंधित विभागों के साथ समन्वय कर आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। जिलाधिकारी ने कलेक्ट्रेट सभागार में संबंधित अधिकारियों के साथ आपूर्ति को सुचारु बनाये रखने के संबंध में बैठक की। उन्होंने बताया कि जनपद में सभी गैस एजेंसियों पर  उपजिलाधिकारियों द्वारा भ्रमण किया जा रहा है और जनता को सही जानकारी दी जा रहीं है कि आपूर्ति में किसी तरह का कोई संकट नहीं है। अनावश्यक परेशान न हो एवं किसी भी अफवाहों पर ध्यान न दे। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि गैस की कालाबाजारी, ओवर रेटिंग, रिफलिंग करने वालों पर सख्त कार्यवाही की करना सुनिश्चित करें।  जिलाधिकारी ने नागरिकों से अनुरोध किया कि वे किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें और आवश्यकता से अधिक गैस सिलेंडर का भंडारण करने से बचें, ताकि सभी उपभोक्ताओं को समय पर गैस उपलब्ध हो सके। उन्होंने कहा कि प्रशासन का उद्देश्य है कि जनपद के प्रत्येक उपभोक्ता तक गैस की आपूर्ति नियमित रूप से पहुंचती रहे। उन्होंने यह भी कहा कि गैस एजेंसियों और संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वितरण व्यवस्था को पारदर्शी और व्यवस्थित तरीके से संचालित किया जाए। यदि किसी भी नागरिक को गैस वितरण से संबंधित कोई समस्या आती है तो वह संबंधित एजेंसी या प्रशासन को सूचित कर सकता है, ताकि त्वरित समाधान किया जा सके। जिलाधिकारी ने जनपदवासियों से अपील की कि वे धैर्य और सहयोग बनाए रखें तथा प्रशासन के दिशा-निर्देशों का पालन करें। उन्होंने विश्वास दिलाया कि प्रशासन जनता की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए हर संभव प्रयास कर रहा है, जिससे गैस आपूर्ति की व्यवस्था सुचारु बनी रहे और किसी को भी अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े। बैठक अपर जिलाधिकारी पंकज उपाध्याय, जिला पूर्ति अधिकारी विनोद चंद्र तिवारी, एसेट हैड अडानी गैस सुधांक सक्सेना, सेल्स ऑफिसर एलपीजी भारत पेट्रोलियम मनीष कुमार, सेल्स ऑफिसर एलपीजी इंडियन ऑयल हर्षित पंत, सेल्स ऑफिसर एलपीजी हिंदुस्तान पेट्रोलियम राकेश राय, विदित चैधरी, मनीषा खींचड़, कैलाश चंद्र गर्ग उपस्थित थे।

निदेशक कोयला मंत्रालय भारत सरकार डिप्टी सेक्रेटरी डिफेंस भारत सरकार की टीम ने आकांक्षी ब्लाक गदरपुर का भ्रमण कर विभिन्न कार्यो योजना कार्यो का स्थलीय निरीक्षण किया

गदरपुर/रूद्रपुर (सू.वि.)। निति आयोग भारत सरकार द्वारा जनपद के गदरपुर विकास खण्ड आकांक्षी ब्लाक चयनित है। आकांक्षी विकास खण्ड के अन्तर्गत नीति आयोग, भारत सरकार द्वारा विभिन्न संकेतांकों में आकंाक्षी विकास खण्ड कार्यक्रम हेतु 6 संकेतांक को चयनित करते हुए 28 जनवरी से 14 अप्रैल, 2026 तक संकेतांको को पूर्ण रूप से संतृप्तिकरण के निर्देश दिये। संकेतांकों में मुख्य रूप से शिक्षा, स्वास्थ, टीकाकरण, पोषण आदि के संकेतांको को सम्मलित किया गया है। निदेशक कोयला मंत्रालय भारत सरकार दीपक गोयल व डिप्टी सेक्रेटरी डिफेंस भारत सरकार संजय कुमार की टीम ने बुधवार को आकांक्षी ब्लाक गदरपुर का भ्रमण कर विभिन्न कार्यो योजना कार्यो का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होने मलकीत डेरी एवं ब्रीड मल्टीप्लिकेशन फार्म ग्राम रजपुरा नं0-02 गदरपुर, राजकीय प्राथमिक विद्यालय रजपुरा, आंगनबाड़ी केन्द्र रजपुरा नं0-1, अक्षयपात्र किचन गदरपुर, आयुषमान आरोग्य मंदिर आदर्श नगर गदरपुर, विशाल मण्डल द्वारा नारायणपुर में बर्मी कम्पोस्ट, पुष्प उत्पादन, मत्स्य पालन व ग्राम पिपलिया में अमृत सरोवर का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होने कार्यो की सराहना करते हुए कहा कि आकांक्षी ब्लांक में जनता को सभी योजनाओं का समुचित लाभ मिल रहा है। उन्होने कहा कि सरकार की योजनाओं से आकांक्षी ब्लांक के सभी परिवारजन शतप्रतिशत योजनाओं से लाभान्वित होकर शिक्षा, स्वास्थ्य व अपनी आजिविका मजबूत कर अपने जीवन स्तर बेहतर करते हुए मुख्यधारा से जुड़ सकेगें। इस दौरान उन्होने लाभार्थियों से संवाद कर योजनाओं की विस्तृत जानकारियां ली। मुख्य विकास अधिकारी दिवेश शाशनी ने आकांक्षी विकास खण्ड में किये जा रहे योजना कार्यो व उनके क्रियान्वयन की विस्तृत जानकारिया निरीक्षण के दौरान दी। निरीक्षण के दौरान मुख्य पशु चिकत्साधिकारी डॉ0 आशुतोष जोशी, मुख्य कृषि अधिकारी डॉ0 वीके यादव, मुख्य उद्यान अधिकारी एसके शर्मा, अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ0 एसपी सिंह, सहायक निदेशक मत्स्य संजय छिमवाल, जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी नफील जमील,जिला कार्यक्रम अधिकारी मुकुल चैधरी, खण्ड विकास अधिकारी आतिया परवीन आदि मौजूद थे।  

