सत्यमेव जयते

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रक्षाबंधन को लेकर खाद्य विभाग की छापेमारी, छह नमूने लिए

रुद्रपुर। आगामी रक्षाबंधन त्योहार के मद्देनजर आमजन को सुरक्षित एवं गुणवत्तायुक्त खाद्य एवं पेय पदार्थ उपलब्ध कराने तथा खाद्य पदार्थों में मिलावट की रोकथाम के लिए खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने रुद्रपुर क्षेत्र में सघन अभियान चलाया। अभियान के दौरान विभिन्न खाद्य प्रतिष्ठानों का औचक निरीक्षण करते हुए छह खाद्य पदार्थों के नमूने जांच के लिए लिए गए। खाद्य सुरक्षा उपायुक्त कुमाऊं मंडल डॉ. राजेन्द्र सिंह कठायत के नेतृत्व में सहायक आयुक्त (खाद्य संरक्षा) ऊधमसिंह नगर ललित मोहन पांडे, वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी काशीपुर अपर्णा साह तथा वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी रुद्रपुर आशा आर्या की टीम ने कार्रवाई की। टीम ने आवास विकास क्षेत्र स्थित डेयरियों, रेस्टोरेंट और मिठाई की दुकानों का निरीक्षण किया। नैनीताल रोड स्थित प्रतिष्ठित रेस्टोरेंट से पनीर के तीन नमूने, आवास विकास स्थित दूध डेयरी से गाय के दूध का एक नमूना और एक नमूना पनीर का लिया गया। इसके बाद शिव शक्ति मंदिर, आवास विकास स्थित मिठाई निर्माता प्रतिष्ठान से रसगुल्ला (छेना) का एक नमूना लिया गया। सभी छह नमूनों को परीक्षण के लिए राज्य खाद्य एवं औषधि प्रयोगशाला, रुद्रपुर भेजा जाएगा। जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद नमूने निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं पाए जाने पर संबंधित खाद्य कारोबारियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
बिना लाइसेंस चल रहे प्रतिष्ठान पर कार्रवाई
अभियान के दौरान आवास विकास स्थित मुख्य बाजार में निरीक्षण के समय एक मिठाई प्रतिष्ठान में गंदगी पाए जाने तथा खाद्य पदार्थ खुले में रखे जाने पर कार्रवाई की गई। प्रतिष्ठान के पास एफएसएसएआई लाइसेंसध्पंजीकरण नहीं होने पर चालानी कार्रवाई भी की गई। खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने सभी खाद्य कारोबारियों को प्रतिष्ठानों में साफ-सफाई बनाए रखने तथा खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुरूप खाद्य एवं पेय पदार्थों का निर्माण, भंडारण, वितरण और विक्रय करने के निर्देश दिए।
संदिग्ध खाद्य पदार्थ नहीं बेचने की हिदायत
अधिकारियों ने खाद्य कारोबारियों को संदिग्ध खाद्य पदार्थों की बिक्री नहीं करने के निर्देश दिए। साथ ही खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के मानकों के अनुरूप खाद्य एवं पेय पदार्थों का ही निर्माण, विक्रय एवं भंडारण करने को कहा गया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि बिना पंजीकरण अथवा लाइसेंस के खाद्य कारोबार संचालित करने पर नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी। खाद्य कारोबारियों को यह भी निर्देश दिया गया कि खाद्य पदार्थों के क्रय बिल पर एफएसएसएआई लाइसेंस नंबर अंकित होना चाहिए। बाहरी प्रदेशों से केवल पंजीकृत एवं लाइसेंसधारी खाद्य कारोबारियों से ही खाद्य सामग्री खरीदने तथा खरीद-बिक्री का दैनिक रिकॉर्ड रखने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों ने आमजन से भी अपील की कि खाद्य एवं पेय पदार्थ खरीदते समय निर्माण एवं उपभोग की तिथि तथा खाद्य कारोबारी का लाइसेंसध्पंजीकरण अवश्य जांचें। निम्न गुणवत्ता, अस्वच्छ अथवा अस्वास्थ्यकर खाद्य सामग्री की बिक्री की शिकायत टोल फ्री नंबर 18001804246 पर की जा सकती है। अभियान दल में खाद्य सुरक्षा उपायुक्त कुमाऊं मंडल डॉ. राजेन्द्र सिंह कठायत, सहायक आयुक्त (खाद्य संरक्षा) ऊधमसिंह नगर ललित मोहन पांडे, वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी काशीपुर अपर्णा साह, वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी आशा आर्या, रुद्रपुर एवं अन्य अधिकारी-कर्मचारी शामिल रहे।
 

