सत्यमेव जयते

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बीसी खंडूड़ी को अंतिम विदाई, पंचतत्व में विलीन, सीएम धामी, उपराष्ट्रपति सहित राजनेताओं ने जताया शोक

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देहरादून। उत्तराखंड के पूर्व सीएम मेजर जनरल बीसी खंडूड़ी पंचतत्व में विलीन हो गए। वह 49 दिनों से अस्पताल में भर्ती थे। मंगलवार सुबह उनका निधन हो गया। उनके निधन की खबर से प्रदेश में शोक की लहर दौड़ गई। उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने उनके निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया। देहरादून उनके आवास पर पहुंचकर उपराष्ट्रपति ने श्रद्धांजलि दी। मेजर जनरल भुवन चंद्र खंडूड़ी को नम आंखों से अंतिम विदाई दी गई। सीएम धामी, केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर सहित तमाम बड़े राजनेता खंडूड़ी को अंतिम विदाई देने हरिद्वार पहुंचे। खंडूड़ी की अंतिम यात्रा में जनसैलाब उमड़ा। खड़खड़ी श्मशान घाट में राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। सेना एवं पुलिस के जवानों ने गार्ड ऑफ ऑनर देकर अंतिम सलामी दी। पूर्व मुख्यमंत्री भुवन चंद खंडूड़ी को श्रद्धांजिल देने उनके आवास पर पहुंचे सीएम धामी, उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने पूर्व सीएम मेजर जनरल बीसी खंडूड़ी (सेनि.) के निधन पर गहरा शोक प्रकट किया। उन्होंने कहा कि देश के विकास में उनका योगदान मील के पत्थर के रूप में बना रहेगा। उनके निधन से देश एक विशिष्ट सैनिक, सक्षम प्रशासक और असाधारण सत्यनिष्ठ वाले राजनेता को खो दिया है। केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह, नितिन गडकरी समेत कई नेताओं के हरिद्वार खड़खड़ी पहुंचने की सूचना है। उपराष्ट्रपति आज सुबह खंडूड़ी को श्रद्धांजलि देने उनके बसंत विहार स्थित घर पहुंचे। यहां उन्होंने उनके पार्थिव शरीर को श्रद्धांजलि दी। बीती 17 जनवरी को देहरादून आए उप राष्ट्रपति ने आवास पहुंचकर खंडूड़ी से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना था। इस दौरान उन्होंने लोकसभा में पूर्व सहकर्मी के रूप में अपने संबंधों को याद किया था। पूर्व मुख्यमंत्री मेजर जनरल भुवन चंद्र खंडूड़ी (सेनि.) की हल्का दिल का दौरा पड़ने से मृत्यु हो गई। वह 49 दिनों से अस्पताल में भर्ती थे। मंगलवार सुबह 11.10 बजे उन्होंने 91 वर्ष की आयु में अंतिम सांस ली। अस्पताल प्रबंधन की ओर से मिली जानकारी के मुताबिक मेजर जनरल बीसी खंडूड़ी (सेनि.) को एक अप्रैल को निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। चिकित्सकों की जांच में उनकी आंतों में रक्तस्राव होने की बात सामने आई थी। चिकित्सकों की निगरानी में उनका उपचार चल रहा था। मंगलवार सुबह करीब 11.10 मिनट पर उन्हें हल्का कार्डियक अरेस्ट आया और उनकी मृत्यु हो गई। खंडूरी लंबे समय से अस्वस्थ चल रहे थे। उन्हें बार-बार अस्पताल आना पड़ रहा था। सही होने के बाद उनको घर भेज दिया जाता था लेकिन अप्रैल में भर्ती होने के बाद उनकी हालत में कोई सुधार नहीं आया। 49 दिनों से वह विशेषज्ञ चिकित्सकों की निगरानी में थे। उनकी मृत्यु से पूरे प्रदेश में शोक है। प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री मेजर जनरल बीसी खंडूड़ी के निधन पर राज्य में तीन दिन का राजकीय शोक घोषित किया गया है। जिसे देखते हुए प्रदेश के शासकीय, अशासकीय और निजी स्कूल एवं कार्यालय आज बंद रहेंगे। माध्यमिक शिक्षा निदेशक डॉ. मुकुल कुमार सती ने इस संबंध में आदेश जारी किया है। वही पूर्व मुख्यमंत्री बीसी खंडूड़ी के निधन पर विनोद वार्ता समाचार पत्र के सम्पादक विनोद कुमार एवं  परिवार ने दुःख प्रकट करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की है। 