जल महोत्सव 2026 अधिशासी अभियन्ता उत्तराखण्ड जल संस्थान ऊधमसिंह नगर की अध्यक्षता में आयोजित किया गया

रुद्रपुर (सू.वि.)। जल महोत्सव 2026 ( 8 से 22 मार्च) के तहत जनपद में जल संस्थान परिसर में 11 मार्च 2026, विश्व प्लम्बर दिवस का आयोजन इं० तरुण शर्मा अधिशासी अभियन्ता उत्तराखण्ड जल संस्थान ऊधमसिंह नगर की अध्यक्षता में आयोजित किया गया, जिसमें रूद्रपुर क्षेत्रान्तर्गत जल जीवन मिशन पेयजल योजनाओं एवं शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्र में स्वत्रंत रूप  से कायर्रत उत्कृष्ठ कार्य करने वाले नल जल मित्र, प्लम्बर, पम्प ऑपरेटर, सोलर मैकेनिक, इलैक्टीशियन, फीटर एवं रख-रखाव कार्यों में कार्यरत व्यक्तियों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में जल जीवन मिशन के अन्तर्गत परियोजना प्रबन्धक (वित्त), उत्तराखण्ड जल संस्थान एवं उत्तराखण्ड पेयजल निगम के अधिकारी उपस्थित रहे ।
 

उत्तराखंड बजट- सत्र दूसरे दिन चार अध्यादेश व 11 विधेयक पेश, विपक्ष का हंगामा, पांच बार स्थगित हुई कार्यवाही

