सत्यमेव जयते

उधम सिंह नगरविविध

मुख्यमंत्री के आवाहन पर ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन को लेकर कॉरपोरेट सेक्टर आया आगे -नस्लें कंपनी ने सीएसआर से दिए सात इलेक्ट्रिक वाहन, मुख्यमंत्री ने अपशिष्ट प्रबंधन के लिए 15वाहनों को दिखाई हरी झंडी

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खटीमा (सू.वि.)। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के आवाहन पर ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन हेतु कॉरपोरेट सेक्टर आगे आया है। नस्लें कंपनी ने सात इलेक्ट्रिक वाहन अपने सीएसआर मद से दिए। मुख्यमंत्री ने शुक्रवार को इन वाहनों सहित कुल 15 नए वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। नेस्ले कंपनी द्वारा धर्मपुर, छत्तरपुर, बिंदूखेड़ा (फौजी मटकोटा) कीरतपुर, बागवाला, दानपुर और नगला तराई के लिए सात इलेक्ट्रिक कचरा कलेक्शन वाहन उपलब्ध कराए गए एवं ब्रिटानिया की ओर से हेल्थ एवं नियूट्रीशियन सामग्री दी गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार प्रदेश के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों को स्वच्छ, सुंदर और पर्यावरण-अनुकूल बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। अपशिष्ट प्रबंधन का यह सेल्फ-सस्टेनिंग मॉडल न केवल ग्राम पंचायतों में स्वच्छता का नया स्तर तय करेगा,बल्कि आने वाली पीढ़ियों को एक स्वस्थ वातावरण भी प्रदान करेगा। जन-भागीदारी और आधुनिक संसाधनों के समन्वय से हम उत्तराखंड को देश का अग्रणी व स्वच्छ राज्य बनाने की दिशा में निरंतर आगे बढ़ रहे हैं। मुख्य विकास अधिकारी दिवेश शासनी ने बताया कि जिलाधिकारी के निर्देशन में जनपद उधमसिंह नगर में स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन का श्सेल्फ-सस्टेनिंग मॉडल लागू किया गया है। इस पहल के तहत जिले के सभी 7 विकासखंडों की 373 ग्राम पंचायतों में सफाई व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त बनाए रखने के लिए 71 क्लस्टरों के माध्यम से कूड़ा निस्तारण की व्यापक कार्ययोजना तैयार की गई है। इस हेतु नगर निकायों से लगे गांवों एवं निकायों के बीच ओएमयू किया गया है।जनपद के राष्ट्रीय राजमार्गों एवं ग्रामीण क्षेत्रों से लगने वाले स्थानीय बाजारों में नियमित रूप से सफाई व कूड़ा प्रबंधन हेतु नगर पालिका व नगर निगमों से विकास खंड खटीमा के 13 ग्राम पंचायतें, सितारगंज के 25 ग्राम पंचायतों,रुद्रपुर के 13 ग्राम पंचायतो,गदरपुर के 13 ग्राम पंचायतों,बाजपुर के 4 ग्राम पंचायतों, काशीपुर के 15 ग्राम पंचायतो व जसपुर के 10 ग्राम पंचायतों के साथ ठोस अपशिष्ट एवं तरल एमओयू कर लिया गया है। उन्होंने बताया कि जनपद के छह विकास खंडों में विकास खंड रुद्रपुर के खामिया नंबर एक सितारगंज के कुंवरपुर में गदरपुर के सरोवर नगर में,बाजपुर के बरवाला में, काशीपुर के शिवलालपुर, अमरजंडा में जसपुर विकास खंड के खेड़ा लक्ष्मीपुर में जिला पंचायत द्वारा कॉम्पेक्टर का संचालन किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि इसके अतिरिक्त ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन हेतु सीएसआर व जिला योजना से और वाहनों की व्यवस्थायें भी की जाएगी। मुख्य  विकास अधिकारी ने बताया कि इस हेतु कुल 231 वाहनों का बेड़ा तैयार किया गया है।जिसमें 134 ई-रिक्शा एवं 75 ट्रैक्टर-ट्रॉली स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) द्वारा एवं नेस्ले रुद्रपुर के सीएसआर से 7 वाहन,अशोका लीलैंड से 2 वाहन,रीप परियोजना से 3 वाहन,नगर निगम रुद्रपुर से 3 वाहन शामिल हैं।उन्होंने बताया कि नेस्ले ने धर्मपुर,छत्तरपुर,बिंदूखेड़ा (फौजी मटकोटा)कीरतपुर,बागवाला, दानपुर और नगला तराई के लिए सात इलेक्ट्रिक कचरा कलेक्शन वाहन उपलब्ध कराए गए एवं ब्रिटानिया की ओर से हेल्थ एवं नियूट्रीशियन सामग्री दी गई। इस अवसर पर अध्यक्ष जिला पंचायत अजय मौर्य,मेयर विकास शर्मा, ब्लॉक प्रमुख रीना गौतम, जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया, एसएसपी अजय गणपति, सीडीओ दिवेश सासनी,अपर सचिव मुख्यमंत्री/सदस्य सचिव सीएसआर मनमोहन मैनाली, नेस्ले इंडिया कॉर्पोरेट अफेयर्ससस्टेनेबिलिटी के डायरेक्टर कुंवर हिम्मत सिंह, विशाल गर्ग सहित अन्य अधिकारी एवं जनप्रतिनिधिगण उपस्थित रहे।
 

