सत्यमेव जयते

उधम सिंह नगरविविध

विधानसभा निर्वाचन-2027 की तैयारियों को लेकर डीएम ने दिए निर्देश  -सभी मतदेय स्थलों का होगा शत-प्रतिशत भौतिक सत्यापन

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रुद्रपुर (सू.वि.)। विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण-2027 एवं विधानसभा सामान्य निर्वाचन-2027 की तैयारियों के संबंध में जिलाधिकारी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी नितिन सिंह भदौरिया ने वर्चुअल माध्यम से सभी उप जिलाधिकारियों के साथ बैठक कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि बीएलओ के माध्यम से सभी मतदेय स्थलों का शत-प्रतिशत स्थलीय निरीक्षण कराते हुए भौतिक सत्यापन रिपोर्ट उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया जाए। निरीक्षण के दौरान मतदान केंद्रों के भवनों की स्थिति का विशेष रूप से परीक्षण किया जाए। जिन मतदान केंद्रों के भवन जर्जर अथवा मतदान के लिए अनुपयुक्त पाए जाते हैं, उन्हें निकटवर्ती उपयुक्त सरकारी भवन में स्थानांतरित करने की प्रक्रिया समयबद्ध ढंग से पूरी की जाए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक मतदान केंद्र पर विद्युत, रैंप, पेयजल, शौचालय सहित अन्य आवश्यक न्यूनतम आधारभूत सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। जिलाधिकारी ने उप जिलाधिकारियों को विशेष अभियान चलाकर निर्वाचक नामावलियों में दर्ज मतदाताओं के नाम, आयु, संबंधी का नाम तथा अन्य विवरणों का गहन परीक्षण एवं पुनः सत्यापन कराने के निर्देश दिए। किसी भी प्रकार की त्रुटि अथवा अपूर्णता पाए जाने पर सुधारात्मक कार्रवाई करते हुए संबंधित मतदाताओं से प्रपत्र-8 भरवाकर विवरणों में संशोधन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण के दौरान नो-मैपिंग अथवा किसी अन्य विसंगति के कारण यदि किसी पात्र मतदाता का नाम निर्वाचक नामावली से हट गया हो, तो ऐसे मामलों की पहचान कर संबंधित पात्र मतदाताओं से प्रपत्र-6 भरवाया जाए तथा उनका नाम निर्वाचक नामावली में शामिल करने की कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि कोई भी पात्र मतदाता निर्वाचक नामावली में नाम शामिल होने से अनावश्यक रूप से वंचित न रहे। इस कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। बैठक में अपर जिलाधिकारी कौस्तुभ मिश्र, ओसी हिमांशु कफलटिया, सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी राजेन्द्र सिंह अधिकारी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। सभी उप जिलाधिकारी वर्चुअल माध्यम से बैठक में जुड़े रहे।


 

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विधानसभा निर्वाचन-2027 की तैयारियों को लेकर डीएम ने दिए निर्देश  -सभी मतदेय स्थलों का होगा शत-प्रतिशत भौतिक सत्यापन

रुद्रपुर (सू.वि.)। विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण-2027 एवं विधानसभा सामान्य निर्वाचन-2027 की तैयारियों के संबंध में जिलाधिकारी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी नितिन सिंह भदौरिया ने वर्चुअल माध्यम से सभी उप जिलाधिकारियों के साथ बैठक कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि बीएलओ के माध्यम से सभी मतदेय स्थलों का शत-प्रतिशत स्थलीय निरीक्षण कराते हुए भौतिक सत्यापन रिपोर्ट उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया जाए। निरीक्षण के दौरान मतदान केंद्रों के भवनों की स्थिति का विशेष रूप से परीक्षण किया जाए। जिन मतदान केंद्रों के भवन जर्जर अथवा मतदान के लिए अनुपयुक्त पाए जाते हैं, उन्हें निकटवर्ती उपयुक्त सरकारी भवन में स्थानांतरित करने की प्रक्रिया समयबद्ध ढंग से पूरी की जाए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक मतदान केंद्र पर विद्युत, रैंप, पेयजल, शौचालय सहित अन्य आवश्यक न्यूनतम आधारभूत सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। जिलाधिकारी ने उप जिलाधिकारियों को विशेष अभियान चलाकर निर्वाचक नामावलियों में दर्ज मतदाताओं के नाम, आयु, संबंधी का नाम तथा अन्य विवरणों का गहन परीक्षण एवं पुनः सत्यापन कराने के निर्देश दिए। किसी भी प्रकार की त्रुटि अथवा अपूर्णता पाए जाने पर सुधारात्मक कार्रवाई करते हुए संबंधित मतदाताओं से प्रपत्र-8 भरवाकर विवरणों में संशोधन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण के दौरान नो-मैपिंग अथवा किसी अन्य विसंगति के कारण यदि किसी पात्र मतदाता का नाम निर्वाचक नामावली से हट गया हो, तो ऐसे मामलों की पहचान कर संबंधित पात्र मतदाताओं से प्रपत्र-6 भरवाया जाए तथा उनका नाम निर्वाचक नामावली में शामिल करने की कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि कोई भी पात्र मतदाता निर्वाचक नामावली में नाम शामिल होने से अनावश्यक रूप से वंचित न रहे। इस कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। बैठक में अपर जिलाधिकारी कौस्तुभ मिश्र, ओसी हिमांशु कफलटिया, सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी राजेन्द्र सिंह अधिकारी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। सभी उप जिलाधिकारी वर्चुअल माध्यम से बैठक में जुड़े रहे।


