सत्यमेव जयते

उत्तराखण्डतकनीक

पीएम ने विपक्ष पर साधा निशानाए कहा. ट्रैक्टर जलाकर किसानों को कर रहे हैं अपमानित

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देहरादून(सवाद-सूत्र)।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महत्वाकांक्षी परियोजना नमामि गंगे के तहत उत्तराखंड में बने छह मेगा प्रोजेक्ट का वर्चुअल लोकार्पण किया। इस दौरान पीएम ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा। कि विपक्ष के नेता ट्रैक्टर जलाकर किसानों को अपमानित कर रहे हैं। आज देश देख रहा है। कि कैसे कुछ लोग सिर्फ विरोध के लिए विरोध कर रहे हैं। आज जब केंद्र सरकार किसानों को उनके अधिकार दे रही है। तो भी ये लोग विरोध पर उतर आए हैं। ये लोग चाहते हैं। कि देश का किसान खुले बाजार में अपनी उपज नहीं बेच पाए।  
     प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि चारधाम की पवित्रता को अपने समेटे देवभूमि उत्तराखंड को मेरा आदरपूर्वक नमन। आज मोक्षदायनी गंगा को निर्मल करने वाले छह बड़े प्रोजेक्ट का लोकापर्ण किया गया है। हर घर तक शुद्ध जल पहुंचाने का बहुत बड़ा अभियान है। पानी की एक.एक बूंद को बचाना आवश्यक है। यह मिशन गांव के लोगों और ग्राम पंचायत के लोगों के लिए भी उतना ही जरूरी है। जितना की अधिकारियों के लिए। उत्तराखंड में उद्गम से लेकर पश्चिम बंगाल में गंगा सागर तक गंगा देश की आधी आबादी का पालन करती है। इसलिए गंगा की स्वच्छता निर्मलता आवश्यक है। 
      पीएम ने कहा कि पूर्व में कई बड़े.बड़े अभियान चलाएए मगर गंगा का जल न स्वच्छ हो पाया। और न निर्मल। अगर पुराने तौर.तरीके अपनाए जाते तो आज भी हालत उतनी ही बुरी रहती। लेकिन हम नई सोच नई अप्रोच के साथ आगे बढ़े। हमने नमामि गंगे मिशन को सिर्फ गंगा जी की साफ.सफाई तक ही सीमित नहीं रखा। बल्कि इसे देश का सबसे बड़ा और विस्तृत नदी संरक्षण कार्यक्रम बनाया। सरकार ने चारों दिशाओं में एक साथ काम आगे बढ़ाया। पहला. गंगा जल में गंदा पानी गिरने से रोकने के लिए सीवेज ट्रीटमेंट प्लांटों का जाल बिछाना शुरू किया। दूसरा. सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट ऐसे बनाए जो अगले 10.15 साल की भी जरूरतें पूरी कर सकें। तीसरा. गंगा नदी के किनारे बसे सौ बड़े शहरों और पांच हजार गांवों को खुले में शौच से मुक्त करना और चैथा. जो गंगा जी की सहायक नदियां हैं। उनमें भी प्रदूषण रोकने के लिए पूरी ताकत लगाना।  
      पीएम ने कहा कि प्रयागराज कुंभ में गंगा जी की निर्मलता को दुनियाभर के श्रद्धालुओं ने अनुभव किया था। अब हरिद्वार कुंभ के दौरान भी पूरी दुनिया को निर्मल गंगा स्नान का अनुभव होने वाला है। अब गंगा म्यूजियम के बनने से यहां का आकर्षण और अधिक बढ़ जाएगा। ये म्यूजियम हरिद्वार आने वाले पर्यटकों के लिए गंगा से जुड़ी विरासत को समझने का एक माध्यम बनने वाला है। 