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तीर्थयात्रा के लिए हरीझण्डी देकर रवाना किया गया

रुद्रपुर। मातृ पितृ तीर्थाटन योजना, श्री बद्रीनाथ धाम, की तीर्थयात्रा के लिए 32 वरिष्ठ नागरिक, (20महिला, 12पुरुष),  मा. विधायक रुद्रपुर श्री शिव अरोरा, मा .ब्लॉक प्रमुख गदरपुर द्वारा हरी झंडी दिखा कर प्रस्थान किया। अमदनम काली मंदिर, सुंदरपुर, दिनेशपुर से भी तीर्थयात्रा के लिए प्रस्थान किया गया। 
 

मुख्यमंत्री ने लोहियाहैड हैलीपैड एवं अपने निजी आवास में सुनीं,जनसमस्याएं अधिकारियों को दिए त्वरित समाधान के निर्देश

खटीमा (सू.वि.)। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को लोहियाहेड हेलीपैड एवं अपने निजी आवास में जनता एवं जनप्रतिनिधियों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं।उन्होंने संबंधित अधिकारियों को प्राप्त शिकायतोंध्समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर त्वरित,पारदर्शी एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि जनसेवा ही सरकार का मूल उद्देश्य है और आमजन की समस्याओं का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रत्येक शिकायत का संवेदनशीलता के साथ परीक्षण कर उसका प्रभावी समाधान किया जाए,ताकि लोगों को अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। उन्होंने कहा कि सरकार प्रदेश में सरलीकरण, समाधान और संतुष्टि के मंत्र के साथ कार्य कर रही है। शासन और प्रशासन की जवाबदेही तभी सार्थक होगी, जब आम नागरिक को उसकी समस्या का शीघ्र एवं संतोषजनक समाधान मिले। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से जनहित से जुड़े मामलों में पूर्ण गंभीरता,पारदर्शिता और संवेदनशीलता के साथ कार्य करने को कहा। मुख्यमंत्री ने उपस्थित जनप्रतिनिधियों से भी क्षेत्र की विकास संबंधी आवश्यकताओं एवं जनहित के मुद्दों पर चर्चा की तथा आश्वस्त किया कि जनता की अपेक्षाओं के अनुरूप विकास कार्यों को गति देने और नागरिक सुविधाओं को सुदृढ़ बनाने के लिए राज्य सरकार निरंतर प्रतिबद्ध है। इस दौरान अध्यक्ष जिला पंचायत अजय मौर्य,मेयर विकास शर्मा,नगर पालिका अध्यक्ष रमेश चंद्र जोशी,ब्लॉक प्रमुख रीना गौतम,जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया,एसएसपी अजय गणपति,सीडीओ दिवेश सासनी,अपर सचिव मुख्यमंत्री मनमोहन मैनाली सहित अन्य अधिकारी एवं जनप्रतिनिधिगण उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री के आवाहन पर ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन को लेकर कॉरपोरेट सेक्टर आया आगे -नस्लें कंपनी ने सीएसआर से दिए सात इलेक्ट्रिक वाहन, मुख्यमंत्री ने अपशिष्ट प्रबंधन के लिए 15वाहनों को दिखाई हरी झंडी

