सत्यमेव जयते

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उधम सिंह नगरविविध

खेत बचाओ अभियान कार्यक्रम मे पुष्पवर्षा कर केन्द्रीय कृषि मंत्री एवं मुख्यमंत्री का किया भव्य स्वागत। -369.66 करोड़ के विकास कार्यों का  किया लोकार्पण, शिलान्यास

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रूद्रपुर (सू.वि.)। गांधी मैदान रूद्रपुर में कृषि विभाग द्वारा आयोजित खेत बचाओ अभियान कार्यक्रम का केन्द्रीय कृषि एवम् कृषक कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी,कृषि एवम् कृषक कल्याण मंत्री गणेश जोशी,जनपद प्रभारी/परिवहन, सूचना प्रौद्योगिक मंत्री प्रदीप बत्रा ने दीप प्रज्ज्वलित कर शुभारम्भ किया व 46.32 करोड़ की लागत से निर्मित 09 कार्यों का लोकार्पण तथा 323.34 करोड़ की लागत के 32 कार्यों का शिलान्यास किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केंद्रीय कृषि मंत्री ने कहा कि जब खेत बचेंगे, जमीन बचेगीय जमीन बचेगी तो पृथ्वी बचेगी और पृथ्वी बचेगी तो जीवन बचेगा। उन्होंने किसानों से संतुलित उर्वरक उपयोग, मिट्टी के संरक्षण तथा प्राकृतिक संसाधनों के संवर्धन का आह्वान करते हुए कहा कि यह केवल भूमि नहीं, बल्कि हमारी धरती माता है, जिसकी हम सदियों से पूजा करते आए हैं। उन्होंने कहा कि कृषि मंत्री का अर्थ किसानों का पहला सेवक होता है। किसान ही उनके लिए भगवान हैं और उनकी सेवा ही उनके लिए भगवान की पूजा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत आज चावल उत्पादन में विश्व में प्रथम स्थान पर पहुंच चुका है तथा कृषि क्षेत्र में निरंतर नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। श्री चैहान ने कहा कि जलवायु परिवर्तन वर्तमान समय की सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक है, किंतु प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन एवं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में देश हर चुनौती का सफलतापूर्वक सामना करेगा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड में कृषि क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति हो रही है। राज्य धान एवं गेहूं उत्पादन के साथ-साथ फलोत्पादन के क्षेत्र में भी तेजी से आगे बढ़ रहा है और उत्तराखंड शीघ्र ही हॉर्टिकल्चर हब के रूप में अपनी नई पहचान स्थापित करेगा। भारत सरकार इस दिशा में हरसंभव सहयोग प्रदान करेगी। श्री चैहान ने घोषणा करते हुए कहा कि सेब, अखरोट एवं बादाम सहित उच्च गुणवत्ता वाले फलदार पौधों के उत्पादन हेतु मुक्तेश्वर में 100 करोड़ रुपये की लागत से क्लीन प्लांट सेंटर स्थापित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि बड़ी नर्सरी स्थापित करने वालों को 4 करोड़ रुपये तथा छोटी नर्सरी स्थापित करने वालों को 2 करोड़ रुपये तक की सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। साथ ही निजी क्षेत्र को भी इस अभियान से जोड़ा जाएगा, ताकि उत्तराखंड के किसानों को गुणवत्तायुक्त पौधे उपलब्ध हो सकें और फल उत्पादन को नई गति मिल सके। उन्होंने कहा कि चैबटिया (अल्मोड़ा) में 15 करोड़ रुपये की लागत से सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित किया जाएगा। इसके अतिरिक्त उत्तराखंड में कीवी उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए न्यूजीलैंड के सहयोग से 15 करोड़ रुपये की लागत की विशेष कार्ययोजना तैयार की जा रही है, जिससे राज्य में कीवी उत्पादन को नई दिशा मिलेगी। श्री चैहान ने कहा कि जंगली जानवरों से फसलों की सुरक्षा के लिए खेड़बाड़ (फेंसिंग) कार्य हेतु 65 करोड़ रुपये उपलब्ध कराए जाएंगे, जिससे किसानों की फसलों को होने वाले नुकसान को कम किया जा सके। उन्होंने किसानों से प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का अधिक से अधिक लाभ लेने तथा योजना के अंतर्गत अपना पंजीकरण कराने का आह्वान किया। उन्होंने बताया कि प्रदेश में ऑटोमैटिक वेदर स्टेशन स्थापित करने के लिए 104 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की जा रही है, जिससे किसानों को मौसम संबंधी सटीक एवं समय पर जानकारी उपलब्ध होगी तथा फसल बीमा योजना का लाभ भी प्रभावी ढंग से मिल सकेगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत सरकार किसानों के साथ पूरी मजबूती से खड़ी है। श्री चौहान ने किसानों से रासायनिक उर्वरकों का विवेकपूर्ण एवं संतुलित उपयोग करने का आह्वान करते हुए कहा कि खाद का प्रयोग आवश्यकता के अनुसार ही किया जाए तथा उसके उपयोग से पूर्व मिट्टी की जांच अवश्य कराई जाए, ताकि भूमि को आवश्यक पोषक तत्व उचित मात्रा में मिल सकें और उसकी उर्वरा शक्ति भी सुरक्षित रहे। उन्होंने कहा कि आने वाली पीढ़ियों के लिए भूमि का संरक्षण हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने किसानों से पारंपरिक फसलों के संरक्षण एवं उत्पादन को बढ़ावा देने का आह्वान करते हुए कहा कि प्राकृतिक एवं जैविक खेती को भी अपनाया जाए। भारत सरकार जैविक खेती को बढ़ावा देने और किसानों की आय बढ़ाने के लिए हरसंभव सहयोग प्रदान कर रही है। मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि स्वस्थ किसान, स्वस्थ मिट्टी और स्वस्थ कृषि व्यवस्था ही विकसित भारत और विकसित उत्तराखण्ड की मजबूत नींव है। उन्होंने किसानों से प्राकृतिक एवं जैविक खेती को अपनाने, रासायनिक उर्वरकों का संतुलित उपयोग करने तथा मिट्टी के स्वास्थ्य को संरक्षित रखने का आह्वान करते हुए कहा कि ष्खेत बचाओ अभियानष् केवल एक सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य का जनआंदोलन है। उन्होंने कहा कि केंद्रीय कृषि मंत्री श्री चौहान ने अपने सार्वजनिक जीवन में सदैव किसानों के कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है तथा उनके अनुभव और मार्गदर्शन से देशभर के किसानों को नई दिशा मिली है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने कृषि क्षेत्र को सशक्त बनाने के लिए अनेक ऐतिहासिक निर्णय लिए हैं। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के माध्यम से किसानों के खातों में प्रत्यक्ष आर्थिक सहायता पहुंचाई जा रही है, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना किसानों को प्राकृतिक आपदाओं से सुरक्षा प्रदान कर रही है तथा प्राकृतिक खेती, कृषि अवसंरचना और डिजिटल तकनीक के विस्तार से कृषि क्षेत्र आत्मनिर्भरता की ओर तेजी से अग्रसर है।मुख्यमंत्री ने कहा कि किसान देश की आत्मा हैं और अन्नदाता के अथक परिश्रम से ही प्रत्येक परिवार की थाली तक अन्न पहुंचता है। उन्होंने कहा कि यदि मिट्टी का स्वास्थ्य लगातार बिगड़ता रहा तो कृषि उत्पादन के साथ-साथ मानव स्वास्थ्य पर भी गंभीर प्रभाव पड़ेगा। वर्षों से रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों के अत्यधिक उपयोग से भूमि की उर्वरता प्रभावित हुई है, इसलिए अब समय आ गया है कि मिट्टी को पुनः स्वस्थ बनाने के लिए सामूहिक प्रयास किए जाएं। मुख्यमंत्री ने किसानों से आह्वान किया कि वे मिट्टी की नियमित जांच कराकर वैज्ञानिक सलाह के अनुसार ही उर्वरकों का प्रयोग करें तथा जैविक एवं प्राकृतिक खेती को अपनाएं। उन्होंने कहा कि पारंपरिक जैविक संसाधनों पर आधारित खेती न केवल भूमि की उर्वरता बढ़ाती है, बल्कि उत्पादन लागत भी कम करती है। इससे किसानों की आय में वृद्धि होने के साथ-साथ उपभोक्ताओं को भी सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण खाद्यान्न उपलब्ध होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार कृषि को देश के विकास का प्रमुख आधार मानते हुए निरंतर किसान हितैषी योजनाएं संचालित कर रही है। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, मृदा स्वास्थ्य कार्ड, किसान क्रेडिट कार्ड की सीमा में वृद्धि, कृषि यंत्रों पर सहायता, डिजिटल कृषि मिशन तथा सिंचाई सुविधाओं के विस्तार जैसे कदम किसानों को आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड सरकार भी किसानों के कल्याण के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। राज्य में किसानों को तीन लाख रुपये तक का ब्याज मुक्त कृषि ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है। नहरों से सिंचाई की सुविधा निःशुल्क प्रदान की जा रही है तथा फार्म मशीनरी बैंक योजना के माध्यम से कृषि उपकरणों पर 80 प्रतिशत तक अनुदान दिया जा रहा है। पर्वतीय क्षेत्रों में वर्षा आधारित खेती को सशक्त बनाने के लिए रेनफेड फार्मिंग परियोजना को भी स्वीकृति प्रदान की गई है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार फल, सब्जी एवं बागवानी उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न नीतियों का प्रभावी क्रियान्वयन कर रही है। किसानों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से पॉलीहाउस स्थापना, कोल्ड स्टोरेज, कोल्ड चेन, सीए स्टोरेज और मेगा फूड पार्क जैसी आधुनिक सुविधाओं का विस्तार किया गया है, जिससे किसानों को अपनी उपज का बेहतर मूल्य प्राप्त हो सके। साथ ही स्थानीय कृषि उत्पादों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचाने के लिए भी निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्राकृतिक खेती, सुगंधित कृषि तथा स्थानीय कृषि उत्पादों को नई पहचान दिलाने की दिशा में भी लगातार कार्य कर रही है। इन प्रयासों का सकारात्मक परिणाम यह है कि उत्तराखण्ड किसानों की आय में वृद्धि के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में अपनी पहचान बना रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार योजनाएं और संसाधन उपलब्ध करा सकती है, लेकिन कृषि क्षेत्र में वास्तविक परिवर्तन तभी संभव होगा जब किसान स्वयं इस अभियान का हिस्सा बनेंगे। उन्होंने सभी किसानों से संकल्प लेने का आह्वान किया कि वे मिट्टी के स्वास्थ्य की रक्षा करेंगे, रासायनिक उर्वरकों के अंधाधुंध प्रयोग को कम करेंगे, प्राकृतिक खेती को अपनाएंगे और आने वाली पीढ़ियों के लिए उपजाऊ एवं समृद्ध भूमि का संरक्षण करेंगे। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि किसानों के परिश्रम, आधुनिक तकनीक, प्राकृतिक खेती तथा केंद्र और राज्य सरकार के संयुक्त प्रयासों से उत्तराखण्ड कृषि के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को प्राप्त करेगा तथा विकल्प रहित संकल्प के साथ विकसित उत्तराखण्ड के लक्ष्य को शीघ्र साकार किया जाएगा। कृषि एवम् कृषक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने सभी अतिथियों एवम् कृषको का स्वागत करते हुए घेरबाढ़ हेतु 65 करोड़, जैविक खेती हेतु 10 करोड़ की धनराशि व मडुवा, झिंगोरा का एम एस पी घोषित करने का अनुरोध किया।कार्यक्रम में सांसद अजय भट्ट,विधायक शिव अरोरा,त्रिलोक सिंह चीमा,बंशीधर भगत, जिला पंचायत अध्यक्ष अजय मौर्य,मेयर विकास शर्मा, दीपक बाली, दर्जा मंत्री अनिल कपूर डब्बू,हुकम सिंह कुंवर, रणजीत सिंह नामधारी, उत्तम दत्ता,जिलाध्यक्ष कमल जिन्दल, मनोज पाल, सचिव डॉ एस एन पांडे,जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय गणपति, मुख्य विकास अधिकारी दिवेश शासनी, अपर जिलाधिकारी कौस्तुभ मिश्रा, पंकज उपाध्याय सहित अनेक जनप्रतिनिधि, अधिकारी,कृषक व जनता मौजूद थे।