रक्षाबंधन को लेकर खाद्य विभाग की छापेमारी, छह नमूने लिए

रुद्रपुर। आगामी रक्षाबंधन त्योहार के मद्देनजर आमजन को सुरक्षित एवं गुणवत्तायुक्त खाद्य एवं पेय पदार्थ उपलब्ध कराने तथा खाद्य पदार्थों में मिलावट की रोकथाम के लिए खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने रुद्रपुर क्षेत्र में सघन अभियान चलाया। अभियान के दौरान विभिन्न खाद्य प्रतिष्ठानों का औचक निरीक्षण करते हुए छह खाद्य पदार्थों के नमूने जांच के लिए लिए गए। खाद्य सुरक्षा उपायुक्त कुमाऊं मंडल डॉ. राजेन्द्र सिंह कठायत के नेतृत्व में सहायक आयुक्त (खाद्य संरक्षा) ऊधमसिंह नगर ललित मोहन पांडे, वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी काशीपुर अपर्णा साह तथा वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी रुद्रपुर आशा आर्या की टीम ने कार्रवाई की। टीम ने आवास विकास क्षेत्र स्थित डेयरियों, रेस्टोरेंट और मिठाई की दुकानों का निरीक्षण किया। नैनीताल रोड स्थित प्रतिष्ठित रेस्टोरेंट से पनीर के तीन नमूने, आवास विकास स्थित दूध डेयरी से गाय के दूध का एक नमूना और एक नमूना पनीर का लिया गया। इसके बाद शिव शक्ति मंदिर, आवास विकास स्थित मिठाई निर्माता प्रतिष्ठान से रसगुल्ला (छेना) का एक नमूना लिया गया। सभी छह नमूनों को परीक्षण के लिए राज्य खाद्य एवं औषधि प्रयोगशाला, रुद्रपुर भेजा जाएगा। जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद नमूने निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं पाए जाने पर संबंधित खाद्य कारोबारियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
बिना लाइसेंस चल रहे प्रतिष्ठान पर कार्रवाई
अभियान के दौरान आवास विकास स्थित मुख्य बाजार में निरीक्षण के समय एक मिठाई प्रतिष्ठान में गंदगी पाए जाने तथा खाद्य पदार्थ खुले में रखे जाने पर कार्रवाई की गई। प्रतिष्ठान के पास एफएसएसएआई लाइसेंसध्पंजीकरण नहीं होने पर चालानी कार्रवाई भी की गई। खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने सभी खाद्य कारोबारियों को प्रतिष्ठानों में साफ-सफाई बनाए रखने तथा खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुरूप खाद्य एवं पेय पदार्थों का निर्माण, भंडारण, वितरण और विक्रय करने के निर्देश दिए।
संदिग्ध खाद्य पदार्थ नहीं बेचने की हिदायत
अधिकारियों ने खाद्य कारोबारियों को संदिग्ध खाद्य पदार्थों की बिक्री नहीं करने के निर्देश दिए। साथ ही खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के मानकों के अनुरूप खाद्य एवं पेय पदार्थों का ही निर्माण, विक्रय एवं भंडारण करने को कहा गया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि बिना पंजीकरण अथवा लाइसेंस के खाद्य कारोबार संचालित करने पर नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी। खाद्य कारोबारियों को यह भी निर्देश दिया गया कि खाद्य पदार्थों के क्रय बिल पर एफएसएसएआई लाइसेंस नंबर अंकित होना चाहिए। बाहरी प्रदेशों से केवल पंजीकृत एवं लाइसेंसधारी खाद्य कारोबारियों से ही खाद्य सामग्री खरीदने तथा खरीद-बिक्री का दैनिक रिकॉर्ड रखने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों ने आमजन से भी अपील की कि खाद्य एवं पेय पदार्थ खरीदते समय निर्माण एवं उपभोग की तिथि तथा खाद्य कारोबारी का लाइसेंसध्पंजीकरण अवश्य जांचें। निम्न गुणवत्ता, अस्वच्छ अथवा अस्वास्थ्यकर खाद्य सामग्री की बिक्री की शिकायत टोल फ्री नंबर 18001804246 पर की जा सकती है। अभियान दल में खाद्य सुरक्षा उपायुक्त कुमाऊं मंडल डॉ. राजेन्द्र सिंह कठायत, सहायक आयुक्त (खाद्य संरक्षा) ऊधमसिंह नगर ललित मोहन पांडे, वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी काशीपुर अपर्णा साह, वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी आशा आर्या, रुद्रपुर एवं अन्य अधिकारी-कर्मचारी शामिल रहे।
 

