सत्यमेव जयते

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गांवों में उद्यमिता की नई उड़ान, आत्मनिर्भर उत्तराखंड की मजबूत पहचान -लखपति दीदी से करोड़पति बनने की ओर बढ़ रही उत्तराखंड की मातृशक्ति, स्थानीय उत्पादों को बाजार, ग्रामीण उद्यमिता को नया विस्तार

रुद्रपुर (सू.वि.)। सूबे के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को देहरादून में आयोजित मुख्यमंत्री उद्यमशाला योजना चैपाल कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। जिसका सजीव प्रसारण जिला मुख्यालय विकास भवन रुद्रपुर में सैकड़ों महिला उद्यमियों ने देखा। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में 39 लखपति दीदी एवं महिला उद्यमियों को सम्मानित किया। जिसमें जनपद ऊधम सिंह नगर की तीन महिला उद्यमी रश्मि तिवारी,संगीता व भगवती सागर भी शामिल थी।कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार द्वारा संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के व्यापक प्रचार-प्रसार एवं अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक योजनाओं की जानकारी पहुंचाने के उद्देश्य से तैयार की गई छह पुस्तिकाओं का विमोचन किया। उन्होंने कहा कि इन पुस्तिकाओं के माध्यम से प्रदेश के दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को भी सरकार द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की जानकारी प्राप्त हो सकेगी और वे उनका लाभ उठा सकेंगे। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम के दौरान राज्य स्तर पर उत्कृष्ट कार्य करने वाली लखपति दीदियों एवं महिला उद्यमियों को सम्मानित करते हुए प्रशस्ति पत्र प्रदान किए। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि यह कार्यक्रम केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं है, बल्कि उत्तराखंड में हो रहे सकारात्मक बदलावों का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की हमारी बहनें आज लखपति दीदी बन रही हैं और अब करोड़पति बनने की दिशा में अग्रसर हैं। उन्होंने कहा कि महिलाओं का सम्मान करते समय ऐसा लग रहा था कि हम स्वयं सम्मानित हो रहे हैं। यह देखकर प्रसन्नता होती है कि हमारे गांवों की महिलाएं प्रदेश के विकास में केवल सहभागी ही नहीं बन रही हैं, बल्कि अपने सामर्थ्य, परिश्रम और पूरी क्षमता के बल पर उत्तराखंड को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड की विषम भौगोलिक परिस्थितियों के कारण पूर्व में पलायन की स्थिति बनी रही, लेकिन तब और अब में फर्क है। आज लखपति दीदियां और महिला उद्यमी अपनी मेहनत, सामर्थ्य एवं कौशल के बल पर उत्कृष्ट कार्य कर रही हैं। उन्होंने कहा कि जब वे महिलाओं के चेहरों पर प्रसन्नता, संतोष, सुकून, आत्मसंतोष और आत्मविश्वास का भाव देखते हैं तो उन्हें गर्व होता है। जो महिलाएं पहले अपने घर तक सीमित रहकर परिवार चलाती थीं, वे आज घर-परिवार के साथ-साथ गांव और प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में भी योगदान दे रही हैं तथा कठिन से कठिन परिस्थितियों में आगे बढ़ रही हैं। उन्होंने कहा कि हमारे प्रदेश का परिवेश कठिन है और इन्हीं कठिन परिस्थितियों ने हमें सिखाया है कि राहें कितनी भी कठिन क्यों न हों, यदि इरादे मजबूत हों तो लक्ष्य तक पहुंचने से कोई शक्ति नहीं रोक सकती। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे किसान कठिन परिस्थितियों में कार्य करने का अनुभव रखते हैं और हमारे स्थानीय उत्पादों में देश-दुनिया के बाजार तक पहुंचने की क्षमता है। आवश्यकता केवल इस बात की है कि उन्हें सही दिशा, मार्गदर्शन और नए अवसर उपलब्ध कराए जाएं। इसी उद्देश्य से मुख्यमंत्री उद्यमशाला योजना को आगे बढ़ाया जा रहा है। सरकार का प्रयास है कि इस योजना के माध्यम से युवाओं, महिलाओं तथा विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े लोगों को रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर प्राप्त हों। विशेषकर युवाओं को रोजगार मांगने वाला नहीं, बल्कि अपनी योग्यता और क्षमता के अनुरूप रोजगार उपलब्ध कराने वाला बनाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की महिलाएं प्रत्येक क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य कर रही हैं और गांवों के साथ-साथ प्रदेश की अर्थव्यवस्था को भी मजबूत कर रही हैं। हमारे किसान अब बिचैलियों के बजाय सीधे बाजार में अपने उत्पाद उचित मूल्य पर बेच रहे हैं। मुख्यमंत्री उद्यमशाला योजना भी इसी सोच को धरातल पर उतारने का महत्वपूर्ण माध्यम है। योजना के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में कार्य कर रहे उद्यमियों, माताओं-बहनों एवं नौजवानों को अपने व्यवसाय को आगे बढ़ाने के लिए प्रशिक्षण, मार्गदर्शन और आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराया जा रहा है। मुख्यमंत्री उद्यमशाला योजना के माध्यम से अभी तक 13 हजार से अधिक उद्यमियों को सहयोग प्रदान किया जा चुका है तथा 8 हजार से अधिक महिला उद्यमियों एवं स्वयं सहायता समूह के सदस्यों को उद्यमिता से जोड़ा गया है, जिससे उन्हें आजीविका के नए अवसर प्राप्त हुए हैं। उन्होंने कहा कि ये केवल आंकड़े नहीं हैं, बल्कि किसी मां, बहन की मेहनत, उसकी उम्मीद और किसी परिवार के उज्ज्वल भविष्य की नींव हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड की मातृशक्ति जिस आत्मविश्वास और सामर्थ्य के साथ आगे बढ़ रही है, वह हम सभी के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के माध्यम से पांच लाख से अधिक ग्रामीण महिलाओं को 70 हजार से अधिक स्वयं सहायता समूहों से जोड़ा जा चुका है। उन्होंने कहा कि वे प्रदेश की मातृशक्ति की मेहनत, उद्देश्य और सामर्थ्य को प्रणाम करते हैं। प्रदेश की तीन लाख बहनें लखपति दीदी बन चुकी हैं, जो महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ा उदाहरण है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमें अब रुकना नहीं है, बल्कि करोड़पति बनने की दिशा में आगे बढ़ना है। प्रदेश की बहनों ने साबित किया है कि महिलाओं को अवसर मिलने पर वे कोई भी कार्य कर सकती हैं, गांव बदल सकती हैं और परिवारों का भविष्य बदल सकती हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश की बहनें पहाड़ी मसालों से लेकर मंडुवा, झंगोरा, दाल, शहद, अचार, जैम, हस्तशिल्प, ऊनी उत्पाद और स्थानीय कलाओं को व्यवसाय का रूप देकर आजीविका का बड़ा माध्यम बना रही हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी उत्तराखंड आने वाले पर्यटकों एवं श्रद्धालुओं से आह्वान किया है कि वे अपने खर्च का कम से कम 5 प्रतिशत हिस्सा महिलाओं द्वारा बनाए गए विभिन्न उत्पादों पर जरूर खर्च करें,ताकि महिला उद्यमियों को सम्मान और प्रोत्साहन दोनों मिल सकें। