प्रधानमंत्री ने लालकिले से बताई शक्ति की सप्तधारा, देश के विकास को देगी गतिय देशवासियों से की ये अपील
दिल्ली (एजेन्सीज)। प्रधानमंत्री मोदी ने लालकिले से देश के सामने विकास का नया विजन रखा। उन्होंने कहा कि जो पिछले पांच दशकों में नहीं हुआ, वो हमें अगले पांच-छह वर्षों में करना होगा और इसके लिए प्रधानमंत्री ने सप्तधारा का विजन रखा और बताया कि किस तरह से देश विकास की दिशा में नई छलांग लगाएगा। लाल किले से राष्ट्र के नाम अपने संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी ने सप्तधारा का विजन देश के सामने रखा। पीएम मोदी ने कहा, आने वाले दिनों में भी हम नेक्स्ट लेवल रिफॉर्म की तरफ बढ़ने वाले हैं। सभी को अपने पारंपरिक व्यवस्था, सोच और लक्ष्यों में सुधार करना होगा। हमें अपने किसान, मजदूरों को नई दिशा में लेकर चलना होगा। विकसित भारत बनने के लिए हमें नई धारा चाहिए। आज लाल किले की प्राचीर से मैं देश में शक्ति की सप्तधारा का आह्वान करता हूं। जो पांच दशक में नहीं हुआ, वह 5-7 साल में करने के लिए नई ऊर्जा देंगे। इसमें युवाओं की शक्ति भी जोड़ी जाएगी।श् आइए जानते हैं क्या हैं सप्तधारा की शक्तियां-
क्या है सप्तधारा का विजन प्रधानमंत्री ने कहा, श्सप्तधारा की पहली शक्ति है उत्पादन की शक्ति। हमें मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ाना होगा। प्रोडक्शन के साथ हमें छोटे-छोटे पुर्जे बनाने हैं और बड़े उत्पाद भी बनाने हैं। पूरी वैल्यू चेन पर हमारा अधिकार होना चाहिए। डिजाइन से उत्पादन तक भारत को ग्लोबल सप्लाई चेन का केंद्र बनना होगा। उत्पादन के क्षेत्र में जो लोग हैं, यह उनके लिए अवसर है। इसलिए हमें क्वालिटी और स्केल में वैश्विक मानदंडों पर खरा उतरना होगा। हमारे प्रोडक्ट यूजर फ्रेंडली हों, हमारे प्रोडक्ट लोगों को लुभाने वाले हों। जीरो डिफेक्ट उत्पाद हमारी पहचान हों, यह तय करना होगा। वैश्विक मार्केट में हमारी पहचान गुणवत्ता के आधार पर होगा। क्वालिटी में नो कॉम्प्रोमाइज। हमारा लक्ष्य क्वालिटी, क्वालिटी और क्वालिटी होना चाहिए।
सप्तधारा की दूसरी शक्ति है- कृषि और फूड प्रोसेसिंग। हमारे किसानों के लिए दुनिया के बाजार खुल चुके हैं। एफटीए के जरिए हमें दुनिया के बाजार में पहुंचना है। हमारे उत्पाद ग्लोबल ब्रांड बनने चाहिए। हमारे किसान केमिकल फ्री खेती को बढ़ावा देंगे और दुनिया में इसकी मांग बढ़ने वाली है। पीएम मोदी ने कहा, मेरी सप्तधारा की तीसरी शक्ति है तकनीक और इनोवेशन। इमर्जिंग तकनीक हर पल हमें चुनौती दे रही हैं। इसलिए देश को दुनिया के लिए मार्केट बनाना है। हमें इनोवेशन का हब बनना है। अब भारत को डिजिटल पब्लिक तकनीक को दुनिया के कोने कोने में पहुंचाना है।
सप्तधारा की चैथी शक्ति है- गतिशक्ति। यह गतिशक्ति हमें देश में सीमलेस कनेक्टिविटी चाहिए। हमें मॉडर्न सड़क चाहिए, मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी चाहिए। पोर्ट्स को डेवलपमेंट ग्रोथ की दिशा में बढाना होगा। हमें एयरपोर्ट्स, पोर्ट्स चाहिए। पीएम मोदी ने कहा, श्पांचवी शक्ति है- रक्षा शक्ति। डिफेंस में आत्मनिर्भर होना, दुनिया ने समझ लिया इसके बिना कोई चारा नहीं है। हमें डिफेंस के क्षेत्र में भी बाजार बनना होगा। हमें डिफेंस प्रोडक्ट्स की चेन बनना होगा। ड्रोन और एंटी ड्रोन सिस्टम को देखना होगा।


