भराड़ीसैंण (संवाद-सूत्र)। विधानसभा सत्र के दूसरे दिन मंगलवार को सरकार ने सदन में चार अध्यादेश व 11 विधेयक पेश किए। भोजनावकाश के बाद नियम-58 में सभी विधायकों के प्रस्ताव पर चर्चा की मांग करते हुए विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी भूषण के साथ विपक्ष की तीखी बहस हुई। विपक्ष ने पीठ पर आरोप लगाया कि विपक्ष को नहीं सुना जा रहा है और सदन को सरकार के दबाव में संचालित किया जा रहा है। इस पर विस अध्यक्ष ने आपत्ति जताते हुए कहा कि पीठ पर इस तरह के आरोप नहीं लगा सकते हैं। मंगलवार को सदन में प्रश्न काल के दौरान विपक्ष के तेवर शांत रहे। इसके बाद दिवंगत विधायक दिवाकर भट्ट, बलवीर सिंह नेगी व राजेश जवांठा के निधन पर सदन में पक्ष-विपक्ष ने भावभीनी श्रद्धांजलि दी। भोजनावकाश के बाद संसदीय कार्यमंत्री सुबोध उनियाल ने चार अध्यादेश व 11 विधेयक सदन के पटल पर रखे। इसके अलावा आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26, कैग की रिपोर्ट, सेवा का अधिकार आयोग, जैवि विविधता बोर्ड, लोक सेवा नियम 58 में विपक्ष के कई विधायकों ने अलग-अलग मुद्दों के 310 में प्रस्ताव दिए थे। विधानसभा अध्यक्ष ने पांच विधायकों के प्रस्ताव स्वीकार किए। इसी बात पर नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य, विधायक प्रीतम सिंह समेत कांग्रेस विधायकों ने विरोध किया। विपक्ष ने आरोप लगाया कि सदन में विपक्ष को नहीं सुना जा रहा है। सरकार सदन नहीं चलाना चाहती है। सरकार के दबाव में सदन को चलाया जा रहा है। इस पर विधानसभा अध्यक्ष ने आपत्ति जताते हुए कहा कि पीठ पर आरोप नहीं लगा सकते हैं। मेरा चार साल का रिकॉर्ड देखें कि विपक्ष को सुनने का कितना मौका दिया।
ये 11 विधेयक पेश
- उत्तराखंड कारागार और सुधारात्मक सेवाएं (संशोधन) विधेयक।
- उत्तराखंड जन विश्वास उपबंधों पर (संशोधन) विधेयक।
- उत्तराखंड दुकान और स्थापन (रोजगार विनियमन और सेवा शर्त) संशोधन विधेयक।
- उत्तराखंड माल और सेवाकर (संशोधन) विधेयक।
- उत्तराखंड उत्तर प्रदेश लोक सेवा (शारीरिक रूप से विकलांग स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के आश्रितों और पूर्व सैनिकों के लिए आरक्षण) (संशोधन) विधेयक।
- उत्तराखंड भाषा संस्थान (संशोधन) विधेयक।
- उत्तराखंड देवभूमि परिवार विधेयक।
- उत्तराखंड अल्पसंख्यक आयोग (संशोधन) विधेयक।
- समान नागरिक संहिता उत्तराखंड (संशोधन) विधेयक।
- उत्तराखंड निजी विश्वविद्यालय (संशोधन) विधेयक।
- उत्तराखंड सार्वजनिक द्यूत रोकथाम विधेयक को सदन में रखा गया।
ये अध्यादेश हुए पेश
- उतराखंड दुकान और स्थापना रोजगार विनियमन और सेवा शर्त संशोधन अध्यादेश।
- उत्तराखंड जन विश्वास उपबंधों का संशोधन अध्यादेश।
- उत्तराखंड माल और सेवा कर संशोधन अध्यादेश।
- उत्तराखंड समान नागरिक संहिता संशोधन अध्यादेश।
पांच बार स्थगित हुई कार्यवाही, वेल में प्रदर्शन
विपक्ष के हंगामे से सदन की कार्यवाही पांच बार स्थगित की गई। नियम-58 के तहत विधायकों के मुद्दों पर चर्चा की मांग करते हुए विपक्ष ने वेल में आकर प्रदर्शन किया। 15-15 मिनट तक सदन स्थगन का समय बढ़ाया गया। शाम पांच बजे पर विधानसभा अध्यक्ष ने 5.15 बजे तक सदन की कार्यवाही स्थगित की। इसके बाद 5.30 बजे, 5.45 बजे, 6.0 बजे, 6.15 बजे सदन स्थगित रहा। 6.30 बजे फिर से सदन की कार्यवाही शुरू हुई और कार्यस्थगन के तहत कानून व्यवस्था के मुद्दे पर चर्चा की गई।
 

मा0 उत्तराखण्ड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा दिये गये निर्देशो के क्रम में 14 मार्च को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन

रूद्रपुर (सू0वि0)।  मा0 उत्तराखण्ड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा दिये गये निर्देशो के क्रम में 14 मार्च, 2026 द्वितीय शनिवार को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया जायेगा। जानकारी देते हुये सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण योगेन्द्र कुमार सागर ने बताया कि उत्तराखण्ड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, नैनीताल के तत्वाधान में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, ऊधम सिंह नगर द्वारा जनपद में 14 मार्च 2026 (द्वितीय शनिवार) को प्रातः 10 बजे से सांय 05 बजे तक रूद्रपुर स्थित जिला न्यायालय सहित वाह्य स्थित दीवानी न्यायालयों काशीपुर, खटीमा, बाजपुर, जसपुर, सितारगंज एवं किच्छा में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया जायेगा। सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण योगेन्द्र कुमार सागर ने बताया कि 14 मार्च को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत में प्री-लिटीगेशन के वादों का निस्तारण किया जाएगा जैसे- भरण पोषण, धन वसूली, श्रम विवाद, विद्युत एवं जलकर बिलों के मामले, धारा 138 एनआई एक्ट के मामले, अपराधिक शमनीय व सिविल मामले इसके अतिरिक्त न्यायालयों में लम्बित शमनीय प्रकृतिक के आपराधिक वादध्अपराध, धारा 138 एनआई एक्ट, धन वसूली, मोटर दुर्घटना प्रतिकर वाद, श्रम विवाद, विद्युत व जल कर बिल संबंधित, वैवाहिक मामले तलाक को छोड़कर, भूमि अधिग्रहण, भुगतान व भत्तों से सम्बन्धित सर्विस के मामले, जिला न्यायालय में लंबित राजस्व वाद, मोटर वाहन अधिनियम के शमनीय अपराधों के चालान, सिविल मामले (किरायेदारी, सुखाधिकार, व्यादेश) का निस्तारण किया जाएगा। उन्होने अपील करते हुए कहा कि जो भी व्यक्ति अपने वादोंध्मामलों को राष्ट्रीय लोक अदालत में निस्तारण करवाना चाहते हैं वे सम्बन्धित न्यायालय में किसी भी कार्य दिवस में स्वयं या अपने अधिवक्ता के माध्यम से संबंधित न्यायालय में प्रार्थना पत्र देकर अपने वादों को नियत करवा सकते है या जिला न्यायालय परिसर में स्थित एडीआर केन्द्र रूदुपर में स्वयं अथवा जरिये अधिवक्ता अपना आवेदन प्रस्तुत कर सकते है। उन्होने कहा है कि अधिक जानकारी के लिए नालसा हैल्प लाइन नं0-15100, सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, जिला न्यायालय परिसर एडीआर केन्द्र रूद्रपुर के हैल्प डैस्क नं0-9411531449, ई-मेल- dlsausnagar@gmail.com.  फोन नं0-05944-250682 पर सम्पर्क कर सकते है। 
    