खटीमा (सू.वि.)। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के आवाहन पर ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन हेतु कॉरपोरेट सेक्टर आगे आया है। नस्लें कंपनी ने सात इलेक्ट्रिक वाहन अपने सीएसआर मद से दिए। मुख्यमंत्री ने शुक्रवार को इन वाहनों सहित कुल 15 नए वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। नेस्ले कंपनी द्वारा धर्मपुर, छत्तरपुर, बिंदूखेड़ा (फौजी मटकोटा) कीरतपुर, बागवाला, दानपुर और नगला तराई के लिए सात इलेक्ट्रिक कचरा कलेक्शन वाहन उपलब्ध कराए गए एवं ब्रिटानिया की ओर से हेल्थ एवं नियूट्रीशियन सामग्री दी गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार प्रदेश के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों को स्वच्छ, सुंदर और पर्यावरण-अनुकूल बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। अपशिष्ट प्रबंधन का यह सेल्फ-सस्टेनिंग मॉडल न केवल ग्राम पंचायतों में स्वच्छता का नया स्तर तय करेगा,बल्कि आने वाली पीढ़ियों को एक स्वस्थ वातावरण भी प्रदान करेगा। जन-भागीदारी और आधुनिक संसाधनों के समन्वय से हम उत्तराखंड को देश का अग्रणी व स्वच्छ राज्य बनाने की दिशा में निरंतर आगे बढ़ रहे हैं। मुख्य विकास अधिकारी दिवेश शासनी ने बताया कि जिलाधिकारी के निर्देशन में जनपद उधमसिंह नगर में स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन का श्सेल्फ-सस्टेनिंग मॉडल लागू किया गया है। इस पहल के तहत जिले के सभी 7 विकासखंडों की 373 ग्राम पंचायतों में सफाई व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त बनाए रखने के लिए 71 क्लस्टरों के माध्यम से कूड़ा निस्तारण की व्यापक कार्ययोजना तैयार की गई है। इस हेतु नगर निकायों से लगे गांवों एवं निकायों के बीच ओएमयू किया गया है।जनपद के राष्ट्रीय राजमार्गों एवं ग्रामीण क्षेत्रों से लगने वाले स्थानीय बाजारों में नियमित रूप से सफाई व कूड़ा प्रबंधन हेतु नगर पालिका व नगर निगमों से विकास खंड खटीमा के 13 ग्राम पंचायतें, सितारगंज के 25 ग्राम पंचायतों,रुद्रपुर के 13 ग्राम पंचायतो,गदरपुर के 13 ग्राम पंचायतों,बाजपुर के 4 ग्राम पंचायतों, काशीपुर के 15 ग्राम पंचायतो व जसपुर के 10 ग्राम पंचायतों के साथ ठोस अपशिष्ट एवं तरल एमओयू कर लिया गया है। उन्होंने बताया कि जनपद के छह विकास खंडों में विकास खंड रुद्रपुर के खामिया नंबर एक सितारगंज के कुंवरपुर में गदरपुर के सरोवर नगर में,बाजपुर के बरवाला में, काशीपुर के शिवलालपुर, अमरजंडा में जसपुर विकास खंड के खेड़ा लक्ष्मीपुर में जिला पंचायत द्वारा कॉम्पेक्टर का संचालन किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि इसके अतिरिक्त ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन हेतु सीएसआर व जिला योजना से और वाहनों की व्यवस्थायें भी की जाएगी। मुख्य  विकास अधिकारी ने बताया कि इस हेतु कुल 231 वाहनों का बेड़ा तैयार किया गया है।जिसमें 134 ई-रिक्शा एवं 75 ट्रैक्टर-ट्रॉली स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) द्वारा एवं नेस्ले रुद्रपुर के सीएसआर से 7 वाहन,अशोका लीलैंड से 2 वाहन,रीप परियोजना से 3 वाहन,नगर निगम रुद्रपुर से 3 वाहन शामिल हैं।उन्होंने बताया कि नेस्ले ने धर्मपुर,छत्तरपुर,बिंदूखेड़ा (फौजी मटकोटा)कीरतपुर,बागवाला, दानपुर और नगला तराई के लिए सात इलेक्ट्रिक कचरा कलेक्शन वाहन उपलब्ध कराए गए एवं ब्रिटानिया की ओर से हेल्थ एवं नियूट्रीशियन सामग्री दी गई। इस अवसर पर अध्यक्ष जिला पंचायत अजय मौर्य,मेयर विकास शर्मा, ब्लॉक प्रमुख रीना गौतम, जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया, एसएसपी अजय गणपति, सीडीओ दिवेश सासनी,अपर सचिव मुख्यमंत्री/सदस्य सचिव सीएसआर मनमोहन मैनाली, नेस्ले इंडिया कॉर्पोरेट अफेयर्ससस्टेनेबिलिटी के डायरेक्टर कुंवर हिम्मत सिंह, विशाल गर्ग सहित अन्य अधिकारी एवं जनप्रतिनिधिगण उपस्थित रहे।
 

