सत्यमेव जयते

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सांसद अजय भट्ट ने मोहान से चैखुटिया मार्ग को राष्ट्रीय राजमार्ग-109 बनाने की उठाई मांग -केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी को पत्र लिखकर सड़क चैड़ीकरण और राष्ट्रीय राजमार्ग विभाग को हस्तांतरित करने का किया अनुरोध

रुद्रपुर (सू.वि.)। नैनीताल-ऊधमसिंह नगर के सांसद एवं पूर्व केंद्रीय रक्षा एवं पर्यटन राज्य मंत्री अजय भट्ट ने केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी को पत्र लिखकर मोहान से भतरौजखान, भिकियासैंण, मौसी होते हुए चैखुटिया तक के मोटर मार्ग को राष्ट्रीय राजमार्ग-109 के रूप में विकसित करने की मांग की है। उन्होंने इस मार्ग को लोक निर्माण विभाग, प्रांतीय खंड रानीखेत से राष्ट्रीय राजमार्ग विभाग को हस्तांतरित करने तथा इसका दो लेन में चैड़ीकरण करने की प्रक्रिया को प्राथमिकता देने का अनुरोध किया है। सांसद अजय भट्ट ने पत्र में कहा कि यह मार्ग कुमाऊं क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण है। पर्यटन, स्थानीय आवागमन और धार्मिक यात्राओं के लिहाज से इसका व्यापक उपयोग होता है। रानीखेत सहित आसपास के क्षेत्रों में आने वाले पर्यटक और धार्मिक यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालु भी इस मार्ग से आवागमन करते हैं। उन्होंने कहा कि सड़क की सीमित चैड़ाई और लगातार बढ़ते यातायात के कारण कई स्थानों पर जाम की स्थिति बनती है। इससे स्थानीय नागरिकों, पर्यटकों और वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। मार्ग के चैड़ीकरण से यातायात व्यवस्था सुगम होने के साथ ही क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियों को भी बढ़ावा मिल सकता है। पत्र में उल्लेख किया गया है कि इस मार्ग के संबंध में राष्ट्रीय राजमार्ग विभाग की ओर से विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा चुकी है। इसके साथ ही वनभूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया भी गतिमान है। प्रस्तावित योजना के तहत लगभग 101 किलोमीटर लंबे मार्ग को दो लेन में विकसित करने के लिए डीपीआर परामर्श की कार्रवाई प्रस्तावित है। सांसद अजय भट्ट ने केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी से मार्ग के सामरिक, आर्थिक और पर्यटन संबंधी महत्व को देखते हुए इसे राष्ट्रीय राजमार्ग-109 के रूप में विकसित करने, संबंधित विभाग को हस्तांतरित करने तथा दो लेन में चैड़ीकरण एवं निर्माण कार्य को प्राथमिकता देने का आग्रह किया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस प्रस्ताव पर आवश्यक कार्रवाई होने से क्षेत्रवासियों को बेहतर सड़क सुविधा मिलेगी। साथ ही पर्यटन को प्रोत्साहन मिलने और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने की संभावनाएं भी बढ़ेंगी
 

गदरपुर पुलिस की कार्रवाई: 107 लीटर अवैध कच्ची शराब बरामद, 7,000 लीटर लहन नष्ट -ऑपरेशन प्रहार के तहत सकैनिया में छापेमारी, आरोपी की तलाश जारी

