सत्यमेव जयते

उधम सिंह नगरविविध

विनोद वार्ता ने जिलाधिकारी महोदय को बधाई देते हुए स्मृति चिन्ह एवं शाल भेंट कर किया सम्मानित -जिलाधिकारी की विनोद वार्ता से पहली वार्ता, श्री भदौरिया जी ने कहा कि जनपद में देश व प्रदेश की जन कल्याणकारी योजनाओं का लाभ लोगों तक पहुंच रहा है

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विनोद वार्ता संवाद-सूत्र
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रुद्रपुर।
जिलाधिकारी श्री  नितिन सिंह भदौरिया जी की सर्वश्रेष्ठ कार्यप्रणाली के चलते देश में पाचवां स्थान का गौरव प्राप्त होने पर जिला सूचनाधिकारी श्री गोविन्द सिंह बिष्ट के माध्यम से विनोद वार्ता समाचार पत्र के मान्यता प्राप्त सम्पादक विनोद कुमार द्वारा बधाई देते हुए स्मृति चिन्ह एवं शाल भेंटकर सम्मानित किया। इस दौरान प्रथम बार सम्पादक विनोद कुमार से रु-बरु होते हुए जिलाधिकारी महोदय ने कहा कि यह गौरव (पुरस्कार) प्राप्त हुआ इसके लिए वह बहुत ही अच्छा महसूस कर रहें हैं। उन्होंने कहा कि इसका मुख्य श्रेय जनपद के लोगों को ही जाता है जिसकी वजह से मुझे यह पुरस्कार प्राप्त हुआ। उन्होंने कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री द्वारा जनपद वासियों की फीडबैक लेने के बाद ही देश में जनपद को गौरव प्राप्त हुआ है। श्री भदौरिया ने कहा कि हमारी पूरी कोशिश है कि जनपद में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी एवं प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा जो भी जनहित की योजनायें चलाई जा रही है उनका लाभ जनपद की जनता कि अन्तिम छोर तक पहुंचे और उसका पूरा लाभ मिले। उन्होंने कहा कि हमारा प्रयास रहा है कि जनपद के लोगों की समस्याओं का समाधान हो और किसी प्रकार की परेशानी न हो। उन्होंने कहा कि हमारे जिले के अधिकारियों की संयुक्त टीम के चलते आज जनपद उधम सिंह नगर प्रदेश में पहले स्थान पर है जो कि एक गौरव की बात है। उन्होंने कहा लीडर शिप के चलते जनपद में जनगणना का कार्य भी पूरा हो चुका है अब एसआईआर की कार्यवाही भी चल रही है जिसमें जनपद के अधिकारी एवं कर्मचारी लगन के साथ कार्य कर रहे है और जनपद की जनता का भी काफी सहयोग मिल रहा है। श्री भदौरिया ने कहा कि हमार प्रयास है कि माननीय मुख्यमंत्री की विकास की धारा जन-जन तक पहुंचे और भारत को नंबर एक पर लाये और जो 2047 का विकासित भारत का सपना है उसे पूरा कर सके। इस मौके पर सूचना विभाग से विजय कुमार, भूपेन्द्र अनेजा आदि मौजूद थे।
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चारधाम यात्रा-आस्था, मर्यादा और वर्तमान चुनौतियाँ