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बीसी खंडूड़ी को अंतिम विदाई, पंचतत्व में विलीन, सीएम धामी, उपराष्ट्रपति सहित राजनेताओं ने जताया शोक

देहरादून। उत्तराखंड के पूर्व सीएम मेजर जनरल बीसी खंडूड़ी पंचतत्व में विलीन हो गए। वह 49 दिनों से अस्पताल में भर्ती थे। मंगलवार सुबह उनका निधन हो गया। उनके निधन की खबर से प्रदेश में शोक की लहर दौड़ गई। उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने उनके निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया। देहरादून उनके आवास पर पहुंचकर उपराष्ट्रपति ने श्रद्धांजलि दी। मेजर जनरल भुवन चंद्र खंडूड़ी को नम आंखों से अंतिम विदाई दी गई। सीएम धामी, केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर सहित तमाम बड़े राजनेता खंडूड़ी को अंतिम विदाई देने हरिद्वार पहुंचे। खंडूड़ी की अंतिम यात्रा में जनसैलाब उमड़ा। खड़खड़ी श्मशान घाट में राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। सेना एवं पुलिस के जवानों ने गार्ड ऑफ ऑनर देकर अंतिम सलामी दी। पूर्व मुख्यमंत्री भुवन चंद खंडूड़ी को श्रद्धांजिल देने उनके आवास पर पहुंचे सीएम धामी, उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने पूर्व सीएम मेजर जनरल बीसी खंडूड़ी (सेनि.) के निधन पर गहरा शोक प्रकट किया। उन्होंने कहा कि देश के विकास में उनका योगदान मील के पत्थर के रूप में बना रहेगा। उनके निधन से देश एक विशिष्ट सैनिक, सक्षम प्रशासक और असाधारण सत्यनिष्ठ वाले राजनेता को खो दिया है। केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह, नितिन गडकरी समेत कई नेताओं के हरिद्वार खड़खड़ी पहुंचने की सूचना है। उपराष्ट्रपति आज सुबह खंडूड़ी को श्रद्धांजलि देने उनके बसंत विहार स्थित घर पहुंचे। यहां उन्होंने उनके पार्थिव शरीर को श्रद्धांजलि दी। बीती 17 जनवरी को देहरादून आए उप राष्ट्रपति ने आवास पहुंचकर खंडूड़ी से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना था। इस दौरान उन्होंने लोकसभा में पूर्व सहकर्मी के रूप में अपने संबंधों को याद किया था। पूर्व मुख्यमंत्री मेजर जनरल भुवन चंद्र खंडूड़ी (सेनि.) की हल्का दिल का दौरा पड़ने से मृत्यु हो गई। वह 49 दिनों से अस्पताल में भर्ती थे। मंगलवार सुबह 11.10 बजे उन्होंने 91 वर्ष की आयु में अंतिम सांस ली। अस्पताल प्रबंधन की ओर से मिली जानकारी के मुताबिक मेजर जनरल बीसी खंडूड़ी (सेनि.) को एक अप्रैल को निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। चिकित्सकों की जांच में उनकी आंतों में रक्तस्राव होने की बात सामने आई थी। चिकित्सकों की निगरानी में उनका उपचार चल रहा था। मंगलवार सुबह करीब 11.10 मिनट पर उन्हें हल्का कार्डियक अरेस्ट आया और उनकी मृत्यु हो गई। खंडूरी लंबे समय से अस्वस्थ चल रहे थे। उन्हें बार-बार अस्पताल आना पड़ रहा था। सही होने के बाद उनको घर भेज दिया जाता था लेकिन अप्रैल में भर्ती होने के बाद उनकी हालत में कोई सुधार नहीं आया। 49 दिनों से वह विशेषज्ञ चिकित्सकों की निगरानी में थे। उनकी मृत्यु से पूरे प्रदेश में शोक है। प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री मेजर जनरल बीसी खंडूड़ी के निधन पर राज्य में तीन दिन का राजकीय शोक घोषित किया गया है। जिसे देखते हुए प्रदेश के शासकीय, अशासकीय और निजी स्कूल एवं कार्यालय आज बंद रहेंगे। माध्यमिक शिक्षा निदेशक डॉ. मुकुल कुमार सती ने इस संबंध में आदेश जारी किया है। वही पूर्व मुख्यमंत्री बीसी खंडूड़ी के निधन पर विनोद वार्ता समाचार पत्र के सम्पादक विनोद कुमार एवं  परिवार ने दुःख प्रकट करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की है। 

