सत्यमेव जयते

उधम सिंह नगरविविध

जिलाधिकारी ने एक निजी विद्यालय में आयोजित नेशनल फेंसिंग चैंपियनशिप कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि के रूप में प्रतिभाग किया

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रुद्रपुर। जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया ने शनिवार को एक निजी विद्यालय में आयोजित नेशनल फेंसिंग चैंपियनशिप कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि के रूप में प्रतिभाग किया। कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं ने सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुतियाँ दी। जिलाधिकारी ने कार्यक्रम में संबोधित करते हुए कहा कि सीबीएसई राष्ट्रीय फेंसिंग चैंपियनशिप का आयोजन हमारे जिले और क्षेत्र के लिए अत्यंत गर्व का विषय है। फेंसिंग जैसे पारंपरिक खेल को बढ़ावा देने के लिए डीपीएस परिवार की पहल सराहनीय है। इस तरह के जमीनी स्तर के आयोजनों से ही देश को भविष्य के मेडलिस्ट मिलेंगे। आज हम देख रहे हैं कि उत्तराखंड के नवयुवक भी इस खेल में बढ़-चढ़कर आगे आ रहे हैं।फेंसिंग एसोसिएशन के निरंतर प्रयासों का ही परिणाम है कि आज एशियन गेम्स जैसे वैश्विक मंचों पर भारत का पूरा प्रतिनिधित्व देखने को मिल रहा है। जहाँ पहले केवल एक फेंसर ही मुश्किल से पहुंच पाता था, वहीं अब भारत की पूरी टीम भाग ले रही है और मेडल जीतकर देश का नाम रोशन कर रही है। जिलाधिकारी ने इस आयोजन से जुड़े सभी आयोजकों,प्रशिक्षकों और प्रतिभागी खिलाड़ियों को हार्दिक बधाई व शुभकामनाएं दी। नेशनल फेंसिंग चैंपियनशिप में 22 राज्यों के 1500 खिलाड़ियों के द्वारा प्रतिभाग किया गया। इस अवसर पर चेयरमैन डीपीएस सुरजीत सिंह ग्रोवर, पवन अग्रवाल, अशोक बंसल,राजेंद्र श्रीधर,दमन ग्रोवर आदि उपस्थित रहे।
 

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कूटरचित प्रमाण-पत्र प्रकरण में प्रशासन की बड़ी कार्रवाई -एमबीबीएस प्रवेश के लिए फर्जी अभिलेखों के आधार पर प्रमाण-पत्र बनवाने का मामला, एफआईआर दर्ज

(मीडिया ग्रुप तहसील गदरपुर)
गदरपुर।
तहसील गदरपुर क्षेत्र में कूटरचित अभिलेखों के आधार पर स्थायी निवास, जाति एवं अन्य प्रमाण-पत्र बनवाए जाने के गंभीर प्रकरण में प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। जांच में सामने आए प्रकरणों में संबंधित प्रमाण-पत्रों को निरस्त करने के साथ ही संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई प्रारंभ कर दी गई है। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि कुछ व्यक्तियों द्वारा कूटरचित अभिलेखों के आधार पर प्रमाण-पत्र तैयार करवाए गए थे। जांच में यह तथ्य भी सामने आया कि इन प्रमाण-पत्रों का उपयोग देहरादून में NEET परीक्षा के उपरांत MBBS में प्रवेश प्राप्त करने के उद्देश्य से किया जाना था। संबंधित प्रकरणों में अब तक पाँच व्यक्तियों प्रभात चैधरी, वनवी कुमारी, प्रियांशु गुप्ता, वैष्णवी सिंह, अवंतिका डवास के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए कूटरचित अभिलेखों के आधार पर जारी स्थायी एवं अनाथ प्रमाण-पत्रों को निरस्त किया गया है एवं जाति प्रमाण-पत्रों के संबंध में नियमानुसार जिला स्क्रूटनी समिति को संस्तुति भी की गई है। प्रकरण की जांच के दौरान निखिल वर्मा एवं शुभम हुडिया निवासी गदरपुर की भूमिका सामने आने पर दोनों से गहन पूछताछ की गई तथा उनके बयान दर्ज किए गए। जांच के दौरान दोनों के मोबाइल फोन जब्त किए गए, जिनमें प्रकरण से संबंधित रिकॉर्डिंग एवं दस्तावेज पाए जाने की जानकारी जांच में सामने आई है। दोनों मोबाइल फोन को आवश्यक वैधानिक कार्रवाई प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज करते हुए पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया है। पूरी कार्रवाई उपजिलाधिकारी डॉ. अमृता शर्मा, तहसीलदार लीना चंद्रा धामी, राजस्व निरीक्षक विनोद कुमार तथा संबंधित राजस्व कार्मिकों एवं पटवारियों की उपस्थिति में की गई। प्रकरण में अभिलेखों की जांच, संबंधित व्यक्तियों से पूछताछ एवं आवश्यक कार्रवाई देर रात से लेकर प्रातः लगभग 03.00 बजे तक जारी रही। प्रशासन द्वारा स्पष्ट किया गया है कि कूटरचित अभिलेख तैयार कर शासकीय प्रमाण-पत्र प्राप्त करने अथवा उनके आधार पर अनुचित लाभ लेने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। प्रकरण में अन्य व्यक्तियों की संलिप्तता पाए जाने पर उनके विरुद्ध भी आवश्यक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