(श्वेता शर्मा)
भारतीय सनातन परंपरा में तीर्थयात्रा केवल एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचने का साधन नहीं रही है, बल्कि यह आत्मशुद्धि, तप, संयम और ईश्वर से जुड़ने का माध्यम मानी गई है। विशेष रूप से चारधाम यात्रा का अपना एक अलग आध्यात्मिक महत्व है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार भगवान के धामों की यात्रा मनुष्य को अपने जीवन, कर्म और कर्तव्यों पर चिंतन करने का अवसर प्रदान करती है। यह यात्रा केवल पर्वतों, नदियों और मंदिरों के दर्शन तक सीमित नहीं थी, बल्कि स्वयं के भीतर स्थित ईश्वर की अनुभूति का मार्ग मानी जाती थी। प्राचीन समय में लोग चारधाम यात्रा पर निकलने से पहले मानसिक और शारीरिक रूप से स्वयं को तैयार करते थे। यात्रा के दौरान भक्ति, सादगी, अनुशासन और धैर्य को विशेष महत्व दिया जाता था। कठिन रास्तों और सीमित संसाधनों के बावजूद श्रद्धालुओं के मन में किसी प्रकार की शिकायत नहीं होती थी, क्योंकि उनका उद्देश्य केवल दर्शन नहीं, बल्कि आध्यात्मिक उन्नति होता था। किन्तु समय के साथ यात्रा का स्वरूप बदलता दिखाई दे रहा है। आज चारधाम यात्रा में श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ रही है, लेकिन व्यवस्थाएं कई बार उस अनुपात में पर्याप्त नहीं दिखतीं। परिणामस्वरूप लंबा ट्रैफिक जाम, भीड़भाड़ और अव्यवस्था जैसी समस्याएं सामने आती हैं। कई श्रद्धालु घंटों तक मार्ग में फंसे रहते हैं, जिससे उनकी पूर्व निर्धारित योजनाएं प्रभावित हो जाती हैं। समय पर गंतव्य तक न पहुंच पाने के कारण उन्हें अनेक प्रकार की असुविधाओं का सामना करना पड़ता है और उनकी यात्रा का आध्यात्मिक आनंद भी प्रभावित होता है। एक अन्य चिंता का विषय यह है कि तीर्थयात्रा और पर्यटन के बीच की सीमा धीरे-धीरे धुंधली होती जा रही है। जहां तीर्थों में श्रद्धा, मर्यादा और आध्यात्मिक वातावरण को प्राथमिकता दी जानी चाहिए, वहीं कुछ लोग इन्हें केवल मनोरंजन और घूमने-फिरने का स्थान समझने लगे हैं। विशेष रूप से कुम्भ नगरी हरिद्वार एवं योगनगरी ऋषिकेश जैसे पवित्र तीर्थ क्षेत्रों में भी कई स्थानों पर ऐसे दृश्य देखने को मिलते हैं  जिनको किसी भी तीर्थ स्थलों की गरिमा के अनुरूप नहीं कहा जा सकता। वहीं पवित्र गंगा तट, जो कि ध्यान, साधना और आत्मिक शांति के केंद्र माने जाते हैं, वहां कई बार तीर्थ की गंभीरता के स्थान पर केवल मनोरंजन का भाव अधिक दिखाई देखने को मिल रहा है जिससे वास्तविक साधना करने वाले भक्तों की भावनाओं के साथ भी खिलवाड़ होता दिखाई देता है। निस्संदेह तीर्थस्थलों पर आने वाले प्रत्येक व्यक्ति का स्वागत है, लेकिन यह भी आवश्यक है कि तीर्थ की पवित्रता और मर्यादा का सम्मान किया जाना हर सनातनी की जिम्मेदारी होनी चाहिए। जिस पतित पावनी,मोक्षदायिनी मां गंगा को हमारी संस्कृति में मां का स्थान दिया गया है और जिन धामों को देवभूमि कहा गया है, वहां आचरण भी उसी भावना के अनुरूप ही होना चाहिए । जिस प्रकार से हम सांसारिक जीवन अपने घर को और घर के पूजा स्थल को पवित्र और स्वच्छ रखना पसंद करते हैं वैसे ही जहां साक्षात् ईश्वरीय शक्तियाँ वास करती हैं वहां की पवित्रता और स्वच्छता का ध्यान रखना भी हमारी पहली जिम्मेदारी होनी चाहिए। चारधाम यात्रा की वास्तविक महत्ता तभी बनी रह सकती है जब श्रद्धालु, समाज और प्रशासन सभी अपनी-अपनी जिम्मेदारियों को समझें। बेहतर व्यवस्थाओं के साथ-साथ तीर्थयात्रियों में भी यह भाव जागृत होना आवश्यक है कि वे केवल एक पर्यटन स्थल नहीं, बल्कि आस्था और आध्यात्मिक चेतना के केंद्र में प्रवेश कर रहे हैं। जब यात्रा में सुविधा के साथ श्रद्धा, अनुशासन के साथ भक्ति और दर्शन के साथ आत्मचिंतन जुड़ जाएगा, तभी चारधाम यात्रा अपने वास्तविक स्वरूप और उद्देश्य को पुनः प्राप्त कर सकेगी।
 

