सत्यमेव जयते

उधम सिंह नगरधार्मिक

रामलीला के छठे दिन पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल ने किया शुभारंभ -श्रीराम के आदर्शों को जीवन में उतारने का किया आह्वान, कलाकारों ने किया सुंदर मंचन

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विनोद वार्ता संवाद-सूत्र
रुद्रपुर।
श्री शिव मंदिर चैरासी घंटा रम्पुरा में आयोजित रामलीला मंचन के छठे दिन कार्यक्रम का शुभारंभ पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल ने दीप प्रज्वलित कर किया। इस अवसर पर उन्होंने भगवान श्रीराम के आदर्शों को अपने जीवन में आत्मसात करने का आह्वान किया। पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल ने कहा कि भगवान श्रीराम का जीवन सत्य, मर्यादा, त्याग और कर्तव्य पालन की प्रेरणा देता है। रामलीला के माध्यम से नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति और धार्मिक मूल्यों से जुड़ने का अवसर मिलता है। उन्होंने लोगों से भगवान श्रीराम के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने की अपील की। कार्यक्रम के दौरान रामलीला कमेटी की ओर से पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल को मंच पर स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। इसके बाद कलाकारों ने रामलीला के विभिन्न प्रसंगों का सुंदर एवं भावपूर्ण मंचन किया। मंचन देखने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं क्षेत्रवासी मौजूद रहे। इस अवसर पर रामलीला कमेटी अध्यक्ष लालमन कोली, महामंत्री किशन कोली, कोषाध्यक्ष शंकर कोली, संजय ठुकराल, राजू गुप्ता, गगन ग्रोवर, सियाराम कोली, अजय नारायण सिंह, ललित सिंह बिष्ट, आनंद शर्मा, राम कुमार गुप्ता, रामसेवक कोली, दिनेश कोली, गब्बर कोली, अंकित श्रीवास्तव, सोनू कोली, तेजपाल कोली, राजा राम कोली, बंटी कोली, दीना श्रीवास्तव, पप्पू कोली, दानवीर कोली और ओमपाल कोली समेत तमाम लोग मौजूद रहे।
 

खबरें

बनबसा में धामी कैबिनेट की बैठक -सीमांत क्षेत्रों तक सरकार, विकास को मिलेगी नई रफ्तार, भारत-नेपाल सीमा से सटे बनबसा में पहली बार हुई धामी कैबिनेट की बैठक, स्थानीय जरूरतों और विकास योजनाओं पर रहेगा फोकस

देहरादून/चम्पावत (सू.वि.)। उत्तराखण्ड में शासन को प्रदेश के दूरस्थ और सीमांत क्षेत्रों तक पहुंचाने की दिशा में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नई पहल की है। इसी क्रम में भारत-नेपाल अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे चम्पावत जनपद के बनबसा स्थित एनएचपीसी परिसर में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में राज्य मंत्रिमंडल की बैठक आयोजित की जा रही है। चम्पावत जिले में पहली बार कैबिनेट बैठक आयोजित हो रही है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि कैबिनेट की बैठकें अब केवल देहरादून तक सीमित नहीं रहेंगी, बल्कि प्रदेश के विभिन्न जनपदों में भी आयोजित की जाएंगी। इससे स्थानीय स्तर की समस्याओं, विकास की संभावनाओं और क्षेत्रीय प्राथमिकताओं को सीधे शासन के समक्ष रखने का अवसर मिलेगा। उन्होंने कहा कि सीमांत क्षेत्र केवल राज्य की भौगोलिक सीमा नहीं, बल्कि देश की सुरक्षा, संस्कृति और विकास की महत्वपूर्ण कड़ी हैं। सरकार की प्राथमिकता सीमांत क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ना है। इसके लिए आधारभूत सुविधाओं, रोजगार, पर्यटन और कनेक्टिविटी को और मजबूत किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य शासन को जनता के और करीब ले जाना है। प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों में कैबिनेट बैठकें आयोजित होने से वहां की स्थानीय परिस्थितियों, जन अपेक्षाओं और विकास की आवश्यकताओं को समझने तथा उन पर त्वरित निर्णय लेने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड के हर क्षेत्र का संतुलित विकास राज्य सरकार की प्रतिबद्धता है। सीमांत गांवों से लेकर मैदानी क्षेत्रों तक विकास की गति को समान रूप से आगे बढ़ाया जाएगा।
 