डॉ. एस. के. गोस्वामी बने जिले के नये सी एम ओ  -जिले की स्वास्थ्य सुविधाओं को सुद्रढ़ करना बताया प्राथमिकता 

रुद्रपुर (सू.वि.)। डॉ एस के गोस्वामी ने उधम सिंह नगर के नए सी एम ओ का पदभार गृहण कर लिया है। इससे पूर्व वे जिला चिकित्सालय रुद्रपुर मे बतौर बाल रोग विशेषज्ञ भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं। हाल मे वे चम्पावत जनपद मे तैनात थे। जिले मे स्वास्थ्य सुविधाओं को घर घर पंहुचाना उन्होंने अपनी प्राथमिकता बताया। आज कार्यालय के सभागार मे सभी अधिकारीयों और कर्मचारियों को समय पर कार्यालय मे उपस्थित होकर कार्य करने के स्पष्ट निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी कर्मचारी पूरे मन के साथ कार्य करें और किसी भी लाभार्थी को कर्मचारी की कार्यप्रणाली से किसी भी प्रकार की समस्या का सामना न करना पड़े।
 

किसानों द्वारा अपनी विभिन्न मांगों को लेकर विगत दो दिनों से किए जा रहे धरना-प्रदर्शन के क्रम में अपर जिलाधिकारी पंकज उपाध्याय ने धरना स्थल पर पहुंचकर  किसानों के साथ संवाद किया

रुद्रपुर (सू.वि.)। जनपद में किसानों द्वारा अपनी विभिन्न मांगों को लेकर विगत दो दिनों से किए जा रहे धरना-प्रदर्शन के क्रम में आज अपर जिलाधिकारी पंकज उपाध्याय ने धरना स्थल पर पहुंचकर  किसानों के साथ संवाद किया। इस दौरान उन्होंने किसानों द्वारा प्रस्तुत मांग-पत्र में उल्लिखित विभिन्न बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की। अपर जिलाधिकारी ने मांग-पत्र में उल्लिखित बिंदुओं के संबंध में स्पष्ट किया कि इनमें से कई मांगें नीतिगत हैं, जिन पर जिला स्तर से निर्णय लिया जाना संभव नहीं है। ऐसे मामलों में नियमानुसार अग्रिम कार्रवाई शासन स्तर से की जानी है। वार्ता के दौरान किसानों ने अपनी स्थानीय एवं व्यक्तिगत समस्याओं से भी अपर जिलाधिकारी को अवगत कराया। किसानों द्वारा विद्युत, भूमि सहित विभिन्न समस्याओं को प्रमुखता से रखा गया। अपर जिलाधिकारी ने किसानों की समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए उनके समाधान की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने समस्याओं के निराकरण को लेकर किसानों से उनके सुझाव भी प्राप्त किए तथा अपनी ओर से भी आवश्यक सुझाव एवं समाधान के संबंध में जानकारी दी। अपर जिलाधिकारी ने कहा कि प्रशासन किसानों की समस्याओं के प्रति संवेदनशील है तथा जो भी समस्याएं जिला स्तर पर नियमानुसार हल की जा सकती हैं, उनके निराकरण के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई हेतु निर्देशित किया जाएगा। वहीं, नीतिगत एवं शासन स्तर से संबंधित मांगों को नियमानुसार उच्च स्तर पर प्रेषित किए जाने की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने किसानों से आपसी संवाद एवं समन्वय के माध्यम से समस्याओं के समाधान की दिशा में आगे बढ़ते हुए धरना समाप्त करने का अनुरोध किया। वार्ता के दौरान अपर जिलाधिकारी पंकज उपाध्याय के साथ गन्ना आयुक्त टी.एस. मार्टोलिया, उप जिलाधिकारी मनीष बिष्ट, ऋचा सिंह, गौरव पांडे, मुख्य कृषि अधिकारी वी.के. यादव, अधीक्षण अभियंता विद्युत सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

गांवों में उद्यमिता की नई उड़ान, आत्मनिर्भर उत्तराखंड की मजबूत पहचान -लखपति दीदी से करोड़पति बनने की ओर बढ़ रही उत्तराखंड की मातृशक्ति, स्थानीय उत्पादों को बाजार, ग्रामीण उद्यमिता को नया विस्तार