दाखिल-खारिज व सभी प्रमाण-पत्र स्थलीय निरीक्षण उपरान्त ही निर्गत करें:  जिलाधिकारी

रूद्रपुर (सू0वि0)। जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया ने लेखपाल/पटवारियों को सख्त निर्देश दिये है कि बिना स्थलीय सत्यापन किये किसी भी प्रमाण पत्रों में रिपोर्ट न लगाया जाये। उन्होने बताया कि संज्ञान में आया है कि लेखपालध्पटवारी द्वारा दाखिल-खारिज संबंधी तथा विभिन्न प्रकार के प्रमाण-पत्रों यथा जाति प्रमाण पत्र स्थायी निवास प्रमाण-पत्र, आय प्रमाण-पत्र, आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (इडब्लूएस) प्रमाण-पत्र आदि को कतिपय प्रकरणों में अपेक्षित स्थलीय सत्यापन किए बिना ही रिपोर्ट प्रस्तुत कर दी जा रही है। उन्होने बताया कि इस प्रकार की प्रक्रिया से न केवल गलत दाखिल-खारिज होने की संभावना रहती है, बल्कि भूमि संबंधी विवादों एवं अनियमितताओं को भी बढ़ावा मिल सकता है। इसी प्रकार, प्रमाण-पत्रों के संबंध में समुचित स्थलीय सत्यापन के अभाव में अपात्र व्यक्तियों को प्रमाण-पत्र निर्गत होने तथा फर्जी प्रमाण-पत्र बनाए जाने की संभावना से भी इंकार नहीं किया जा सकता। उन्होने बताया कि जनपद में ऐसे कुछ प्रकरण संज्ञान में आए है। जिलाधिकारी ने सख्त निर्देश दिये है कि इस प्रकार की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए कि दाखिल-खारिज के मामलों तथा ऐसे प्रमाण-पत्रों, जिनमें आवेदक की वास्तविक स्थिति/निवास/आय/परिवार अथवा अन्य तथ्यों का भौतिक सत्यापन आवश्यक है, संबंधित लेखपाल/पटवारी द्वारा अनिवार्य रूप से मौके पर जाकर स्थलीय सत्यापन किया जाए। उन्होने कहा है कि स्थलीय सत्यापन को मात्र औपचारिकता तक सीमित न रखते हुए उसकी डिजिटल रूप से सत्यापन योग्य प्रमाणिकता भी सुनिश्चित की जाए। इसके लिए संबंधित अधिकारी/कर्मचारी द्वारा मौके से फोटोग्राफ लिए जाने तथा उन्हें संबंधित प्रकरण की पत्रावलीध्ऑनलाइन आवेदन से संबद्ध किए जाने की व्यवस्था की जाए। फोटोग्राफ में यथासंभव स्थल की पहचान स्पष्ट हो तथा फोटो लिए जाने की तिथि एवं समय भी उपलब्ध रहे। उन्होने बताया कि भविष्य में ऐसी व्यवस्था विकसित किए जाने की दिशा में भी कार्यवाही की जाए, जिसमें स्थलीय निरीक्षण के समय अथवा अन्य तकनीकी माध्यम से निरीक्षण स्थल की वास्तविक स्थिति का सत्यापन संभव हो सके, जिससे यह सुनिश्चित किया जा सके कि संबंधित कर्मचारी द्वारा वास्तव में मौके पर जाकर निरीक्षण किया गया है। उन्होने संबंधित अधिकारियों/कर्मचारियों को स्पष्ट निर्देश दिये है कि स्थलीय सत्यापन की प्रक्रिया का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित किया जाये तथा यह भी सुनिश्चित करें कि बिना आवश्यक स्थलीय सत्यापन के कोई ऐसी रिपोर्ट प्रस्तुत न की जाए, जिसमें मौके के सत्यापन की आवश्यकता हो। इस व्यवस्था केे प्रभावी क्रियान्वयन हेतु समय-समय पर राजस्व अधिकारियों से इसका पर्यवेक्षण एवं आकस्मिक जांच भी कराई जायेगी तथा किसी प्रकार की लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारी/कर्मचारी उत्तरदायी होगा।