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य है कि अधिक से अधिक बहनें लखपति दीदी बनें और आगे मेहनत करते हुए करोड़पति बनने की दिशा में आगे बढ़ें। मुख्यमंत्री ने सभी बहनों को शुभकामनाएं देते हुए रक्षाबंधन की बधाई दी। उन्होंने कहा कि रक्षाबंधन के अवसर पर महिलाओं को दो दिन तक बसों में निःशुल्क यात्रा की सुविधा भी प्रदान की जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे द्वारा बनाए जा रहे उत्पाद केवल उत्पादन तक सीमित न रहें, बल्कि उन्हें डिजाइनिंग, प्रोसेसिंग, पैकेजिंग, ब्रांडिंग और मार्केटिंग से जोड़ा जाए। हमारा लक्ष्य केवल उत्पाद बनाना नहीं, बल्कि उत्पाद के लिए बाजार उपलब्ध कराना और उसके विपणन के पर्याप्त अवसर सुनिश्चित करना भी है। हमारी बड़ी सफलता तब होगी जब उत्तराखंड के गांवों में तैयार उत्पाद निकलकर देश के बड़े-बड़े बाजारों तक पहुंचेंगे। इसी सोच के साथ राज्य सरकार द्वारा हाउस ऑफ हिमालयाज की नींव रखी गई है, जो प्रदेश के स्थानीय उत्पादों को मजबूत पहचान और व्यापक बाजार उपलब्ध कराने का माध्यम बन रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘वोकल फॉर लोकल’, ‘लोकल टू ग्लोबल’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ जैसे मंत्र दिए हैं, जिन्हें राज्य सरकार धरातल पर उतारने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि कठिन परिस्थितियों के बावजूद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत का विकास तेजी से हो रहा है। आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में प्रधानमंत्री के नेतृत्व में महत्वपूर्ण कार्य किए जा रहे हैं और भारत आज प्रत्येक क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की संस्कृति, परंपरा और मिट्टी की खुशबू हमारे उत्पादों को खरीदने वाले प्रत्येक व्यक्ति को महसूस होनी चाहिए। इसके लिए बाजार की उपलब्धता अत्यंत आवश्यक है। इसी उद्देश्य से प्रदेश में ग्रामीण हाट, विपणन केंद्र, कलेक्शन सेंटर और एग्री सर्विस सेंटर जैसी व्यवस्थाओं को मजबूत किया जा रहा है।मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीण उद्यमिता को बढ़ावा देने का एक महत्वपूर्ण उद्देश्य पलायन को रोकना भी है। उत्तराखंड में अपार संभावनाएं हैं और राज्य सरकार उन संभावनाओं को अवसरों में बदलने के लिए लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने युवाओं पर पूरा भरोसा जताते हुए कहा कि हमारे युवा केवल ‘जेनजी’ नहीं, बल्कि इंजी हैं (इंडियन जेनरेशन)हैं, जो विकसित भारत के संकल्प को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।