रुद्रपुर (सू.वि.)। सूबे के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को देहरादून में आयोजित मुख्यमंत्री उद्यमशाला योजना चैपाल कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। जिसका सजीव प्रसारण जिला मुख्यालय विकास भवन रुद्रपुर में सैकड़ों महिला उद्यमियों ने देखा। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में 39 लखपति दीदी एवं महिला उद्यमियों को सम्मानित किया। जिसमें जनपद ऊधम सिंह नगर की तीन महिला उद्यमी रश्मि तिवारी,संगीता व भगवती सागर भी शामिल थी।कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार द्वारा संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के व्यापक प्रचार-प्रसार एवं अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक योजनाओं की जानकारी पहुंचाने के उद्देश्य से तैयार की गई छह पुस्तिकाओं का विमोचन किया। उन्होंने कहा कि इन पुस्तिकाओं के माध्यम से प्रदेश के दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को भी सरकार द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की जानकारी प्राप्त हो सकेगी और वे उनका लाभ उठा सकेंगे। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम के दौरान राज्य स्तर पर उत्कृष्ट कार्य करने वाली लखपति दीदियों एवं महिला उद्यमियों को सम्मानित करते हुए प्रशस्ति पत्र प्रदान किए। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि यह कार्यक्रम केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं है, बल्कि उत्तराखंड में हो रहे सकारात्मक बदलावों का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की हमारी बहनें आज लखपति दीदी बन रही हैं और अब करोड़पति बनने की दिशा में अग्रसर हैं। उन्होंने कहा कि महिलाओं का सम्मान करते समय ऐसा लग रहा था कि हम स्वयं सम्मानित हो रहे हैं। यह देखकर प्रसन्नता होती है कि हमारे गांवों की महिलाएं प्रदेश के विकास में केवल सहभागी ही नहीं बन रही हैं, बल्कि अपने सामर्थ्य, परिश्रम और पूरी क्षमता के बल पर उत्तराखंड को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड की विषम भौगोलिक परिस्थितियों के कारण पूर्व में पलायन की स्थिति बनी रही, लेकिन तब और अब में फर्क है। आज लखपति दीदियां और महिला उद्यमी अपनी मेहनत, सामर्थ्य एवं कौशल के बल पर उत्कृष्ट कार्य कर रही हैं। उन्होंने कहा कि जब वे महिलाओं के चेहरों पर प्रसन्नता, संतोष, सुकून, आत्मसंतोष और आत्मविश्वास का भाव देखते हैं तो उन्हें गर्व होता है। जो महिलाएं पहले अपने घर तक सीमित रहकर परिवार चलाती थीं, वे आज घर-परिवार के साथ-साथ गांव और प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में भी योगदान दे रही हैं तथा कठिन से कठिन परिस्थितियों में आगे बढ़ रही हैं। उन्होंने कहा कि हमारे प्रदेश का परिवेश कठिन है और इन्हीं कठिन परिस्थितियों ने हमें सिखाया है कि राहें कितनी भी कठिन क्यों न हों, यदि इरादे मजबूत हों तो लक्ष्य तक पहुंचने से कोई शक्ति नहीं रोक सकती। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे किसान कठिन परिस्थितियों में कार्य करने का अनुभव रखते हैं और हमारे स्थानीय उत्पादों में देश-दुनिया के बाजार तक पहुंचने की क्षमता है। आवश्यकता केवल इस बात की है कि उन्हें सही दिशा, मार्गदर्शन और नए अवसर उपलब्ध कराए जाएं। इसी उद्देश्य से मुख्यमंत्री उद्यमशाला योजना को आगे बढ़ाया जा रहा है। सरकार का प्रयास है कि इस योजना के माध्यम से युवाओं, महिलाओं तथा विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े लोगों को रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर प्राप्त हों। विशेषकर युवाओं को रोजगार मांगने वाला नहीं, बल्कि अपनी योग्यता और क्षमता के अनुरूप रोजगार उपलब्ध कराने वाला बनाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की महिलाएं प्रत्येक क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य कर रही हैं और गांवों के साथ-साथ प्रदेश की अर्थव्यवस्था को भी मजबूत कर रही हैं। हमारे किसान अब बिचैलियों के बजाय सीधे बाजार में अपने उत्पाद उचित मूल्य पर बेच रहे हैं। मुख्यमंत्री उद्यमशाला योजना भी इसी सोच को धरातल पर उतारने का महत्वपूर्ण माध्यम है। योजना के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में कार्य कर रहे उद्यमियों, माताओं-बहनों एवं नौजवानों को अपने व्यवसाय को आगे बढ़ाने के लिए प्रशिक्षण, मार्गदर्शन और आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराया जा रहा है। मुख्यमंत्री उद्यमशाला योजना के माध्यम से अभी तक 13 हजार से अधिक उद्यमियों को सहयोग प्रदान किया जा चुका है तथा 8 हजार से अधिक महिला उद्यमियों एवं स्वयं सहायता समूह के सदस्यों को उद्यमिता से जोड़ा गया है, जिससे उन्हें आजीविका के नए अवसर प्राप्त हुए हैं। उन्होंने कहा कि ये केवल आंकड़े नहीं हैं, बल्कि किसी मां, बहन की मेहनत, उसकी उम्मीद और किसी परिवार के उज्ज्वल भविष्य की नींव हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड की मातृशक्ति जिस आत्मविश्वास और सामर्थ्य के साथ आगे बढ़ रही है, वह हम सभी के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के माध्यम से पांच लाख से अधिक ग्रामीण महिलाओं को 70 हजार से अधिक स्वयं सहायता समूहों से जोड़ा जा चुका है। उन्होंने कहा कि वे प्रदेश की मातृशक्ति की मेहनत, उद्देश्य और सामर्थ्य को प्रणाम करते हैं। प्रदेश की तीन लाख बहनें लखपति दीदी बन चुकी हैं, जो महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ा उदाहरण है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमें अब रुकना नहीं है, बल्कि करोड़पति बनने की दिशा में आगे बढ़ना है। प्रदेश की बहनों ने साबित किया है कि महिलाओं को अवसर मिलने पर वे कोई भी कार्य कर सकती हैं, गांव बदल सकती हैं और परिवारों का भविष्य बदल सकती हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश की बहनें पहाड़ी मसालों से लेकर मंडुवा, झंगोरा, दाल, शहद, अचार, जैम, हस्तशिल्प, ऊनी उत्पाद और स्थानीय कलाओं को व्यवसाय का रूप देकर आजीविका का बड़ा माध्यम बना रही हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी उत्तराखंड आने वाले पर्यटकों एवं श्रद्धालुओं से आह्वान किया है कि वे अपने खर्च का कम से कम 5 प्रतिशत हिस्सा महिलाओं द्वारा बनाए गए विभिन्न उत्पादों पर जरूर खर्च करें,ताकि महिला उद्यमियों को सम्मान और प्रोत्साहन दोनों मिल सकें। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य है कि अधिक से अधिक बहनें लखपति दीदी बनें और आगे मेहनत करते हुए करोड़पति बनने की दिशा में आगे बढ़ें। मुख्यमंत्री ने सभी बहनों को शुभकामनाएं देते हुए रक्षाबंधन की बधाई दी। उन्होंने कहा कि रक्षाबंधन के अवसर पर महिलाओं को दो दिन तक बसों में निःशुल्क यात्रा की सुविधा भी प्रदान की जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे द्वारा बनाए जा रहे उत्पाद केवल उत्पादन तक सीमित न रहें, बल्कि उन्हें डिजाइनिंग, प्रोसेसिंग, पैकेजिंग, ब्रांडिंग और मार्केटिंग से जोड़ा जाए। हमारा लक्ष्य केवल उत्पाद बनाना नहीं, बल्कि उत्पाद के लिए बाजार उपलब्ध कराना और उसके विपणन के पर्याप्त अवसर सुनिश्चित करना भी है। हमारी बड़ी सफलता तब होगी जब उत्तराखंड के गांवों में तैयार उत्पाद निकलकर देश के