गूलरभोज में अधिग्रहित जमीनों पर मालिकाना हक का मुद्दा विधानसभा में गूंजा -क्षेत्रीय विधायक अरविन्द पांडेय द्वारा मामले को उठाया गया
विनोद वार्ता संवाद-सूत्र
गूलरभोज। गैरसैंण विधानसभा सत्र में क्षेत्रीय विधायक अरविंद पांडेय ने गूलरभोज क्षेत्र की अधिग्रहित जमीनों पर आज तक मालिकाना हक न मिलने का मुद्दा उठाया। उन्होंने बौर और हरिपुरा जलाशय निर्माण के दौरान प्रभावित ग्रामीणों की समस्याओं को सदन के समक्ष रखा। विधायक पांडेय ने सरकार से इन समस्याओं के जल्द हल करने की मांग की। विधायक पांडेय ने सदन को बताया कि बौर और हरिपुरा जलाशय के निर्माण के लिए गूलरभोज क्षेत्र की लगभग 540 और 685 एकड़ राजस्व भूमि का अधिग्रहण किया गया था। इसके बदले प्रभावित ग्रामीणों को दूसरी जगह जमीन तो दी गई लेकिन उन्हें उस भूमि पर आज तक कानूनी अधिकार नहीं मिल पाए हैं। उन्होंने कहा कि वर्षों से लोग इस समस्या से जूझ रहे हैं। इसके अतिरिक्त, विधायक ने राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी योजना में शामिल गूलरभोज के बौर डेस्टिनेशन में सड़क सुविधाओं के अभाव का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि जलाशय के पार बसे नया प्लॉट, सैमल चैड़, कोपा बसंता, लाल सिंह और कोपा मुनस्यारी जैसे गांव आज भी सड़क सुविधा से वंचित हैं। उन्होंने सरकार से इन क्षेत्रों में सड़क निर्माण कराने की मांग की, जिससे पर्यटन और स्थानीय लोगों को लाभ मिल सके। विधायक पांडेय ने प्रदेश निर्माण में बंगाली समाज के योगदान को याद करते हुए उनकी नमोशूद्र और माझी जैसी जातियों को अन्य प्रदेशों की भांति पिछड़ी जाति का दर्जा देने की भी मांग की। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सरकार इन समस्याओं के समाधान के लिए ठोस कदम उठाएगी।





