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एसआईआर पर उठ रहे सवालों का जवाब दे चुनाव आयोग: डॉ. गणेश उपाध्याय
विनोद वार्ता संवाद-सूत्र
रुद्रपुर। विशेष गहन पुनरीक्षण एसआईआर को लेकर देशभर में जारी बहस के बीच उत्तराखंड कांग्रेस के महामंत्री एवं पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष कुमाऊं विश्वविद्यालय नैनीताल डॉ. गणेश उपाध्याय ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और निर्वाचन आयोग से मतदाता सूची में नाम जोड़ने-काटने की प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बनाने की मांग की है। डॉ. उपाध्याय ने कहा कि राहुल गांधी सहित विपक्षी दल लंबे समय से “वोट चोरी” और मतदाता सूची में गड़बड़ी के आरोप उठा रहे हैं। ऐसे गंभीर आरोपों का जवाब राजनीतिक बयानबाजी से नहीं, बल्कि दस्तावेज और तथ्यों के साथ दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी भी पात्र मतदाता का नाम बिना उचित प्रक्रिया के मतदाता सूची से हटना उसके लोकतांत्रिक अधिकार से जुड़ा गंभीर विषय है। उन्होंने कहा कि निर्वाचन आयोग के भीतर एसआईआर और मतदाता सूची से जुड़े विभिन्न विषयों पर आपत्तियों की खबरें सामने आई हैं। दूसरी ओर आयोग का कहना है कि एसआईआर संबंधी निर्णय सर्वसम्मति से लिए गए। ऐसे में देश की जनता को यह जानने का अधिकार है कि आपत्तियां क्या थीं और उनका निस्तारण किस प्रकार किया गया। डॉ. उपाध्याय ने कहा कि चुनाव आयोग किसी राजनीतिक दल का नहीं, बल्कि संविधान और मतदाता का प्रहरी है। उन्होंने मांग की कि एसआईआर में हटाए गए नामों और उनके कारणों की जानकारी सार्वजनिक की जाए, प्रत्येक प्रभावित मतदाता को अपील का प्रभावी अवसर मिले और जहां पात्र मतदाताओं के नाम गलती से हटे हैं, उन्हें तत्काल बहाल किया जाए। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची की पारदर्शिता ही लोकतंत्र में जनता के विश्वास की सबसे बड़ी गारंटी है।