बड़े-बड़े बाजारों तक पहुंचेंगे। इसी सोच के साथ राज्य सरकार द्वारा हाउस ऑफ हिमालयाज की नींव रखी गई है, जो प्रदेश के स्थानीय उत्पादों को मजबूत पहचान और व्यापक बाजार उपलब्ध कराने का माध्यम बन रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘वोकल फॉर लोकल’, ‘लोकल टू ग्लोबल’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ जैसे मंत्र दिए हैं, जिन्हें राज्य सरकार धरातल पर उतारने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि कठिन परिस्थितियों के बावजूद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत का विकास तेजी से हो रहा है। आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में प्रधानमंत्री के नेतृत्व में महत्वपूर्ण कार्य किए जा रहे हैं और भारत आज प्रत्येक क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की संस्कृति, परंपरा और मिट्टी की खुशबू हमारे उत्पादों को खरीदने वाले प्रत्येक व्यक्ति को महसूस होनी चाहिए। इसके लिए बाजार की उपलब्धता अत्यंत आवश्यक है। इसी उद्देश्य से प्रदेश में ग्रामीण हाट, विपणन केंद्र, कलेक्शन सेंटर और एग्री सर्विस सेंटर जैसी व्यवस्थाओं को मजबूत किया जा रहा है।मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीण उद्यमिता को बढ़ावा देने का एक महत्वपूर्ण उद्देश्य पलायन को रोकना भी है। उत्तराखंड में अपार संभावनाएं हैं और राज्य सरकार उन संभावनाओं को अवसरों में बदलने के लिए लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने युवाओं पर पूरा भरोसा जताते हुए कहा कि हमारे युवा केवल ‘जेनजी’ नहीं, बल्कि इंजी हैं (इंडियन जेनरेशन)हैं, जो विकसित भारत के संकल्प को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।उन्होंने कहा कि गांव मजबूत होगा तो राज्य मजबूत होगा और राज्य मजबूत होगा तो देश मजबूत होगा। इसी सोच के साथ राज्य सरकार हर संभव प्रयास कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि अब हमें ऐसे गांव बनाने हैं,जहां के युवा और मातृशक्ति गांव में रहकर ही आत्मनिर्भर बनें और अपना रोजगार स्थापित करें। हमें ऐसे उत्पाद तैयार करने हैं जिन्हें देखकर देश-दुनिया का उपभोक्ता कहे कि यह उत्तराखंड का उत्पाद है, इसमें कोई मिलावट नहीं है, इसकी पैकेजिंग अच्छी है, इसका मूल्य उचित है और इसमें उत्तराखंड की खुशबू है। उन्होंने कहा कि हमारा प्रयास होना चाहिए कि पलायन हमारी मजबूरी नहीं, बल्कि विकल्प बने। गांव केवल रहने की जगह न होकर विकास और उद्यमिता के केंद्र बनें। उन्होंने कहा कि हम सभी मिलकर संकल्प लें कि प्रदेश के प्रत्येक गांव में ऐसे अवसर पैदा किए जाएंगे, जिससे गांव की मातृशक्ति और युवा गांव में रहकर ही आत्मनिर्भर बन सकें। इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने घोषणा की कि देहरादून के 13 गांवों में स्वयं सहायता समूहों द्वारा निर्मित उत्पादों के लिए राज्य स्तरीय विपणन केंद्र खोला जाएगा। उन्होंने कहा कि इससे ग्रामीण महिलाओं एवं स्वयं सहायता समूहों के उत्पादों को बेहतर बाजार उपलब्ध होगा तथा उनकी आय एवं उद्यमिता को और अधिक बढ़ावा मिलेगा। जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया व ब्लॉक प्रमुख रीना गौतम ने मुख्यमंत्री उद्यमशाला योजना प्रचार रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया,प्रचार जागरूकता रथ जनपद के सभी ब्लॉक व न्यायपंचायत में जनकल्याणकारी योजनाओं का प्रचार कर विस्तृत जानकारियां देगा। विकास भवन में आयोजित मुख्यमंत्री उद्यमशाला योजना चैपाल के सजीव प्रसारण के बाद मुख्य विकास अधिकारी दिवेश शासनी ने उद्यमियों के साथ संवाद करते हुए महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में प्रेरित