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मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने न्यूज 18 के ‘राइजिंग सिटी’ कार्यक्रम में प्रदेश के विकास विजन को किया साझा

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रुद्रपुर (सू.वि.)।
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को रुद्रपुर के एक स्थानीय होटल सभागार में न्यूज 18 समूह द्वारा आयोजित ‘राइजिंग सिटी’ कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर उन्होंने उत्तराखण्ड के समग्र विकास, औद्योगिक प्रगति, आधारभूत संरचना के विस्तार, रोजगार, स्वास्थ्य, कानून व्यवस्था एवं सुशासन से जुड़े विभिन्न विषयों पर अपने विचार साझा किए। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऊधम सिंह नगर उत्तराखण्ड की अर्थव्यवस्था का प्रमुख ग्रोथ इंजन है और जनपद से उनका विशेष आत्मीय जुड़ाव रहा है। उन्होंने कहा कि जनपद के प्रत्येक क्षेत्र की आवश्यकताओं एवं संभावनाओं से वे भली-भांति परिचित हैं। उन्होंने कहा कि रुद्रपुर आज प्रदेश की औद्योगिक राजधानी के रूप में अपनी मजबूत पहचान बना चुका है तथा राज्य की आर्थिक प्रगति में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में उत्तराखण्ड में सड़क संपर्क व्यवस्था का अभूतपूर्व विस्तार हुआ है। ऑल वेदर रोड, एक्सप्रेस-वे और अन्य सड़क परियोजनाओं के माध्यम से प्रदेश में यातायात पहले की अपेक्षा अधिक सुगम, सुरक्षित एवं तेज हुआ है, जिससे उद्योग, व्यापार, पर्यटन और आम जनमानस सभी को लाभ मिल रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा उत्तराखण्ड को दूसरे एम्स की सौगात दी गई है, जिसका निर्माण किच्छा में तेजी से चल रहा है। इसके पूर्ण होने पर केवल ऊधम सिंह नगर ही नहीं, बल्कि पूरे कुमाऊँ मंडल एवं उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती क्षेत्रों के लोगों को विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध होंगी। उन्होंने इस महत्वपूर्ण सौगात के लिए प्रधानमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य सरकार इस परियोजना को शीघ्र पूर्ण कराने के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि रुद्रपुर मेडिकल कॉलेज का निर्माण कार्य भी तेजी से प्रगति पर है और इसे शीघ्र ही जनसेवा के लिए समर्पित किया जाएगा। इसके साथ ही पंतनगर एयरपोर्ट के विस्तारीकरण का कार्य भी तेजी से किया जा रहा है। एयरपोर्ट को अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाओं से विकसित किए जाने के बाद यहां से अंतरराष्ट्रीय उड़ानों का संचालन संभव होगा, जिससे प्रदेश में पर्यटन, निवेश, उद्योग एवं व्यापार को नई गति मिलेगी और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।मुख्यमंत्री ने कहा कि ऊधम सिंह नगर में मेलाघाट, सिसैया और नारायण नगर जैसे सीमांत गांव स्थित हैं। प्रधानमंत्री द्वारा सीमांत गांवों को देश का “प्रथम गांव” मानने की नई सोच के अनुरूप इन क्षेत्रों के समग्र विकास के लिए विभिन्न योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन किया जा रहा है, ताकि सीमावर्ती क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को बेहतर आधारभूत सुविधाएं और विकास के समान अवसर उपलब्ध हो सकें। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऊधम सिंह नगर वास्तव में “मिनी इंडिया” है, जहां देश के विभिन्न राज्यों से आए लोग वर्षों से आपसी भाईचारे, सौहार्द और एकता के साथ रहते हैं। यही विविधता इस जनपद की सबसे बड़ी शक्ति है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने भ्रष्टाचार और भू-माफियाओं के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई करते हुए अब तक 12 हजार एकड़ से अधिक सरकारी भूमि को अवैध कब्जों से मुक्त कराया है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि सरकारी भूमि पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यह भूमि जनता की संपत्ति है और इसका उपयोग केवल जनकल्याण एवं विकास कार्यों के लिए ही किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं के भविष्य को सुरक्षित बनाने के लिए राज्य सरकार ने देश का सबसे सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया। इस कानून के प्रभावी क्रियान्वयन के बाद 100 से अधिक नकल माफियाओं को जेल भेजा गया है, जिससे भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता और युवाओं का विश्वास मजबूत हुआ है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में शांति, कानून व्यवस्था और सार्वजनिक संपत्ति की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से दंगा विरोधी कानून भी लागू किया गया है। अब यदि कोई उपद्रवी सरकारी अथवा निजी संपत्ति को नुकसान पहुंचाएगा तो उसकी भरपाई उसी से कराई जाएगी। इससे कानून व्यवस्था और अधिक सुदृढ़ हुई है तथा अराजक तत्वों में कानून का भय उत्पन्न हुआ है। मुख्यमंत्री ने कहा कि विकसित भारत का सपना तभी साकार होगा जब प्रत्येक जनपद, प्रत्येक क्षेत्र और प्रत्येक प्रदेश समान रूप से विकसित होगा। उत्तराखण्ड सरकार इसी सोच के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का संकल्प केवल वर्तमान का विकास नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को सुरक्षित, समृद्ध, आत्मनिर्भर और विकसित उत्तराखण्ड प्रदान करना है।मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और राज्य सरकार के सतत प्रयासों से ऊधम सिंह नगर सहित पूरा उत्तराखण्ड विकास के नए आयाम स्थापित करेगा तथा विकसित भारत के निर्माण में अग्रणी भूमिका निभाएगा। कार्यक्रम में जनपद प्रभारीध्परिवहन एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री प्रदीप बत्रा,सांसद अजय भट्ट,विधायक शिव अरोरा,त्रिलोक सिंह चीमा, जिला पंचायत अध्यक्ष अजय मौर्य,मेयर विकास शर्मा, दीपक बाली, दर्जा मंत्री अनिल कपूर डब्बू,हुकम सिंह कुंवर, उत्तम दत्ता,जिलाध्यक्ष कमल  जिन्दल,मनोज पाल,जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय गणपति, अपर जिलाधिकारी कौस्तुभ मिश्रा, पंकज उपाध्याय सहित अनेक जनप्रतिनिधि, अधिकारी व जनता मौजूद थे।
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खेत बचाओ अभियान कार्यक्रम मे पुष्पवर्षा कर केन्द्रीय कृषि मंत्री एवं मुख्यमंत्री का किया भव्य स्वागत। -369.66 करोड़ के विकास कार्यों का  किया लोकार्पण, शिलान्यास

