सत्यमेव जयते

उधम सिंह नगरविविध

अल्पसंख्यक शैक्षिक संस्थानों की मान्यता में आ रही कमियों को दूर करने के निर्देश -अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण के अध्यक्ष सुरजीत सिंह गांधी ने अधिकारियों के साथ की बैठक, 10 बिना पंजीकरण संचालित मदरसे किए गए सील

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रुद्रपुर (सू.वि.)। उत्तराखण्ड राज्य अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण के अध्यक्ष सुरजीत सिंह गांधी की अध्यक्षता में शुक्रवार को विकास भवन सभागार में जनपद में संचालित मदरसों एवं अल्पसंख्यक शैक्षिक संस्थानों की मान्यता तथा उनसे संबंधित विभिन्न विषयों को लेकर शिक्षा विभाग और अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक आयोजित की गई। बैठक में मान्यता संबंधी प्रस्तावों, लंबित प्रकरणों तथा शिक्षा विभाग के स्तर पर आ रही कमियों के निराकरण पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में अध्यक्ष सुरजीत सिंह गांधी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मान्यता प्रस्तावों में आ रही कमियों को संबंधित विभागों के समन्वय से शीघ्र दूर किया जाए। उन्होंने उत्तराखण्ड राज्य अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण के अधिनियम एवं उद्देश्यों का व्यापक प्रचार-प्रसार करने तथा अधिक से अधिक मदरसों और अल्पसंख्यक शैक्षिक संस्थानों को मान्यता प्रक्रिया से जोड़ने के लिए आवश्यक प्रयास करने पर जोर दिया।
10 मदरसों को किया गया सील
बैठक के दौरान विगत माह जनपद में बिना पंजीकरण एवं शिक्षा विभाग की मान्यता के संचालित पाए गए मदरसों के विरुद्ध की गई कार्रवाई की समीक्षा भी की गई। जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी विपिन सिंह कण्डारी ने बताया कि विद्यालयी मान्यता के लिए आवेदन नहीं करने वाले और बिना पंजीकरण संचालित पाए गए 10 मदरसों को सील किया गया है। इन मदरसों की वर्तमान स्थिति के संबंध में अध्यक्ष ने जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी को विस्तृत आख्या शीघ्र प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। परियोजना निदेशक, डीआरडीए हिमांशु जोशी ने संबंधित अधिकारियों को बैठक में दिए गए निर्देशों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करने तथा विस्तृत आख्या उत्तराखण्ड राज्य अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण के अध्यक्ष एवं जिलाधिकारी को प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। बैठक में परियोजना निदेशक हिमांशु जोशी, खण्ड शिक्षा अधिकारी शावेद आलम, जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी विपिन सिंह कण्डारी तथा शिक्षा विभाग से रविन्द्र पाण्डेय सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
 

खबरें

सड़क सुरक्षा को लेकर परिवहन विभाग ने दिया प्रशिक्षण, दुर्घटनाओं की रोकथाम पर जोर -हल्द्वानी संभाग के 40 परिवहन सहायक निरीक्षकों एवं आरक्षियों ने लिया प्रशिक्षण, प्रतिभागियों को दिए गए प्रमाण पत्र