देहरादून: अस्पताल के एसी में शॉर्ट सर्किट से लगी आग, आईसीयू में भर्ती बुजुर्ग महिला की मौत, दो की हालत गंभीर

देहरादून (संवाद-सूत्र)। देहरादून हरिद्वार रोड स्थित पेनेसीया अस्पताल में आग लग गई। आनन फानन मरीजों को दूसरे अस्पताल में शिफ्ट कराया जा रहा है। लेकिन इस दौरान  आईसीयू में भर्ती एक महिला की मौत हो गई। देहरादून हरिद्वार रोड स्थित पैनेसिया हॉस्पिटल में बुधवार को अचानक आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। हादसे में एक बुजुर्ग महिला बीरावती की मौत हो गई है। जबकि दो की हालत गंभीर है। जानकारी के मुताबिक अस्पताल में आग एसी में शॉर्ट सर्किट होने के कारण लगी, जिसके बाद पूरे परिसर में धुआं फैल गया और मरीजों व स्टाफ के बीच हड़कंप मच गया। घटना के समय अस्पताल के आईसीयू में छह मरीज भर्ती थे। धुआं फैलते ही अस्पताल स्टाफ, राहत टीमों और स्थानीय प्रशासन ने तत्परता दिखाते हुए सभी मरीजों को सुरक्षित बाहर निकालकर अन्य अस्पतालों में शिफ्ट कराया। आग और धुएं की चपेट में आने से अस्पताल के कुछ कर्मचारी भी घायल हुए, जिन्हें भी उपचार के लिए दूसरे अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड, पुलिस और प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंचीं और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। मौके पर पहुंचे एसएसपी प्रमोद डोबाल ने भी घटनास्थल का निरीक्षण कर राहत एवं बचाव कार्य का जायजा लिया।आईसीयू में लगे एसी में ब्लास्ट होने के कारण आग लगी, जिसके बाद वहां धुआं और गैस फैल गई। पुलिस कर्मियों ने जान की परवाह किए बिना आईसीयू में भर्ती मरीजों को बाहर निकाला। बचाव अभियान के दौरान धुएं और गैस के कारण कुछ मरीजों और पुलिसकर्मियों को ऑक्सीजन की कमी होने लगी, जिन्हें उपचार के लिए नजदीकी कैलाश अस्पताल में भर्ती कराया गया। घटना के दौरान आईसीयू में पहले से वेंटिलेटर पर भर्ती एक बुजुर्ग महिला की मौत हो गई। वहीं इस हादसे में दस लोग घायल हुए हैं। राहत और बचाव कार्य में लगे तीन पुलिस कर्मियों की तबीयत भी बिगड़ गई, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। घटना की सूचना मिलते ही एसएसपी देहरादून और एसपी सिटी मौके पर पहुंचे और अधिकारियों से जानकारी लेकर आवश्यक निर्देश दिए। बाद में एसएसपी ने कैलाश अस्पताल पहुंचकर भर्ती पुलिसकर्मियों और मरीजों का हाल जाना तथा डॉक्टरों से उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली। एसएसपी प्रमोद डोबाल ने बताया कि फिलहाल आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया है। सभी मरीजों और घायल कर्मचारियों को अन्य अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है।