(पुलिस एंड मीडिया गदरपुर)
गदरपुर,।
अवैध कच्ची शराब के निर्माण, तस्करी और बिक्री पर अंकुश लगाने के लिए चलाए जा रहे ऑपरेशन प्रहार अभियान के तहत कोतवाली गदरपुर पुलिस ने सकैनिया क्षेत्र में कार्रवाई करते हुए 107 लीटर अवैध कच्ची शराब बरामद की। पुलिस ने मौके पर करीब 7,000 लीटर लहन नष्ट किया। कार्रवाई के दौरान एक मोटरसाइकिल भी बरामद की गई, जिसे मोटर वाहन अधिनियम के तहत सीज कर दिया गया है। पुलिस के अनुसार, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ऊधम सिंह नगर के निर्देश पर पुलिस अधीक्षक अपराधध्काशीपुर तथा क्षेत्राधिकारी बाजपुर के पर्यवेक्षण और प्रभारी निरीक्षक गदरपुर के नेतृत्व में 24 अक्टूबर 2026 को सघन चेकिंग अभियान चलाया जा रहा था। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिलने पर पुलिस टीम पंचायत घर के पास सकैनिया पहुंची। पुलिस को देखकर कथित आरोपी बलबीर सिंह उर्फ बीरू पुत्र मक्खन सिंह, निवासी ग्राम कुईखेड़ी, सकैनिया, थाना गदरपुर, मौके से फरार हो गया। पुलिसकर्मियों ने उसकी पहचान कर ली। तलाशी के दौरान मौके से काले रंग की रबर की ट्यूब में 51 लीटर, नीले रंग के जरीकेन में 40 लीटर, सफेद जरीकेन में 10 लीटर तथा एक अन्य नीले जरीकेन में पांच लीटर अवैध कच्ची शराब बरामद हुई। मौके से एक प्लेटिना मोटरसाइकिल भी बरामद हुई। पुलिस ने शराब की बरामदगी के आधार पर कोतवाली गदरपुर में एफआईआर संख्या 326/2026 तथा आबकारी अधिनियम की धारा 60 के तहत बलबीर सिंह के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया है। फरार आरोपी की तलाश की जा रही है। कार्रवाई करने वाली पुलिस टीम में प्रभारी निरीक्षक भूपेंद्र सिंह बृजवाल, वरिष्ठ उपनिरीक्षक मदन सिंह बिष्ट, उपनिरीक्षक विजय कुमार, प्रभारी चैकी सकैनिया, उपनिरीक्षक संजय बोरा, उपनिरीक्षक मेघा शर्मा, कांस्टेबल जीवन चंद्र, कांस्टेबल  विजेंद्र नेगी, कांस्टेबल रघुवर रावत शामिल रहे।


 

आमजन की समस्याओं का समाधान सरकार की प्राथमिकता: मुख्यमंत्री धामी -मुख्यमंत्री ने खटीमा में सुनीं जनसमस्याएं, अधिकारियों को त्वरित एवं पारदर्शी निस्तारण के निर्देश

खटीमा (सू.वि.)। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने निजी आवास नगला तराई एवं लोहियाहेड हेलीपैड पर आमजन और जनप्रतिनिधियों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को प्राप्त शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर त्वरित एवं पारदर्शी ढंग से निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि आमजन की समस्याओं का समयबद्ध समाधान राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। सरकार का प्रयास है कि लोगों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए अनावश्यक रूप से सरकारी कार्यालयों के चक्कर न काटने पड़ें और उन्हें समय पर राहत मिल सके। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार सरलीकरण, समाधान और संतुष्टि के मूल मंत्र के साथ कार्य कर रही है। प्रशासन की जवाबदेही सुनिश्चित करने के साथ ही जनता को संतोषजनक समाधान उपलब्ध कराना सरकार का प्रमुख उद्देश्य है। इस दौरान मुख्यमंत्री ने जनप्रतिनिधियों से क्षेत्र में चल रहे विकास कार्यों, स्थानीय आवश्यकताओं और जनहित से जुड़े विभिन्न विषयों पर भी चर्चा की। उन्होंने जनसमस्याओं के समाधान के लिए अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष अजय मौर्य, दर्जा मंत्री गंभीर सिंह धामी, सुरेश कोली, रणजीत सिंह नामधारी, नगर पालिका अध्यक्ष रमेश चंद्र जोशी, पूर्व विधायक डॉ. प्रेम सिंह राणा, सतीश भट्ट, रानदीप पोखरिया, वरुण अग्रवाल, अमित पांडे, भवानी भंडारी, जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया, एएसपी अजय गणपति, अपर जिलाधिकारी पंकज उपाध्याय, एसपी क्राइम अनुषा बडोला सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।