रुद्रपुर (सू.वि.)। सड़क दुर्घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाने और दुर्घटनाओं में घायलों एवं मृतकों की संख्या कम करने के उद्देश्य से 23 अक्टूबर 2026 को होटल वीनस, रामपुर रोड, ऊधमसिंह नगर में परिवहन विभाग की ओर से सड़क सुरक्षा प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें हल्द्वानी संभाग के कार्यरत परिवहन सहायक निरीक्षकों एवं परिवहन आरक्षियों ने प्रतिभाग किया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि संयुक्त परिवहन आयुक्त श्री राजीव कुमार मेहरा का स्वागत संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रशासन), हल्द्वानी संभाग श्री गुरदेव सिंह तथा संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन एवं सड़क सुरक्षा) श्री अरविन्द पाण्डेय ने किया। प्रशिक्षण के प्रथम सत्र में विभागीय नियमों की विस्तृत जानकारी दी गई, जबकि दूसरे सत्र में सड़क सुरक्षा के विभिन्न पहलुओं पर प्रशिक्षण प्रदान किया गया। इस दौरान प्रवर्तन कार्मिकों की जिज्ञासाओं का समाधान करते हुए आवश्यक मार्गदर्शन भी दिया गया। सहायक निदेशक, सड़क सुरक्षा, परिवहन विभाग श्री नरेश संगल ने रोड सेफ्टी एंड ओवरव्यू ऑन रोड एक्सीडेंट इन उत्तराखंड विषय पर जानकारी दी। वहीं, जेपी रिसर्च इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के टीम लीडर श्री सुमित ढुल ने साइंटिफिक क्रैश इन्वेस्टिगेशन ऑफ एक्सीडेंट के संबंध में प्रतिभागियों को विस्तार से बताया। संयुक्त परिवहन आयुक्त श्री राजीव कुमार मेहरा ने अपने संबोधन में कहा कि सभी प्रवर्तन कार्मिक सड़क दुर्घटनाओं के कारणों की बारीकियों को समझें और अपने दैनिक कार्यों में प्रशिक्षण से प्राप्त जानकारी का उपयोग करें। उन्होंने दुर्घटनाओं की रोकथाम में प्रभावी भूमिका निभाने तथा सड़क सुरक्षा के प्रति अपने दायित्वों का निष्ठापूर्वक निर्वहन करने पर जोर दिया। प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य राज्य में होने वाली सड़क दुर्घटनाओं के कारणों का विश्लेषण कर उनकी पुनरावृत्ति रोकना, दुर्घटनाओं में घायलों एवं मृतकों की संख्या में प्रभावी कमी लाना तथा विभागीय कार्मिकों की कार्यक्षमता बढ़ाना रहा। प्रतिभागियों को विभागीय नियमों और सड़क सुरक्षा के तहत की जाने वाली कार्रवाई के संबंध में भी प्रशिक्षित किया गया। कार्यक्रम में सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रशासन), ऊधमसिंह नगर श्री मोहित कोठारी, सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन) श्री नवीन कुमार सिंह, सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन), काशीपुर श्री संदीप वर्मा तथा परिवहन कर अधिकारी श्री आशुतोष डिमरी सहित हल्द्वानी संभाग के 40 परिवहन सहायक निरीक्षक एवं परिवहन आरक्षी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों को संयुक्त परिवहन आयुक्त तथा दोनों संभागीय परिवहन अधिकारियों की ओर से प्रमाण पत्र प्रदान किए गए। समापन अवसर पर संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन एवं सड़क सुरक्षा), हल्द्वानी श्री अरविन्द पाण्डेय ने सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया।
 

सेवा संकल्प अभियान व राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत प्रतिरक्षण कार्यक्रम का दिया गया प्रशिक्षण -सराहनीय कार्य करने वाली ए. एन. एम. को किया गया सम्मानित

रुद्रपुर (सू.वि.)। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत प्रतिरक्षण कार्यक्रम के अंतर्गत आज मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय सभागार मे प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। प्रशिक्षण मे आज बाजपुर, गदरपुर तथा रुद्रपुर शहरी क्षेत्र की ए एन एम को एच एम आई एस, जननी, यू विन तथा अन्य पोर्टलों एवं एप्लीकेशन के बारे में विस्तृत जानकारी दी गयी। इस दौरान जनपद मे सराहनीय कार्य करने वाली ए. एन. एम. को मुख्य चिकित्सा अधिकारी द्वारा सम्मानित किया गया। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. एस.के. गोस्वामी ने बताया कि प्रतिरक्षण कार्यक्रम को और अधिक प्रभावी एवं पारदर्शी बनाने के लिए सभी संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को इन डिजिटल प्लेटफॉर्म पर प्रशिक्षित किया जा रहा है। इससे टीकाकरण डेटा की एंट्री, वैक्सीन स्टॉक का बेहतर प्रबंधन और लाभार्थियों की ट्रैकिंग सुनिश्चित हो सकेगी। विभाग का उद्देश्य है कि जनपद में गर्भवती माताओं तथा बच्चों के शत-प्रतिशत टीकाकरण लक्ष्य को प्राप्त किया जाए और कोई भी बच्चा व गर्भवती महिला टीकाकरण से वंचित न रहे। प्रशिक्षण मे एसीएमओ डॉ डी पी सिंह, डॉ. हरीश पांडे, डॉ पी. डी. गुप्ता, डॉ सुधीर गुप्ता, डीपीएम हिमांशु मुश्युनी, प्रदीप महर, चाँद मियां, ए. एन. एम. नीमा मेहता, रेखा कन्याल, मीणा मण्डल, हेमा नैनवाल, शीतल, उषा आदि उपस्थित रहे।
 