जिलाधिकारी की अध्यक्षता में जिला सभागार में तहसील दिवस का आयोजित हुआ

रूद्रपुर (सू.वि.)। मंगलवार को जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया की अध्यक्षता में जिला सभागार में तहसील दिवस का आयोजित हुआ। जिलाधिकारी ने कहा कि  जनता की समस्याओं का त्वरित निस्तारण सरकार की प्राथमिकता है, इसलिए अधिकारी समस्याओं को शान्त मन एवं संवेदनशील होकर सुने व गम्भीरता से तहसील दिवस में पंजीकृत समस्याओं को निर्धारित समय सीमा के भीतर निस्तारित करना सुनिश्चित करें। तहसील दिवस में भूमि, मार्ग, मनरेगा भुगतान, सिंचाई गूल, गैस से सम्बन्धित 09 शिकायतें पंजीकृत हुई जिसमे से 08 शिकायतों/समस्याओं का मौके पर ही निस्तारण किया गया। तहसील दिवस में महेन्द्र पोपली ने कलेक्ट्रेट आवासीय परिसर के भीतर अराजक तत्वों द्वारा नशा करने तथा मारपीट, छेड़-छाड़ करने की शिकायत की। जिसपर जिलाधिकारी ने अपर जिलाधिकारी व उप जिलाधिकारी को रात्रि 09 बजे से कलेक्ट्रेट परिसर के गेटो को बन्द करने के निर्देश देते हुए पुलिस नियमित गस्त करने के निर्देश दिये। कैलाश चन्द्र ने बताया कि गन्ना विभाग द्वारा किसी व्यक्ति को लाभ पहुंचाने हेतु चकमार्ग बनाया जा रहा है। जिसपर जिलाधिकारी ने सहायक गन्ना आयुक्त को तुरन्त निरीक्षण कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिये। अब्दुल गनी ने विद्युत बिल अधिक आने की शिकायत की। जिसपर जिलाधिकारी ने अधिशासी अभियंता विद्युत को विद्युत मीटर का निरीक्षण करते हुए समस्या का तुरन्त निस्तरण करने के निर्देश दिये। सुखदेव सिंह ने मनरेगा का भुगतान करने का अनुरोध किया। जिसपर जिलाधिकारी ने जिला विकास अधिकारी को शीघ्र भुगतान करने के निर्देश दिये। मुकेश कुमार ने घरेलु गैस सिलेंडर न मिलने की समस्या रखी। जिसपर जिलाधिकारी ने जिला पूर्ति अधिकारी को तुरन्त नियमानुसार कार्यवाही करने के निर्देश दियें तहसील दिवस में मुख्य विकास अधिकारी दिवेश शाशनी, अपर जिलाधिकारी पंकज उपाध्याय, एसपी सिटी डॉ0 उत्तम सिंह नेगी, उप जिलाधिकारी मनीष बिष्ट, पीडी हिमांशु जोशी, जिला विकास अधिकारी सुशील मोहन डोभाल, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ0 केके अग्रवाल, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ0 आशुतोष जोशी, महाप्रबंधक उद्योग विपिन कुमार, मुख्य शिक्षा अधिकारी हरेन्द्र मिश्रा, अधिशासी अभियंता सिंचाई बीएस डांगी, आनंद सिंह नेगी, लघु सिंचाई सुशील कुमार, लोनिवि गजेन्द्र सिंह, विद्युत उमाकांत चतुर्वेदी, पेयजल निगम सुनील जोशी, आरडब्लूडी अमित भारती, जिला समाज कल्याण अधिकारी अमन अनिरूद्ध, जिला प्रोवेशन अधिकारी व्योमा जैन, जिला अल्पसंख्यक अधिकारी नंदनी तोमर, जिला क्रीडा अधिकारी जानकी कार्की आदि मौजूद थे।
 

मुख्य निर्वाचन अधिकारी उत्तराखण्ड द्वारा राज्य में 01 जुलाई 2026 की अर्हता तिथि के अधार पर निर्वाचन नामावलियों का विशेष गहन पुनरीक्षण कराये जाने हेतु कार्यक्रम निर्धारित किया है: डीएम