जिलाधिकारी की अध्यक्षता में पंतनगर एयरपोर्ट की एरोडोªम समिति की बैठक आयोजित हुई

रूद्रपुर (सू0वि0)।  जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया की अध्यक्षता में जिला सभागार में पंतनगर एयरपोर्ट की एरोडोªम समिति की बैठक आयोजित हुई। बैठक में निदेशक विमाननपत्तन भाविप्रा पंतनगर एयरपोर्ट पवन कुमार ने बताया कि एयरपोर्ट के आस-पास सुरक्षा के दृष्टिगत बड़े पेड़ों की कटाई-छटाई, झाड़ियो की सफाई की आवश्यकता है। जिसपर जिलाधिकारी ने पंतनगर एयरपोर्ट व वन विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिये कि टीम लगाकर पेड़ों को चिन्हित करते हुए पेड़ों व झाड़ियों की कटाई-छटाई करना सुनिश्चित करें। एयरपोर्ट निदेशक द्वारा एयरपोर्ट की सुरक्षा व एयरपोर्ट पर यात्रियों और परिचालन की गतिविधियों में वृद्धि को देखते हुए पर्याप्त सुरक्षा कार्मिकों की तैनाती व हवाई क्षेत्र में गस्त के लिए पेट्रोलिंग वाहन उपलब्ध कराने का अनुरोध किया। जिसपर जिलाधिकारी ने पुलिस विभाग के अधिकारियों को एयरपोर्ट की सुरक्षा की दृष्टिगत सुरक्षा कर्मिकों की तैनाती व पेट्रोलिंग वाहन हेतु पुलिस मुख्यालय को मांग पत्र भेजने के निर्देश दिये। निदेशक एयरपोर्ट ने कहा कि एयरपोर्ट परिसर में जंगली जानवरो का आवागमन रहता है जिससे दुर्घटना की सम्भावनाएं बनी रहती है। जिसपर जिलाधिकारी ने जंगली जानवरों को भगाने हेतु नियमित हाका अभियान चलाने के निर्देश वन व एयरपोर्ट के अधिकारियों को दिये ताकि एयरपोर्ट पर किसी प्रकार की दुर्घटना की सम्भावना न रहे। निदेशक पंतनगर एयरपोर्ट ने अवगत कराया कि एयरपोर्ट के आस-पास की कालोनियों में अनाधिकृत मांस की दुकाने संचालित की जाती है जिससे चील, कौएं मंडराते रहते है व दुर्घटना की सम्भावना बनी रहती है। जिसपर जिलाधिकारी ने पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देश दिये कि एयरपोर्ट के आस-पास की कालोनियों में निरंतर चैकिंग अभियान चलाकर मांस की दुकानों को हटवाना सुनिश्चित करें। जिलाधिकारी ने पंतनगर एयरपोर्ट विस्तारीकरण की जद में आ रहे अतिक्रमण को चिन्हित करते हुए नोटिस देकर ध्वस्तीकरण कराने के निर्देश दिये। उन्होने एयरपोर्ट व एनएचएआई को विस्तारीकरण कार्य एवं स्वीकृति में तेजी लाने के भी निर्देश दिये। बैठक में प्रभागीय वनाधिकारी यूसी तिवारी, डैम पंतनगर विश्वविद्यालय बीएस चलाल, अपर जिलाधिकारी कौस्तुभ मिश्र, अपर पुलिस अधीक्षक डाॅ0 उत्तम सिंह नेगी, उप जिलाधिकारी मनीष बिष्ट, ओसी संयुक्त कार्यालय हिमांशु कफल्टिया, डीजीएम भाविप्रा अनूप गुप्ता, अधीक्षण अभियंता एनएचएआई सोनू गुप्ता, अधिशासी अभियंता सिंचाई बीएस डांगी, सीएसओ पंतनगर एयरपोर्ट राजकुमार सिंह आदि उपस्थित थे।    
 