बाजपुर में जिलाधिकारी ने लिया सड़क गड्ढामुक्त कार्य का जायजा

बाजपुर (सू.वि.)। जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया ने शनिवार को बाजपुर क्षेत्र का भ्रमण कर विभिन्न सड़कों पर चल रहे गड्ढामुक्त कार्य का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से कार्य की प्रगति की जानकारी लेते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने कहा कि माननीय मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार जनपद की सभी सड़कों को गड्ढामुक्त कर आमजन को सुगम एवं सुरक्षित यातायात सुविधा उपलब्ध कराना प्राथमिकता है। उन्होंने सड़क निर्माण विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी सड़कों को प्राथमिकता के आधार पर गड्ढामुक्त किया जाए तथा कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए। निरीक्षण के दौरान अधिशासी अभियंता, लोक निर्माण विभाग ने जिलाधिकारी को बताया कि क्षेत्र में सड़क गड्ढामुक्त करने का कार्य प्रगति पर है। उन्होंने आश्वस्त किया कि निर्धारित समयावधि में कार्य पूर्ण कर लिया जाएगा। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को कार्य की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने तथा निर्धारित समयसीमा के भीतर सभी कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए।
 

पंतनगर में 120वें अखिल भारतीय किसान मेले का शुभारंभ -पंतनगर में 120वें अखिल भारतीय किसान मेले का भव्य शुभारंभ