रूद्रपुर । जिलाधिकारीध्जिला निर्वाचन अधिकारी नितिन सिंह भदौरिया ने बताया कि मुख्य निर्वाचन अधिकारी उत्तराखण्ड द्वारा राज्य में 01 जुलाई 2026 की अर्हता तिथि के अधार पर निर्वाचन नामावलियों का विशेष गहन पुनरीक्षण कराये जाने हेतु कार्यक्रम निर्धारित की गयी है। उन्होने बताया कि 29 मई से 07 जून तक तैयारीए प्रशिक्षण एवं मुद्रण का कार्य किया जायेगा। इसी तरह 08 जून से 07 जुलाई तक बीएलओ द्वारा घर.घर जाकर सर्वेध्सत्यापन कार्यए 07 जुलाई को को मतदान स्थितियों का युक्तिकरणए 14 जुलाई को मतदाता सूची का प्रकाशन किया जायेगा। उन्होने बताया कि 14 जुलाई से 13 अगस्त तक दावे एव आपत्ति दाखिल करने की अवधि होगी 14 जुलाई से 11 सितम्बर तक नोटिस चरणध्दावों और आपत्तियों का निस्तारण किया जायेगा तथा 15 सितम्बर को मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन किया जायेगा। जिलाधिकारी ने बताया कि पुनरीक्षण के दौरान जिन मतदाताओं के गणना प्रपत्र वापस नहीं आये हैंए उनके लिए बीएलओ आस.पास के मतदाताओं से पूछताछ के आधार पर कोई सम्भावित कारण ;जैसे अनुपस्थितए स्थानांतरितए मृत्युए डुप्लिकेटद्ध पहचान सकता है। ऐसे मतदाताओं की सूची पंचायत भवनए नगर निकाय कार्यालय के नोटिस बोर्ड पर तथा खण्ड विकास अधिकारीए पंचायत अधिकारी तथा नगर निकाय अधिकारियों के कार्यालय में भी प्रदर्शित की जायेगी तथा निर्वाचन आयोग व जिला निर्वाचन अधिकारी की वेबसाइट पर अपलोड की जायेंगी। उन्होने निर्देश दिये है कि घर.घर जाकर भ्रमण करने के दौरान बीएलओ अपने साथ खाली फार्म.6 और घोषणा पत्र अपने साथ रखेगें ताकि कोई भी नए वोटर के तौर पर अपना नाम दर्ज करवाना चाहे उसे ये फार्म दिए जा सकें।
 

शैक्षणिक संस्थानों के 100 मीटर के दायरे में किसी भी प्रकार के तंबाकू उत्पादों की बिक्री पूरी तरह प्रतिबंध 