करने के साथ ही उनके द्वारा उत्पादित उत्पादों की गुणवत्ता एवं बेहतर पैकेजिंग पर भी जोर दिया ताकि डिजिटल प्लेटफार्म के माध्यम से उन्हें बाजार उपलब्ध कराया जा सके। महिलाओं द्वारा तैयार उत्पादों का सोशल मीडिया के माध्यम से प्रचार प्रसार के लिए सीडीओ ने सभी खंड विकास अधिकारियों को अपने-अपने ब्लाक से बेहतर उत्पादों का प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए। कार्यक्रम में मुख्य विकास अधिकारी ने 39 उत्कृष्ट महिला एवं पुरुष उद्यमियों को सम्मानित किया। जिसमें प्रियंका,विजयलक्ष्मी,मूलोदेवी,कुसुम,अमरवती,नीतू,ललिता,निर्मला देवी,पूजा मेहता,शांति देवी,मंजू देवी,केशमी देवी,सोनिया माँझी,सीता वर्मा,ममता राही,शांति देवी,गायत्री मलिक,बबली कोरंगा,मीना देवी,उर्मिला बोरा,पूनम,गुड़िया मोर्या,रानू अग्रवाल,रेखा नरूला,सुनीता देवी,सीमा कोरंगा,ममता मेहरा,कोशल्या, रेखा सहित अमित कुमार,विजय कुमार,विकास,आदि अन्य उद्यमी शामिल रहे।तथा कृषि,पशुपालन,उद्योग,उद्यान आदि विभागों के अधिकारियों द्वारा विभाग से संचालित योजनाओं की जानकारी महिला उद्यमियों को दी। कार्यक्रम में विभागों के साथ महिला उद्यमियों ने संवाद करते हुए  सरकार की योजनाओं को धरातल पर उतारने हेतु अपने अनुभव साझा किए। कार्यक्रम में विभिन्न विभागों व स्वयं सहायता समूहों द्वारा स्टाल लगाए गए। इस अवसर पर ब्लॉक प्रमुख रीना गौतम,सांसद प्रतिनिधि जितेंद्र गौतम,परियोजना निदेशक हिमांशु जोशी, एपीडी रमा गोस्वामी, महाप्रबंधक उद्योग विपिन कुमार,मुख्य कृषि अधिकारी डॉ.वीके यादव,मुख्य उद्यान अधिकारी सतीश शर्मा, सीवीओ डॉ आशुतोष जोशी,खंड विकास अधिकारी अतिया परवेज, असित आनंद सहित अन्य अधिकारी एवं सैकड़ों महिला उद्यमी उपस्थित रही।

आगामी 29 व 30 अगस्त को रुद्रपुर स्थित राधा स्वामी सत्संग व्यास घर में पूज्य बाबा जी एवं हुजूर जी की पावन उपस्थिति में विशाल सत्संग कार्यक्रम का आयोजन को लेकर डीएम ने ली बैठक

रुद्रपुर (सू.वि.)। आगामी 29 व 30 अगस्त को रुद्रपुर स्थित राधा स्वामी सत्संग व्यास घर में पूज्य बाबा जी एवं हुजूर जी की पावन उपस्थिति में विशाल सत्संग कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। इस भव्य आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। कार्यक्रम के दौरान कानून-व्यवस्था,जन-सुरक्षा,सुगम यातायात प्रबंधन और आवश्यक नागरिक सुविधाओं को दुरुस्त रखने के उद्देश्य से गुरुवार को जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया की अध्यक्षता में राधा स्वामी व्यास में समीक्षा बैठक हुई। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि कार्यक्रम से पूर्व सभी आवश्यक बुनियादी व्यवस्थाएं समय रहते पूरी कर ली जाए।उन्होंने अधिकारियों को बिजली पानी की निर्वाध आपूर्ति सुनिश्चित करने, सड़क एवं सफाई व्यवस्था के साथ ही पर्याप्त स्ट्रीट लाइटें लगाने,खराब लाइटों की तत्काल मरम्मत करने,डिवाइडरों की पेंटिंग,सड़कों के गड्ढों की मरम्मत,नालियों की सफाई तथा पार्किंग की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने निर्देश दिए।धूल नियंत्रण के लिए सड़कों पर नियमित पानी का छिड़काव करने को कहा गया।आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए पर्याप्त संख्या में एम्बुलेंस और दमकल वाहनों की तैनाती सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।साथ ही आसपास के सभी सरकारी और निजी चिकित्सालयों को सतर्क (अलर्ट) रहने के लिए निर्देशित किया गया है।श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों को यातायात संबंधी असुविधा न हो, इसके लिए ट्रैफिक व पार्किंग व्यवस्था  सुनिश्चित करने के निर्देश पुलिस दिए। जिलाधिकारी ने कहा कि इतने बड़े आयोजन में श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं बरती जाए। बैठक में अपर जिलाधिकारी पंकज उपाध्याय, अपर पुलिस अधीक्षक डॉ.उत्तम सिंह नेगी ,प्रदेश सचिव राधा स्वामी सत्संग व्यास हरीश मुंजाल, दीपक गुम्बर,भारत भूषण चुघ, सीएफओ ईशान कटारिया, अधिशासी अभियंता जल संस्थान बदरे आलम, विद्युत राजीव चक्रवर्ती,एसडीओ अमित, निरीक्षक कुलदीप कुमार सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
 

