गदरपुर गैस एजेन्सी विवादों के घेरे में -गैस एजेंसी पर हंगामा, सभासद की प्रबंधक और ठेकेदार से नोकझोंक, हाथापाई की नौबत, गैस प्रबंधक पर फोन न उठाने का भी लगाया गया अरोप
विनोद वार्ता संवाद-सूत्र
गदरपुर। इंडेन गैस एजेंसी एक बार फिर विवादों के घेरे में आ गई है। गैस सिलिंडर की होम डिलीवरी की व्यवस्था से खिन्न वार्ड नंबर पांच के सभासद की गैस एजेंसी के प्रबंधक और ठेकेदार से नोकझोंक हो गई। मामला हाथापाई तक जा पहुंचा। प्रबंधक ने पुलिस को तहरीर सौंपकर सभासद के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। वहीं सभासद ने भी गैस एजेन्सी व्यवस्था की जांच करवाने की मांग की है। जानकारी के मुताबिक शनिवार को वार्ड नंबर पांच के सभासद परमजीत सिंह पम्मा इंडेन गैस एजेंसी आए थे। सिलिंडरों की होम डिलीवरी की व्यवस्था को लेकर उनकी ठेकेदार राकेश अरोरा और एजेंसी प्रबंधक गंगाराम आर्य से बहस हो गई। नोकझोंक से शुरू हुआ मामला गाली गलौज और हाथापाई तक पहुंच गया। मामले के तूल पकड़ने पर प्रबंधक और ठेकेदार के इशारे पर सभी कर्मचारियों ने एजेंसी में तालाबंदी कर दी। उन्होंने कोतवाली पहुंचकर परमजीत सिंह पम्मा के खिलाफ तहरीर सौंपकर कार्रवाई की मांग की। शिकायत के अनुसार परमजीत सिंह पम्मा ने कथित रूप से एजेंसी कार्यालय में जबरन घुसकर कर्मचारियों के साथ अभद्र व्यवहार करते हुए कार्य में बाधा उत्पन्न की। उन्होंने पुलिस प्रशासन से मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। मामले की जानकारी मिलने पर इंडेन गैस एजेंसी के नोडल अधिकारी हेमंत कुमार भी मौके पर पहुंच गए और स्थिति का जायजा लिया। वहीं, पुलिस का कहना है कि शिकायत प्राप्त हुई है मामले की जांच की जा रही है। जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। सभासद परमजीत सिंह पम्मा का आरोप है कि गैस एजेंसी निर्धारित रोस्टर के अनुसार सिलिंडर की होम डिलीवरी नहीं कर पा रही है। उन्होंने एजेंसी के अधिकारियों और कर्मचारियों पर कालाबाजारी को बढ़ावा देने का आरोप लगाया। बहरहाल घटना को लेकर क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाएं हैं। कुछ लोग का आरोप है कि जब एजेन्सी में गैस सिलेण्डर के बारे जानकारी लेने का प्रयास किया जाता है गैस मैनेजर फोन तक नहीे उठाते है यही स्थिति ठेकेदार व गैस वितरण करने वालों का हाल है ऐसी स्थिति में गैस उपभोक्ता क्या करें उनका कहना है उच्चाधिकारी मामले की जांच कर गैस प्रबंधक को निर्देशित करेें कि उपभोक्ताओं के फोन रिसीव कर उन्हें जानकारी दें। इससे लगता है कि गैस वितरण में अनिमिततायें हो रही हैं।