विनोद वार्ता ने जिलाधिकारी महोदय को बधाई देते हुए स्मृति चिन्ह एवं शाल भेंट कर किया सम्मानित -जिलाधिकारी की विनोद वार्ता से पहली वार्ता, श्री भदौरिया जी ने कहा कि जनपद में देश व प्रदेश की जन कल्याणकारी योजनाओं का लाभ लोगों तक पहुंच रहा है

विनोद वार्ता संवाद-सूत्र
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जिलाधिकारी श्री  नितिन सिंह भदौरिया जी की सर्वश्रेष्ठ कार्यप्रणाली के चलते देश में पाचवां स्थान का गौरव प्राप्त होने पर जिला सूचनाधिकारी श्री गोविन्द सिंह बिष्ट के माध्यम से विनोद वार्ता समाचार पत्र के मान्यता प्राप्त सम्पादक विनोद कुमार द्वारा बधाई देते हुए स्मृति चिन्ह एवं शाल भेंटकर सम्मानित किया। इस दौरान प्रथम बार सम्पादक विनोद कुमार से रु-बरु होते हुए जिलाधिकारी महोदय ने कहा कि यह गौरव (पुरस्कार) प्राप्त हुआ इसके लिए वह बहुत ही अच्छा महसूस कर रहें हैं। उन्होंने कहा कि इसका मुख्य श्रेय जनपद के लोगों को ही जाता है जिसकी वजह से मुझे यह पुरस्कार प्राप्त हुआ। उन्होंने कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री द्वारा जनपद वासियों की फीडबैक लेने के बाद ही देश में जनपद को गौरव प्राप्त हुआ है। श्री भदौरिया ने कहा कि हमारी पूरी कोशिश है कि जनपद में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी एवं प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा जो भी जनहित की योजनायें चलाई जा रही है उनका लाभ जनपद की जनता कि अन्तिम छोर तक पहुंचे और उसका पूरा लाभ मिले। उन्होंने कहा कि हमारा प्रयास रहा है कि जनपद के लोगों की समस्याओं का समाधान हो और किसी प्रकार की परेशानी न हो। उन्होंने कहा कि हमारे जिले के अधिकारियों की संयुक्त टीम के चलते आज जनपद उधम सिंह नगर प्रदेश में पहले स्थान पर है जो कि एक गौरव की बात है। उन्होंने कहा लीडर शिप के चलते जनपद में जनगणना का कार्य भी पूरा हो चुका है अब एसआईआर की कार्यवाही भी चल रही है जिसमें जनपद के अधिकारी एवं कर्मचारी लगन के साथ कार्य कर रहे है और जनपद की जनता का भी काफी सहयोग मिल रहा है। श्री भदौरिया ने कहा कि हमार प्रयास है कि माननीय मुख्यमंत्री की विकास की धारा जन-जन तक पहुंचे और भारत को नंबर एक पर लाये और जो 2047 का विकासित भारत का सपना है उसे पूरा कर सके। इस मौके पर सूचना विभाग से विजय कुमार, भूपेन्द्र अनेजा आदि मौजूद थे।
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तहसील दिवस में उठी समस्याओं का अधिकारी सक्रिय व संजीदा होकर त्वरित निस्तारित करना सुनिश्चित करें: मुख्य विकास अधिकारी -सितारगंज में आयोजित तहसील दिवस पर विभिन्न विभागों की 86 शिकायतें पंजीकृत हुई