जिलाधिकारी ने एक निजी विद्यालय में आयोजित नेशनल फेंसिंग चैंपियनशिप कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि के रूप में प्रतिभाग किया

रुद्रपुर। जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया ने शनिवार को एक निजी विद्यालय में आयोजित नेशनल फेंसिंग चैंपियनशिप कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि के रूप में प्रतिभाग किया। कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं ने सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुतियाँ दी। जिलाधिकारी ने कार्यक्रम में संबोधित करते हुए कहा कि सीबीएसई राष्ट्रीय फेंसिंग चैंपियनशिप का आयोजन हमारे जिले और क्षेत्र के लिए अत्यंत गर्व का विषय है। फेंसिंग जैसे पारंपरिक खेल को बढ़ावा देने के लिए डीपीएस परिवार की पहल सराहनीय है। इस तरह के जमीनी स्तर के आयोजनों से ही देश को भविष्य के मेडलिस्ट मिलेंगे। आज हम देख रहे हैं कि उत्तराखंड के नवयुवक भी इस खेल में बढ़-चढ़कर आगे आ रहे हैं।फेंसिंग एसोसिएशन के निरंतर प्रयासों का ही परिणाम है कि आज एशियन गेम्स जैसे वैश्विक मंचों पर भारत का पूरा प्रतिनिधित्व देखने को मिल रहा है। जहाँ पहले केवल एक फेंसर ही मुश्किल से पहुंच पाता था, वहीं अब भारत की पूरी टीम भाग ले रही है और मेडल जीतकर देश का नाम रोशन कर रही है। जिलाधिकारी ने इस आयोजन से जुड़े सभी आयोजकों,प्रशिक्षकों और प्रतिभागी खिलाड़ियों को हार्दिक बधाई व शुभकामनाएं दी। नेशनल फेंसिंग चैंपियनशिप में 22 राज्यों के 1500 खिलाड़ियों के द्वारा प्रतिभाग किया गया। इस अवसर पर चेयरमैन डीपीएस सुरजीत सिंह ग्रोवर, पवन अग्रवाल, अशोक बंसल,राजेंद्र श्रीधर,दमन ग्रोवर आदि उपस्थित रहे।
 

तीर्थयात्रा के लिए हरीझण्डी देकर रवाना किया गया

रुद्रपुर। मातृ पितृ तीर्थाटन योजना, श्री बद्रीनाथ धाम, की तीर्थयात्रा के लिए 32 वरिष्ठ नागरिक, (20महिला, 12पुरुष),  मा. विधायक रुद्रपुर श्री शिव अरोरा, मा .ब्लॉक प्रमुख गदरपुर द्वारा हरी झंडी दिखा कर प्रस्थान किया। अमदनम काली मंदिर, सुंदरपुर, दिनेशपुर से भी तीर्थयात्रा के लिए प्रस्थान किया गया। 
 

मुख्यमंत्री ने लोहियाहैड हैलीपैड एवं अपने निजी आवास में सुनीं,जनसमस्याएं अधिकारियों को दिए त्वरित समाधान के निर्देश