 

ईआईएल की सीएसआर पहल से 93 दिव्यांगजनों को मिले 40 लाख रुपये के सहायक उपकरण -काशीपुर में आयोजित समारोह में 178 उपकरणों का निःशुल्क वितरण, दिव्यांगजनों के सशक्तीकरण की दिशा में सार्थक पहल

काशीपुर (सू.वि.) । ऊधम सिंह नगर, 24 अक्टूबर। इंजीनियर्स इंडिया लिमिटेड (म्प्स्) की कॉर्पोरेट सामाजिक दायित्व (सीएसआर) पहल के तहत भारतीय कृत्रिम अंग निर्माण निगम लिमिटेड कानपुर के सहयोग से काशीपुर में दिव्यांगजनों को निःशुल्क सहायक उपकरण वितरित किए गए। समारोह में 93 पूर्व-चिह्नित दिव्यांगजनों को उनकी आवश्यकतानुसार लगभग 40 लाख रुपये मूल्य के 178 सहायक उपकरण प्रदान किए गए। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि नैनीताल सांसद अजय भट्ट रहे। विशिष्ट अतिथियों में काशीपुर विधायक त्रिलोक सिंह चीमा, इंजीनियर्स इंडिया लिमिटेड के स्वतंत्र निदेशक आशीष गुप्ता, काशीपुर महापौर दीपक बाली तथा ईआईएल के वरिष्ठ महाप्रबंधक सुदीप मजूमदार शामिल रहे। इस अवसर पर ऊधम सिंह नगर के समाज कल्याण अधिकारी अमन अनिरुद्ध भी उपस्थित रहे। वहीं, ALIMCO की ओर से वरिष्ठ प्रबंधक विकास शर्मा तथा सीएसआर अधिकारी नीरज यादव ने कार्यक्रम में सहभागिता की। उपकरणों के वितरण एवं कार्यक्रम के क्रियान्वयन में ALIMCO ने महत्वपूर्ण सहयोग प्रदान किया।  दिव्यांगजनों को वितरित किए गए उपकरणों में मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल, जॉयस्टिक व्हीलचेयर, सामान्य व्हीलचेयर, बीटीई श्रवण यंत्र, टीएलएम किट, बैसाखी, छड़ी, दृष्टिबाधित व्यक्तियों के लिए विशेष छड़ी एवं किट, वॉकर सहित अन्य सहायक उपकरण शामिल हैं। ईआईएल की इस पहल का उद्देश्य दिव्यांगजनों को उनकी जरूरत के अनुरूप सहायक उपकरण उपलब्ध कराकर दैनिक जीवन को आसान बनाना, गतिशीलता बढ़ाना तथा उन्हें आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रोत्साहित करना है। कंपनी की यह सीएसआर पहल सामाजिक उत्तरदायित्व के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को दर्शाती है। सहायक उपकरणों की उपलब्धता से लाभार्थियों को अपने दैनिक कार्यों में सुविधा मिलने के साथ सामाजिक गतिविधियों में भागीदारी बढ़ाने और आत्मविश्वास के साथ जीवन जीने में मदद मिलेगी। यह आयोजन समावेशी समाज के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

सड़क सुरक्षा को लेकर परिवहन विभाग ने दिया प्रशिक्षण, दुर्घटनाओं की रोकथाम पर जोर -हल्द्वानी संभाग के 40 परिवहन सहायक निरीक्षकों एवं आरक्षियों ने लिया प्रशिक्षण, प्रतिभागियों को दिए गए प्रमाण पत्र

