सत्यमेव जयते

ब्रेकिंग न्यूज़ :

उधम सिंह नगरविविध

कोई बच्चा कुपोषित न रहे, यह राज्य सरकार का विकल्परहित संकल्परू मुख्यमंत्री धामी -खटीमा में ‘आंगन मिलन’ कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने की शिरकत, बच्चों को परोसा भोजन और गर्भवती महिलाओं को वितरित की पोषण किट

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खटीमा (सू.वि.। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को आंगनबाड़ी केंद्र गोसीकुआ भुडाई, खटीमा में आयोजित ‘आंगन मिलन’ कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। कार्यक्रम में पहुंचने पर क्षेत्रीय जनता एवं जनप्रतिनिधियों ने पुष्पवर्षा और सांस्कृतिक लोकनृत्य के साथ मुख्यमंत्री का भव्य एवं आत्मीय स्वागत किया। महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग के निदेशक बंशी लाल राणा ने पुष्प पौधा भेंट कर मुख्यमंत्री का स्वागत किया। मुख्यमंत्री ने आंगनबाड़ी केंद्र में नन्हे-मुन्ने बच्चों से आत्मीय संवाद किया और उनके साथ समय बिताया। उन्होंने बच्चों को अपने हाथों से भोजन परोसा तथा उनके मन की बात जानी। इस दौरान मुख्यमंत्री ने गोदभराई रस्म में प्रतिभाग कर गर्भवती महिलाओं को आशीर्वाद दिया और 10 महिलाओं को पौष्टिक आहार सामग्री की किट वितरित की। इसके बाद 10 लाभार्थियों को महालक्ष्मी किट प्रदान की गई। मुख्यमंत्री ने पांच नन्हे बच्चों का अपने हाथों से अन्नप्राशन संस्कार कराया। वहीं नौ आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों एवं दो आशा कार्यकत्रियों को सम्मानित किया। समृद्धि एवं हरियाली के प्रतीक के रूप में मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम स्थल पर पौधरोपण भी किया। माताओं और बच्चों का स्वास्थ्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता मुख्यमंत्री ने कहा कि माताओं और बच्चों का स्वास्थ्य एवं पोषण राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। महालक्ष्मी किट योजना, पोषण योजनाओं और मुख्यमंत्री महिला पोषण योजना सहित विभिन्न योजनाओं के माध्यम से माताओं एवं बच्चों को सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने कहा कि दुर्गम एवं दूरस्थ क्षेत्रों की गर्भवती महिलाओं को सुरक्षित प्रसव की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए बर्थ वेटिंग होम की व्यवस्था की जा रही है। आवश्यकता पड़ने पर गर्भवती महिलाओं को हेली एंबुलेंस की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है। जननी शिशु सुरक्षा कार्यक्रम के माध्यम से गर्भवती महिलाओं एवं नवजात शिशुओं को आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं दी जा रही हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के माध्यम से गर्भवती माताओं एवं नवजात शिशुओं का पालन-पोषण करने वाली महिलाओं को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे उन्हें आवश्यक पोषण मिल सके। उन्होंने कहा कि प्रारंभिक बाल्यावस्था जीवन का अत्यंत महत्वपूर्ण चरण है। इस दौरान बच्चों को पौष्टिक आहार, उचित देखभाल और संस्कार मिलें तो उनका स्वस्थ एवं मजबूत भविष्य सुनिश्चित किया जा सकता है। आंगनबाड़ी केंद्र बच्चों के स्वस्थ भविष्य की नींव मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘आंगन मिलन’ कार्यक्रम सेवा, स्नेह और संवाद को हर व्यक्ति और हर घर तक पहुंचाने का माध्यम है। प्रदेशभर में ऐसे कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। आंगनबाड़ी केंद्र केवल बच्चों को पोषण देने के केंद्र नहीं हैं, बल्कि बच्चों के स्वस्थ भविष्य, संस्कार, प्रारंभिक शिक्षा और सर्वांगीण विकास की नींव तैयार करने वाले महत्वपूर्ण केंद्र हैं। उन्होंने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की सराहना करते हुए कहा कि वे बच्चों की देखभाल के साथ सरकार की विभिन्न योजनाओं का लाभ भी पात्र लोगों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनके स्वयं के बच्चे भी नगला तराई स्थित आंगनबाड़ी केंद्र में पढ़े हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। प्रदेश में 35 हजार नियुक्ति पत्र वितरित किए जा चुके हैं। नकल विरोधी कानून लागू कर युवाओं को पारदर्शी एवं निष्पक्ष रोजगार की दिशा में नई राह दिखाई गई है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुख्यमंत्री एवं प्रधानमंत्री के रूप में सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूर्ण किए हैं। प्रधानमंत्री ने देश के सभी वर्गों एवं राष्ट्रहित में अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। कर्मयोगी एवं साधक के रूप में उनका कार्य और समर्पण अतुलनीय है। सरकार, समाज और परिवार की सामूहिक जिम्मेदारी मुख्यमंत्री ने कहा कि बच्चों के पोषण की जिम्मेदारी केवल सरकार की नहीं, बल्कि पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। सरकार का प्रयास है कि आंगनबाड़ी केंद्र बच्चों के अच्छे पोषण, बेहतर स्वास्थ्य, प्रारंभिक शिक्षा, संस्कार एवं सर्वांगीण विकास के केंद्र बनें। उन्होंने कहा कि जब सरकार, समाज और परिवार मिलकर माताओं एवं बच्चों के स्वास्थ्य और पोषण की जिम्मेदारी निभाते हैं, तो स्वस्थ एवं सशक्त उत्तराखंड की नींव और मजबूत होती है। राज्य सरकार का विकल्परहित संकल्प है कि कोई भी बच्चा कुपोषित न रहे। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए जिलाधिकारी एवं पूरी टीम को बधाई दी। कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष अजय मौर्य, नगर पालिका अध्यक्ष रमेश चंद्र जोशी, दर्जा मंत्री मोहिनी पोखरिया, गंभीर सिंह धामी, किशन सिंह किन्ना, रनदीप पोखरिया, सतीश भट्ट, किशोर जोशी, जीवन धामी, लक्ष्मण राणा, शोभा देवी, रीता सक्सेना, विजेंद्र राणा, नरेंद्र बिष्ट, संगीता राणा, प्रेम सिंह राणा, जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय गणपति, मुख्य विकास अधिकारी दिवेश शासनी, अपर जिलाधिकारी कौस्तुभ मिश्रा, मुख्य शिक्षा अधिकारी हरेन्द्र मिश्रा, जिला कार्यक्रम अधिकारी मुकुल चैधरी, प्रोवेशन अधिकारी व्योमा जैन सहित अनेक जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं भारी संख्या में क्षेत्रीय जनता मौजूद रही।
 