रुद्रपुर (सू.वि.)। मुख्य विकास अधिकारी की अध्यक्षता में राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम (एनटीसीपी) की जिला स्तरीय समन्वय समिति की बैठक संपन्न हुई जिसमें महत्वपूर्ण निर्णय लिय गये। जिले के सभी सरकारी कार्यालय घोषित होंगे श्तंबाकू मुक्त परिसर। शिक्षण संस्थानों के 100 मीटर के दायरे में तंबाकू उत्पादों की बिक्री पर रहेगी पूर्ण रोक। नेपाल से सटी अंतर्राष्ट्रीय सीमा पर जीएसटी विभाग बढ़ाएगा निगरानीय पुलिस चलाएगी ई-सिगरेट के खिलाफ विशेष अभियान। हर गांव में बनेगी ग्राम स्तरीय समन्वय समिति, गांवों को तंबाकू मुक्त बनाने का लक्ष्य। राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम (एनटीसीपी) के अंतर्गत आज विकास भवन के सभागार में जिला स्तरीय समन्वय समिति (डीएलसीसी) की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता मुख्य विकास अधिकारी, दिवेश शाशनी द्वारा की गई। बैठक में जिले को तंबाकू मुक्त बनाने और कोटपा अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर कई कड़े दिशा-निर्देश जारी किए गए। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी द्वारा दिए गए मुख्य निर्देश निम्नलिखित हैंः-तंबाकू मुक्त सरकारी परिसर, जिले के सभी सरकारी कार्यालयों को अनिवार्य रूप से तंबाकू मुक्त परिसरश्  घोषित किया जाए। परिसर में धूम्रपान या तंबाकू का सेवन करने वालों के खिलाफ नियमानुसार चालान की कार्रवाई की जाए। शिक्षण संस्थानों की सुरक्षा (100 मीटर दायरा)रू’ सभी स्कूलों और शैक्षणिक संस्थानों के 100 मीटर के दायरे में किसी भी प्रकार के तंबाकू उत्पादों की बिक्री पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी। शिक्षा विभाग को निर्देश दिए गए हैं कि वे सुनिश्चित करें कि इस नियम का कड़ाई से पालन हो। स्कूलों में जागरूकता अभियानरू’ बच्चों को जागरूक करने के लिए स्कूलों में सुबह की प्रार्थना सभा (च्तंलमत ज्पउम) के दौरान तंबाकू के दुष्प्रभावों के प्रति संवेदीकरण (ैमदेपजप्रंजपवद) गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। इसके साथ ही, सभी स्कूलों को साप्ताहिक आधार पर तंबाकू विरोधी गतिविधियां और प्रतियोगिताएं आयोजित करनी होंगी। तंबाकू मुक्त गांव और ग्राम समितियांरू’ जिले के ग्रामीण क्षेत्रों को तंबाकू मुक्त बनाने के लिए प्रत्येक गांव में श्ग्राम स्तरीय समन्वय समितिश् का गठन किया जाएगा, जो ग्रामीण स्तर पर जागरूकता और निगरानी का कार्य करेगी। नेपाल सीमा पर कड़ी निगरानीरू’ तंबाकू उत्पादों की अवैध तस्करी को रोकने के लिए जीएसटी (ळैज्) विभाग को भारत-नेपाल सीमा के पास निगरानी और सर्विलांस बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। ई-सिगरेट और अवैध उत्पादों पर पुलिसिया कार्रवाई:- पुलिस विभाग को जिले में ई-सिगरेट और अन्य प्रतिबंधित तंबाकू उत्पादों की बिक्री के खिलाफ एक विशेष चेकिंग अभियान (ैचमबपंस क्तपअम) चलाने के सख्त निर्देश जारी किए गए हैं। मुख्य विकास अधिकारी का संदेश:-युवा पीढ़ी को नशे के चंगुल से बचाना और जिले को तंबाकू मुक्त बनाना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ इन फैसलों को धरातल पर लागू करना सुनिश्चित करें। इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बैठक में स्वास्थ्य विभाग, शिक्षा विभाग, पुलिस, जीएसटी और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे।
 

मिलावटी आयुर्वेदिक औषधि निर्माण के खिलाफ प्रशासन की बड़ी कार्रवाई, आरोपी गिरफ्तार

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रूद्रपुर (सू0वि0)।
जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया के निर्देशों के क्रम में जिला प्रशासन द्वारा मिलावटी एवं नकली औषधियों के निर्माण एवं बिक्री पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में उपजिलाधिकारी गदरपुर के नेतृत्व में जिला आयुर्वेदिक अधिकारी, ड्रग इंस्पेक्टर, पुलिस विभाग एवं वन विभाग की संयुक्त टीम द्वारा दिनेशपुर क्षेत्र में शुगरध्मधुमेह की मिलावटी आयुर्वेदिक औषधि तैयार करने वाली फैक्ट्री पर छापेमारी कर बड़ी कार्रवाई की गई थी। संयुक्त टीम द्वारा की गई कार्रवाई के दौरान फैक्ट्री परिसर से लगभग 7.5 कुंतल आयुर्वेदिक औषधि तथा करीब 70 हजार रुपये मूल्य की शुगरध्मधुमेह उपचार में प्रयुक्त एलोपैथिक दवाएं बरामद की गईं। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि इन एलोपैथिक दवाओं को आयुर्वेदिक औषधियों में मिलाकर शुगरध्मधुमेह की नकली दवा तैयार की जा रही थी, जिससे आमजन के स्वास्थ्य के साथ गंभीर खिलवाड़ किया जा रहा था। जिला आयुर्वेदिक अधिकारी एवं ड्रग इंस्पेक्टर द्वारा औषधि एवं सौंदर्य प्रसाधन अधिनियम, 1940 की धारा 33ईईसी/33ई के अंतर्गत बरामद दवाओं के नमूने परीक्षण हेतु प्रयोगशाला भेजे गए थे। प्रयोगशाला परीक्षण में दवाओं में मिलावट की पुष्टि होने के बाद संबंधित प्रकरण में कठोर कार्रवाई की गई है। कार्रवाई के दौरान वन विभाग की टीम द्वारा फैक्ट्री परिसर से प्रतिबंधित वन्यजीव के अंग के रूप में हिरण के 7 कटे हुए सींग भी बरामद किए गए हैं, जिसके संबंध में वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के अंतर्गत आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। इसके अतिरिक्त पुलिस विभाग द्वारा संबंधित आरोपी के विरुद्ध आर्म्स एक्ट सहित अन्य सुसंगत धाराओं में अभियोग पंजीकृत कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया है। जिलाधिकारी ने कहा कि जनपद में आमजन के स्वास्थ्य एवं सुरक्षा के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। नकली एवं मिलावटी दवाओं का निर्माण और बिक्री एक गंभीर अपराध है, जिसके विरुद्ध प्रशासन पूरी सख्ती के साथ कार्रवाई करेगा। उन्होंने संबंधित सभी विभागों को बेहतर समन्वय स्थापित करते हुए ऐसे मामलों में निरंतर निगरानी रखने एवं दोषियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। जिलाधिकारी ने आमजन से अपील करते हुए कहा है कि यदि किसी व्यक्ति के पास इस नकली दवा प्रकरण से संबंधित कोई सूचना, साक्ष्य अथवा शिकायत हो, तो वह उपजिलाधिकारी गदरपुर अथवा संबंधित विभागीय अधिकारियों के समक्ष प्रस्तुत कर सकता है, ताकि दोषियों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
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दिनेशपुर में पकड़ी गयी शुगर/मधुमेह की मिलावटी आयुर्वेदिक औषधि की फैक्ट्री मिलावटी दवा की पुष्टि हुई