उन्होंने कहा कि गांव मजबूत होगा तो राज्य मजबूत होगा और राज्य मजबूत होगा तो देश मजबूत होगा। इसी सोच के साथ राज्य सरकार हर संभव प्रयास कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि अब हमें ऐसे गांव बनाने हैं,जहां के युवा और मातृशक्ति गांव में रहकर ही आत्मनिर्भर बनें और अपना रोजगार स्थापित करें। हमें ऐसे उत्पाद तैयार करने हैं जिन्हें देखकर देश-दुनिया का उपभोक्ता कहे कि यह उत्तराखंड का उत्पाद है, इसमें कोई मिलावट नहीं है, इसकी पैकेजिंग अच्छी है, इसका मूल्य उचित है और इसमें उत्तराखंड की खुशबू है। उन्होंने कहा कि हमारा प्रयास होना चाहिए कि पलायन हमारी मजबूरी नहीं, बल्कि विकल्प बने। गांव केवल रहने की जगह न होकर विकास और उद्यमिता के केंद्र बनें। उन्होंने कहा कि हम सभी मिलकर संकल्प लें कि प्रदेश के प्रत्येक गांव में ऐसे अवसर पैदा किए जाएंगे, जिससे गांव की मातृशक्ति और युवा गांव में रहकर ही आत्मनिर्भर बन सकें। इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने घोषणा की कि देहरादून के 13 गांवों में स्वयं सहायता समूहों द्वारा निर्मित उत्पादों के लिए राज्य स्तरीय विपणन केंद्र खोला जाएगा। उन्होंने कहा कि इससे ग्रामीण महिलाओं एवं स्वयं सहायता समूहों के उत्पादों को बेहतर बाजार उपलब्ध होगा तथा उनकी आय एवं उद्यमिता को और अधिक बढ़ावा मिलेगा। जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया व ब्लॉक प्रमुख रीना गौतम ने मुख्यमंत्री उद्यमशाला योजना प्रचार रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया,प्रचार जागरूकता रथ जनपद के सभी ब्लॉक व न्यायपंचायत में जनकल्याणकारी योजनाओं का प्रचार कर विस्तृत जानकारियां देगा। विकास भवन में आयोजित मुख्यमंत्री उद्यमशाला योजना चैपाल के सजीव प्रसारण के बाद मुख्य विकास अधिकारी दिवेश शासनी ने उद्यमियों के साथ संवाद करते हुए महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में प्रेरित करने के साथ ही उनके द्वारा उत्पादित उत्पादों की गुणवत्ता एवं बेहतर पैकेजिंग पर भी जोर दिया ताकि डिजिटल प्लेटफार्म के माध्यम से उन्हें बाजार उपलब्ध कराया जा सके। महिलाओं द्वारा तैयार उत्पादों का सोशल मीडिया के माध्यम से प्रचार प्रसार के लिए सीडीओ ने सभी खंड विकास अधिकारियों को अपने-अपने ब्लाक से बेहतर उत्पादों का प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए। कार्यक्रम में मुख्य विकास अधिकारी ने 39 उत्कृष्ट महिला एवं पुरुष उद्यमियों को सम्मानित किया। जिसमें प्रियंका,विजयलक्ष्मी,मूलोदेवी,कुसुम,अमरवती,नीतू,ललिता,निर्मला देवी,पूजा मेहता,शांति देवी,मंजू देवी,केशमी देवी,सोनिया माँझी,सीता वर्मा,ममता राही,शांति देवी,गायत्री मलिक,बबली कोरंगा,मीना देवी,उर्मिला बोरा,पूनम,गुड़िया मोर्या,रानू अग्रवाल,रेखा नरूला,सुनीता देवी,सीमा कोरंगा,ममता मेहरा,कोशल्या, रेखा सहित अमित कुमार,विजय कुमार,विकास,आदि अन्य उद्यमी शामिल रहे।तथा कृषि,पशुपालन,उद्योग,उद्यान आदि विभागों के अधिकारियों द्वारा विभाग से संचालित योजनाओं की जानकारी महिला उद्यमियों को दी। कार्यक्रम में विभागों के साथ महिला उद्यमियों ने संवाद करते हुए  सरकार की योजनाओं को धरातल पर उतारने हेतु अपने अनुभव साझा किए। कार्यक्रम में विभिन्न विभागों व स्वयं सहायता समूहों द्वारा स्टाल लगाए गए। इस अवसर पर ब्लॉक प्रमुख रीना गौतम,सांसद प्रतिनिधि जितेंद्र गौतम,परियोजना निदेशक हिमांशु जोशी, एपीडी रमा गोस्वामी, महाप्रबंधक उद्योग विपिन कुमार,मुख्य कृषि अधिकारी डॉ.वीके यादव,मुख्य उद्यान अधिकारी सतीश शर्मा, सीवीओ डॉ आशुतोष जोशी,खंड विकास अधिकारी अतिया परवेज, असित आनंद सहित अन्य अधिकारी एवं सैकड़ों महिला उद्यमी उपस्थित रही।