मुख्यमंत्री ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती पर दी श्रद्धांजलि,चित्र पर पुष्प अर्पित कर किया नमन

खटीमा (सू.वि.)। एकात्म मानववाद और अन्त्योदय के प्रणेता महान विचारक एवं भारतीय जनसंघ के संस्थापक पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती के अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय के चित्र पर श्रद्धासुमन एवं पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति के कल्याण और उत्थान के लिए पंडित जी के योगदान को याद किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय का जीवन दर्शन हर जनसेवक के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने कहा पंडित जी का मानना था कि किसी भी राज्य या समाज की प्रगति का मापदंड उसकी शीर्ष ऊंचाइयां नहीं,बल्कि समाज के सबसे निचले पायदान पर खड़े व्यक्ति की स्थिति से तय होता है। हमारी सरकार उनके अन्त्योदय (अंतिम व्यक्ति का उदय) के विचार को अपना मूल मंत्र मानकर हर गरीब,किसान,महिला और युवा के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। इस अवसर पर अध्यक्ष जिला पंचायत अजय मौर्य, मेयर विकास शर्मा, ब्लॉक प्रमुख रीना गौतम, जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया, एसएसपी अजय गणपति सहित अन्य अधिकारी एवं जनप्रतिनिधिगण उपस्थित रहे।
 

मुख्यमंत्री ने हल्दी घेरा खटीमा में 722.76 लाख की लागत से नवनिर्मित गौशाला का लोकार्पण एवं 10884.28 लाख की 15 विकास योजनाओं का शिलान्यास किया -प्रदेश में 16 हजार से अधिक निराश्रित गोवंश को गौ सदनों के माध्यम से दिया जा रहा सुरक्षित आश्रयरू मुख्यमंत्री।