खबरें

एशियन गेम्स में कांस्य पदक जीतने वाले बॉक्सर कपिल पोखरिया ने मुख्यमंत्री धामी से की भेंट

खटीमा (सू.वि.)। एशियन गेम्स-2026 में पुरुष 90 किग्रा बॉक्सिंग स्पर्धा में कांस्य पदक जीतकर देश और उत्तराखण्ड का नाम रोशन करने वाले अंतरराष्ट्रीय बॉक्सर एवं प्रतिभावान खिलाड़ी कपिल पोखरिया ने सोमवार को नगला तराई, खटीमा स्थित मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निजी आवास पर उनसे भेंट की। कपिल पोखरिया ने जापान में आयोजित एशियन गेम्स-2026 में भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए शानदार प्रदर्शन किया और पुरुष 90 किग्रा बॉक्सिंग स्पर्धा में कांस्य पदक अपने नाम किया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कपिल पोखरिया को इस शानदार उपलब्धि के लिए बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि कपिल की सफलता ने उत्तराखण्ड के साथ-साथ पूरे देश को गौरवान्वित किया है। प्रदेश के युवाओं द्वारा राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मंचों पर हासिल की जा रही उपलब्धियां नई पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत हैं। मुख्यमंत्री ने कपिल पोखरिया के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए विश्वास व्यक्त किया कि वह आगे भी अपनी प्रतिभा, लगन और परिश्रम से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश एवं उत्तराखण्ड का नाम रोशन करते रहेंगे। इस अवसर पर कपिल पोखरिया ने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया।
 