रूद्रपुर (सू.वि.)। गांधी मैदान रूद्रपुर में कृषि विभाग द्वारा आयोजित खेत बचाओ अभियान कार्यक्रम का केन्द्रीय कृषि एवम् कृषक कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी,कृषि एवम् कृषक कल्याण मंत्री गणेश जोशी,जनपद प्रभारी/परिवहन, सूचना प्रौद्योगिक मंत्री प्रदीप बत्रा ने दीप प्रज्ज्वलित कर शुभारम्भ किया व 46.32 करोड़ की लागत से निर्मित 09 कार्यों का लोकार्पण तथा 323.34 करोड़ की लागत के 32 कार्यों का शिलान्यास किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केंद्रीय कृषि मंत्री ने कहा कि जब खेत बचेंगे, जमीन बचेगीय जमीन बचेगी तो पृथ्वी बचेगी और पृथ्वी बचेगी तो जीवन बचेगा। उन्होंने किसानों से संतुलित उर्वरक उपयोग, मिट्टी के संरक्षण तथा प्राकृतिक संसाधनों के संवर्धन का आह्वान करते हुए कहा कि यह केवल भूमि नहीं, बल्कि हमारी धरती माता है, जिसकी हम सदियों से पूजा करते आए हैं। उन्होंने कहा कि कृषि मंत्री का अर्थ किसानों का पहला सेवक होता है। किसान ही उनके लिए भगवान हैं और उनकी सेवा ही उनके लिए भगवान की पूजा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत आज चावल उत्पादन में विश्व में प्रथम स्थान पर पहुंच चुका है तथा कृषि क्षेत्र में निरंतर नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। श्री चैहान ने कहा कि जलवायु परिवर्तन वर्तमान समय की सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक है, किंतु प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन एवं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में देश हर चुनौती का सफलतापूर्वक सामना करेगा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड में कृषि क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति हो रही है। राज्य धान एवं गेहूं उत्पादन के साथ-साथ फलोत्पादन के क्षेत्र में भी तेजी से आगे बढ़ रहा है और उत्तराखंड शीघ्र ही हॉर्टिकल्चर हब के रूप में अपनी नई पहचान स्थापित करेगा। भारत सरकार इस दिशा में हरसंभव सहयोग प्रदान करेगी। श्री चैहान ने घोषणा करते हुए कहा कि सेब, अखरोट एवं बादाम सहित उच्च गुणवत्ता वाले फलदार पौधों के उत्पादन हेतु मुक्तेश्वर में 100 करोड़ रुपये की लागत से क्लीन प्लांट सेंटर स्थापित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि बड़ी नर्सरी स्थापित करने वालों को 4 करोड़ रुपये तथा छोटी नर्सरी स्थापित करने वालों को 2 करोड़ रुपये तक की सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। साथ ही निजी क्षेत्र को भी इस अभियान से जोड़ा जाएगा, ताकि उत्तराखंड के किसानों को गुणवत्तायुक्त पौधे उपलब्ध हो सकें और फल उत्पादन को नई गति मिल सके। उन्होंने कहा कि चैबटिया (अल्मोड़ा) में 15 करोड़ रुपये की लागत से सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित किया जाएगा। इसके अतिरिक्त उत्तराखंड में कीवी उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए न्यूजीलैंड के सहयोग से 15 करोड़ रुपये की लागत की विशेष कार्ययोजना तैयार की जा रही है, जिससे राज्य में कीवी उत्पादन को नई दिशा मिलेगी। श्री चैहान ने कहा कि जंगली जानवरों से फसलों की सुरक्षा के लिए खेड़बाड़ (फेंसिंग) कार्य हेतु 65 करोड़ रुपये उपलब्ध कराए जाएंगे, जिससे किसानों की फसलों को होने वाले नुकसान को कम किया जा सके। उन्होंने किसानों से प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का अधिक से अधिक लाभ लेने तथा योजना के अंतर्गत अपना पंजीकरण कराने का आह्वान किया। उन्होंने बताया कि प्रदेश में ऑटोमैटिक वेदर स्टेशन स्थापित करने के लिए 104 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की जा रही है, जिससे किसानों को मौसम संबंधी सटीक एवं समय पर जानकारी उपलब्ध होगी तथा फसल बीमा योजना का लाभ भी प्रभावी ढंग से मिल सकेगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत सरकार किसानों के साथ पूरी मजबूती से खड़ी है। श्री चौहान ने किसानों से रासायनिक उर्वरकों का विवेकपूर्ण एवं संतुलित उपयोग करने का आह्वान करते हुए कहा कि खाद का प्रयोग आवश्यकता के अनुसार ही किया जाए तथा उसके उपयोग से पूर्व मिट्टी की जांच अवश्य कराई जाए, ताकि भूमि को आवश्यक पोषक तत्व उचित मात्रा में मिल सकें और उसकी उर्वरा शक्ति भी सुरक्षित रहे। उन्होंने कहा कि आने वाली पीढ़ियों के लिए भूमि का संरक्षण हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने किसानों से पारंपरिक फसलों के संरक्षण एवं उत्पादन को बढ़ावा देने का आह्वान करते हुए कहा कि प्राकृतिक एवं जैविक खेती को भी अपनाया जाए। भारत सरकार जैविक खेती को बढ़ावा देने और किसानों की आय बढ़ाने के लिए हरसंभव सहयोग प्रदान कर रही है। मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि स्वस्थ किसान, स्वस्थ मिट्टी और स्वस्थ कृषि व्यवस्था ही विकसित भारत और विकसित उत्तराखण्ड की मजबूत नींव है। उन्होंने किसानों से प्राकृतिक एवं जैविक खेती को अपनाने, रासायनिक उर्वरकों का संतुलित उपयोग करने तथा मिट्टी के स्वास्थ्य को संरक्षित रखने का आह्वान करते हुए कहा कि ष्खेत बचाओ अभियानष् केवल एक सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य का जनआंदोलन है। उन्होंने कहा कि केंद्रीय कृषि मंत्री श्री चौहान ने अपने सार्वजनिक जीवन में सदैव किसानों के कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है तथा उनके अनुभव और मार्गदर्शन से देशभर के किसानों को नई दिशा मिली है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने कृषि क्षेत्र को सशक्त बनाने के लिए अनेक ऐतिहासिक निर्णय लिए हैं। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के माध्यम से किसानों के खातों में प्रत्यक्ष आर्थिक सहायता पहुंचाई जा रही है, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना किसानों को प्राकृतिक आपदाओं से सुरक्षा प्रदान कर रही है तथा प्राकृतिक खेती, कृषि अवसंरचना और डिजिटल तकनीक के विस्तार से कृषि क्षेत्र आत्मनिर्भरता की ओर तेजी से अग्रसर है।मुख्यमंत्री ने कहा कि किसान देश की आत्मा हैं और अन्नदाता के अथक परिश्रम से ही प्रत्येक परिवार की थाली तक अन्न पहुंचता है। उन्होंने कहा कि यदि मिट्टी का स्वास्थ्य लगातार बिगड़ता रहा तो कृषि उत्पादन के साथ-साथ मानव स्वास्थ्य पर भी गंभीर प्रभाव पड़ेगा। वर्षों से रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों के अत्यधिक उपयोग से भूमि की उर्वरता प्रभावित हुई है, इसलिए अब समय आ गया है कि मिट्टी को पुनः स्वस्थ बनाने के लिए सामूहिक प्रयास किए जाएं। मुख्यमंत्री ने किसानों से आह्वान किया कि वे मिट्टी की नियमित जांच कराकर वैज्ञानिक सलाह के अनुसार ही उर्वरकों का प्रयोग करें तथा जैविक एवं प्राकृतिक खेती को अपनाएं। उन्होंने कहा कि पारंपरिक जैविक संसाधनों पर आधारित खेती न केवल भूमि की उर्वरता बढ़ाती है, बल्कि उत्पादन लागत भी कम करती है। इससे किसानों की आय में वृद्धि होने के साथ-साथ उपभोक्ताओं को भी सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण खाद्यान्न उपलब्ध होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार कृषि को देश के विकास का प्रमुख आधार मानते हुए निरंतर किसान हितैषी योजनाएं संचालित कर रही है। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, मृदा स्वास्थ्य कार्ड, किसान क्रेडिट कार्ड की सीमा में वृद्धि, कृषि यंत्रों पर सहायता, डिजिटल कृषि मिशन तथा सिंचाई सुविधाओं के विस्तार जैसे कदम किसानों को आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड सरकार भी किसानों के कल्याण के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। राज्य में किसानों को तीन लाख रुपये तक का ब्याज मुक्त कृषि ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है। नहरों से सिंचाई की सुविधा निःशुल्क प्रदान की जा रही है तथा फार्म मशीनरी बैंक योजना के माध्यम से कृषि उपकरणों पर 80 प्रतिशत तक अनुदान दिया जा रहा है। पर्वतीय क्षेत्रों में वर्षा आधारित खेती को सशक्त बनाने के लिए रेनफेड फार्मिंग परियोजना को भी स्वीकृति प्रदान की गई है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार फल, सब्जी एवं बागवानी उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न नीतियों का प्रभावी क्रियान्वयन कर रही है। किसानों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से पॉलीहाउस स्थापना, कोल्ड स्टोरेज, कोल्ड चेन, सीए स्टोरेज और मेगा फूड पार्क जैसी आधुनिक सुविधाओं का विस्तार किया गया है, जिससे किसानों को अपनी उपज का बेहतर मूल्य प्राप्त हो सके। साथ ही स्थानीय कृषि उत्पादों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचाने के लिए भी निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्राकृतिक खेती, सुगंधित कृषि तथा स्थानीय कृषि उत्पादों को नई पहचान दिलाने की दिशा में भी लगातार कार्य कर रही है। इन प्रयासों का सकारात्मक परिणाम यह है कि उत्तराखण्ड किसानों की आय में वृद्धि के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में अपनी पहचान बना रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार योजनाएं और संसाधन उपलब्ध करा सकती है, लेकिन कृषि क्षेत्र में वास्तविक परिवर्तन तभी संभव होगा जब किसान स्वयं इस अभियान का हिस्सा बनेंगे। उन्होंने सभी किसानों से संकल्प लेने का आह्वान किया कि वे मिट्टी के स्वास्थ्य की रक्षा करेंगे, रासायनिक उर्वरकों के अंधाधुंध प्रयोग को कम करेंगे, प्राकृतिक खेती को अपनाएंगे और आने वाली पीढ़ियों के लिए उपजाऊ एवं समृद्ध भूमि का संरक्षण करेंगे। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि किसानों के परिश्रम, आधुनिक तकनीक, प्राकृतिक खेती तथा केंद्र और राज्य सरकार के संयुक्त प्रयासों से उत्तराखण्ड कृषि के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को प्राप्त करेगा तथा विकल्प रहित संकल्प के साथ विकसित उत्तराखण्ड के लक्ष्य को शीघ्र साकार किया जाएगा। कृषि एवम् कृषक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने सभी अतिथियों एवम् कृषको का स्वागत करते हुए घेरबाढ़ हेतु 65 करोड़, जैविक खेती हेतु 10 करोड़ की धनराशि व मडुवा, झिंगोरा का एम एस पी घोषित करने का अनुरोध किया।कार्यक्रम में सांसद अजय भट्ट,विधायक शिव अरोरा,त्रिलोक सिंह चीमा,बंशीधर भगत, जिला पंचायत अध्यक्ष अजय मौर्य,मेयर विकास शर्मा, दीपक बाली, दर्जा मंत्री अनिल कपूर डब्बू,हुकम सिंह कुंवर, रणजीत सिंह नामधारी, उत्तम दत्ता,जिलाध्यक्ष कमल जिन्दल, मनोज पाल, सचिव डॉ एस एन पांडे,जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय गणपति, मुख्य विकास अधिकारी दिवेश शासनी, अपर जिलाधिकारी कौस्तुभ मिश्रा, पंकज उपाध्याय सहित अनेक जनप्रतिनिधि, अधिकारी,कृषक व जनता मौजूद थे।