आगामी 29 व 30 अगस्त को रुद्रपुर स्थित राधा स्वामी सत्संग व्यास घर में पूज्य बाबा जी एवं हुजूर जी की पावन उपस्थिति में विशाल सत्संग कार्यक्रम का आयोजन को लेकर डीएम ने ली बैठक

रुद्रपुर (सू.वि.)। आगामी 29 व 30 अगस्त को रुद्रपुर स्थित राधा स्वामी सत्संग व्यास घर में पूज्य बाबा जी एवं हुजूर जी की पावन उपस्थिति में विशाल सत्संग कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। इस भव्य आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। कार्यक्रम के दौरान कानून-व्यवस्था,जन-सुरक्षा,सुगम यातायात प्रबंधन और आवश्यक नागरिक सुविधाओं को दुरुस्त रखने के उद्देश्य से गुरुवार को जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया की अध्यक्षता में राधा स्वामी व्यास में समीक्षा बैठक हुई। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि कार्यक्रम से पूर्व सभी आवश्यक बुनियादी व्यवस्थाएं समय रहते पूरी कर ली जाए।उन्होंने अधिकारियों को बिजली पानी की निर्वाध आपूर्ति सुनिश्चित करने, सड़क एवं सफाई व्यवस्था के साथ ही पर्याप्त स्ट्रीट लाइटें लगाने,खराब लाइटों की तत्काल मरम्मत करने,डिवाइडरों की पेंटिंग,सड़कों के गड्ढों की मरम्मत,नालियों की सफाई तथा पार्किंग की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने निर्देश दिए।धूल नियंत्रण के लिए सड़कों पर नियमित पानी का छिड़काव करने को कहा गया।आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए पर्याप्त संख्या में एम्बुलेंस और दमकल वाहनों की तैनाती सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।साथ ही आसपास के सभी सरकारी और निजी चिकित्सालयों को सतर्क (अलर्ट) रहने के लिए निर्देशित किया गया है।श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों को यातायात संबंधी असुविधा न हो, इसके लिए ट्रैफिक व पार्किंग व्यवस्था  सुनिश्चित करने के निर्देश पुलिस दिए। जिलाधिकारी ने कहा कि इतने बड़े आयोजन में श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं बरती जाए। बैठक में अपर जिलाधिकारी पंकज उपाध्याय, अपर पुलिस अधीक्षक डॉ.उत्तम सिंह नेगी ,प्रदेश सचिव राधा स्वामी सत्संग व्यास हरीश मुंजाल, दीपक गुम्बर,भारत भूषण चुघ, सीएफओ ईशान कटारिया, अधिशासी अभियंता जल संस्थान बदरे आलम, विद्युत राजीव चक्रवर्ती,एसडीओ अमित, निरीक्षक कुलदीप कुमार सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
 

जिले में धान खरीद की प्रक्रिया को पारदर्शी और सुगम बनाने के लिए जिला प्रशासन ने युद्ध स्तर पर तैयारियां शुरू कर दी 

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रुद्रपुर (सू.वि.)।
