बाजपुर और गदरपुर में ओलावृष्टि से फसलों को भारी नुकसान, मुआवजे के लिए आज से होगा सर्वे -मुख्यमंत्री धामी ने प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण कर किया स्थलीय निरीक्षण, अधिकारियों को शीघ्र सहायता उपलब्ध करने के दिय निर्देश
गदरपुर/बाजपुर (सू.वि.)। दिनांक 9 अक्टूबर 2026 को गदरपुर तहसील और बाजपुर तहसील में अतिवृष्टि, ओलावृष्टि और आंधी-तूफान से बड़े पैमाने पर फसलों को क्षति हुई है, जिसमें धान और गन्ने की फसल मुख्य रूप से प्रभावित हुई है। अन्य फसलें जो भी खेतों में थीं, वे भी प्रभावित हुई हैं। इसके साथ-साथ पेड़ गिरे हैं, बिजली लाइनें क्षतिग्रस्त हुई हैं, लोगों की व्यक्तिगत संपत्तियों पर भी नुकसान हुआ है। श्री पुष्कर सिंह धामी माननीय मुख्यमंत्री उत्तराखंड द्वारा दिनांक 09.10.2026 को ही बाजपुर एवं गदरपुर क्षेत्र का हवाई सर्वे किया तथा अति गंभीर आपदा की स्थिति का संज्ञान लेकर अपने हेलिकॉप्टर की आपात लैंडिंग कराकर ठं्रचनत में स्थलीय निरीक्षण किया. निरीक्षण के दौरान माननीय मुख्यमंत्री जी ने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक प्रभावित परिवारों तक शीघ्रता से सर्वे टीम भेज कर क्षति का मूल्यांकन कराते हुए हर सम्भव सहायता शीघ्रता से उपलब्ध कराया जाए. माननीय मुख्यमंत्री जी के निर्देश पर जिलाधिकारी उधम सिंह नगर द्वारा तत्काल कार्रवाई प्रारंभ कर दिया गया है। मुख्य विकास अधिकारी, अपर जिला अधिकारी, संबंधित उप जिलाधिकारी द्वारा अधीनस्थ अधिकारियों/कर्मचारियों, क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों के साथ तत्काल निरीक्षण कर क्षति की स्थिति का स्थलीय निरीक्षण किया. आपदा की स्थिति एवं प्रभाव से निपटने के लिए निम्न कारवाई भी की गई है-आपदा की परिस्थितियों से निपटने के लिए व्यापक तौर पर सर्वे कराने, लोगों की क्षति का मूल्यांकन करने, उनकी लिस्ट बनाने और आपदा के नियमों के अंतर्गत सहायता राशि वितरण करने के लिए संबंधित उप-जिलाधिकारियों की निगरानी में सर्वे टीमों का गठन कर दिया गया है। दिनांक 10 अक्टूबर की प्रातः से राजस्व विभाग, कृषि विभाग, ग्राम विकास के अधिकारियों की संयुक्त टीमों द्वारा प्रत्येक गाँव का निरीक्षण करते हुए क्षति का मूल्यांकन किया जाएगा, ड्रोन से उसकी वीडियोग्राफी कराई जाएगी और एक-एक काश्तकार के रकबावार लिस्ट बनाते हुए क्षति का आकलन करते हुए मुआवजा वितरण की कार्यवाही की जानी है। क्षेत्र के सभी निवासियों से अनुरोध है कि सर्वे टीमों को सहयोग करें, अपने खेत और रकबों का निरीक्षण कराएं, अपने स्वामित्व के रकबे को नोट कराएं। तथा यह भी अनुरोध है कि अपने खेत का स्वयं भी वीडियो और फोटोग्राफ मोबाइल से तैयार करके अपने पास रख लें ताकि वो भविष्य में उनके काम आए। विभिन्न विभागीय अधिकारियों को क्षतिग्रस्त संपत्तियों का सर्वे करने, सर्विसेज को दुरुस्त करने, मार्गों को खोलने की तत्काल कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए हैं, जिसके क्रम में 9 तारीख की शाम तक ही विद्युत और सड़क संबंधी जो समस्याएँ उत्पन्न हुई थीं, उनका निराकरण कर लिया गया है।.