     आज पैसा पानी में नहीं बहताए पानी पर लगाया जाता है। हमारे यहां तो हालत ये थी। कि पानी जैसा महत्वपूर्ण विषयए अनेकों मंत्रालयों और विभागों में बंटा हुआ था। इन मंत्रालयों मेंए विभागों में न कोई तालमेल था। और न ही समान लक्ष्य के लिए काम करने का कोई स्पष्ट दिशा.निर्देश। पानी से जुड़ी चुनौतियों के साथ अब ये मंत्रालय देश के हर घर तक जल पहुंचाने के मिशन में जुटा हुआ है। आज जल जीवन मिशन के तहत हर दिन करीब 1 लाख परिवारों को शुद्ध पेयजल की सुविधा से जोड़ा जा रहा है। सिर्फ एक साल में ही देश के 2 करोड़ परिवारों तक पीने का पानी पहुंचाया जा चुका है। नतीजा ये हुआ। कि देश में सिंचाई हो या फिर पीने के पानी से जुड़ी समस्याए ये निरंतर विकराल होती गईं। आप सोचिए आजादी के इतने वर्षों बाद भी 15 करोड़ से ज्यादा घरों में पाइप से पीने का पानी नहीं पहुंचता था।
     देश के किसानों श्रमिकों और देश के स्वास्थ्य से जुड़े बड़े सुधार किए गए हैं। इन सुधारों से देश का श्रमिक सशक्त हो गए देश का नौजवान सशक्त हो गए देश की महिलाएं सशक्त हो गए देश का किसान सशक्त होगा। लेकिन आज देश देख रहा है। कि कैसे कुछ लोग सिर्फ विरोध के लिए विरोध कर रहे हैं।  आज जब केंद्र सरकारए किसानों को उनके अधिकार दे रही है। तो भी ये लोग विरोध पर उतर आए हैं। ये लोग चाहते हैं। कि देश का किसान खुले बाजार में अपनी उपज नहीं बेच पाए। जिन सामानों कीए उपकरणों की किसान पूजा करता है। उन्हें आग लगाकर ये लोग अब किसानों को अपमानित कर रहे हैं।
      पीएम मोदी ने कहा कि चार साल पहले का यही तो वो समय था। जब देश के जांबाजों ने सर्जिकल स्ट्राइक करते हुए। आतंक के अड्डों को तबाह कर दिया था। लेकिन ये लोग अपने जांबाजों से ही सर्जिकल स्ट्राइक के सबूत मांग रहे थे। सर्जिकल स्ट्राइक का भी विरोध करके  ये लोग देश के सामने अपनी मंशाए साफ कर चुके हैं। इस कालखंड में देश ने देखा है। कि कैसे डिजिटल      भारत अभियान ने जनधन बैंक खातों ने लोगों की कितनी मदद की है। जब यही काम हमारी सरकार ने शुरू किए थे। तो ये लोग इनका विरोध कर रहे थे। देश के गरीब का बैंक खाता खुल जाए। वो भी डिजिटल लेन.देन करे इसका इन लोगों ने हमेशा विरोध किया।
पीएम ने कहा भारत की पहल पर जब पूरी दुनिया अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मना रही थी तो भारत में ही बैठे ये लोग उसका विरोध कर रहे थे। जब सरदार पटेल की सबसे ऊंची प्रतिमा का अनावरण हो रहा था। तब भी ये लोग इसका विरोध कर रहे थे। आज तक इनका कोई बड़ा नेता स्टैचू ऑफ यूनिटी नहीं गया है। पिछले महीने ही अयोध्या में भव्य राम मंदिर के निर्माण के लिए भूमिपूजन किया गया है। ये लोग पहले सुप्रीम कोर्ट में राम मंदिर का विरोध कर रहे थे। फिर भूमिपूजन का विरोध करने लगे। हर बदलती हुई तारीख के साथ विरोध के लिए विरोध करने वाले ये लोग अप्रासंगिक होते जा रहे हैं।
     पीएम ने अंत में कहा. एक बार फिर आप सभी को विकास के सभी प्रोजेक्ट के लिए मेरी तरफ से बहुत.बहुत बधाई देता हूं। फिर से मैं यही आग्रह करूंगाए आप अपना ध्यान रखिए। स्वस्थ रहिए। बाबा केदार की कृपा हम सभी पर बनी रहे।