सितारगंज (सू0वि0)। तहसील दिवस में उठी समस्याओं का अधिकारी सक्रिय व संजीदा होकर त्वरित निस्तारित करना सुनिश्चित करें, यह निर्देश मुख्य विकास अधिकारी दिवेश शासनी ने मंगलवार को महाराजा अग्रसेन ट्रस्ट सितारगंज में आयोजित तहसील दिवस में दिये। उन्होने कहा कि जनसमस्याओं का त्वरित निस्तारण सरकार की प्राथमिकता है इसलिए तहसील दिवस में पंजीकृत समस्याओं को समय से निस्तारण करते हुये सीएम जन समर्पण पोर्टल पर भी अपलोड करना सुनिश्चित करें।  तहसील दिवस में विभिन्न प्रमाण पत्र, सड़क, बिजली, पानी, जल भराव, राशन कार्ड, आवास, सोलर लाईट,पेंशन आदि से सम्बन्धित 86  शिकायतें पंजीकृत हुई जिसमे से 45 समस्याओं का मौके पर ही निस्तारण किया गया। तहसील दिवस में वार्ड नं0-10 निवासी अनिरूद्ध राय ने राकेश श्रीवास्तव की बन्द गली व सरकारी अस्पताल तक अतिक्रमण हटाने का अनुरोध किया। जिसपर मुख्य विकास अधिकारी ने उप जिलाधिकारी को मौके का निरीक्षण कर अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिये। अनिरूद्ध राय ने ग्राम तिलियापुर में कटना नदी से प्रतिवर्ष होने वाले भू कटाव को रोकने हेतु पिचिंग कार्य कराने का अनुरोध किया। जिसपर मुख्य विकास अधिकारी ने अधिशासी अभियंता सिंचाई को मौके का निरीक्षण कर बाढ़ सुरक्षा कार्य कराने हेतु आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिये। वार्ड नं0-9 निवासी मीना अग्रवाल, मुकेश कुमार गोयल व रोशन लाल अग्रवालन ने पीएम योजना के तहत लगाये गये सोलर पैनल की सब्सीडी दिलाने का अनुरोध किया। जिसपर मुख्य विकास अधिकारी ने परियोजना अधिकारी उरेडा को जांच कर सब्सीडी उपलब्ध कराने हेतु कार्यवाही करने के निर्देश दिये। समस्त ग्रीन सिटी नहर पार कालोनी वासियों ने नई कालोनी में सड़क, बिजली की सुविधा दिलाने का अनुरोध किया। जिसपर मुख्य विकास अधिकारी ने अधिशासी अभियंता विद्युत व लोनिवि को मौके का निरीक्षण कर आवश्यक सुविधाएं दिलाने हेतु कार्यवाही करें। ग्राम गौरीखेड़ा निवासी अंग्रेज सिंह ने अपने मकान से अवैध कब्जा हटाने का अनुरोध किया। जिसपर मुख्य विकास अधिकारी ने जांच कर उचित कार्यवाही करने के निर्देश दिये। ग्राम करघटिया निवासी मुखत्यार सिंह ने बिजली का बिल ठीक कराने का अनुरोध किया। जिसपर मुख्य विकास अधिकारी ने अधिशासी अभियंता विद्युत को मीटर की जांच कर बिजली बिल को ठीक करने के निर्देश दिये। ग्राम हल्दुआ निवासी गीता देवी ने भूमि से अवैध अतिक्रमण हटाने का अनुरोध किया। जिसपर मुख्य विकास अधिकारी ने उप जिलाधिकारी को मौके का निरीक्षणध्जांच कर कार्यवाही करने के निर्देश दिये। समस्त ग्रामवासी चैमेला बमनपुरी ने पेयजल योजना के तहत सड़क खोदकर पाइप लाईन डालने के उपरांत सड़क ठीक कराने का अनुरोध किया गया। जिसपर मुख्य विकास अधिकारी ने अधिशासी अभियंता लोनिवि को सड़क ठीक कराने के निर्देश दिये। ग्राम प्रधान पण्डरी शाजिया नाज ने गूल से अतिक्रमण हटाने का अनुरोध किया। जिसपर मुख्य विकास अधिकारी ने उप जिलाधिकारी को अतिक्रमण हटवाने के निर्देश दिये। सदस्य जिलापंचायत भास्कर सम्भल ने ग्राम बलखेड़ा व धूमखेड़ा में सड़क व टाइल्स निर्माण कराने का अनुरोध किया। जिसपर मुख्य विकास अधिकारी ने अधिशासी अभियंता विद्युत को मौके का निरीक्षण कर सड़क निर्माण कराने हेतु कार्यवाही करने के निर्देश दिये। वार्ड नं0-6 निवासी चन्दन श्रीवास्तव ने सिंचाई नहर की सफाई कराने का अनुरोध किया। जिसपर मुख्य विकास अधिकारी ने अधिशासी अभियंता को नहर की सफाई कराने के निर्देश दिये। मुख्य विकास अधिकारी ने कहा कि आमजन की समस्याओं का निस्तारण सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिये कि तहसील दिवस में उठी जन समस्याओं का व्यक्तिगत रुचि लेकर समाधान करना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि जो भी छोटी-छोटी समस्याएं आ रही है उन्हे अपने स्तर पर ही समाधान करें ताकि जनता को अनाश्यक परेशानी न हो व कार्यालयों के चक्कर न लगाना पड़े।  उन्होने कहा कि तहसील दिवस में मौके पर जिन समस्याओं का निस्तारण संभव नहीं हो पाया है, उन समस्याओं को सम्बन्धित विभागों को हस्तगत किया जा रहा हैं, उन सभी समस्याओं का समबद्धता एवं प्राथमिकता से निस्तारण करना सुनिश्चित करें। तहसील दिवस में ब्लॉक प्रमुख उपकार सिंह बल, अध्यक्ष नगर पालिका सुखदेव सिंह, जिलाध्यक्ष कमल जिन्दल, जिला पंचायत सदस्य भास्कर सम्भल, गुरजीत सिंह, देबू मंडल,उप जिलाधिकारी तुषार सैनी, सीओ बीएस धौनी, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ के के अग्रवाल, मुख्य शिक्षाधिकारी हरेन्द्र मिश्रा, तहसीलदार हिमांशु जोशी, महाप्रबन्धक उद्योग विपिन कुमार, अधिशासी अभियंता आनंद सिंह नेगी, प्रभारी मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ एसके शर्मा, डीपीओ मुकुल चैधरी सहित अनेक जनप्रतिनिधि व विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।