अल्पसंख्यक शैक्षिक संस्थानों की मान्यता में आ रही कमियों को दूर करने के निर्देश -अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण के अध्यक्ष सुरजीत सिंह गांधी ने अधिकारियों के साथ की बैठक, 10 बिना पंजीकरण संचालित मदरसे किए गए सील

रुद्रपुर (सू.वि.)। उत्तराखण्ड राज्य अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण के अध्यक्ष सुरजीत सिंह गांधी की अध्यक्षता में शुक्रवार को विकास भवन सभागार में जनपद में संचालित मदरसों एवं अल्पसंख्यक शैक्षिक संस्थानों की मान्यता तथा उनसे संबंधित विभिन्न विषयों को लेकर शिक्षा विभाग और अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक आयोजित की गई। बैठक में मान्यता संबंधी प्रस्तावों, लंबित प्रकरणों तथा शिक्षा विभाग के स्तर पर आ रही कमियों के निराकरण पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में अध्यक्ष सुरजीत सिंह गांधी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मान्यता प्रस्तावों में आ रही कमियों को संबंधित विभागों के समन्वय से शीघ्र दूर किया जाए। उन्होंने उत्तराखण्ड राज्य अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण के अधिनियम एवं उद्देश्यों का व्यापक प्रचार-प्रसार करने तथा अधिक से अधिक मदरसों और अल्पसंख्यक शैक्षिक संस्थानों को मान्यता प्रक्रिया से जोड़ने के लिए आवश्यक प्रयास करने पर जोर दिया।
10 मदरसों को किया गया सील
बैठक के दौरान विगत माह जनपद में बिना पंजीकरण एवं शिक्षा विभाग की मान्यता के संचालित पाए गए मदरसों के विरुद्ध की गई कार्रवाई की समीक्षा भी की गई। जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी विपिन सिंह कण्डारी ने बताया कि विद्यालयी मान्यता के लिए आवेदन नहीं करने वाले और बिना पंजीकरण संचालित पाए गए 10 मदरसों को सील किया गया है। इन मदरसों की वर्तमान स्थिति के संबंध में अध्यक्ष ने जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी को विस्तृत आख्या शीघ्र प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। परियोजना निदेशक, डीआरडीए हिमांशु जोशी ने संबंधित अधिकारियों को बैठक में दिए गए निर्देशों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करने तथा विस्तृत आख्या उत्तराखण्ड राज्य अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण के अध्यक्ष एवं जिलाधिकारी को प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। बैठक में परियोजना निदेशक हिमांशु जोशी, खण्ड शिक्षा अधिकारी शावेद आलम, जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी विपिन सिंह कण्डारी तथा शिक्षा विभाग से रविन्द्र पाण्डेय सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
 

श्रीरामलीला कमेटी अध्यक्ष ने कमेटी की ओर से सभी का आभार प्रकट किया -विनोद वार्ता के मान्यता प्राप्त सम्मादक को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित कर, उनके द्वारा प्रकाशित समाचार पर धन्यवाद दिया