पंडित गोविंद बल्लभ पंत कृषि एवम् प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय पंतनगर में दो दिवसीय पूर्व छात्र सम्मेलन का केंद्रीय कृषि एवम् कृषक कल्याण मंत्री  मुख्यमंत्री व कृषि एवम् कृषक कल्याण मंत्री ने दीप प्रज्ज्वलित कर शुभारम्भ किया

पंतनगर (सू.वि.)। पंडित गोविंद बल्लभ पंत कृषि एवम् प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय पंतनगर में दो दिवसीय पूर्व छात्र सम्मेलन का केंद्रीय कृषि एवम् कृषक कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान, मुख्य मंत्री पुष्कर सिंह धामी व कृषि एवम् कृषक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने दीप प्रज्ज्वलित कर शुभारम्भ किया। कार्यक्रम में पंतनगर विश्वविद्यालय के पूर्व डीन ए के मुखोपाध्याय को अंगवस्त्र व प्रतीक चिन्ह देकर सम्मानित किया जाता गया। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि वह पंतनगर आकर किसी को धन्य करने नहीं, बल्कि स्वयं इस हरित क्रांति की पावन भूमि पर आकर धन्य हुए हैं। उन्होंने कहा कि पंतनगर विश्वविद्यालय भारतीय कृषि के इतिहास का गौरवशाली केंद्र है, जिसने देश को वैज्ञानिक, नीति निर्माता, कृषि उद्यमी तथा उत्कृष्ट मानव संसाधन प्रदान कर कृषि एवं ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई दिशा दी है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन तथा मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड देश ही नहीं, बल्कि विश्व की आध्यात्मिक राजधानी बनने की ओर अग्रसर है। श्री चैहान ने पंतनगर विश्वविद्यालय को परंपरा, आधुनिकता और अनुसंधान का त्रिवेणी संगम बताते हुए कहा कि देश आज लगभग 377 मिलियन टन खाद्यान्न उत्पादन कर रहा है। देश के अन्न भंडार पूरी तरह भरे हुए हैं तथा चावल उत्पादन में भारत चीन को पीछे छोड़कर विश्व में प्रथम स्थान पर पहुंच चुका है। उन्होंने कहा कि गेहूं का उत्पादन भी अधिशेष है तथा भारतीय गेहूं एवं बासमती चावल की मांग विश्वभर में लगातार बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि इस उपलब्धि में पंतनगर विश्वविद्यालय का योगदान अतुलनीय है और इसलिए वह इस पावन भूमि को बार-बार नमन करते हैं। केंद्रीय कृषि मंत्री ने कहा कि कृषि मंत्री के रूप में धरातल से जुड़े रहना अत्यंत आवश्यक है और उन्हें सौभाग्य प्राप्त हुआ कि उन्होंने पंतनगर में विद्यार्थियों एवं विशेषज्ञों के साथ संवाद किया। उन्होंने कहा कि उन्होंने केवल विद्यार्थियों से नहीं, बल्कि भारतीय कृषि के भविष्य से संवाद किया है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यहां से शिक्षा प्राप्त करने वाले विद्यार्थी देश और दुनिया में भारत का नाम रोशन करेंगे। उन्होंने कहा कि वह पंतनगर सिखाने नहीं, बल्कि सीखने आए हैं। पंतनगर विश्वविद्यालय ने केवल डिग्रियां नहीं बांटीं, बल्कि देश को वैज्ञानिक, नीति निर्माता, उद्योग जगत के नेतृत्वकर्ता तथा कृषि उद्यमी दिए हैं, जिन्होंने भारतीय कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। श्री चैहान ने कहा कि वर्तमान समय में भारतीय कृषि जलवायु परिवर्तन जैसी गंभीर चुनौतियों का सामना कर रही है। बढ़ता तापमान, गिरता भूजल स्तर, बदलता मौसम, मिट्टी का बिगड़ता स्वास्थ्य तथा रासायनिक उर्वरकों के अंधाधुंध प्रयोग जैसी समस्याओं का समाधान वैज्ञानिक अनुसंधान और नवाचार से ही संभव है। उन्होंने कहा कि उत्पादन के क्षेत्र में देश ने नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं, लेकिन भविष्य की चुनौतियों का समाधान खोजने में कृषि वैज्ञानिकों और विश्वविद्यालयों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होगी। मुख्यमंत्री ने पारंपरिक फसलों के संरक्षण पर बल देते हुए फल एवं विविध कृषि उत्पादों के उत्पादन को बढ़ावा देने की आवश्यकता बताई। साथ ही उन्होंने कृषि उत्पादन से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए विश्वविद्यालय के पूर्व छात्रों और विशेषज्ञों से समिति बनाकर ठोस सुझाव देने का आह्वान किया, ताकि उन पर गंभीरता से विचार किया जा सके। केंद्रीय कृषि मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में कृषि उत्पादों से संबंधित जितने भी अंतरराष्ट्रीय समझौते किए गए हैं, वे किसानों और राष्ट्रहित को सर्वोच्च प्राथमिकता में रखकर किए गए हैं। उन्होंने दोहराया कि विकसित भारत के निर्माण का संकल्प तभी साकार होगा, जब कृषि विकसित होगी और किसान समृद्ध होंगे। पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए श्री चैहान ने कहा कि वह प्रतिदिन एक पौधा लगाते हैं। उन्होंने सभी से अपील की कि यदि प्रतिदिन पौधा लगाना संभव न हो, तो कम से कम अपने जन्मदिन पर अवश्य एक पौधा लगाएं, क्योंकि पर्यावरण संरक्षण समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि विकसित उत्तराखण्ड के निर्माण में विश्वविद्यालयों के पूर्व छात्रों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने पूर्व छात्रों से आह्वान किया कि वे अपने ज्ञान, अनुभव और विशेषज्ञता को राज्य के विकास से जोड़ते हुए कृषि, अनुसंधान, नवाचार, स्टार्टअप और युवाओं के मार्गदर्शन में सक्रिय योगदान दें। मुख्यमंत्री शुक्रवार को गोविन्द बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय, पंतनगर में आयोजित पूर्व छात्र कार्यशाला ब्रेन 3.0 (बूस्टिंग रिसर्च, एकेडमिक, इनोवेशन एंड नेटवर्किंग) को संबोधित करते हुए कहा कि विकसित उत्तराखण्ड के निर्माण में विश्वविद्यालयों के पूर्व छात्रों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने पूर्व छात्रों से आह्वान किया कि वे अपने ज्ञान, अनुभव और विशेषज्ञता को राज्य के विकास से जोड़ते हुए कृषि, अनुसंधान, नवाचार, स्टार्टअप और युवाओं के मार्गदर्शन में सक्रिय योगदान दें। मुख्यमंत्री ने कहा कि पंतनगर विश्वविद्यालय केवल एक शिक्षण संस्थान नहीं, बल्कि भारत की हरित क्रांति का महत्वपूर्ण केंद्र रहा है। इस विश्वविद्यालय ने देश को ऐसे वैज्ञानिक, प्रशासक, उद्यमी और कृषि विशेषज्ञ दिए हैं, जिन्होंने राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है। उन्होंने कहा कि ब्रेन 3.0 केवल एक कार्यशाला नहीं, बल्कि ज्ञान, अनुभव, नवाचार और भविष्य की संभावनाओं को जोड़ने वाला प्रभावी मंच है। उन्होंने कहा कि किसी भी संस्थान की वास्तविक पहचान उसकी इमारतों से नहीं, बल्कि वहां से निकले विद्यार्थियों की उपलब्धियों से होती है। पूर्व छात्र विश्वविद्यालय की सबसे बड़ी शक्ति और उसकी गौरवशाली परंपरा के सशक्त प्रतिनिधि हैं। उन्होंने कहा कि जीवन में सफलता प्राप्त करना महत्वपूर्ण है, लेकिन उससे भी अधिक महत्वपूर्ण है उस सफलता और अनुभव को समाज तथा आने वाली पीढ़ियों के साथ साझा करना। मुख्यमंत्री ने पूर्व छात्रों से युवाओं के लिए मेंटरशिप कार्यक्रम चलाने, अनुसंधान कार्यों में सहयोग देने, नवाचार और स्टार्टअप संस्कृति को बढ़ावा देने तथा शिक्षा जगत और उद्योगों के बीच मजबूत सेतु बनने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि आज का युवा केवल रोजगार खोजने वाला नहीं, बल्कि नवाचार और उद्यमिता के माध्यम से परिवर्तन का नेतृत्व करने वाला युवा है। ऐसे में अनुभवी पूर्व छात्रों का मार्गदर्शन युवाओं को नई दिशा और नई ऊंचाइयां प्रदान कर सकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि  वर्तमान  समय कृत्रिम बुद्धिमत्ता ड्रोन तकनीक, डेटा एनालिटिक्स, जैव प्रौद्योगिकी और डिजिटल कृषि जैसी आधुनिक तकनीकों का युग है। इन क्षेत्रों में तेजी से हो रहे बदलावों के अनुरूप विश्वविद्यालयों और पूर्व छात्रों को भी अपनी भूमिका और अधिक प्रभावी बनानी होगी। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड की पर्वतीय कृषि आज छोटे एवं बिखरे खेतों, जंगली जानवरों से फसलों को होने वाले नुकसान, युवाओं के पलायन, सीमित बाजार पहुंच तथा जलवायु परिवर्तन जैसी अनेक चुनौतियों का सामना कर रही है। इन समस्याओं का समाधान केवल सरकारी योजनाओं से नहीं, बल्कि ज्ञान, अनुसंधान, नवाचार और सामूहिक सहभागिता से संभव है। उन्होंने पूर्व छात्रों से आधुनिक कृषि तकनीकों, जैविक एवं प्राकृतिक खेती, कृषि प्रसंस्करण, मूल्य संवर्धन, डिजिटल मार्केटिंग तथा कृषि उद्यमिता के क्षेत्र में किसानों और युवाओं का मार्गदर्शन करने का आह्वान किया।
 

गदरपुर पुलिस ने एक वांछित/फरार अपराधी को किया गिरफ्तार -315 बोर का तमंचा, 02 अदद जिन्दा कारतूस भी बरामद