जिले में धान खरीद की प्रक्रिया को पारदर्शी और सुगम बनाने के लिए जिला प्रशासन ने युद्ध स्तर पर तैयारियां शुरू कर दी हैं। आगामी 01 अक्टूबर से धान खरीद प्रारम्भ होगी, जुलाई माह से किसानों का पंजीकरण प्रक्रिया प्रारंभ हो गया है और अब तक भारत ऐप के माध्यम से 1863 किसान अपना पंजीकरण करा चुके हैं। जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया ने गुरुवार को किसान व किसान संगठनों के साथ बैठक कर सभी किसानों से समय रहते पंजीकरण प्रक्रिया पूरी करने की अपील की। जिलाधिकारी ने कहा कि किसानों की एफसीआई (भारतीय खाद्य निगम) से जुड़ी समस्याओं को दूर करने के प्रयास किए जा रहे हैं। प्रशासन किसानों की हर समस्या के समाधान के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। धान खरीद के दौरान किसानों की शिकायतों के त्वरित निस्तारण हेतु अपर जिलाधिकारी को नोडल अधिकारी तथा मुख्य कृषि अधिकारी को नामित किया गया है,जो मौके पर ही किसानों की समस्याओं का समाधान करेंगे। जिलाधिकारी ने किसानों को संपूर्ण धान खरीद प्रक्रिया को आपसी समन्वय के साथ सुगम और पारदर्शी तरीके से संपन्न कराने का भरोसा दिया। साथ ही जिलाधिकारी ने अधिकारियों को क्रय केंद्रों पर किसानों द्वारा लाए जाने वाले धान की खरीद व सुरक्षित रखने के लिए पर्याप्त और पुख्ता इंतजाम सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। तथा किसानों की किसी भी समस्या या शिकायत के समाधान हेतु दूरभाष नंबर 9412987380 को भी जारी किया गया। आरएमओ लता मिश्रा ने बताया कि किसानों के पंजीकरण को आसान बनाया गया है। आधार कार्ड से किसानों का पंजीकरण कराया जा रहा है। साथ ही पंजीकरण,भुगतान व एमएसपी के बारे में भी किसानों को गांव गांव जाकर जागरूक किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि धान खरीद के लिए किसानों का पंजीकरण जुलाई से शुरू हो गया है,वर्तमान तक भारत एप के माध्यम से 1863 किसानों द्वारा पंजीकरण कराया चुका है।किसानों को रजिस्ट्रेशन के लिए खतौनी,आधार कार्ड, बैंक खाता और पंजीकृत मोबाइल नंबर अनिवार्य है। साथ ही किसान अपना पंजीकरण अपने मोबाइल फोन के माध्यम से भारत एप एवं मंडी और सीएससी  सेंटर से भी करा सकते हैं। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि भुगतान प्रक्रिया को भी सरकार ने सरल किया है। धान खरीद पर सीधे भुगतान किसान के खाते में किया जाएगा। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी दिवेश शासनी, क्षेत्रीय खाद्य आयुक्त टीएस मर्तोलिया, अपर जिलाधिकारी पंकज उपाध्याय, मुख्य कृषि अधिकारी डॉ.वीके यादव, मुख्य उद्यान अधिकारी एसके शर्मा, एसएमओ कौशल कुमार, दीपक कुमार, केसी आर्या, जगदीश क्लोनी, ओम नारायण मिश्रा, डिप्टी आरएमओ वरुणकुमार, सचिव मंडी योगेश तिवारी, विनोद चंद पलड़िया, जिला प्रबंधक यूसीएफ संजय आर्य, एनसीसीएफ संतोष कुमार, नीरज सिंहसहित किसान यूनियन के पदाधिकारी एवं किसान उपस्थित रहे।
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गदरपुर में निकाली गयी विशाल भव्य तिरंगा यात्रा  -भव्य तिरंगा यात्रा में भारी संख्या में भाग लिया, नगर  भारत माता की जय, वंदे मात्रम् से गूंज उठा

(आकाश कोचर)
गदरपुर।