भारत-नेपाल सीमा क्षेत्र में बेहतर समन्वय और सीमा संबंधी समस्याओं के समाधान को लेकर दोनों देशों के अधिकारियों के बीच महत्वपूर्ण मैत्री सम्मेलन आयोजित हुआ

खटीमा/(सू.वि.)। भारत-नेपाल सीमा क्षेत्र में बेहतर समन्वय और सीमा संबंधी समस्याओं के समाधान को लेकर दोनों देशों के अधिकारियों के बीच महत्वपूर्ण मैत्री सम्मेलन आयोजित हुआ। नेपाल स्थित एक होटल में आयोजित इस सम्मेलन में भारत के सीमावर्ती जिलों और नेपाल के जिलों के प्रशासनिक अधिकारियों ने भाग लिया। बैठक में भारत-नेपाल सीमा पर स्थित नो-मैन्स लैंड में अतिक्रमण, क्षतिग्रस्त सीमा पिलरों के पुनर्स्थापन तथा सीमा प्रबंधन से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। इस दौरान दोनों देशों के अधिकारियों ने सीमा क्षेत्र में शांति, सुरक्षा और आपसी सहयोग को और मजबूत बनाने पर जोर दिया। बैठक में सीमा सुरक्षा बल (एसएसबी), सर्वे विभाग की टीमों सहित दोनों देशों के प्रशासनिक और सुरक्षा अधिकारियों ने भाग लिया। अधिकारियों ने सीमा क्षेत्र में संयुक्त सर्वेक्षण कर क्षतिग्रस्त पिलरों की पहचान करने और नो-मैन्स लैंड पर हुए अतिक्रमण को हटाने के लिए समन्वित कार्रवाई करने पर सहमति जताई। जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया ने कहा कि भारत और नेपाल के अधिकारियों के बीच सीमा संबंधी मुद्दों पर नियमित संवाद और समन्वय आवश्यक है। उन्होंने कहा कि दोनों देशों की टीमें जल्द ही संयुक्त रूप से कार्रवाई कर क्षतिग्रस्त पिलरों के पुनर्स्थापन और अतिक्रमण हटाने का कार्य करेंगी। नेपाल की ओर से मौजूद जिला प्रशासन के अधिकारियों ने भी सीमा प्रबंधन को लेकर सहयोग का भरोसा दिलाया और कहा कि दोनों देशों के बीच आपसी समन्वय से सीमा क्षेत्र की समस्याओं का प्रभावी समाधान किया जाएगा। बैठक के दौरान सीमा क्षेत्र में कानून-व्यवस्था, अवैध गतिविधियों की रोकथाम और सीमावर्ती नागरिकों की सुविधाओं से जुड़े विषयों पर भी विस्तार से चर्चा की गई।
 