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खटीमा (सू.वि.)।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को हल्दीघेरा खटीमा में 722.76 लाख की लागत से नवनिर्मित गौशाला का लोकार्पण एवं 10884.28 लाख की 15 विकास योजनाओं का शिलान्यास किया। जिसमें  राज्य मार्ग-70 सत्रहमील से नानकसागर प्रभाग में 3444.29 लाख के लागत से 13.600 किमी उच्चीकरण कार्य, पुरनपुर मेन रोड से रपटा होते हुए जोगीढेर की ओर 241.96 लाख की लागत से 04 किमी हॉट मिक्स रोड निर्माण, विधानसभा नानकमत्ता के ग्राम पहेनिया में देहवा फीडर शारदा नहर में 248.08 लाख की लागत से 36 मीटर स्पान पुल निर्माण, ग्राम ज्ञानपुरगोढ़ी के पीपलगोला (बरकीडांडी) में 656.75 लाख के 01 किमी मोटर मार्ग एवं देहवा नदी पर 60 मीटर स्पान आरसीसीपीएससी गार्डर पुल निर्माण कार्य, विधानसभा क्षेत्र रूद्रपुर के अन्तर्गत ग्राम बरीराई में 297 लाख की लागत से गौशाला निर्माण कार्य, राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय खटीमा 706.91 लाख के आवासीय भवन निर्माण कार्य, विधानसभा खटीमा क्षेत्र में 613.48 लाख के 6.400 किमी पुराना एनएच-125 से सुखापुल होते हुए लोहियाहेड मोटर मार्ग के सुदृढ़करण कार्य, ग्रामसभा जोगीढेर नगला में नानक सिंह के घर से होते हुए वासुदेव आदि के घरों की ओर 601.91 लाख के 06 किमी हॉट मिक्स रोड निर्माण कार्य, मेलाघाट रोड से बग्घा कालोनी होते हुए मयूर बिहार सेक्टर 2,3 वार्ड नं0-9 में जीर्ण शीर्ण मार्ग का 305.04 लाख से 2.600 किमी लम्बाई इण्टरलॉकिंग टाईल्स द्वारा पुर्ननिर्माण कार्य, ग्राम खेतलसण्डाखाम में खकरा नाले के ऊपर 272.48 लाख से 20 मीटर स्पान आरसीसी पुल निर्माण कार्य, खटीमा में मुख्य रोड से खकरा क्रोकोडायल ट्रेल तक 345.01 लाख से 3.040 किमी मोटर मार्ग निर्माण कार्य, 944.70 लाख के बिकराबाग से चकरपुर तक के भाग को उच्चीकृत कर 4.875 किमी तक एक लेन से डेढ़ लेन में परिवर्तन किए जाने के कार्य, 1342.63 लाख से खटीमा चैराहे से थारू विकास भवन तक सड़क का फोरलेन में चैड़ीकरण व प्रकाश व्यवस्था कार्य, 462.62 लाख के ग्राम सिसैया, मेलाघाट एवं एसएसबी कैम्प कार्यालय के बचाव हेतु बाढ़ सुरक्षा कार्य 401.42 लाख के 07 गांवों में आवासीय भवनों की नदी/नालो की बाढ़ से सुरक्षा कार्य का शिलान्यास किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने संबोधित करते हुए कहा कि आज का दिन खटीमा एवं आसपास के क्षेत्र के लिए विशेष है। गौ माता एवं भगवान के आशीर्वाद से उन्हें इस भव्य एवं आधुनिक गौशाला का लोकार्पण करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ है। मुख्यमंत्री ने गौशाला के निर्माण में सहयोग करने वाले सभी स्थानीय लोगों, अधिकारियों एवं कर्मचारियों का आभार व्यक्त करते हुए उन्हें बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह केवल गौशाला का औपचारिक उद्घाटन नहीं है, बल्कि निराश्रित गोवंश को सुरक्षित एवं सम्मानजनक आश्रय उपलब्ध कराने के संकल्प की शुरुआत है। सड़कों पर विचरण करने वाले ऐसे निराश्रित गोवंश, जिनकी देखभाल करने वाला कोई नहीं है, उन्हें सुरक्षित स्थान उपलब्ध कराने के लिए इस गौशाला का निर्माण महत्वपूर्ण पहल है। मुख्यमंत्री ने कहा कि निराश्रित गोवंश के कारण किसान भाइयों को भी अनेक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। किसानों को अपनी फसलों को गोवंश से बचाने के लिए अतिरिक्त प्रयास करने पड़ते थे।