पंतनगर (सू.वि.)। जी.बी. पंत कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय पंतनगर में शनिवार को 120वें अखिल भारतीय किसान मेले एवं कृषि औद्योगिक प्रदर्शनी का भव्य शुभारंभ हुआ। राज्यपाल लेफ्टिनेंट (सेनि.) जनरल गुरमीत सिंह ने फीता काटकर एवं दीप प्रज्ज्वलित कर मेले का उद्घाटन किया। इस अवसर पर राज्यपाल ने कहा कि पंतनगर की धरती पर किसान, विज्ञान, युवा, उद्यमिता और नई तकनीक को एक मंच पर जोड़ने का यह महत्वपूर्ण अवसर है। जिस मिट्टी से अन्न निकलता है, उसी मिट्टी से भारत की आत्मनिर्भरता की शक्ति भी निकलती है। किसान केवल खेत का स्वामी नहीं, बल्कि राष्ट्र के भविष्य का निर्माता है। 120वें किसान मेले तक पहुंची यह गौरवशाली परंपरा कृषि के प्रति निरंतर विश्वास और किसानों के साथ संवाद की पहचान है। उन्होंने कहा कि पंतनगर का नाम कृषि शिक्षा, अनुसंधान, नवाचार और किसान सेवा की सशक्त परंपरा से जुड़ा है। विश्वविद्यालय खेत और किसान से जुड़ा महत्वपूर्ण ज्ञान केंद्र है। अब आवश्यकता है कि विश्वविद्यालय का ज्ञान उत्तराखंड के प्रत्येक कृषि क्षेत्र और किसान तक पहुंचे। राज्यपाल ने कहा कि बदलते समय में किसान जलवायु परिवर्तन, अनियमित वर्षा, जल संकट, उत्पादन लागत, श्रम की कमी और बाजार की अनिश्चितता जैसी चुनौतियों का सामना कर रहा है। आधुनिक तकनीक इन चुनौतियों से निपटने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। एआई के माध्यम से मौसम पूर्वानुमान, फसल रोगों की शुरुआती पहचान, मिट्टी के विश्लेषण, सिंचाई की आवश्यकता और उत्पादन का अनुमान लगाने में मदद मिल सकती है। ड्रोन, सेंसर और डिजिटल उपकरण भी खेती को अधिक सटीक और कम लागत वाला बनाने में सहायक हैं। उन्होंने कहा कि तकनीक का लाभ केवल बड़े किसानों तक सीमित नहीं रहना चाहिए। छोटे और सीमांत किसानों तक भी आधुनिक कृषि तकनीक पहुंचनी चाहिए। उत्तराखंड की भौगोलिक विविधता को देखते हुए अलग-अलग क्षेत्रों के लिए स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप कृषि मॉडल विकसित करने की आवश्यकता है। राज्यपाल ने कहा कि पर्वतीय क्षेत्रों में सीमित भूमि से अधिक मूल्य प्राप्त करने के लिए फल, सब्जी, पुष्प, सुगंधित एवं औषधीय पौधे, मशरूम उत्पादन और मधुमक्खी पालन जैसी गतिविधियों को बढ़ावा दिया जा सकता है। केवल उत्पादन बढ़ाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि बीज से उत्पादन, उत्पादन से प्रसंस्करण, प्रसंस्करण से पैकेजिंग और पैकेजिंग से बाजार तक पूरी श्रृंखला को मजबूत करना होगा। उन्होंने कहा कि किसान अब केवल उत्पादक नहीं, बल्कि कृषि उद्यमी भी बन रहे हैं। किसान उत्पादक संगठन, सहकारी संस्थाएं, स्वयं सहायता समूह, स्थानीय प्रसंस्करण इकाइयां और कृषि आधारित छोटे उद्यम ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई शक्ति दे रहे हैं। पारंपरिक फसलों, स्थानीय बीजों और पीढ़ियों से चले आ रहे कृषि ज्ञान को आधुनिक विज्ञान एवं तकनीक से जोड़ने की आवश्यकता है। जल संरक्षण पर जोर देते हुए राज्यपाल ने कहा कि वर्षा जल संचयन, कम पानी वाली फसलें, सूक्ष्म सिंचाई और मिट्टी की नमी का संरक्षण आने वाले समय की जरूरत हैं। उन्होंने उत्तराखंड की कृषक महिलाओं की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि महिलाएं अब कृषि श्रम से आगे बढ़कर कृषि उद्यमिता, उत्पादक समूहों के नेतृत्व और स्थानीय उत्पादों के मूल्य संवर्धन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। उन्होंने युवाओं को कृषि से जोड़ने पर जोर देते हुए कहा कि एग्री-टेक, ड्रोन सेवा, कृषि प्रसंस्करण, डिजिटल बाजार और कृषि आधारित स्टार्टअप के क्षेत्र में युवाओं के लिए अपार संभावनाएं हैं। किसान का अनुभव और युवा की तकनीकी क्षमता मिलकर कृषि नवाचार एवं रोजगार का नया आधार बन सकती है। राज्यपाल ने विश्वविद्यालय से शोध को खेत की वास्तविक समस्याओं से जोड़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि शोध का अंतिम लक्ष्य केवल शोधपत्र नहीं, बल्कि किसान के खेत में दिखाई देने वाला परिवर्तन होना चाहिए। विश्वविद्यालय, सरकार, वैज्ञानिक, किसान, युवा और कृषि उद्यमी मिलकर काम करेंगे, तभी ज्ञान जनशक्ति में परिवर्तित होगा। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के विकास की राह खेतों से होकर गुजरती है। समृद्ध किसान होगा तो समृद्ध गांव होगा, समृद्ध गांव होगा तो सशक्त उत्तराखंड बनेगा और सशक्त उत्तराखंड विकसित भारत की शक्ति बनेगा।
किसानों की आय बढ़ाने के लिए सरकार प्रतिबद्ध रू गणेश जोशी
काबीना मंत्री कृषि एवं कृषक कल्याण गणेश जोशी ने 120वें अखिल भारतीय किसान मेले के आयोजन पर सभी को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि पंतनगर विश्वविद्यालय के बीज देशभर में अपनी पहचान रखते हैं और किसानों को उन्नत बीज उपलब्ध कराने के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों के हितों के लिए लगातार कार्य कर रही है और किसानों की आय में वृद्धि के लिए विभिन्न प्रयास किए जा रहे हैं।
किसानों को उन्नत बीज और तकनीक उपलब्ध कराने पर जोर
कुलपति जी.बी. पंत कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय डॉ. एस.के. कश्यप ने विश्वविद्यालय के गौरवशाली इतिहास पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय हमेशा किसानों के साथ खड़ा रहा है और किसानों को उन्नत बीज एवं आधुनिक कृषि तकनीक उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयासरत है। कार्यक्रम के दौरान अतिथियों ने 10 प्रगतिशील किसानों को सम्मानित किया। इसके साथ ही विभिन्न साहित्य का विमोचन भी किया गया। इस अवसर पर कुमाऊं विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. एस.एस. बिष्ट, उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. नवीन चंद्र लोहानी, निदेशक प्रसार जितेंद्र क्वात्रा, निदेशक शोध एस.के. वर्मा, जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय गणपति, डीन बी.एस. चलाल सहित विश्वविद्यालय के डीन, डायरेक्टर, वैज्ञानिक, शिक्षक, विद्यार्थी एवं बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।
 