खबरें

भारत रत्न पंडित गोविन्द वल्लभ पंत जी की 139वीं जयंती के अवसर पर श्रद्धासुमन अर्पित कर श्रद्धांजलि दी

रुद्रपुर (सू0वि0)। भारत रत्न पंडित गोविन्द वल्लभ पंत जी की 139वीं जयंती के अवसर पर कलेक्ट्रेट परिसर में जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया ने पंडित गोविन्द बल्लभ पंत जी के चित्र का अनावरण किया और उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। अपर जिलाधिकारी पंकज उपाध्याय, कौस्तुभ मिश्र, उप जिलाधिकारी मनीष बिष्ट, डीजीसी मनोज तिवारी सहित अन्य अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने भी पुष्प अर्पित कर पंडित पंत जी को नमन कर श्रद्धांजली दी। जिलाधिकारी ने कहा कि पंडित गोविन्द वल्लभ पंत जी स्वतंत्र भारत के महान राजनेता, दूरदर्शी प्रशासक एवं कुशल संगठनकर्ता थे। उन्होंने उत्तराखंड के पहाड़ी अंचलों से लेकर देश की राजनीति तक अपनी अद्वितीय छाप छोड़ी, वे न केवल उत्तर प्रदेश के पहले मुख्यमंत्री रहे, बल्कि देश के गृहमंत्री के रूप में भी उन्होंने प्रशासनिक सुधारों और राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उन्होने कहा कि पंडित पंत जी का जीवन हम सभी के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उनका संघर्ष, त्याग और राष्ट्रसेवा का जज्बा भावी पीढ़ियों को सदैव मार्गदर्शन देता रहेगा। उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों से आह्वान किया कि पंडित पंत जी के आदर्शों को आत्मसात कर जनता की सेवा को ही सर्वोच्च प्राथमिकता दें। कार्यक्रम में अधिकारी व कलेक्ट्रेट परिवार उपस्थित थे।
 

गोविंद बल्लभ पंत के जन्म पर विशेष:  -भारत के स्वतंत्रता आंदोलन में भूमिका

गोविंद बल्लभ पंत का जन्म 10 सितंबर 1887 को उत्तराखंड के अल्मोड़ा में हुआ था। उन्होंने मुइर सेंट्रल कॉलेज और इलाहाबाद के लॉ कॉलेज में शिक्षा प्राप्त की। छात्र जीवन में ही वे बंगाल विभाजन विरोधी आंदोलन से प्रेरित हुए और 1905 में काशी में कांग्रेस के वार्षिक अधिवेशन में भाग लेने गए। पंत ने 1909 में इलाहाबाद उच्च न्यायालय में वकालत के लिए नामांकन कराया। वे नैनीताल में बस गए जहाँ वे जल्द ही बार के नेता बन गए। एक युवा वकील के रूप में, उन्होंने 1914 में काशीपुर की एक ग्राम परिषद को उस कानून को चुनौती देने में मदद की , जिसमें स्थानीय लोगों को ब्रिटिश अधिकारियों को मुफ्त परिवहन प्रदान करना अनिवार्य था। पंत ने 1916 में कुमाऊँ परिषद की स्थापना की और अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सदस्य चुने गए, और जल्द ही कांग्रेस की राजनीति में सक्रिय रूप से षामिल हो गए। 1923 में वे स्वराज पार्टी के  टिकट  पर संयुक्त प्रांत विधान परिषद के लिए चुने गए। जब 1928 में साइमन कमीशन संवैधानिक सुधारों का अध्ययन और सिफारिश करने भारत आया, तो लगभग सभी भारतीय राजनीतिक गुटों ने इसका बहिष्कार किया क्योंकि इसमें केवल श्वेत सदस्य थे। पंत ने लखनऊ में इसके खिलाफ एक विरोध प्रदर्शन में भाग लिया, जहाँ पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर बर्बरतापूर्वक लाठीचार्ज किया। इस हमले के परिणामस्वरूप, वे स्थायी रूप से विकलांग हो गए। पंत 1926 में संयुक्त प्रांत प्रांतीय कांग्रेस समिति के अध्यक्ष चुने गए और 1946 में राष्ट्रीय कार्यसमिति के सदस्य बने। 1931 में उन्हें कांग्रेस कार्यसमिति का सदस्य बनाया गया, जिससे वे राष्ट्रीय आलाकमान के करीब आ गए। 1937 में, वे संयुक्त प्रांत के प्रधानमंत्री बने, जब तक कि 1939 में द्वितीय विश्व युद्ध में भारत की जबरन भागीदारी के विरोध में सभी कांग्रेस मंत्रिमंडलों ने इस्तीफा नहीं दे दिया। पंत ने नमक सत्याग्रह और भारत छोड़ो आंदोलन में भाग लिया। वे उन कई नेताओं में से एक थे जिन्हें 1930 में सविनय अवज्ञा आंदोलन की योजना बनाने के लिए, और फिर 1933, 1940 और 1942 में भी, पहले ही गिरफ्तार कर लिया गया था । पंत संयुक्त प्रांत से संविधान सभा के लिए चुने गए थे। सभा में उन्होंने पृथक निर्वाचिका, नागरिकता, संपत्ति के अधिकार और संघवाद पर भाषण दिए। पंत उत्तर प्रदेश के पहले मुख्यमंत्री थे, जिन्होंने 1955 तक लगभग एक दषक तक राज्य का नेतृत्व किया । इसके बाद उन्होंने 1955 से 1961 में अपनी मृत्यु तक नेहरू मंत्रिमंडल में गृहमंत्री के रूप में कार्य किया। उन्हें 1957 में भारत का सर्वोच्च नागरिक सम्मान, भारत रत्न, प्रदान किया गया।
 