सेवा संकल्प अभियानश् के तहत नानकमता पहुंचे मुख्यमंत्री धामी,दिया स्वच्छता का संदेश -मुख्यमंत्री धामी ने गुरुद्वारा श्री नानकमता साहिब में टेका माथा,प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना

नानकमता (सू.वि.) । मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को सेवा संकल्प अभियान के तहत नानकमता में आयोजित स्वच्छता कार्यक्रम में प्रतिभाग किया।स्वच्छता अभियान से पूर्व,मुख्यमंत्री ने प्रातः ऐतिहासिक गुरुद्वारा श्री नानकमता साहिब में मत्था टेककर प्रदेश की सुख-समृद्धि और खुशहाली के लिए आशीर्वाद प्राप्त किया। गुरुद्वारा श्री नानकमता साहिब परिसर में आयोजित स्वच्छता अभियान के दौरान मुख्यमंत्री ने स्वयं श्रमदान किया और परिसर की साफ-सफाई की। उन्होंने उपस्थितजनों और आम नागरिकों को स्वच्छता का संदेश देते हुए कहा कि धार्मिक स्थलों की पवित्रता बनाए रखने के साथ-साथ अपने आस-पास के परिवेश को स्वच्छ रखना हम सबका सामूहिक दायित्व है। इस अवसर पर गुरुद्वारा श्री नानकमता साहिब कमेटी ने मुख्यमंत्री को सरोपा व स्मृति चिह्न भेंट किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के 25 वर्षों के बेदाग व समर्पित जनसेवा कार्यकाल का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने जीवन का हर पल और क्षण भारत माता और देशवासियों के उत्थान के लिए समर्पित किया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री के रूप में लगातार 25 वर्षों तक जनसेवा करने वाले वे देश के एकमात्र नेता हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि 17 सितंबर प्रधानमंत्री के जन्मदिवस से शुरू हुआ श्सेवा संकल्प अभियानश् पूरे देश में बड़े उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। इसी कड़ी में आज पावन नानकमत्ता साहिब परिसर में विशेष स्वच्छता अभियान चलाया गया। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड एक प्रमुख धार्मिक व पर्यटन राज्य है, जहां देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु और पर्यटक आते हैं। ऐसे में बस अड्डों, रेलवे स्टेशनों, सरकारी दफ्तरों, अस्पतालों और धार्मिक स्थलों की स्वच्छता हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। स्वच्छता केवल अभियान तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि इसे निरंतर आगे बढ़ाया जाएगा। इस अवसर पर अध्यक्ष जिला पंचायत अजय मौर्य,जिला अध्यक्ष भाजपा कमल जिंदल,नगर पंचायत अध्यक्ष प्रेम सिंह टुरना,पूर्व विधायक प्रेम सिंह राणा, प्रदेश उपाध्यक्ष युवा मोर्चा भाजपा सतीश भट्ट,कमेटी के अध्यक्ष सरदार जोगेंद्र सिंह, महासचिव सरदार अमरजीत सिंह बोपराय, सचिव सरदार हरभजन सिंह, सदस्य गुरवंत सिंह, सुखवंत सिंह पन्नू, कुलदीप सिंह पन्नू, प्रताप सिंह,प्रकाश सिंह, देवेंद्र सिंह, मैनेजर रंजीत सिंह ढिल्लों,सुखवंत सिंह भुल्लर, जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया, एसएसपी अजय गणपति, सीडीओ दिवेश शाशनी,अपर जिलाधिकारी पंकज उपाध्याय,कौस्तुभ मिश्रा,एसडीएम ऋचा सिंह सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।

नानकमत्ता कार्यक्रम के लिए जाते समय झनकट में मुख्यमंत्री धामी ने रुकवाया काफिला, आमजन की सुनी समस्याएं