भारत विकास परिषद की भारत को जानो एवं राष्ट्रीय समूहगान प्रतियोगिता आयोजित -भारत को जानो प्रश्न मंच में सेंट मैरी और नवयुग विद्या मंदिर का दबदबा, राष्ट्रीय समूहगान में एस.एस. पब्लिक स्कूल प्रथम

विनोद वार्ता संवाद-सूत्र
गदरपुर।
भारत विकास परिषद गदरपुर द्वारा एस.एस. पब्लिक स्कूल गदरपुर में भारत को जानो प्रश्न मंच एवं राष्ट्रीय समूहगान प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। भारत को जानो प्रश्न मंच का शुभारंभ मुख्य अतिथि कश्मीर कम्बोज, कार्यक्रम अध्यक्ष एडवोकेट आर.पी. सिंह एवं विशिष्ट अतिथि पृथ्वी बजाज ने भारत माता एवं स्वामी विवेकानंद के चित्र के सम्मुख संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। प्रश्न मंच में बच्चों से प्रश्नोत्तर संगीता ग्रोवर, प्रांजल ग्रोवर एवं बानी बजाज ने संयुक्त रूप से कराए। भारत को जानो सीनियर वर्ग में सेंट मैरी स्कूल ने प्रथम तथा सिटी मॉडल स्कूल ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया। वहीं जूनियर वर्ग में नवयुग विद्या मंदिर प्रथम और सेंट मैरी स्कूल द्वितीय स्थान पर रहा। मुख्य अतिथि कश्मीर कम्बोज ने भारत विकास परिषद द्वारा आयोजित कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन बच्चों में देश, संस्कृति और इतिहास के प्रति ज्ञान एवं जागरूकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसके बाद राष्ट्रीय समूहगान प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि रोहित हुड़िया लवली, विशिष्ट अतिथि मुनी भुसरी तथा कार्यक्रम अध्यक्ष अजय गाबा रहे। मुख्य अतिथि रोहित हुड़िया लवली ने कहा कि भारत विकास परिषद की राष्ट्रीय समूहगान प्रतियोगिता बच्चों को एक मंच पर जोड़ने के साथ-साथ उनकी गायन प्रतिभा को सामने लाने का अवसर प्रदान करती है। समूहगान प्रतियोगिता में एस.एस. पब्लिक स्कूल गदरपुर ने प्रथम, सेंट मैरी स्कूल गदरपुर ने द्वितीय तथा रेड रोज कॉन्वेंट स्कूल ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। कार्यक्रम का संचालन समूहगान संयोजक सतीश बत्रा ने किया। निर्णायक मंडल में वरिष्ठ गीतकार एवं संगीतकार रवि सरकार, दीजिन्दर मल्लिक एवं सुजीता नारंग शामिल रहे। कार्यक्रम के दौरान नवनियुक्त पंजाबी महासभा के सदस्यों को पटका पहनाकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर भारत विकास परिषद के अध्यक्ष प्रमोद बजाज, उपाध्यक्ष गौरव मदान, महामंत्री सागर गंडा, कोषाध्यक्ष रवि सचदेवा, ब्लॉक प्रमुख ज्योति ग्रोवर, प्रांतीय संगठन मंत्री रविंद्र बजाज, शाखा प्रभारी पारुल गुप्ता, शाखा अध्यक्ष राजीव ग्रोवर, सचिव डॉ. सोनू विश्वास, कोषाध्यक्ष सागर गाबा, व्यापार मंडल अध्यक्ष दीपक बेहड़, डॉ. अरविंद धवन, डॉ. अजय श्रीवास्तव, दीपक सुधा, विनोद चुग, राकेश भुड्डी, अंजू भुड्डी, भाजपा मंडल अध्यक्ष सुरेश खुराना, संतोष गुप्ता, डॉ. विनीत अरोड़ा, राकेश कम्बोज, जीवन मदान, शिवम त्रिपाठी, सोनिया विश्वास, सरोज बजाज, रवीना कम्बोज, सपना आहूजा सहित अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में शिक्षक, अभिभावक एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
 