पंतनगर हवाई अड्डे पर विमानन अपहरण संबंधी मॉक एक्सरसाइज सफलतापूर्वक आयोजित

पंतनगर (सू.वि.)। पंतनगर हवाई अड्डे पर आज दिनांक 09 सितम्बर 2026 को विमानन अपहरण संबंधी मॉक एक्सरसाइज का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। मॉक एक्सरसाइज का आयोजन नागर विमानन सुरक्षा ब्यूरो के दिशा-निर्देशों के अनुरूप किया गया। अभ्यास का मुख्य उद्देश्य विमान अपहरण जैसी आकस्मिक एवं गंभीर परिस्थिति में विभिन्न संबंधित विभागों एवं सुरक्षा एजेंसियों की तत्परता, आपसी समन्वय, संचार व्यवस्था, प्रतिक्रिया समय तथा निर्धारित दायित्वों के प्रभावी निर्वहन का परीक्षण करना था। मॉक एक्सरसाइज के दौरान पंतनगर हवाई अड्डे पर विमान अपहरण की काल्पनिक स्थिति उत्पन्न करते हुए थ्नसस म्उमतहमदबल घोषित की गई। सूचना प्राप्त होते ही विभिन्न संबंधित एजेंसियों एवं विभागों की टीमें निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार घटना स्थल पर पहुंचीं तथा अपने-अपने दायित्वों का प्रभावी ढंग से निर्वहन किया।अभ्यास में निम्न प्रमुख एजेंसियों एवं अधिकारियों द्वारा सक्रिय सहभागिता की गई। भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण के संबंधित अधिकारी एवं कार्मिक। जिला प्रशासन/डीडीएमए श्री उमाशंकर नेगी, प्रतिनिधि, जिलाधिकारी। राज्य पुलिस श्री उत्तम सिंह नेगी, एसपी सिटी, रुद्रपुर। आसूचना ब्यूरो श्री अनूप पाण्डेय, सहायक निदेशक। स्थानीय अभिसूचना इकाई (स्प्न्)रू श्री देवराज नव्याल, निरीक्षक। आतंकवाद निरोधक दस्ता श्री नरेन्द्र सिंह, एएसआई। स्थानीय थाना पुलिसरू श्री नंदन सिंह रावत, थानाध्यक्ष, पंतनगर। फायर सर्विस श्री गणेश बिष्ट, प्रभारी। जिला अस्पताल की मेडिकल टीम डॉ. सुधीर गुप्ता। जी.बी. पंत विश्वविद्यालय की मेडिकल टीमरू डॉ. त्रिपाठी। मनोचिकित्सक एवं अन्य विशेषज्ञध्संबंधित कार्मिक। मॉक एक्सरसाइज के दौरान सभी संबंधित टीमों के अनुसार कार्रवाई करते हुए स्थिति को नियंत्रित करने, यात्रियों एवं अन्य संबंधित व्यक्तियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने, आवश्यक चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने तथा विभिन्न एजेंसियों के बीच प्रभावी समन्वय स्थापित करने का अभ्यास किया गया। यह अभ्यास जिला प्रशासन, राज्य पुलिस, आसूचना ब्यूरो, स्थानीय अभिसूचना इकाई, आतंकवाद निरोधक दस्ता, फायर सर्विस, मेडिकल टीम, स्थानीय पुलिस तथा भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण सहित एयर ट्रैफिक कंट्रोल, एयरपोर्ट सिक्योरिटी, ऑपरेशनल टीम, एयरलाइंस एवं ग्राउंड हैंडलिंग एजेंसियों के बीच उत्कृष्ट अंतर-विभागीय समन्वय एवं आपातकालीन प्रतिक्रिया क्षमता का परिचायक रहा। मॉक एक्सरसाइज के माध्यम से विभिन्न एजेंसियों की तैयारियों एवं प्रतिक्रिया व्यवस्था का परीक्षण किया गया तथा आपातकालीन स्थिति में त्वरित एवं समन्वित कार्रवाई सुनिश्चित करने के दृष्टिगत आवश्यक बिंदुओं की समीक्षा की गई
 

मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय अध्यक्ष भाजपा नितिन नवीन के पंतनगर एयरपोर्ट पहुँचने पर पुष्पगुच्छ देकर स्वागत किया

रुद्रपुर (सू.वि.)। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को राष्ट्रीय अध्यक्ष भाजपा नितिन नवीन के पंतनगर एयरपोर्ट पहुँचने पर पुष्पगुच्छ देकर स्वागत किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने उन्हें अंगवस्त्र एवं नीम करोली महाराज का चित्र भी भेंट किया। एयरपोर्ट पर  राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन एवं मुख्यमंत्री ने जनप्रतिनिधियों से मुलाकात भी की। उसके उपरांत वे हल्द्वानी के लिए रवाना हुए। इस दौरान सांसद अनिल बलूनी, जिला पंचायत अध्यक्ष अजय मौर्य ,दर्जा मंत्री अनिल कपूर डब्बू, फरजाना बेगम, पूर्व विधायक राजेश शुक्ला, जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय गणपति, मुख्य विकास अधिकारी दिवेश शासनी सहित अनेक जनप्रतिनिधिगण मौजूद थे।

सूबे के मुख्यमंत्री ने हेलीपैड लोहियाहेड में जनता व जनप्रतिनिधियों से मुलाकात कर उनकी कुलक्षेम पूछी व जनसमस्याएं सुनी

खटीमा (सू.वि.)। सूबे के माननीय मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी अपने निर्धारित कार्यक्रमानुसार मंगलवार को खटीमा पहुंचे। खटीमा पहुँचने पर मुख्यमंत्री ने हेलीपैड लोहियाहेड में जनता व जनप्रतिनिधियों से मुलाकात कर उनकी कुलक्षेम पूछी व जनसमस्याएं सुनी। उन्होंने समस्याओं का समाधान करने के निर्देश अधिकारियों को दिए। उन्होंने कहा जन समस्याओं का समाधान सरकार की प्राथमिकता है,इसलिए जनता की समस्याओं का त्वरित समाधान करें।उन्होंने कहा कि छोटी छोटी समस्याओं के लिए किसी को भी बार-बार चक्कर न लगाना पड़े इसका ध्यान रखें। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष अजय मौर्य,नगर पालिका अध्यक्ष रमेश चंद्र जोशी,दर्जा राज्य मंत्री किसन सिंह किन्ना,गम्भीर सिंह धामी, रमेश चंद्र जोशी,रनदीप पोखरिया,अमित पांडे,सतीश भट्ट,  जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया,वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय गणपति, वीसी जय किशन, मुख्य विकास अधिकारी दिवेश शासनी, डीएफओ यू सी तिवारी, ई ई सिंचाई आनंद सिंह नेगी, पी डब्लू डी एन के अग्रवाल,उप जिलाधिकारी तुषार सैनी,सहित अनेक अधिकारी व जनप्रतिनिधि,जनता उपस्थित थे।
 