जिले में धान खरीद की प्रक्रिया को पारदर्शी और सुगम बनाने के लिए जिला प्रशासन ने युद्ध स्तर पर तैयारियां शुरू कर दी 

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रुद्रपुर (सू.वि.)।
जिले में धान खरीद की प्रक्रिया को पारदर्शी और सुगम बनाने के लिए जिला प्रशासन ने युद्ध स्तर पर तैयारियां शुरू कर दी हैं। आगामी 01 अक्टूबर से धान खरीद प्रारम्भ होगी, जुलाई माह से किसानों का पंजीकरण प्रक्रिया प्रारंभ हो गया है और अब तक भारत ऐप के माध्यम से 1863 किसान अपना पंजीकरण करा चुके हैं। जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया ने गुरुवार को किसान व किसान संगठनों के साथ बैठक कर सभी किसानों से समय रहते पंजीकरण प्रक्रिया पूरी करने की अपील की। जिलाधिकारी ने कहा कि किसानों की एफसीआई (भारतीय खाद्य निगम) से जुड़ी समस्याओं को दूर करने के प्रयास किए जा रहे हैं। प्रशासन किसानों की हर समस्या के समाधान के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। धान खरीद के दौरान किसानों की शिकायतों के त्वरित निस्तारण हेतु अपर जिलाधिकारी को नोडल अधिकारी तथा मुख्य कृषि अधिकारी को नामित किया गया है,जो मौके पर ही किसानों की समस्याओं का समाधान करेंगे। जिलाधिकारी ने किसानों को संपूर्ण धान खरीद प्रक्रिया को आपसी समन्वय के साथ सुगम और पारदर्शी तरीके से संपन्न कराने का भरोसा दिया। साथ ही जिलाधिकारी ने अधिकारियों को क्रय केंद्रों पर किसानों द्वारा लाए जाने वाले धान की खरीद व सुरक्षित रखने के लिए पर्याप्त और पुख्ता इंतजाम सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। तथा किसानों की किसी भी समस्या या शिकायत के समाधान हेतु दूरभाष नंबर 9412987380 को भी जारी किया गया। आरएमओ लता मिश्रा ने बताया कि किसानों के पंजीकरण को आसान बनाया गया है। आधार कार्ड से किसानों का पंजीकरण कराया जा रहा है। साथ ही पंजीकरण,भुगतान व एमएसपी के बारे में भी किसानों को गांव गांव जाकर जागरूक किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि धान खरीद के लिए किसानों का पंजीकरण जुलाई से शुरू हो गया है,वर्तमान तक भारत एप के माध्यम से 1863 किसानों द्वारा पंजीकरण कराया चुका है।किसानों को रजिस्ट्रेशन के लिए खतौनी,आधार कार्ड, बैंक खाता और पंजीकृत मोबाइल नंबर अनिवार्य है। साथ ही किसान अपना पंजीकरण अपने मोबाइल फोन के माध्यम से भारत एप एवं मंडी और सीएससी  सेंटर से भी करा सकते हैं। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि भुगतान प्रक्रिया को भी सरकार ने सरल किया है। धान खरीद पर सीधे भुगतान किसान के खाते में किया जाएगा। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी दिवेश शासनी, क्षेत्रीय खाद्य आयुक्त टीएस मर्तोलिया, अपर जिलाधिकारी पंकज उपाध्याय, मुख्य कृषि अधिकारी डॉ.वीके यादव, मुख्य उद्यान अधिकारी एसके शर्मा, एसएमओ कौशल कुमार, दीपक कुमार, केसी आर्या, जगदीश क्लोनी, ओम नारायण मिश्रा, डिप्टी आरएमओ वरुणकुमार, सचिव मंडी योगेश तिवारी, विनोद चंद पलड़िया, जिला प्रबंधक यूसीएफ संजय आर्य, एनसीसीएफ संतोष कुमार, नीरज सिंहसहित किसान यूनियन के पदाधिकारी एवं किसान उपस्थित रहे।
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