खटीमा (सू.वि.)। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को लोहियाहेड हेलीपैड एवं अपने निजी आवास में जनता एवं जनप्रतिनिधियों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं।उन्होंने संबंधित अधिकारियों को प्राप्त शिकायतोंध्समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर त्वरित,पारदर्शी एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि जनसेवा ही सरकार का मूल उद्देश्य है और आमजन की समस्याओं का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रत्येक शिकायत का संवेदनशीलता के साथ परीक्षण कर उसका प्रभावी समाधान किया जाए,ताकि लोगों को अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। उन्होंने कहा कि सरकार प्रदेश में सरलीकरण, समाधान और संतुष्टि के मंत्र के साथ कार्य कर रही है। शासन और प्रशासन की जवाबदेही तभी सार्थक होगी, जब आम नागरिक को उसकी समस्या का शीघ्र एवं संतोषजनक समाधान मिले। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से जनहित से जुड़े मामलों में पूर्ण गंभीरता,पारदर्शिता और संवेदनशीलता के साथ कार्य करने को कहा। मुख्यमंत्री ने उपस्थित जनप्रतिनिधियों से भी क्षेत्र की विकास संबंधी आवश्यकताओं एवं जनहित के मुद्दों पर चर्चा की तथा आश्वस्त किया कि जनता की अपेक्षाओं के अनुरूप विकास कार्यों को गति देने और नागरिक सुविधाओं को सुदृढ़ बनाने के लिए राज्य सरकार निरंतर प्रतिबद्ध है। इस दौरान अध्यक्ष जिला पंचायत अजय मौर्य,मेयर विकास शर्मा,नगर पालिका अध्यक्ष रमेश चंद्र जोशी,ब्लॉक प्रमुख रीना गौतम,जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया,एसएसपी अजय गणपति,सीडीओ दिवेश सासनी,अपर सचिव मुख्यमंत्री मनमोहन मैनाली सहित अन्य अधिकारी एवं जनप्रतिनिधिगण उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री के आवाहन पर ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन को लेकर कॉरपोरेट सेक्टर आया आगे -नस्लें कंपनी ने सीएसआर से दिए सात इलेक्ट्रिक वाहन, मुख्यमंत्री ने अपशिष्ट प्रबंधन के लिए 15वाहनों को दिखाई हरी झंडी