रुद्रपुर (सू.वि.)। सड़क दुर्घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाने और दुर्घटनाओं में घायलों एवं मृतकों की संख्या कम करने के उद्देश्य से 23 अक्टूबर 2026 को होटल वीनस, रामपुर रोड, ऊधमसिंह नगर में परिवहन विभाग की ओर से सड़क सुरक्षा प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें हल्द्वानी संभाग के कार्यरत परिवहन सहायक निरीक्षकों एवं परिवहन आरक्षियों ने प्रतिभाग किया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि संयुक्त परिवहन आयुक्त श्री राजीव कुमार मेहरा का स्वागत संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रशासन), हल्द्वानी संभाग श्री गुरदेव सिंह तथा संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन एवं सड़क सुरक्षा) श्री अरविन्द पाण्डेय ने किया। प्रशिक्षण के प्रथम सत्र में विभागीय नियमों की विस्तृत जानकारी दी गई, जबकि दूसरे सत्र में सड़क सुरक्षा के विभिन्न पहलुओं पर प्रशिक्षण प्रदान किया गया। इस दौरान प्रवर्तन कार्मिकों की जिज्ञासाओं का समाधान करते हुए आवश्यक मार्गदर्शन भी दिया गया। सहायक निदेशक, सड़क सुरक्षा, परिवहन विभाग श्री नरेश संगल ने रोड सेफ्टी एंड ओवरव्यू ऑन रोड एक्सीडेंट इन उत्तराखंड विषय पर जानकारी दी। वहीं, जेपी रिसर्च इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के टीम लीडर श्री सुमित ढुल ने साइंटिफिक क्रैश इन्वेस्टिगेशन ऑफ एक्सीडेंट के संबंध में प्रतिभागियों को विस्तार से बताया। संयुक्त परिवहन आयुक्त श्री राजीव कुमार मेहरा ने अपने संबोधन में कहा कि सभी प्रवर्तन कार्मिक सड़क दुर्घटनाओं के कारणों की बारीकियों को समझें और अपने दैनिक कार्यों में प्रशिक्षण से प्राप्त जानकारी का उपयोग करें। उन्होंने दुर्घटनाओं की रोकथाम में प्रभावी भूमिका निभाने तथा सड़क सुरक्षा के प्रति अपने दायित्वों का निष्ठापूर्वक निर्वहन करने पर जोर दिया। प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य राज्य में होने वाली सड़क दुर्घटनाओं के कारणों का विश्लेषण कर उनकी पुनरावृत्ति रोकना, दुर्घटनाओं में घायलों एवं मृतकों की संख्या में प्रभावी कमी लाना तथा विभागीय कार्मिकों की कार्यक्षमता बढ़ाना रहा। प्रतिभागियों को विभागीय नियमों और सड़क सुरक्षा के तहत की जाने वाली कार्रवाई के संबंध में भी प्रशिक्षित किया गया। कार्यक्रम में सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रशासन), ऊधमसिंह नगर श्री मोहित कोठारी, सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन) श्री नवीन कुमार सिंह, सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन), काशीपुर श्री संदीप वर्मा तथा परिवहन कर अधिकारी श्री आशुतोष डिमरी सहित हल्द्वानी संभाग के 40 परिवहन सहायक निरीक्षक एवं परिवहन आरक्षी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों को संयुक्त परिवहन आयुक्त तथा दोनों संभागीय परिवहन अधिकारियों की ओर से प्रमाण पत्र प्रदान किए गए। समापन अवसर पर संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन एवं सड़क सुरक्षा), हल्द्वानी श्री अरविन्द पाण्डेय ने सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया।
 

सेवा संकल्प अभियान व राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत प्रतिरक्षण कार्यक्रम का दिया गया प्रशिक्षण -सराहनीय कार्य करने वाली ए. एन. एम. को किया गया सम्मानित