खटीमा/झनकट (सू.वि.)।  मुख्यमंत्री  पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार सुबह नानकमत्ता कार्यक्रम में जाते समय झनकट क्षेत्र में स्थानीय लोगों को देखकर अपना काफिला रुकवाया और उनसे मुलाकात की । इस दौरान मुख्यमंत्री ने लोगों द्वारा दिए गए प्रार्थना-पत्रों को स्वयं देखा तथा उनकी समस्याओं और मांगों को गंभीरता से सुना व समाधान के निर्देश अधिकारियो को दिए । मुख्यमंत्री ने मौके पर मौजूद जनता से आत्मीय संवाद करते हुए संबंधित विषयों पर आवश्यक कार्रवाई का भरोसा दिलाया। सड़क किनारे काफिला रोककर आमजन से सीधे संवाद के दौरान स्थानीय लोगों ने विभिन्न समस्याएं मुख्यमंत्री के समक्ष रखीं। मुख्यमंत्री श्री धामी ने कहा कि जनता की समस्याओं को सुनना और उनके समाधान के लिए प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिकता है। जनसेवा के लिए सरकार सदैव आमजन के साथ खड़ी है।
 

कोई बच्चा कुपोषित न रहे, यह राज्य सरकार का विकल्परहित संकल्परू मुख्यमंत्री धामी -खटीमा में ‘आंगन मिलन’ कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने की शिरकत, बच्चों को परोसा भोजन और गर्भवती महिलाओं को वितरित की पोषण किट

खटीमा (सू.वि.। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को आंगनबाड़ी केंद्र गोसीकुआ भुडाई, खटीमा में आयोजित ‘आंगन मिलन’ कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। कार्यक्रम में पहुंचने पर क्षेत्रीय जनता एवं जनप्रतिनिधियों ने पुष्पवर्षा और सांस्कृतिक लोकनृत्य के साथ मुख्यमंत्री का भव्य एवं आत्मीय स्वागत किया। महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग के निदेशक बंशी लाल राणा ने पुष्प पौधा भेंट कर मुख्यमंत्री का स्वागत किया। मुख्यमंत्री ने आंगनबाड़ी केंद्र में नन्हे-मुन्ने बच्चों से आत्मीय संवाद किया और उनके साथ समय बिताया। उन्होंने बच्चों को अपने हाथों से भोजन परोसा तथा उनके मन की बात जानी। इस दौरान मुख्यमंत्री ने गोदभराई रस्म में प्रतिभाग कर गर्भवती महिलाओं को आशीर्वाद दिया और 10 महिलाओं को पौष्टिक आहार सामग्री की किट वितरित की। इसके बाद 10 लाभार्थियों को महालक्ष्मी किट प्रदान की गई। मुख्यमंत्री ने पांच नन्हे बच्चों का अपने हाथों से अन्नप्राशन संस्कार कराया। वहीं नौ आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों एवं दो आशा कार्यकत्रियों को सम्मानित किया। समृद्धि एवं हरियाली के प्रतीक के रूप में मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम स्थल पर पौधरोपण भी किया। माताओं और बच्चों का स्वास्थ्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता मुख्यमंत्री ने कहा कि माताओं और बच्चों का स्वास्थ्य एवं पोषण राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। महालक्ष्मी किट योजना, पोषण योजनाओं और मुख्यमंत्री महिला पोषण योजना सहित विभिन्न योजनाओं के माध्यम से माताओं एवं बच्चों को सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने कहा कि दुर्गम एवं दूरस्थ क्षेत्रों की गर्भवती महिलाओं को सुरक्षित प्रसव की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए बर्थ वेटिंग होम की व्यवस्था की जा रही है। आवश्यकता पड़ने पर गर्भवती महिलाओं को हेली एंबुलेंस की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है। जननी शिशु सुरक्षा कार्यक्रम के माध्यम से गर्भवती महिलाओं एवं नवजात शिशुओं को आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं दी जा रही हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के माध्यम से गर्भवती माताओं एवं नवजात शिशुओं का पालन-पोषण करने वाली महिलाओं को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे उन्हें आवश्यक पोषण मिल सके। उन्होंने कहा कि प्रारंभिक बाल्यावस्था जीवन का अत्यंत महत्वपूर्ण चरण है। इस दौरान बच्चों को पौष्टिक आहार, उचित देखभाल और संस्कार मिलें तो उनका स्वस्थ एवं मजबूत भविष्य सुनिश्चित किया जा सकता है। आंगनबाड़ी केंद्र बच्चों के स्वस्थ भविष्य की नींव मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘आंगन मिलन’ कार्यक्रम सेवा, स्नेह और संवाद को हर व्यक्ति और हर घर तक पहुंचाने का माध्यम है। प्रदेशभर में ऐसे कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। आंगनबाड़ी केंद्र केवल बच्चों को पोषण देने के केंद्र नहीं हैं, बल्कि बच्चों के स्वस्थ भविष्य, संस्कार, प्रारंभिक शिक्षा और सर्वांगीण विकास की नींव तैयार करने वाले महत्वपूर्ण केंद्र हैं। उन्होंने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की सराहना करते हुए कहा कि वे बच्चों की देखभाल के साथ सरकार की विभिन्न योजनाओं का लाभ भी पात्र लोगों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनके स्वयं के बच्चे भी नगला तराई स्थित आंगनबाड़ी केंद्र में पढ़े हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। प्रदेश में 35 हजार नियुक्ति पत्र वितरित किए जा चुके हैं। नकल विरोधी कानून लागू कर युवाओं को पारदर्शी एवं निष्पक्ष रोजगार की दिशा में नई राह दिखाई गई है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुख्यमंत्री एवं प्रधानमंत्री के रूप में सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूर्ण किए हैं। प्रधानमंत्री ने देश के सभी वर्गों एवं राष्ट्रहित में अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। कर्मयोगी एवं साधक के रूप में उनका कार्य और समर्पण अतुलनीय है। सरकार, समाज और परिवार की सामूहिक जिम्मेदारी मुख्यमंत्री ने कहा कि बच्चों के पोषण की जिम्मेदारी केवल सरकार की नहीं, बल्कि पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। सरकार का प्रयास है कि आंगनबाड़ी केंद्र बच्चों के अच्छे पोषण, बेहतर स्वास्थ्य, प्रारंभिक शिक्षा, संस्कार एवं सर्वांगीण विकास के केंद्र बनें। उन्होंने कहा कि जब सरकार, समाज और परिवार मिलकर माताओं एवं बच्चों के स्वास्थ्य और पोषण की जिम्मेदारी निभाते हैं, तो स्वस्थ एवं सशक्त उत्तराखंड की नींव और मजबूत होती है। राज्य सरकार का विकल्परहित संकल्प है कि कोई भी बच्चा कुपोषित न रहे। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए जिलाधिकारी एवं पूरी टीम को बधाई दी। कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष अजय मौर्य, नगर पालिका अध्यक्ष रमेश चंद्र जोशी, दर्जा मंत्री मोहिनी पोखरिया, गंभीर सिंह धामी, किशन सिंह किन्ना, रनदीप पोखरिया, सतीश भट्ट, किशोर जोशी, जीवन धामी, लक्ष्मण राणा, शोभा देवी, रीता सक्सेना, विजेंद्र राणा, नरेंद्र बिष्ट, संगीता राणा, प्रेम सिंह राणा, जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय गणपति, मुख्य विकास अधिकारी दिवेश शासनी, अपर जिलाधिकारी कौस्तुभ मिश्रा, मुख्य शिक्षा अधिकारी हरेन्द्र मिश्रा, जिला कार्यक्रम अधिकारी मुकुल चैधरी, प्रोवेशन अधिकारी व्योमा जैन सहित अनेक जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं भारी संख्या में क्षेत्रीय जनता मौजूद रही।
 