(मीडिया ग्रुप तहसील गदरपुर)
गदरपुर।
मेरे निर्देशानुसार उपजिलाधिकारी गदरपुर, जिला आयुर्वेदिक अधिकारी, ड्रग इन्सपेक्टर, पुलिस विभाग, वन विभाग की टीम के द्वारा शुगर/मधुमेह की मिलावटी आयुर्वेदिक औषधि की फैक्ट्री पर छापेमारी की कार्यवाही की गयी थी उक्त कार्यवाही में लगभग 7.5 कुन्तल आयुर्वेदिक औषधि और लगभग 70 हजार के शुगर/मधुमेह की एलोपैथिक दवा को मौके से जब्त किया गया जिनको मिलाकर शुगर/ मधुमेह की नकलीदवा बनाने का कार्य किया जा रहा था। जिला आयुर्वेदिक अधिकारी एवं ड्रग इन्सपैक्टर द्वारा औषधि एवं सौंदर्य प्रसाधन अधिनियम 1940 (धारा 33म्म्ब्ध्33म्) के तहत बरामद दवाओ के नमूने परीक्षण हेतु प्रयोगशाला प्रेषित किये गये है, जिनमें मिलावट किये जाने के आरोप सिद्ध हुये हैं। वन विभाग की टीम ने कार्यवाही करते हुए प्रतिबंधित वन्यजीव के अंग (हिरण के 7 कटे हुए सींग) बरामद किए गए हैं। पुलिस विभाग द्वारा सम्बन्धित अभियुक्त के विरूद्ध आर्म्स एक्ट की सुसंगत धाराओ में अभियोग पंजीकृत कर अभियुक्त की गिरफ्तारी कर ली गयी हैं। प्रश्नगत प्रकरण में सभी सम्बन्धित विभागो को बेहतर समन्वय बनाते हुये कठोर कार्यवाही सुनिश्चित कराने के निर्देश दिये गये हैं । उपजिलाधिकारी  की अपीज- चूंकि प्रयोगशाला में उक्त शुगर/मधुमेह की आयुर्वेदिक दवा में मिलावट होना सिद्ध हो गया है अतः आमजनमानस से भी अपील है कि उक्त नकली दवा के सम्बन्ध मे यदि कोई पृथक से साक्ष्य/ शिकायत करना चाहता है तो वह उपजिलाधिकारी गदरपुर अथवा सम्बन्धित विभागीय अधिकारियो के समक्ष अपने साक्ष्य प्रस्तुत कर सकते हैं।