(पुलिस एंड मीडिया गदरपुर)
गदरपुर।
पुलिस ने अवैध हथियार के खिलाफ कार्यवाही करते हुए एक अवैध तमंचा सहित एक वांछित/फरार अपराधी को गिरफ्तार किया है। उसके पास से 315 बोर मय 02 अदद जिन्दा कारतूस 315 बरामद किया गया। पुलिस के अनुसार दिनांक 21-05-2025 को वादी  मुकदमा गुरदेव सिंह, पुत्रः बलवंत सिंह पताः खुशहालपुर सरोवर नगर, गदरपुर, उधम सिंह नगर, द्वारा थाना गदरपुर में दी गई तहरीरी सूचना बाबत प्रतिवादी गण  सुक्खा आदि द्वारा उसके व उसके पूरे परिवार को जान से मारने की नीयत से अंधाधुंध फायरिंग, घर में घुसकर हमला, तोड़फोड़ एवं जानलेवा हमला करने के आधार पर थाना हाजा पर मु0 एफआईआर नंबर 140/2025  धारा-109/190/191(2)/191(3)/324(2)/331/351 (2)/352 बी0एन0एस0  बनाम सुक्खा आदि 08 नफर  के विरुद्ध पंजीकृत किया गया था। उपरोक्त अभियुक्त फरार चल रहे थे। वर्तमान में वांछित ध् फरार अभियुक्त  गण की गिफ्तारी हेतु चलाये जा रहे अभियान के दृष्टिगत श्रीमान् वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक महोदय, जनपद उधम सिह नगर द्वारा अभियुक्त गणों की शीघ्र गिरफ्तारी किये जाने हेतु कड़े आदेश निर्गत किये गये थे। उपरोक्त आदेश निर्देशों के क्रम में श्रीमान् पुलिस अधीक्षक अपराध ध्पुलिस अधीक्षक काशीपुर तथा क्षेत्राधिकारी महोदय बाजपुर के कुशल पर्यवेक्षण मे तथा प्रभारी थानाध्यक्ष गदरपुर के नेतृत्व मे थाना गदरपुर पुलिस टीम आज दिनांक 25-12-2025 को थाना दिनेशपुर रोड फ्लाईओवर के पास सूरजपुर  को जाने वाले रास्ते से मुखविर की सूचना पर ’ वांछित/फरार चल रहे अपराधी सुखविन्दर सिह उर्फ सुख्खा पुत्र स्वरुप सिह निवासी अज्जूवाला, थाना मिलखखानम, जिला रामपुर(उ0प्र0) उम्र 22 वर्ष को घटना में प्रयुक्त एक अदद तमंचा 315 बोर मय 02 अदद जिन्दा कारतूस के साथ अन्तर्गत धारा  109(1), 191(2), 191(3), 324(2), 331 (2), 351(3), 352/3 (5) बी0एन0एस0 व 3/25 शस्त्र अधि0  में गिरफ्तार किया गया। अभियुक्त सुखविन्सिंदर सिंह उर्फ सुक्खा को नियमानुसार माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया। आपराधिक इतिहास की जानकारी की जा रही है। पकड़ने वाली पुलिस टीम में प्रभारी थानाध्यक्ष प्रदीप शर्मा, कानि. कुन्दन सिंह, कानि. जीवन फुलेरा शामिल रहे।
 

केन्द्रीय कृषि मंत्री के पंतनगर पहुंचने पर मुख्यमंत्री श्री धामी ने किया स्वागत -केन्द्रीय कृषि मंत्री ने पंतनगर विश्वविद्यालय के म्यूजियम का भी किया निरीक्षण

पंतनगर (सू.वि.)। केन्द्रीय कृषि मंत्री श्री शिवराज सिंह चैहान के  पंतनगर पहुंचने पर माननीय मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी  व अन्य जनप्रतिनिधियों द्वारा जोरदार किया स्वागत। इसके उपरान्त केन्द्रीय कृषि मंत्री द्वारा  पंतनगर विश्वविद्यालय के म्यूजियम का निरीक्षण किया गया।

जिला आपदा प्रबन्धन प्राधिकरण, उधमसिंह नगर में विशेष गहन पुनरीक्षण हेतु जनपद स्तर पर स्थापित कन्ट्रोल रूम का  अपर जिलाधिकारी (वि./रा.)/उप जिला निर्वाचन अधिकारी  द्वारा विस्तृत निरीक्षण किया गया

रूद्रपुर (सू.वि.)। जिला आपदा प्रबन्धन प्राधिकरण, उधमसिंह नगर में विशेष गहन पुनरीक्षण हेतु जनपद स्तर पर स्थापित कन्ट्रोल रूम का  कौस्तुभ मिश्र, अपर जिलाधिकारी (वि./रा.)/उप जिला निर्वाचन अधिकारी  द्वारा विस्तृत निरीक्षण किया गया, जिसमें उनके द्वारा 1950 हैल्प लाईन नम्बर के सुचारू रूप से कार्य किये जाने की स्वयं जांच की गयी एवं जनपदीय कन्ट्रोल रूम में मतदाताओं से प्राप्त शिकायतों/जानकारियों के इन्द्राज किये जाने से सम्बन्धित पंजिका का अवलोकन करते हुए पंजिका का उचित रखरखाव से सम्बन्धित निर्देश एवं विशेष गहन पुनरीक्षण के संबंध में मतदाताओं को आ रही समस्याओं का ससमय निस्तारण एवं मतदाताओं का उचित मार्गदर्शन किये जाने हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश दिये गये। इस दौरान नोडल, एसआईआर जनपदीय कन्ट्रोल रूम  उमाशंकर नेगी, नितीश जोशी, नीरज कुमार आदि मौजूद रहें।
 