मुख्यमंत्री ने कैंप कार्यालय लोहियाहेड में जनता व जनप्रतिनिधियों  से मुलाकात कर जनसमस्याएं सुनी तथा समस्याओं का समाधान करने के निर्देश अधिकारियों को दिए

खटीमा (सू. वि.)। सूबे के माननीय मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को कैंप कार्यालय लोहियाहेड में  जनता व जनप्रतिनिधियों  से मुलाकात कर जनसमस्याएं सुनी तथा समस्याओं का समाधान करने के निर्देश अधिकारियों को दिए। उन्होंने कहा जन समस्याओं का समाधान सरकार की प्राथमिकता है,इसलिए जनता की समस्याओं का शीघ्रता से समाधान किया जाए। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष अजय मौर्य, रुद्रपुर विधायक शिव अरोरा, दर्जा राज्यमंत्री फरजाना बेगम,प्रदेश उपाध्यक्ष भाजयुमो सतीश भट्ट, महामंत्री रमेश जोशी,विवेक सक्सेना,अमित कुमार पांडे, रनदीप पोखरिया, नवीन पांडे,भवानी भंडारी, जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया, जिलाधिकारी चम्पावत मनीष कुमार, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय गणपति,  उप जिलाधिकारी तुषार सैनी, सहित अनेक अधिकारी व जनप्रतिनिधि,जनता उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री धामी ने खेत में चलाया टिलर, पारंपरिक कृषि और जैविक खेती को बढ़ावा देने का दिया संदेश

खटीमा (सू०वि०)। माननीय मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को अपने निजी आवास नगला तराई स्थित खेत में स्वयं टिलर चलाकर खेत की जुताई की तथा खेत में गोबर की प्राकृतिक खाद डालकर जैविक एवं पारंपरिक खेती को बढ़ावा देने का संदेश दिया। इस दौरान उनकी माता श्रीमती बिशना देवी भी उनके साथ उपस्थित रहीं। मुख्यमंत्री ने खेत में श्रम करते हुए किसानों के परिश्रम और कृषि परंपराओं के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि खेती केवल आजीविका का माध्यम नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति और ग्रामीण अर्थव्यवस्था की आत्मा है। आधुनिक तकनीक के साथ पारंपरिक और प्राकृतिक खेती को अपनाकर कृषि को अधिक समृद्ध एवं टिकाऊ बनाया जा सकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि गोबर की खाद जैसी प्राकृतिक पद्धतियां भूमि की उर्वरता बढ़ाने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। उन्होंने किसानों से रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम कर जैविक एवं प्राकृतिक खेती की ओर बढ़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार किसानों की आय बढ़ाने, कृषि को आधुनिक बनाने और जैविक उत्पादों को प्रोत्साहन देने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड की पहचान कृषि, ग्रामीण संस्कृति और प्रकृति से जुड़ी हुई है। राज्य सरकार पारंपरिक खेती, बागवानी, प्राकृतिक कृषि और स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न योजनाओं के माध्यम से किसानों को सहायता उपलब्ध करा रही है। उन्होंने कहा कि युवा पीढ़ी को भी खेती और ग्रामीण विकास से जोड़ना समय की आवश्यकता है।
 

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