बंदी छोड़ दिवस पर आत्म-रस कीर्तन समागम एवं अमृत संचार का आयोजन -गुरबाणी कीर्तन व धार्मिक विचारों से संगत को दिया त्याग, सेवा और मानवता का संदेश

विनोद वार्ता संवाद-सूत्र
रुद्रपुर।
श्री गुरु हरगोबिंद साहिब जी के बंदी छोड़ दिवस को समर्पित आत्म-रस कीर्तन समागम एवं अमृत संचार का आयोजन शुक्रवार को गुरुद्वारा श्री गुरु सिंह सभा, गोल मार्केट में खालसा ग्रुप की ओर से श्रद्धा एवं भक्तिभाव के साथ किया गया। कार्यक्रम सायं 5 बजे से रात्रि 11 बजे तक चला। इस दौरान गुरबाणी कीर्तन, धार्मिक विचारों एवं अमृत संचार के माध्यम से संगत को गुरु साहिब के त्याग, सेवा, मानवता और धर्म की रक्षा के संदेश से अवगत कराया गया। समागम में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने पहुंचकर गुरु घर में माथा टेका और गुरबाणी कीर्तन का श्रवण किया। कार्यक्रम के दौरान संगत ने गुरु साहिब की शिक्षाओं को अपने जीवन में आत्मसात करने का संकल्प लिया। आयोजकों ने कहा कि बंदी छोड़ दिवस केवल ऐतिहासिक स्मरण का अवसर नहीं, बल्कि मानवता, समानता, न्याय और दूसरों की स्वतंत्रता के लिए खड़े होने की प्रेरणा देने वाला पर्व है। इस अवसर पर पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल भी गुरुद्वारा साहिब पहुंचे और गुरु घर में माथा टेका। गुरुद्वारे में पहुंचने पर खालसा ग्रुप के पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने उनका स्वागत किया तथा स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल ने संगत को बंदी छोड़ दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि गुरु साहिब का जीवन त्याग, बलिदान, सेवा और मानव कल्याण की प्रेरणा देता है। गुरु हरगोबिंद साहिब जी ने धर्म और मानवता की रक्षा के साथ-साथ अन्याय के विरुद्ध खड़े होने का संदेश दिया, जो आज भी समाज के लिए प्रासंगिक है। इस अवसर पर हरि सिंह ग्रोवर, कमलजीत सिंह गांधी, हरविंदर सिंह, दमन ग्रोवर, मंदीप सिंह नैनी, मनजीत सिंह मक्कड़, डॉ. सरबजीत सिंह, सरनजीत सिंह, गुरमीत सिंह गाबा, समाजसेवी संजय ठुकराल, अजय नारायण सिंह, गगन ग्रोवर, रामकुमार गुप्ता, आनंद शर्मा, ललित सिंह सहित अन्य लोग मौजूद रहे। समागम के समापन पर संगत के लिए प्रसाद एवं लंगर की व्यवस्था भी की गई।

रामलीला के छठे दिन पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल ने किया शुभारंभ -श्रीराम के आदर्शों को जीवन में उतारने का किया आह्वान, कलाकारों ने किया सुंदर मंचन