वरिष्ठ कवि सुबोध कुमार शर्मा शेरकोटी को मिला विश्व रिकॉर्ड सम्मान  -सुबोध कुमार शर्मा शेरकोटी गदरपुर ऊधम सिंह नगर उत्तराखंड को गोला गोकर्णनाथ में कपिलश फाउंडेशन के द्वारा आयोजित 

गदरपुर। दिनांक 2 अक्टूबर से पांच अक्टूबर तक अनवरत  175 घणटे गीत गायन   कार्यक्रम में विश्व रिकॉर्ड स्थापित किया गया जिसमें सुबोध कुमार शर्मा शेरकोटी जी ने प्रतिभाग कर गदरपुर क्षेत्र का परचम लहराया और विश्व रिकॉर्ड सम्मान प्राप्त कर साहित्य क्षेत्र में अपनी पहचान बनायी। साहित्य कारों व सामाजिक कार्यकर्ता ने श्री शर्मा को बधाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य स्वस्थ जीवन की कामना की। अब तक सुबोध कुमार शर्मा शेरकोटी पाॅच विश्व रिकॉर्ड सम्मान प्राप्त कर चुके हैं ।

अवैध तमंचे और जिंदा कारतूस के साथ युवक गिरफ्तार -ऑपरेशन प्रहार के तहत गदरपुर पुलिस की कार्रवाई, तमंचे व जिंदा कारतूस के साथ युवक गिरफ्तार

विनोद वार्ता संवाद-सूत्र
गदरपुर।
ऑपरेशन प्रहार अभियान के तहत कोतवाली गदरपुर पुलिस ने अवैध असलाह रखने के आरोप में एक युवक को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से 315 बोर का एक देशी तमंचा और एक जिंदा कारतूस बरामद किया है। आरोपी के पास से एक मोटरसाइकिल भी बरामद की गई। पुलिस के अनुसार, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ऊधम सिंह नगर के निर्देश पर अवैध असलाह एवं मादक पदार्थों की तस्करी तथा बिक्री पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में पुलिस टीम ने 4 अक्टूबर 2026 को गदरपुर में नितिन गेस्ट हाउस के पास सघन चेकिंग अभियान चलाया। इस दौरान संदिग्ध अवस्था में मिले दलजीत सिंह पुत्र सुरजीत सिंह, निवासी ग्राम बैरखेड़ा, बिलासपुर, रामपुर (उत्तर प्रदेश) को रोककर तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान उसके कब्जे से एक देशी तमंचा और एक जिंदा कारतूस 315 बोर बरामद हुआ। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। उसके पास से काला-सिल्वर रंग की स्प्लेंडर प्लस मोटरसाइकिल संख्या यूके 06बीएल-8568 भी बरामद की गई। बरामदगी के आधार पर कोतवाली गदरपुर में एफआईआर संख्या 293/2026, धारा 3/25 आर्म्स एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर अग्रिम कार्रवाई की गई। गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीम में उपनिरीक्षक मनोज पाण्डेय, चैकी प्रभारी महतोष, हेड कांस्टेबल पूरन आर्या, कांस्टेबल  कुंदन सिंह तथा कांस्टेबल नवीन राम शामिल रहे।
 

बनबसा में धामी कैबिनेट की बैठक -सीमांत क्षेत्रों तक सरकार, विकास को मिलेगी नई रफ्तार, भारत-नेपाल सीमा से सटे बनबसा में पहली बार हुई धामी कैबिनेट की बैठक, स्थानीय जरूरतों और विकास योजनाओं पर रहेगा फोकस

देहरादून/चम्पावत (सू.वि.)। उत्तराखण्ड में शासन को प्रदेश के दूरस्थ और सीमांत क्षेत्रों तक पहुंचाने की दिशा में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नई पहल की है। इसी क्रम में भारत-नेपाल अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे चम्पावत जनपद के बनबसा स्थित एनएचपीसी परिसर में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में राज्य मंत्रिमंडल की बैठक आयोजित की जा रही है। चम्पावत जिले में पहली बार कैबिनेट बैठक आयोजित हो रही है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि कैबिनेट की बैठकें अब केवल देहरादून तक सीमित नहीं रहेंगी, बल्कि प्रदेश के विभिन्न जनपदों में भी आयोजित की जाएंगी। इससे स्थानीय स्तर की समस्याओं, विकास की संभावनाओं और क्षेत्रीय प्राथमिकताओं को सीधे शासन के समक्ष रखने का अवसर मिलेगा। उन्होंने कहा कि सीमांत क्षेत्र केवल राज्य की भौगोलिक सीमा नहीं, बल्कि देश की सुरक्षा, संस्कृति और विकास की महत्वपूर्ण कड़ी हैं। सरकार की प्राथमिकता सीमांत क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ना है। इसके लिए आधारभूत सुविधाओं, रोजगार, पर्यटन और कनेक्टिविटी को और मजबूत किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य शासन को जनता के और करीब ले जाना है। प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों में कैबिनेट बैठकें आयोजित होने से वहां की स्थानीय परिस्थितियों, जन अपेक्षाओं और विकास की आवश्यकताओं को समझने तथा उन पर त्वरित निर्णय लेने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड के हर क्षेत्र का संतुलित विकास राज्य सरकार की प्रतिबद्धता है। सीमांत गांवों से लेकर मैदानी क्षेत्रों तक विकास की गति को समान रूप से आगे बढ़ाया जाएगा।