गदरपुर में देशभक्ति एवं राष्ट्रप्रेम की भावना से ओत-प्रोत भव्य तिरंगा यात्रा निकाली गयी। तिरंगा यात्रा का नेतृत्व मुख्य रूप से नगर पालिका परिषद के अध्यक्ष मनोज गुम्बर मिंटू एवं भाजपा प्रदेश मंत्री गुंजन सुखीजा द्वारा किया गया। तिरंगा यात्रा का शुभारंभ कम्बोज धर्मशाला में शहीद ऊधम सिंह जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण करने के बाद हुआ। इसके पश्चात तिरंगा यात्रा मुख्य बाजार से होते हुए महर्षि वाल्मीकि जी के मंदिर पहुंची, जहां यात्रा का भव्य समापन हुआ। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में श्री भगत सिंह कोश्यारी, पूर्व मुख्यमंत्री उत्तराखंड एवं पूर्व राज्यपाल महाराष्ट्र, विशेष रूप से उपस्थित रहे। उनके आगमन से तिरंगा यात्रा में शामिल लोगों में विशेष उत्साह देखने को मिला। तिरंगा यात्रा में हजारों की संख्या में क्षेत्रवासियों एवं राष्ट्रभक्तों ने भाग लिया। हाथों में तिरंगा लेकर लोगों ने राष्ट्रप्रेम, एकता एवं अखंडता का संदेश दिया। पूरे यात्रा मार्ग पर भारत माता की जय एवं वंदे मातरम् के जयघोष से वातावरण देशभक्ति से सराबोर रहा। इस अवसर पर वरिष्ठ भाजपा नेता सुभाष गुम्बर, राजेश गुम्बर, नगर पंचायत अध्यक्ष गुलरभोज सतीश चुघ, नगर पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि काबल सिंह, ब्लॉक प्रमुख ज्योति ग्रोवर, अभिषेक गुम्बर, कपिल गंडा, सभासद रमन छाबड़ा, सचिन गुप्ता, अश्वनी कुमार, परमजीत सिंह, सतीश छाबड़ा, निर्मल नारंग, धीरज, संतोष श्रीवास्तव, आकाश कोचर, कुणाल रस्तोगी, विशाल, मनीष गुम्बर सहित अनेक जनप्रतिनिधि, भाजपा पदाधिकारी, सामाजिक कार्यकर्ता एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। नगर पालिका अध्यक्ष मनोज गुम्बर मिंटू ने तिरंगा यात्रा को सफल बनाने के लिए गदरपुर की समस्त देवतुल्य जनता, जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों, भाजपा कार्यकर्ताओं एवं सभी सहयोगियों का हृदय से आभार एवं धन्यवाद व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि तिरंगा हमारी आन, बान और शान का प्रतीक है। गदरपुर में उमड़ा यह जनसैलाब राष्ट्रप्रेम, एकता और देश के प्रति समर्पण की भावना को दर्शाता है। शहीदों के बलिदान को नमन करते हुए हमें सदैव राष्ट्रहित एवं समाजहित में कार्य करने का संकल्प लेना चाहिए।

गदरपुर श्री सनातन धर्म मंदिर बुध बाजार में कथा का 19वाॅं दिन


विनोद वार्ता संवाद-सूत्र
गदरपुर।
श्री सनातन धर्म मंदिर बुध बाजार गदरपुर में सावन मास के उपलक्ष में चल रही कथा के कल 19वें दिवस की कथा करते हुए कथा वाचक आचार्य पंडित शिव प्रसाद अग्निहोत्री जी ने बताया कि यदि मनुष्य जीवन में भगवान का भजन करता हुआ अंत समय में किसी दोष या गलती के कारण आसुरी योनि को प्राप्त करता है तो भजन के प्रभाव उसे आसुरी योनि में भी भगवान का स्मरण रहता है, आगे व्यास जी ने बताया कि राजा परीक्षित ने पूछा कि भगवान पक्षपात क्यों करते हैं अपने भक्तों को बचाते हैं एवं असुरों का वध करते हैं सुखदेव स्वामी ने बताया कि भगवान किसी से भी पक्षपात नहीं करते, भगवान को जो जिस प्रकार भजता है भगवान उसे वैसे ही गति देते हैं। इस दौरान कथा श्रवण करने पहुंचे श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उपस्थित थी। प्रसाद की सेवा वरिष्ठ समाजसेवी श्री विजय भुड्डी (चाचू ) जी के परिवार द्वारा दी गई। 
 