खटीमा (सू.वि.)। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के आवाहन पर ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन हेतु कॉरपोरेट सेक्टर आगे आया है। नस्लें कंपनी ने सात इलेक्ट्रिक वाहन अपने सीएसआर मद से दिए। मुख्यमंत्री ने शुक्रवार को इन वाहनों सहित कुल 15 नए वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। नेस्ले कंपनी द्वारा धर्मपुर, छत्तरपुर, बिंदूखेड़ा (फौजी मटकोटा) कीरतपुर, बागवाला, दानपुर और नगला तराई के लिए सात इलेक्ट्रिक कचरा कलेक्शन वाहन उपलब्ध कराए गए एवं ब्रिटानिया की ओर से हेल्थ एवं नियूट्रीशियन सामग्री दी गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार प्रदेश के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों को स्वच्छ, सुंदर और पर्यावरण-अनुकूल बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। अपशिष्ट प्रबंधन का यह सेल्फ-सस्टेनिंग मॉडल न केवल ग्राम पंचायतों में स्वच्छता का नया स्तर तय करेगा,बल्कि आने वाली पीढ़ियों को एक स्वस्थ वातावरण भी प्रदान करेगा। जन-भागीदारी और आधुनिक संसाधनों के समन्वय से हम उत्तराखंड को देश का अग्रणी व स्वच्छ राज्य बनाने की दिशा में निरंतर आगे बढ़ रहे हैं। मुख्य विकास अधिकारी दिवेश शासनी ने बताया कि जिलाधिकारी के निर्देशन में जनपद उधमसिंह नगर में स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन का श्सेल्फ-सस्टेनिंग मॉडल लागू किया गया है। इस पहल के तहत जिले के सभी 7 विकासखंडों की 373 ग्राम पंचायतों में सफाई व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त बनाए रखने के लिए 71 क्लस्टरों के माध्यम से कूड़ा निस्तारण की व्यापक कार्ययोजना तैयार की गई है। इस हेतु नगर निकायों से लगे गांवों एवं निकायों के बीच ओएमयू किया गया है।जनपद के राष्ट्रीय राजमार्गों एवं ग्रामीण क्षेत्रों से लगने वाले स्थानीय बाजारों में नियमित रूप से सफाई व कूड़ा प्रबंधन हेतु नगर पालिका व नगर निगमों से विकास खंड खटीमा के 13 ग्राम पंचायतें, सितारगंज के 25 ग्राम पंचायतों,रुद्रपुर के 13 ग्राम पंचायतो,गदरपुर के 13 ग्राम पंचायतों,बाजपुर के 4 ग्राम पंचायतों, काशीपुर के 15 ग्राम पंचायतो व जसपुर के 10 ग्राम पंचायतों के साथ ठोस अपशिष्ट एवं तरल एमओयू कर लिया गया है। उन्होंने बताया कि जनपद के छह विकास खंडों में विकास खंड रुद्रपुर के खामिया नंबर एक सितारगंज के कुंवरपुर में गदरपुर के सरोवर नगर में,बाजपुर के बरवाला में, काशीपुर के शिवलालपुर, अमरजंडा में जसपुर विकास खंड के खेड़ा लक्ष्मीपुर में जिला पंचायत द्वारा कॉम्पेक्टर का संचालन किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि इसके अतिरिक्त ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन हेतु सीएसआर व जिला योजना से और वाहनों की व्यवस्थायें भी की जाएगी। मुख्य  विकास अधिकारी ने बताया कि इस हेतु कुल 231 वाहनों का बेड़ा तैयार किया गया है।जिसमें 134 ई-रिक्शा एवं 75 ट्रैक्टर-ट्रॉली स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) द्वारा एवं नेस्ले रुद्रपुर के सीएसआर से 7 वाहन,अशोका लीलैंड से 2 वाहन,रीप परियोजना से 3 वाहन,नगर निगम रुद्रपुर से 3 वाहन शामिल हैं।उन्होंने बताया कि नेस्ले ने धर्मपुर,छत्तरपुर,बिंदूखेड़ा (फौजी मटकोटा)कीरतपुर,बागवाला, दानपुर और नगला तराई के लिए सात इलेक्ट्रिक कचरा कलेक्शन वाहन उपलब्ध कराए गए एवं ब्रिटानिया की ओर से हेल्थ एवं नियूट्रीशियन सामग्री दी गई। इस अवसर पर अध्यक्ष जिला पंचायत अजय मौर्य,मेयर विकास शर्मा, ब्लॉक प्रमुख रीना गौतम, जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया, एसएसपी अजय गणपति, सीडीओ दिवेश सासनी,अपर सचिव मुख्यमंत्री/सदस्य सचिव सीएसआर मनमोहन मैनाली, नेस्ले इंडिया कॉर्पोरेट अफेयर्ससस्टेनेबिलिटी के डायरेक्टर कुंवर हिम्मत सिंह, विशाल गर्ग सहित अन्य अधिकारी एवं जनप्रतिनिधिगण उपस्थित रहे।
 

मुख्यमंत्री ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती पर दी श्रद्धांजलि,चित्र पर पुष्प अर्पित कर किया नमन

खटीमा (सू.वि.)। एकात्म मानववाद और अन्त्योदय के प्रणेता महान विचारक एवं भारतीय जनसंघ के संस्थापक पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती के अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय के चित्र पर श्रद्धासुमन एवं पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति के कल्याण और उत्थान के लिए पंडित जी के योगदान को याद किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय का जीवन दर्शन हर जनसेवक के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने कहा पंडित जी का मानना था कि किसी भी राज्य या समाज की प्रगति का मापदंड उसकी शीर्ष ऊंचाइयां नहीं,बल्कि समाज के सबसे निचले पायदान पर खड़े व्यक्ति की स्थिति से तय होता है। हमारी सरकार उनके अन्त्योदय (अंतिम व्यक्ति का उदय) के विचार को अपना मूल मंत्र मानकर हर गरीब,किसान,महिला और युवा के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। इस अवसर पर अध्यक्ष जिला पंचायत अजय मौर्य, मेयर विकास शर्मा, ब्लॉक प्रमुख रीना गौतम, जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया, एसएसपी अजय गणपति सहित अन्य अधिकारी एवं जनप्रतिनिधिगण उपस्थित रहे।
 

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