सचिव आपदा प्रबंधन पुनर्वास विभाग उत्तराखंड शासन के निर्देशों के क्रम में  देवीय आपदा संबंधी घटनाएं के निवारण की जानकारी दी

रूद्रपुर (सू.वि.)। सचिव आपदा प्रबंधन पुनर्वास विभाग उत्तराखंड शासन के निर्देशों के क्रम में  देवीय आपदा संबंधी घटनाएं के निवारण न्यून करने हेतु उत्तराखंड आपदाओं से संबंधित घटनाएं भूकंप बादल फटना, वनाग्नि भूस्खलन हिमस्खलन,बाढ़ की स्थिति बाढ़ का टूटना सुरंग का धसना,बड़े वाहनों की दुर्घटनाएं हेलीकॉप्टर क्रैश संबंधी आदि घटनाएं विषयक जिससे आम जनमानस के संसाधनों को भारी नुकसान होता है व आपदा की स्थिति में त्वरित  एवं प्रभावी प्रतिक्रिया सुनिश्चित किए जाने हेतु आगामी 16 से 18 मार्च को जनपद अंतर्गत मॉक अभ्यास आयोजन किए जाने के निर्देश दिए गए हैं। उक्त के क्रम में मंगलवार को आपदा प्रबंधन समन्वय समिति  की बैठक की गई। जिसमे जनपद अंतर्गत माक अभ्यास हेतु चिन्हित  निम्न पांच स्थल के बारे में संबंधी विभागों को बताया गया व विचार विमर्श किया गया ।                                                                          आगामी 18 मार्च को 05 स्थानों पर माक ड्रिल आयोजित किए जाएंगे जिसमें तहसील काशीपुर अंतर्गत औद्योगिक आस्थान तहसील बाजपुर तहसील गदरपुर  सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मैं भूकंप के कारण शॉर्ट सर्किट तथा आंशिक रूप से चिकित्सालय  का क्षतिग्रस्त होना, तहसील खटीमा लोहिया हेड बैराज का गेट का टूट जाने से डाउनलोड स्ट्रिम में पानी भर जाने से ग्रामीण क्षेत्रों में  जल भराव की समस्या, तहसील रुद्रपुर अंतर्गत मानव वन्य जीव संघर्ष विषय मॉक अभ्यास चिन्ह किए गए।  जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी उमाशंकर नेगी द्वारा मॉक अभ्यास के परिदृश्य को जनपद स्तरीय रेखीय विभाग, पुलिस एवं विभिन्न स्थानों से उपस्थित सेफ्टी हेड्स  को विस्तार से समझाया गया तथा विभागीय आवश्यक तैयारी करते हुए 16 मार्च को प्रस्तावित टेबल टॉक में विभाग द्वारा की गई तैयारी की  आख्या आपदा प्रबंधन कार्यालय को उपलब्ध कराने के साथ ही बैठक में उपस्थित होने हेतु कहा गया । बैठक में मुख्यतः  सुनील कुमार डिप्टी कमांडेंट  छक्त्थ्, श्री महेश चंद्र  फायर सर्विस ऑफीसर, उमाशंकर नेगी जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी, अर्जुन सिंह इंस्पेक्टर एवं अन्य विभागीय  अधिकारी वेब लिंक के माध्यम से जुड़े थे।
 

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