विनोद वार्ता संवाद-सूत्र
गदरपुर।
श्रीरामलीला मंचन समापन के दौरान श्रीरामलीला कमेटी द्वारा, स्थानीय कलाकारों, कमेटी के पदाधिकारियों एवं मीडिया कर्मियों को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित करते हुए आभार प्रकट किया। वहीं विनोद कुमार ने सम्मानित करने पर श्रीरामलीला कमेटी का आभार जताया। इस दौरान कमेटी अध्यक्ष कृष्ण लाल अनेजा एवं आॅडीटर कृष्ण लाल बत्रा ने विनोद वार्ता के मान्यता प्राप्त सम्पादक विनोद कुमार को स्मृति चिन्ह प्रदान करते हुए विनोद वार्ता पोर्टल एवं विनोद वार्ता समाचार पत्र में बढ़ चढ़कर प्रकाशित करने पर धन्यवाद किया। कमेटी अध्यक्ष श्री अनेजा ने श्री रामलीला कमेटी की तरफ से श्री रामलीला नाट्यकला परिषद एवं श्री महावीर दल के समस्त पदाधिकारियों, सदस्यों एवं सहयोगियों का रामलीला एवं दशहरा पर्व को सफल, भव्य एवं यादगार बनाने में अपना अमूल्य योगदान देने के लिए हार्दिक आभार एवं कोटि-कोटि धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि सभी के सहयोग से धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। भगवान श्रीराम की कृपा आप सभी पर सदैव बनी रहे और हम सब इसी प्रकार धर्म, संस्कृति एवं सामाजिक एकता के कार्यों में मिलकर अपना योगदान देते रहें।आप सभी का सहयोग हमारे लिए अमूल्य है। 


 

सड़क सुरक्षा को लेकर एडीएम सख्त, ओवरलोडिंग और तेज रफ्तार पर चलेगा अभियान -अनधिकृत कट खोलने और डिवाइडर तोड़ने वालों पर होगी प्राथमिकी, बिना हेलमेट पेट्रोल देने वाले पंपों पर भी कार्रवाई

रुद्रपुर (सू.वि.)। सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने और यातायात व्यवस्था को सुरक्षित बनाने के लिए अपर जिलाधिकारी कौस्तुभ मिश्र ने संबंधित अधिकारियों को ओवरलोडिंग और भारी वाहनों की तेज रफ्तार पर नियंत्रण लगाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने सड़कों पर अनाधिकृत कटों को बंद कराने तथा बंद कटों को अवैध रूप से खोलने और डिवाइडर तोड़ने वालों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने के निर्देश भी दिए। जिला सभागार में जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक लेते हुए एडीएम ने कहा कि दुर्घटना संभावित स्थलों का संबंधित विभाग संयुक्त निरीक्षण कर उनकी सूची तैयार करें और समस्याओं का प्राथमिकता से समाधान सुनिश्चित करें। उन्होंने राष्ट्रीय एवं राज्य राजमार्गों पर साइन बोर्ड लगाने, सड़कों के मिलान स्थलों पर गति सीमा संबंधी संकेतक लगाने तथा आवश्यकतानुसार स्पीड ब्रेकर बनाने के निर्देश दिए।
नशे में वाहन चलाने वालों पर होगी सख्ती
एडीएम ने मादक पदार्थों का सेवन कर वाहन चलाने वालों की सख्ती से जांच करने तथा बिना हेलमेट दोपहिया वाहन चलाने वालों के खिलाफ अभियान चलाकर कार्रवाई करने को कहा। उन्होंने ‘नो हेलमेट, नो पेट्रोल’ आदेश का पालन सुनिश्चित कराने के निर्देश देते हुए कहा कि बिना हेलमेट पहने दोपहिया वाहन चालकों को पेट्रोल देने वाले पेट्रोल पंपों के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी। सड़क सुरक्षा नियमों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए विद्यालयों में जागरूकता शिविर आयोजित करने को भी कहा गया।
अनधिकृत ई-रिक्शा और निराश्रित पशुओं पर भी नजर
एडीएम ने कहा कि अत्यधिक ई-रिक्शा संचालन के कारण जाम और दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ती है। ऐसे में अनधिकृत ई-रिक्शा का सत्यापन कर नियमानुसार कार्रवाई की जाए। सड़कों पर घूमने वाले निराश्रित पशुओं को सुरक्षित आश्रय स्थलों में पहुंचाने और उनके गले में रिफ्लेक्टर पट्टी लगाने के निर्देश भी दिए गए, ताकि रात के समय दुर्घटनाओं की आशंका कम की जा सके। उन्होंने सड़क निर्माण एवं रखरखाव से जुड़े विभागों, एआरटीओ और पुलिस को दुर्घटना होने पर तत्काल मौके पर पहुंचने तथा दुर्घटनाओं का शीघ्र विश्लेषण कर रिपोर्ट भेजने को कहा, ताकि आवश्यक अग्रिम कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। बैठक में लोक निर्माण विभाग के अधीक्षण अभियंता अनिल पांगती, अधिशासी अभियंता गजेन्द्र सिंह, सीओ वैभव सैनी, एआरटीओ संदीप वर्मा, मोहित कोठारी, नवीन सिंह, एनएचएआई के सोनू गुप्ता, मोहित कुशवाहा, एसीएमओ डॉ. हरीश पाण्डे तथा जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी कुलदीप सिंह बिष्ट सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना से मनप्रीत सिंह ने लिखी आत्मनिर्भरता की नई कहानी -35 हजार की नौकरी छोड़ शुरू किया अपना कारोबार, आज 70-80 हजार रुपये तक मासिक आय एक व्यक्ति को दिया रोजगार