फर्जी आपत्ति लगाने वालों पर हो सख्त कार्रवाई  -राजा ने कहा जनता में निर्वाचन प्रक्रिया के प्रति अविश्वास हो रहा 

विनोद वार्ता संवाद-सूत्र
गदरपुर।
मतदाता सूची के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान फॉर्म-10 के माध्यम से दर्ज की जा रही कथित फर्जी आपत्तियों पर काफी नाराजगी व्यक्त की। सोमवार को युवा सामाजिक कार्यकर्ता अकील रजा ने बताया कि निर्वाचन टीमें घर-घर जाकर मतदाता सूची का सत्यापन कर रही हैं। वहीं, निर्वाचन आयोग की वेबसाइट पर फॉर्म-10 के माध्यम से कुछ मतदाताओं के नामों पर आपत्तियां दर्ज की जा रही हैं। रजा के अनुसार जिन मतदाताओं के नाम पर आपत्तियां दर्ज हैं, उन्होंने या उनके परिवार के किसी सदस्य ने ऐसी कोई आपत्ति नहीं की है। उन्होंने कहा कि इस तरह की शिकायतों से मतदाताओं में भ्रम और आक्रोश की स्थिति बन रही है तथा निर्वाचन प्रक्रिया के प्रति अविश्वास पैदा हो रहा है। उन्होंने सभी आपत्तियों की निष्पक्ष जांच कर फर्जी आपत्ति लगाने वाले दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
 

गदरपुर पुलिस ने 21 दुर्लभ प्रजाति इण्डियन सॉफ्टशेल (निलसोनिया गेंगटिका)  (लिससेमिस पंक्टाटा) के साथ  दो को किया गिरफ्तार

(पुलिस एंड मीडिया गदरपुर)
गदरपुर।
ऑपरेशन प्रहार अभियान के तहत कोतवाली गदरपुर पुलिस ने कार्यवाही करते हुए  दो अभियुक्तगणों को 21 दुर्लभ प्रजाति इण्डियन सॉफ्टशेल (निलसोनिया गेंगटिका)  (लिससेमिस पंक्टाटा) के साथ गिरफ्तार किया है। वर्तमान में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जनपद ऊधम सिह नगर द्वारा वन्य जीव संरक्षण हेतु दुर्लभ प्रजाति के वन्य जीवों के निर्यात, तस्करी तथा बिक्री आदि पर प्रभावी अंकुश लगाये जाने हेतु चलाये जा रहे अभियान के तहत पुलिस अधीक्षक अपराध /पुलिस अधीक्षक काशीपुर तथा क्षेत्राधिकारी बाजपुर के कुशल पर्यवेक्षण मे तथा प्रभारी निरीक्षक गदरपुर के नेतृत्व में  पुलिस टीम द्वारा दिनांक 16/08/2026 सघन चैकिंग अभियान चालते हुए गदरपुर मोतियापुर हाईवे पर पानी की टंकी के पास दो अभियुक्तगणो को मोटर साइकिल स्पलैण्डर प्लस बरंग काला रजि0नं0 यूपी22एन-1668 व चैसिस नम्बर- एमएलएलए 094केएचडी72885 में परिवहन करते 21 अदद  दुर्लभ प्रजाति इण्डियन सॉफ्टशेल (निलसोनिया गेंगटिका) , (लिससेमिस पंक्टाटा) कछुओ  के साथ पकड़ा गया। पूछताछ में अभियुक्तगणों द्वारा इन कछुवों को दडियाल कोसी नदी में धीमर (मछवारों) से जाना जिनका नाम पता नही जानना बताया गया। उपरोक्त अभियुक्त गण को जुर्म अपराध  धारा 9/51/48ए वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम-1972  से अवगत कराते हुए हस्बव कायदा गिरफ्तार किया गया। बरामदगी व गिरफ्तारी के आधार पर थाना हाजा पर  मु0 एफआईआर नंबर 204/2026 अन्तर्गत धारा 9/51/48। वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम-1972 का अभियोग पंजीकृत किया गया । माननीय न्याायालय के समक्ष पेश किया जा रहा है। आपराधिक इतिहास की जानकारी की जा रही है। गिरफ्तार करने वाली पुलिस टी में उपनिरीक्षक प्रदीप शर्मा, अप उपनिरीक्षक रमेश चन्द्र बिष्ट, कानि. सीपी राजेन्द्र सिंह बिष्ट, कानि. सीपी मोहन भट्ट, हो.गा. दीपक शर्मा, संविदा चालक राजेश कुमार शामिल थे।