रुद्रपुर (सू.वि.)। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत प्रतिरक्षण कार्यक्रम के अंतर्गत आज मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय सभागार मे प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। प्रशिक्षण मे आज बाजपुर, गदरपुर तथा रुद्रपुर शहरी क्षेत्र की ए एन एम को एच एम आई एस, जननी, यू विन तथा अन्य पोर्टलों एवं एप्लीकेशन के बारे में विस्तृत जानकारी दी गयी। इस दौरान जनपद मे सराहनीय कार्य करने वाली ए. एन. एम. को मुख्य चिकित्सा अधिकारी द्वारा सम्मानित किया गया। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. एस.के. गोस्वामी ने बताया कि प्रतिरक्षण कार्यक्रम को और अधिक प्रभावी एवं पारदर्शी बनाने के लिए सभी संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को इन डिजिटल प्लेटफॉर्म पर प्रशिक्षित किया जा रहा है। इससे टीकाकरण डेटा की एंट्री, वैक्सीन स्टॉक का बेहतर प्रबंधन और लाभार्थियों की ट्रैकिंग सुनिश्चित हो सकेगी। विभाग का उद्देश्य है कि जनपद में गर्भवती माताओं तथा बच्चों के शत-प्रतिशत टीकाकरण लक्ष्य को प्राप्त किया जाए और कोई भी बच्चा व गर्भवती महिला टीकाकरण से वंचित न रहे। प्रशिक्षण मे एसीएमओ डॉ डी पी सिंह, डॉ. हरीश पांडे, डॉ पी. डी. गुप्ता, डॉ सुधीर गुप्ता, डीपीएम हिमांशु मुश्युनी, प्रदीप महर, चाँद मियां, ए. एन. एम. नीमा मेहता, रेखा कन्याल, मीणा मण्डल, हेमा नैनवाल, शीतल, उषा आदि उपस्थित रहे।
 

अल्पसंख्यक शैक्षिक संस्थानों की मान्यता में आ रही कमियों को दूर करने के निर्देश -अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण के अध्यक्ष सुरजीत सिंह गांधी ने अधिकारियों के साथ की बैठक, 10 बिना पंजीकरण संचालित मदरसे किए गए सील

रुद्रपुर (सू.वि.)। उत्तराखण्ड राज्य अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण के अध्यक्ष सुरजीत सिंह गांधी की अध्यक्षता में शुक्रवार को विकास भवन सभागार में जनपद में संचालित मदरसों एवं अल्पसंख्यक शैक्षिक संस्थानों की मान्यता तथा उनसे संबंधित विभिन्न विषयों को लेकर शिक्षा विभाग और अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक आयोजित की गई। बैठक में मान्यता संबंधी प्रस्तावों, लंबित प्रकरणों तथा शिक्षा विभाग के स्तर पर आ रही कमियों के निराकरण पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में अध्यक्ष सुरजीत सिंह गांधी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मान्यता प्रस्तावों में आ रही कमियों को संबंधित विभागों के समन्वय से शीघ्र दूर किया जाए। उन्होंने उत्तराखण्ड राज्य अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण के अधिनियम एवं उद्देश्यों का व्यापक प्रचार-प्रसार करने तथा अधिक से अधिक मदरसों और अल्पसंख्यक शैक्षिक संस्थानों को मान्यता प्रक्रिया से जोड़ने के लिए आवश्यक प्रयास करने पर जोर दिया।
10 मदरसों को किया गया सील
बैठक के दौरान विगत माह जनपद में बिना पंजीकरण एवं शिक्षा विभाग की मान्यता के संचालित पाए गए मदरसों के विरुद्ध की गई कार्रवाई की समीक्षा भी की गई। जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी विपिन सिंह कण्डारी ने बताया कि विद्यालयी मान्यता के लिए आवेदन नहीं करने वाले और बिना पंजीकरण संचालित पाए गए 10 मदरसों को सील किया गया है। इन मदरसों की वर्तमान स्थिति के संबंध में अध्यक्ष ने जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी को विस्तृत आख्या शीघ्र प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। परियोजना निदेशक, डीआरडीए हिमांशु जोशी ने संबंधित अधिकारियों को बैठक में दिए गए निर्देशों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करने तथा विस्तृत आख्या उत्तराखण्ड राज्य अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण के अध्यक्ष एवं जिलाधिकारी को प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। बैठक में परियोजना निदेशक हिमांशु जोशी, खण्ड शिक्षा अधिकारी शावेद आलम, जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी विपिन सिंह कण्डारी तथा शिक्षा विभाग से रविन्द्र पाण्डेय सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।