श्री रामलीला अनाज मंडी का पांचवा दिन -प्रभु श्रीराम जी का न्यौन्द्रा, कैकई कोप भवन की लीला -कैकई ने राम को दिया 14 वर्ष का बनवास, भरत को राजतिलक, लीला देखने लिए उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाव
विनोद वार्ता संवाद-सूत्र
गदरपुर। श्री रामलीला कमेटी अनाज मंडी गदरपुर द्वारा आयोजित 71 वें श्रीरामलीला के पांचवे दिन सोमवार को कमेटी अध्यक्ष कृष्ण लाल अनेजा के नेतृत्व में सायं 4 बजे नगर में श्री राम की बारात धूमधाम के साथ बारात निकाली गयी। रात्रि आठ बजे श्री राम नाट्य कला परिषद के निर्देशक सिद्धार्थ भुसरी के नेतृत्व में कलाकारों द्वारा सर्व प्रथम श्री गणेश अराधना, विष्णु भगवान की आरती आदि प्रार्थनायें की गयी। इसके उपरान्त कमेटी द्वारा प्रभु श्रीराम जी का न्यौन्द्रा लिया गया। इसके उपरान्त नाट्य कला परिषद के स्थानीय कलाकारों द्वारा कैकई कोप भवन का दृश्य प्रस्तुत किया गयां जिसमें मन्थरा कैकई के पास पहुंचती है और उसे भड़काते हुए कहती है कि राम को राजतिलक होने वाला है जिससे राम की ही जय-जय हो। मन्थरा कैकई को पुत्र श्रीराम को राजतिलक न हो भरत को राजतिलक हो के लिए काफी भड़काते हुए कई यतन बताती है। इस पर कैकई भी मन्थरा के कहने पर आ जाती है और अपने कक्ष के सामान को तितर-वितर कर मायूस हो कर जमीन पर लेट जाती। जब महारात दशरथ कैकई के कक्ष मे पहुंचते है कक्ष की स्थिति देखकर हैरान हो जाते है और महारानी कैकई से इसका कारण पूछते है। महाराज दशरथ एवं कैकई में काफी संवाद होता है और अन्त में कैकई महाराजा दशरथ से कहती है कि आपने कभी दो बरदान देने का कहा था इस पर महाराजा दशरथ कहते है कि कैकई दो नहीं जितने भी बरदान मांगना चाहती है मांग ले। कैकई ने कहा कि मैं केवल दो बरदान मांगती हूं पहले आप अपने पुत्र श्री राम की कसम लो इस पर महाराज दशरथ थोड़े कोध्रित होते है। कैकई ने महाराज दशरथ से पहले वरदान में अपने पुत्र भरत को राजतिलक और दूसरा श्रीराम को 14 वर्ष का बनवास। इस बरदान को सुनकर महाराज दशरथ काफी निराश होते है और रानी कैकई को कहते है इस बरदान को मत मांगो लेकिन कैकई अपने बरदानों पर अटल रहती हैं। महाराजा दशरथ मूर्छित होकर जमीन पर गिर जाते है। इस मंचन के दौरान कलाकारों के संवादों को सुनकर व देखकर दर्शक काफी भावुक नजर आये और लीला को शांत भाव देखते रहे। दशरथ की भूमिका अशोक सुधा ने निभाते हुए दर्शको को मंत्रमुग्ध कर दिया। वहीं मंथरा की भूमिका गुलशन शर्मा, कैकई की भूमिका में करण कालड़ा ने भी अपने संवादों में दर्शकों को भाव विभोर किया। श्रीराम की भूमिका में रोहित पोपली, लक्ष्मण की भूमिका में कशिश खुराना एवं सीता की भूमिका में सागर कालड़ा ने भी अपने संवादों में दर्शका का समां बांधा। श्री रामलीला मंचन में कमेटी के अध्यक्ष कृष्ण लाल अनेजा, महामंत्री अशोक धीर, कोषाध्यक्ष अनिल सुधा, उपाध्यक्ष इन्द्रजीत डाबर अजय खेड़ा, विजय सुखीजा, अशोक पोपली,, सतीश छाबड़ा, निर्मल नारंग, सचिव में धीरज इश्पुजानी, प्रवीन गगनेजा, डाॅ. गणपति विश्वास, अनिल बत्रा, सक्षम ग्रोवर, श्याम सुन्दर कालड़ा, ़ऋषि मुनि भुसरी, कपिल छाबड़ा, उप कोषाध्यक्ष अनमोल भुड्डी, पारस धवन, अंकुर चावला, अनमोल बजाज, आॅडीटर कृष्ण लाल बत्रा, के अतिरिक्त रविन्द्र बजाज, विजय छाबड़ा, राजकुमार भुड्डी, अशोक भुड्डी, विनोद भुसरी, हरिचन्द्र छाबड़ा, अशोक हुड़िया सहित काफी संख्या में श्रीराम भक्तगण मौजूद थे। मंच संचालन सोमनाथ छाबड़ा, राजेश अग्रवाल, आदिल्य सुखीजा द्वारा संयुक्त रुप से किया।