इसके साथ ही सड़क दुर्घटनाओं का खतरा भी बना रहता है। उन्होंने कहा कि इस गौशाला के निर्माण से गोवंश के साथ-साथ किसान भाइयों और स्थानीय लोगों को भी राहत मिलेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे शास्त्रों में गौ माता में सभी देवी-देवताओं का वास माना गया है और इसी कारण भारतीय संस्कृति में गौ माता को विशेष एवं सर्वोच्च स्थान प्राप्त है। उन्होंने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड सदैव गौ माता के संरक्षण एवं सुरक्षा की परंपरा वाली भूमि रही है। गौ माता की सुरक्षा केवल हमारी परंपरा नहीं, बल्कि हमारा कर्तव्य, धर्म और जिम्मेदारी भी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सनातन संस्कृति के गौरव को पुनर्स्थापित करने तथा गौ माता के संरक्षण एवं संवर्धन की दिशा में निरंतर कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जी को जब भी समय मिलता है, प्रधानमंत्री आवास में गौ सेवा करते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि गौ माता के प्रति आस्था के साथ-साथ गोवंश ग्रामीण अर्थव्यवस्था का भी महत्वपूर्ण आधार है। प्रदेश में बद्री गाय के शुद्ध घी एवं दुग्ध उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए विशेष ग्रोथ सेंटर स्थापित किए गए हैं। उन्होंने कहा कि अकेले चमोली जनपद में तीन ग्रोथ सेंटर संचालित किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा प्रदेश में 72 पंजीकृत एवं 9 अनुबंधित गौ सदनों के माध्यम से 16 हजार से अधिक निराश्रित गोवंश को सुरक्षित आश्रय उपलब्ध कराया जा रहा है। इसके अतिरिक्त ग्राम्य गौ सेवक योजना को पूरे प्रदेश में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि शहरी विकास विभाग एवं पंचायती राज विभाग के सहयोग से प्रदेश में 63 स्थानों पर गौशाला निर्माण के लिए भूमि चिन्हित की गई है। उन्होंने कहा कि इन स्थानों पर शीघ्र ही गौशालाओं का निर्माण कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि गौ सुरक्षा केवल सरकार का दायित्व नहीं है, बल्कि इसके लिए समाज के सभी वर्गों को सामूहिक रूप से आगे आना होगा। सरकार और समाज के सामूहिक प्रयासों से ही निराश्रित गोवंश के संरक्षण को प्रभावी बनाया जा सकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हल्दीघेरा स्थित इस गौशाला का भविष्य में आवश्यकता के अनुसार विस्तार भी किया जाएगा, जिससे अधिक से अधिक निराश्रित गोवंश को सुरक्षित एवं सम्मानजनक आश्रय उपलब्ध कराया जा सके। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम स्थल पर बुजुर्गों एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं को अंग वस्त्र एवं  पुष्पगुच्छ देकर सम्मानित किया । सांसद अजय भट्ट ने संबोधित करते हुए कहा कि युवा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सरकार प्रदेश के सर्वांगीण विकास के लिए तत्पर है,तथा कई योजनाओं व लक्ष्यों में हमारा प्रदेश देश में नम्बर एक स्थान है। उन्होंने कहा कि निराश्रित गौवंशों के आश्रय के लिए गौशाला निर्माण अदभुत प्रयास है,प्रदेश में अनेकोनेक गौशालाओं का निर्माण किया जा रहा है। उन्होंने कहा जनपद नैनीताल के लालकुआं में उच्च पशु चिकित्सालय का निर्माण किया जा रहा है। अध्यक्ष जिला पंचायत अजय मौर्य ने सभी अतिथियों का स्वागत व अभिनंदन करते हुए जनपद में हो रहे विकास कार्यों की विस्तृत जानकारी दी। इस अवसर पर महापौर दीपक बाली, नगर पालिका अध्यक्ष रमेश चंद्र जोशी, प्रेम सिंह टूरना, ब्लॉक प्रमुख सरिता राणा, दर्जा मंत्री गंभीर सिंह धामी, उत्तम दत्ता, किसन सिंह किन्ना, मोहिनी पोखरिया, रणजीत सिंह नामधारी,फरजाना बेगम, मंजीत सिंह राजू, अध्यक्ष गौ सेवा आयोग राजेंद्र अन्थवाल, पूर्व विधायक डॉ प्रेम सिंह राणा, राजेश शुक्ला, श्रीपाल सिंह,रवींद्र राणा,मनोज साही,राजपाल सिंह, बलराज सिंह, जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय गणपति सहित अनेक जनप्रतिनिधि व अधिकारी मौजूद थे।