विनोद वार्ता संवाद-सूत्र
रुद्रपुर।
श्री शिव मंदिर चैरासी घंटा रम्पुरा में आयोजित रामलीला मंचन के छठे दिन कार्यक्रम का शुभारंभ पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल ने दीप प्रज्वलित कर किया। इस अवसर पर उन्होंने भगवान श्रीराम के आदर्शों को अपने जीवन में आत्मसात करने का आह्वान किया। पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल ने कहा कि भगवान श्रीराम का जीवन सत्य, मर्यादा, त्याग और कर्तव्य पालन की प्रेरणा देता है। रामलीला के माध्यम से नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति और धार्मिक मूल्यों से जुड़ने का अवसर मिलता है। उन्होंने लोगों से भगवान श्रीराम के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने की अपील की। कार्यक्रम के दौरान रामलीला कमेटी की ओर से पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल को मंच पर स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। इसके बाद कलाकारों ने रामलीला के विभिन्न प्रसंगों का सुंदर एवं भावपूर्ण मंचन किया। मंचन देखने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं क्षेत्रवासी मौजूद रहे। इस अवसर पर रामलीला कमेटी अध्यक्ष लालमन कोली, महामंत्री किशन कोली, कोषाध्यक्ष शंकर कोली, संजय ठुकराल, राजू गुप्ता, गगन ग्रोवर, सियाराम कोली, अजय नारायण सिंह, ललित सिंह बिष्ट, आनंद शर्मा, राम कुमार गुप्ता, रामसेवक कोली, दिनेश कोली, गब्बर कोली, अंकित श्रीवास्तव, सोनू कोली, तेजपाल कोली, राजा राम कोली, बंटी कोली, दीना श्रीवास्तव, पप्पू कोली, दानवीर कोली और ओमपाल कोली समेत तमाम लोग मौजूद रहे।
 

ध्वज यात्रा के साथ श्री रामलीला कमेटी अनाज मंडी गदरपुर के आयोजन की औपचारिक शुरुआत - 08 अक्टूबर को प्रारम्भ होगा श्रीरामलीला का मंचन

(अंकुर चावला)
गदरपुर।
आगामी 8 अक्टूबर 2026 से शुरू होने जा रहे श्री रामलीला कमेटी अनाज मंडी गदरपुर के रामलीला मंचन को लेकर शनिवार को भव्य ध्वज यात्रा निकाली गई। ध्वज यात्रा के साथ ही इस वर्ष के रामलीला आयोजन की औपचारिक रूप से शुरुआत हो गई। ध्वज यात्रा का शुभारंभ पुरातन सनातन मंदिर, गदरपुर से हुआ। इसके बाद यात्रा श्री सनातन धर्म सभा मंदिर होते हुए श्री रामलीला मंच, अनाज मंडी गदरपुर पहुंची। श्रद्धालुओं एवं रामलीला कमेटी के पदाधिकारियों ने धार्मिक उत्साह के साथ ध्वज यात्रा में सहभागिता की। कमेटी पदाधिकारियों के अनुसार रामलीला आयोजन से पूर्व निकाली जाने वाली ध्वज यात्रा का विशेष धार्मिक एवं सांस्कृतिक महत्व है। ध्वज स्थापना के साथ ही रामलीला से जुड़े विभिन्न कार्यों का विधिवत शुभारंभ माना जाता है। कमेटी द्वारा 8 अक्टूबर से शुरू होने वाले रामलीला मंचन की तैयारियां भी तेज कर दी गई हैं। इस अवसर पर श्री रामलीला कमेटी अनाज मंडी गदरपुर के अध्यक्ष श्री कृष्णलाल अनेजा, कोषाध्यक्ष श्री अनिल सुधा, महामंत्री श्री अशोक धीर सहित रविंद्र बजाज, अशोक पोपली, सिद्धार्थ भुसरी, निर्मल नारंग, सतीश छाबड़ा, विजय सुखीजा, अशोक हुड़िया, राजकुमार भुड्डी, टीकम खेड़ा, लेखराज भुड्डी, प्रवीन गिल्होत्रा, केवल बत्रा, सोमनाथ छाबड़ा, कृष्ण लाल बत्रा, आदित्य सुखीजा, गुलशन शर्मा, दीपक भुड्डी राजू कुमार, अनमोल भुड्डी, आशु अनेजा, अंकुर चावला, चिराग मुरादिया, रोहित पोपली, आलोक गाबा, अरविन्द पाल, अजय खेड़ा, लेखराज नागपाल, सुक्खा ढींगरा, आदि पदाधिकारी एवं सदस्य मौजूद रहे। कमेटी पदाधिकारियों ने नगरवासियों से आगामी रामलीला मंचन में अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर आयोजन को सफल बनाने की अपील की।