धामी सरकार की बड़ी सौगात, मात्र 3 लाख रुपये में मिलेगा आधुनिक फ्लैट

रुद्रपुर/देहरादून (सू.वि.)। धामी सरकार की बड़ी सौगात, मात्र 3 लाख रुपये में मिलेगा आधुनिक फ्लैट, तैयार हुई उत्तराखंड की सबसे बड़ी ईडब्लूएस आवासीय परियोजनाओं में से एक प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के तहत रुद्रपुर के बागवाला में साकार हो रहा 1872 परिवारों का आशियाने का सपना, जल्द लाभार्थियों को सौंपी जाएंगी चाबियां गरीब और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को सम्मानजनक जीवन देने के संकल्प के साथ उत्तराखंड सरकार और भारत सरकार मिलकर एक ऐसी आवासीय परियोजना को अंतिम रूप दे रही हैं, जो हजारों लोगों के जीवन में बड़ा बदलाव लाने वाली है। प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के अंतर्गत रुद्रपुर के ग्राम बागवाला में 1872 ईडब्ल्यूएस (आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग) आवासों का निर्माण कार्य लगभग पूरा हो चुका है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दिशा-निर्देशों के अनुरूप सचिव आवास डॉ. आर. राजेश कुमार की सतत निगरानी में विकसित यह परियोजना राज्य में गरीब परिवारों के लिए सुरक्षित और आधुनिक आवास उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है। जिला स्तरीय विकास प्राधिकरण (उधमसिंह नगर) द्वारा संचालित इस महत्वाकांक्षी योजना का उद्देश्य ऐसे परिवारों को अपना घर उपलब्ध कराना है, जिनके पास अब तक पक्का मकान नहीं है। परियोजना के पूर्ण होने के बाद हजारों लोगों का वर्षों पुराना सपना साकार होने जा रहा है।
गरीब परिवारों के लिए उम्मीद की नई बस्ती
‘अपना घर, अपना स्वाभिमान’ की भावना के साथ तैयार की गई इस परियोजना में कुल 1872 आवासों का निर्माण किया गया है। इनमें से 832 फ्लैट पूरी तरह तैयार हो चुके हैं, जबकि 512 अतिरिक्त फ्लैटों में अंतिम चरण के छोटे-मोटे कार्य तेजी से चल रहे हैं। सरकार की योजना शीघ्र ही परियोजना का लोकार्पण कर लाभार्थियों को उनके नए घरों की चाबियां सौंपने की है। सबसे बड़ी बात यह है कि छह लाख रुपये लागत वाले इन आधुनिक फ्लैटों के लिए लाभार्थी को मात्र तीन लाख रुपये ही देने होंगे। शेष राशि भारत सरकार और उत्तराखंड सरकार द्वारा डेढ़-डेढ़ लाख रुपये की सब्सिडी के रूप में वहन की जाएगी। इससे सीमित आय वाले परिवारों को भी सम्मानजनक आवास प्राप्त करने का अवसर मिलेगा।
आधुनिक सुविधाओं से लैस आवासीय परिसर
करीब 6.0281 हेक्टेयर भूमि पर विकसित इस आवासीय परियोजना का निर्माण क्षेत्रफल लगभग 39,220 वर्ग मीटर है। योजना में कुल 23 बहुमंजिला आवासीय ब्लॉक बनाए गए हैं, जिनमें आधुनिक शहरी सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा गया है। प्रत्येक फ्लैट में एक बेडरूम, ड्राइंग रूम, किचन, टॉयलेट, बाथरूम और बरामदा उपलब्ध कराया गया है। लगभग 28 वर्ग मीटर क्षेत्रफल वाले इन आवासों को इस प्रकार डिजाइन किया गया है कि छोटे परिवारों को पर्याप्त सुविधा और बेहतर जीवन स्तर मिल सके। परियोजना की विशेषता यह है कि सभी भवन भूकंपरोधी तकनीक से निर्मित किए गए हैं। इसके साथ ही चैड़ी सड़कों, पर्याप्त पार्किंग, पेयजल, विद्युत आपूर्ति और स्वच्छ वातावरण की व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई है।
पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास पर विशेष जोर
बागवाला आवासीय परियोजना को केवल मकानों का समूह नहीं, बल्कि एक आधुनिक और टिकाऊ आवासीय परिसर के रूप में विकसित किया गया है। परिसर में वर्षा जल संचयन (रेन वाटर हार्वेस्टिंग), सीवरेज सिस्टम और अत्याधुनिक एसटीपी (सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट) की व्यवस्था की गई है।परियोजना में हरे-भरे पार्क, बच्चों के लिए सुरक्षित खेल क्षेत्र और सौंदर्यीकरण के व्यापक कार्य भी पूरे किए जा चुके हैं। हॉर्टिकल्चर का कार्य पूर्ण होने से परिसर का वातावरण आकर्षक और पर्यावरण अनुकूल बन गया है।
बेहतर कनेक्टिविटी से बढ़ेगी सुविधा
आवासीय परिसर का स्थान भी इसकी सबसे बड़ी विशेषताओं में शामिल है। बागवाला स्थित यह परियोजना मुख्य बाजार और प्रमुख मार्ग से लगभग तीन किलोमीटर की दूरी पर है। बस स्टेशन छह किलोमीटर और रेलवे स्टेशन आठ किलोमीटर दूर स्थित है। बेहतर सड़क संपर्क और शहर के प्रमुख क्षेत्रों से नजदीकी के कारण यहां रहने वाले परिवारों को शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और अन्य आवश्यक सुविधाओं तक आसानी से पहुंच मिल सकेगी।
पारदर्शी होगी आवंटन प्रक्रिया
सरकार ने आवास आवंटन प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बनाने का निर्णय लिया है। पात्र लाभार्थियों का चयन कंप्यूटर आधारित रैंडमाइजेशन लॉटरी प्रणाली के माध्यम से किया जाएगा। आवेदन के लिए आवेदक का प्रधानमंत्री आवास योजना के एमआईएस पोर्टल पर पंजीकृत होना आवश्यक है। साथ ही आवेदक को 17 जून 2015 से पूर्व का उत्तराखंड निवासी होना चाहिए तथा उसकी वार्षिक आय तीन लाख रुपये या उससे कम होनी चाहिए। आवेदक या उसके परिवार के किसी सदस्य के नाम देश में कहीं भी पक्का मकान नहीं होना चाहिए। मात्र पांच हजार रुपये जमा कर आवेदन प्रक्रिया शुरू की जा सकती है। शेष राशि के भुगतान के लिए बैंकों के माध्यम से ऋण सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी।
सुरक्षा और गुणवत्ता के मानकों पर खरा परिसर
परियोजना में सुरक्षा और गुणवत्ता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। परिसर में आरसीसी बाउंड्री वॉल और मुख्य प्रवेश द्वार का निर्माण पूरा हो चुका है। सभी ब्लॉकों में विद्युत कार्य पूर्ण कर लिए गए हैं तथा यूपीसीएल द्वारा इलेक्ट्रिकल सेफ्टी जांच भी पूरी की जा चुकी है। इसके अलावा फायर डिपार्टमेंट द्वारा फायर फाइटिंग सिस्टम का सफल परीक्षण किया जा चुका है। जलापूर्ति व्यवस्था के लिए अंडरग्राउंड टैंक और ओवरहेड टैंक स्थापित किए गए हैं, जबकि एसटीपी भी परीक्षण चरण में पहुंच चुका है।
धामी सरकार की समावेशी विकास सोच का उदाहरण
प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत विकसित बागवाला परियोजना उत्तराखंड में समावेशी विकास और सामाजिक सुरक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार लगातार ऐसी योजनाओं को गति दे रही है, जिनका सीधा लाभ आम नागरिकों और विशेष रूप से आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को मिल रहा है। सचिव आवास डॉ. आर. राजेश कुमार की निगरानी में तेजी से आगे बढ़ी यह परियोजना अब अपने अंतिम चरण में है। आने वाले दिनों में जब हजारों परिवार अपने नए घरों में प्रवेश करेंगे, तब यह केवल मकानों का हस्तांतरण नहीं होगा, बल्कि आत्मसम्मान, सुरक्षा और बेहतर भविष्य की एक नई शुरुआत होगी। बागवाला की यह आवासीय बस्ती उत्तराखंड में गरीब परिवारों के जीवन स्तर को बदलने वाली एक नई पहचान बनने जा रही है।
सचिव आवास डॉ. आर. राजेश कुमार का बयान 
सचिव आवास एवं आवास आयुक्त डॉ. आर. राजेश कुमार ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के अंतर्गत रुद्रपुर के बागवाला में विकसित की गई यह परियोजना आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने वाली है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के मार्गदर्शन में राज्य सरकार प्रत्येक पात्र परिवार को सम्मानजनक आवास उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। परियोजना में गुणवत्ता, सुरक्षा और आधुनिक सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा गया है। सभी कार्य निर्धारित मानकों के अनुरूप पूरे किए गए हैं। शीघ्र ही पात्र लाभार्थियों को आवासों का आवंटन कर चाबियां सौंपी जाएंगी, जिससे हजारों परिवारों का अपने घर का सपना साकार होगा।