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सेवा संकल्प अभियान के तहत जिला सूचना विभाग द्वारा जनपद की विभिन्न ग्राम पंचायतों में केंद्र एवं राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी आमजन तक पहुंचाने के लिए व्यापक स्तर पर जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे है

रूद्रपुर (सू0वि0)। जिला सूचना अधिकारी गोविन्द सिंह बिष्ट ने बताया कि सेवा संकल्प अभियान के तहत जिला सूचना विभाग द्वारा जनपद की विभिन्न ग्राम पंचायतों में केंद्र एवं राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी आमजन तक पहुंचाने के लिए व्यापक स्तर पर जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी क्रम में सूचना विभाग में पंजीकृत सांस्कृतिक दल माॅ नैना सांस्कृतिक एवंज न कल्याण सेवा समिति, राना प्रताप थारू जनजाति विकास समिति, पंखुड़ी थारू सांस्कृतिक समिति, खटीमा स्वयं सिद्धा विकास खण्ड सोसायटी, राणा थारू जनजाति सांस्कृतिक उत्थान समिति, देवभूमि थारू जनजाति सांस्कृतिक विकास समिति, जनजाति थारू कला एवं उत्थान समिति, थारू कला निपुण जनजाति सांस्कृतिक समिति, व्याख्या जन जागृति संस्कृति संगीत एवं नाट्य समिति, वन्या थारू उत्थान समिति, जय भूमसेन होलिका उत्थान समिति, वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप थारू सांस्कृतिक उत्थान समिति, परिर्वतन सेवा समिति, रतनपुर थारू हंस सांस्कृतिक जन कल्याण सेवा समिति व नई रोशनी थारू समाज कल्याण समिति द्वारा जनपद के विभिन्न ग्राम पंचायतों में गीत-नाट्य प्रस्तुतियों, नुक्कड़ नाटकों एवं प्रचार साहित्य के माध्यम से ग्रामीणों को सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं एवं जनहितकारी कार्यक्रमों की जानकारी दी जा रही है। जिला सूचना अधिकारी ने बताया कि सांस्कृतिक दलों के कलाकारों द्वारा लोकगीत एवं नाट्य प्रस्तुतियों के माध्यम से ग्रामीणों को केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं के लाभ, पात्रता एवं उद्देश्यों के बारे में सरल एवं रोचक तरीके से जानकारी दी जा रही है। इस दौरान ग्रामीणों को सरकार की योजनाओं से संबंधित प्रचार-प्रसार सामग्री भी वितरित की जा रही रही है ताकि वे योजनाओं की जानकारी प्राप्त कर उनका लाभ उठा सकें। उन्होने बताया कि सेवा संकल्प अभियान के तहत पूरे माह जनपद की विभिन्न ग्राम पंचायतों में इस प्रकार के जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि इन कार्यक्रमों का मुख्य उद्देश्य केन्द्र व राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी अंतिम छोर तक पहुंचाना, पात्र लाभार्थियों को योजनाओं से जोड़ना तथा ग्रामीणों को अपने अधिकारों एवं उपलब्ध सुविधाओं के प्रति जागरूक करना है। उन्होंने कहा कि लोक कला एवं गीत-नाट्य के माध्यम से दी जाने वाली जानकारी ग्रामीणों तक प्रभावी ढंग से पहुंचती है, इसी को ध्यान में रखते हुए सूचना विभाग द्वारा पंजीकृत सांस्कृतिक दलों के माध्यम से जनपद के ग्रामीण क्षेत्रों में लगातार जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
 

सीडीओ ने किया हथकरघा कौशल प्रशिक्षण केंद्र का उद्घाटन

रुद्रपुर (सू.वि.)। मुख्य विकास अधिकारी दिवेश शासनी ने रुद्रपुर ब्लॉक में रेड इंडिया के संयुक्त पहल के तहत श्परिश्रम कौशलश्हथकरघा कौशल प्रशिक्षण केंद्र का रिबन काटकर शुभारंभ किया।मुख्य विकास अधिकारी ने कहा कि प्रशिक्षण केंद्र में कौशल विकास और महिला सशक्तिकरण एवं आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से शुरू किया गया है,जिससे स्थानीय लोगों को हथकरघा और अन्य कौशल में प्रशिक्षण प्राप्त करने का अवसर मिलेगा। रूरल एजुकेशन एंड डेवलपमेंट संस्था की मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ.गीता मल्होत्रा ने संस्था द्वारा महिला सशक्तिकरण और ग्रामीण विकास के लिए चलाए जा रहे विभिन्न कार्यक्रमों की जानकारी दी। डॉ.मल्होत्रा ने बताया कि रीड इंडिया पूरे भारत में महिलाओं का कौशल विकास करके उन्हें स्वरोजगार और व्यावसायिक अवसर उपलब्ध कराने का कार्य कर रही है।संस्था की कार्यप्रणाली पर बात करते हुए उन्होंने बताया कि सबसे पहले महिलाओं की क्षमता और व्यावसायिक समझ को बढ़ाया जाता है। इसके बाद उनकी रुचि और सुविधा के अनुसार हुनर (स्किल्स) का प्रशिक्षण दिया जाता है। प्रशिक्षण के बाद महिलाओं के समूह बनाकर उन्हें व्यावसायिक अवसरों से जोड़ा जाता है। संस्था समुदाय प्रथम दृष्टिकोण पर काम करती है, जिसमें समुदाय को आगे रखकर संस्था उनके मार्गदर्शन और सहयोग की भूमिका निभाती है। उन्होंने बताया कि उत्तराखंड सरकार के सहयोग से रुद्रपुर में एक नए बुनाई (वीविंग) सेंटर की शुरुआत की गई है। इस केंद्र पर रीड इंडिया के मास्टर ट्रेनर्स के माध्यम से महिलाओं को हथकरघा बुनाई का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके साथ ही तैयार उत्पादों को बाजार से जुड़ने का प्रशिक्षण भी महिलाओं को दिया जाएगा। इस अवसर पर खंड विकास अधिकारी आसित आनंद सहित ग्रामीण महिलाएं,संस्था के लोग अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
 

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