राज्य आपदा न्यूनीकरण निधि से सिंचाई विभाग की योजनाओं के लिए धनराशि अवमुक्त,सीमावर्ती खटीमा में बाढ़ सुरक्षा कार्यों को मिलेगी गति

रुद्रपुर (सू.वि.)। राज्य सरकार ने राज्य आपदा न्यूनीकरण निधि के तहत जनपद में विभागीय और सार्वजनिक परिसंपत्तियों के निर्माण के लिए स्वीकृत विकास योजनाओं हेतु बजट आवंटन को मंजूरी दे दी है। इस संबंध में शासन द्वारा जारी आदेश के अनुसार ऊधम सिंह नगर जिले के खटीमा विकास खंड में बाढ़ सुरक्षा से जुड़ी दो प्रमुख योजनाओं के लिए प्रथम किश्त के रूप में बजट मंजूर किया गया है। भारत-नेपाल सीमा पर जगबूढ़ा नदी के दायें पार्श्व पर स्थित ग्राम सिसैया,मेलाघाट एवं एसएसबी कैंप कार्यालय के बचाव हेतु 462.62 रुपये लाख की स्वीकृत लागत वाली बाढ़ सुरक्षा योजना के लिए 185.05 लाख रुपये की प्रथम किश्त आवंटित की गई है। वहीं खटीमा के 7 गांवों में आवासीय भवनों को नदीध्नालों की बाढ़ से बचाने के लिए 401.42 रुपये लाख की योजना स्वीकृत है,जिसके लिए 160.57 रुपये लाख की प्रथम किश्त आवंटित की गई है। सरकार के इस कदम से सीमावर्ती एवं बाढ़ प्रभावित ग्रामीण इलाकों को बड़ी राहत मिलेगी।

जिलाधिकारी के निर्देशन में मुख्य विकास अधिकारी के निदेशानुसार अटल उत्कर्ष राजकीय बालिका इंटर कॉलेज शक्तिफार्म में जागरूकता अभियान चलाया गया

शक्तिफार्म (सू.वि.) । जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया के निर्देशन में मुख्य विकास अधिकारी दिवेश शासनी के निदेशानुसार अटल उत्कर्ष राजकीय बालिका इंटर कॉलेज शक्तिफार्म जिला उधम सिंह नगर में जागरूकता अभियान चलाया गया। जिसमे  बाल विकास विभाग -श्रीमती चंचल ,चाइल्ड हेल्पलाइन से केंद्र समन्वयक चांदनी रावत, केस वर्कर पूजा सरकार द्वारा  छात्राओं को बाल अधिकार,बाल विवाह, बाल श्रम, पोक्सो एक्ट, चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098,पुलिस हेल्पलाइन नंबर 112,साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर 1930,महिला हेल्पलाइन नंबर 181, गुड- टच -बेड- टच, नशा का हमारे स्वास्थ्य पर किस प्रकार बुरा प्रभाव पड़ता है, रोकथाम के उपाय के बारे में छात्राओं को जानकारी दी गयी , कार्यक्रम का उद्देश्य छात्राओं को सुरक्षित जागरूक एवं सशक्त बनाना रहा जागरूकता अभियान में विद्यालय प्रधानचार्या श्रीमती प्रियंका सिंह एवं विद्यालय स्टॉफ  व छात्राये सम्मिलित रहे।
 

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