रुद्रपुर (सू.वि.)।मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में प्रदेश सरकार युवाओं को स्वरोजगार से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाने और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर सृजित करने की दिशा में निरंतर प्रयास कर रही है। सरकार की विभिन्न स्वरोजगारपरक योजनाएं उन युवाओं के लिए सहायक साबित हो रही हैं, जो नौकरी करने के साथ-साथ अपना व्यवसाय स्थापित कर आर्थिक रूप से सशक्त बनना चाहते हैं। जनपद ऊधम सिंह नगर के गदरपुर विकासखंड के ग्राम रतनपुरा निवासी मनप्रीत सिंह की सफलता की कहानी इसी दिशा में किए जा रहे प्रयासों का एक उदाहरण है। मनप्रीत सिंह पहले एक निजी सर्जिकल कंपनी में कार्यरत थे, जहां उन्हें प्रतिमाह लगभग 35 हजार रुपये का वेतन मिलता था। निजी क्षेत्र में तीन वर्षों तक काम करने के दौरान उन्होंने कार्य का अनुभव प्राप्त किया। इसी अनुभव के आधार पर उनके मन में स्वयं का व्यवसाय शुरू करने और अपनी अलग पहचान बनाने का विचार आया। नौकरी तक सीमित रहने के बजाय उन्होंने उद्यमिता की राह चुनने का निर्णय लिया, ताकि अपनी मेहनत और कौशल के बल पर आर्थिक प्रगति कर सकें। स्वयं का कारोबार शुरू करने की योजना को साकार करने के लिए मनप्रीत सिंह ने जिला उद्योग केंद्र से संपर्क कर स्वरोजगार संबंधी योजनाओं की जानकारी प्राप्त की। आवश्यक जानकारी और मार्गदर्शन मिलने के बाद उन्होंने वर्ष 2022 में एमएसएमई के अंतर्गत 4 लाख रुपये का ऋण प्राप्त किया। इस ऋण पर उन्हें 66 हजार रुपये की सब्सिडी भी मिली। सरकारी सहायता से उन्हें अपना व्यवसाय स्थापित करने के लिए आर्थिक संबल मिला और अपने सपने को धरातल पर उतारने का अवसर प्राप्त हुआ। ऋण और उपलब्ध संसाधनों का सदुपयोग करते हुए मनप्रीत सिंह ने अपना कारोबार शुरू किया। शुरुआती प्रयासों, निरंतर मेहनत और अपने अनुभव के आधार पर उन्होंने धीरे-धीरे व्यवसाय को आगे बढ़ाया। आज उनकी मेहनत रंग ला रही है और वह अपने कारोबार से प्रतिमाह लगभग 70 से 80 हजार रुपये की आय अर्जित कर रहे हैं। इस प्रकार उन्होंने अपनी पूर्व नौकरी से मिलने वाली आय की तुलना में बेहतर आर्थिक स्थिति हासिल की है। इसके साथ ही उन्होंने अपने व्यवसाय के माध्यम से एक अन्य व्यक्ति को भी रोजगार उपलब्ध कराया है। मनप्रीत सिंह की यह यात्रा दर्शाती है कि उचित मार्गदर्शन, वित्तीय सहायता, उद्यमशीलता और निरंतर परिश्रम के समन्वय से युवा अपनी आर्थिक स्थिति को मजबूत करने के साथ दूसरों के लिए भी रोजगार के अवसर पैदा कर सकते हैं। उनका अनुभव क्षेत्र के उन युवाओं के लिए प्रेरणादायक है, जो स्वयं का उद्यम स्थापित करने का सपना देखते हैं, लेकिन आर्थिक संसाधनों की कमी के कारण आगे बढ़ने में कठिनाई महसूस करते हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में प्रदेश में स्वरोजगार और उद्यमिता को प्रोत्साहित करने के लिए संचालित योजनाओं का उद्देश्य युवाओं को केवल रोजगार तलाशने तक सीमित न रखकर उन्हें रोजगार सृजनकर्ता बनने के लिए भी प्रोत्साहित करना है। मनप्रीत सिंह जैसे उद्यमियों की पहल स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती देने, युवाओं में आत्मविश्वास बढ़ाने और रोजगार के नए अवसर विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
 

बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से धान की उपज में भारी गिरावट -क्रॉप कटिंग में सामने आई किसानों की परेशानी, गत वर्षों की तुलना में उत्पादन काफी कम

गदरपुर (ऊधम सिंह नगर) (सू.वि.)। खरीफ सीजन 2026 में बेमौसम बारिश एवं ओलावृष्टि के कारण धान की फसल को भारी नुकसान पहुंचा है। इसकी पुष्टि राजस्व ग्राम रफी नगर, न्याय पंचायत गोविंदपुर, तहसील गदरपुर में आयोजित प्रतिदर्श (नमूना) क्रॉप कटिंग के दौरान हुई। क्रॉप कटिंग में धान की उपज गत वर्षों की तुलना में काफी कम पाई गई, जिसे किसानों के लिए चिंताजनक स्थिति माना जा रहा है। मुख्य कृषि अधिकारी, ऊधम सिंह नगर के अनुसार, क्रॉप कटिंग के दौरान कृषक श्रीमती मनप्रीत कौर के 43.50 वर्ग मीटर क्षेत्रफल वाले प्लॉट में 7.620 किलोग्राम धान की उपज प्राप्त हुई। इसके आधार पर प्रति हेक्टेयर उत्पादन 17.52 क्विंटल आंका गया। वहीं, दूसरे प्लॉट में कृषक श्रीमती मनवीर कौर के खेत से 12.240 किलोग्राम धान प्राप्त हुआ। इसके आधार पर प्रति हेक्टेयर उपज 28.14 क्विंटल दर्ज की गई। क्रॉप कटिंग के दौरान पटवारी श्रीमती वीना मियान, श्री बलदेव राज तथा कृषक श्रीमती मनप्रीत कौर उपस्थित रहीं। मुख्य कृषि अधिकारी ने बताया कि धान की औसत उपज गत वर्षों में लगभग 55 क्विंटल प्रति हेक्टेयर रही है, जबकि इस बार क्रॉप कटिंग में उत्पादन काफी कम सामने आया है। उपज में गिरावट का प्रमुख कारण बेमौसम वर्षा एवं ओलावृष्टि बताया गया है। फसल उत्पादन में आई इस कमी से किसानों की आर्थिक स्थिति पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका है। ऐसे में प्रभावित किसानों को हुए नुकसान का आकलन और उन्हें राहत उपलब्ध कराना महत्वपूर्ण होगा।