 

करवाचौथ विशेष: दांपत्य जीवन में प्रेम, विश्वास और समर्पण का प्रतीक है करवाचैथ का व्रत -करवाचौथ परंपरा, आस्था और वैवाहिक प्रेम का अनूठा संगम है। सुहागिन महिलाएं पति की लंबी आयु और सुखी दांपत्य जीवन की कामना के साथ रखती हैं व्रत, चंद्र दर्शन के बाद पूरा होत

भारतीय संस्कृति में विवाह को एक पवित्र बंधन माना गया है, जो प्रेम, विश्वास, समर्पण और आपसी सामंजस्य की नींव पर टिका होता है। विवाह केवल दो व्यक्तियों का मिलन नहीं, बल्कि दो परिवारों और उनकी परंपराओं का भी संगम है। इसी रिश्ते में प्रेम और विश्वास को मजबूत करने वाले अनेक त्योहार हैं, जिनमें करवाचौथ का विशेष महत्व है। यह पर्व पति-पत्नी के बीच प्रेम, अटूट विश्वास और एक-दूसरे के प्रति समर्पण की भावना को दर्शाता है। कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को मनाए जाने वाले करवाचैथ पर सुहागिन महिलाएं पति की दीर्घायु, सुख-समृद्धि और खुशहाल वैवाहिक जीवन की कामना करते हुए व्रत रखती हैं। परंपरागत रूप से महिलाएं सूर्योदय से लेकर चंद्रमा के दर्शन और पूजा तक निर्जला व्रत रखती हैं। हालांकि, अलग-अलग क्षेत्रों में इस पर्व को मनाने की विधियों और मान्यताओं में कुछ अंतर देखने को मिलता है।
सुबह संकल्प के साथ शुरू होता है व्रत
करवाचौथ के दिन महिलाएं सुबह जल्दी उठकर स्नान करती हैं और व्रत का संकल्प लेती हैं। कई घरों में सूर्योदय से पहले सरगी ग्रहण करने की परंपरा भी प्रचलित है। दिनभर व्रत रखने के साथ महिलाएं पूजा की तैयारियां करती हैं और शाम को विधि-विधान से करवाचैथ की पूजा करती हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन भगवान शिव, माता पार्वती, भगवान गणेश और भगवान कार्तिकेय की पूजा की जाती है। इसके साथ ही चंद्रमा को अर्घ्य देकर पति की लंबी आयु और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की जाती है।
पूजा में मिट्टी के करवे का विशेष महत्व
करवाचौथ की पूजा में मिट्टी के करवे का विशेष महत्व होता है। करवे में जल भरकर उस पर कलावा बांधा जाता है। कई परंपराओं में करवे के ऊपर ढक्कन रखकर उसमें मिठाई, चीनी या अन्य पूजन सामग्री भी रखी जाती है। चंद्रमा के उदय होने पर इसी करवे के जल से अर्घ्य दिया जाता है। कई घरों में महिलाएं दीवार पर गेरू से पूजा का स्थान बनाती हैं और चावल के घोल से करवाचैथ से संबंधित आकृतियां तैयार करती हैं। आधुनिक समय में पूजा के लिए कैलेंडर और चित्रों का भी उपयोग किया जाता है। पारंपरिक चित्रों में सुहाग की वस्तुओं, सूर्य, चंद्रमा, करवा और माता गौरी-पार्वती से जुड़े प्रतीकों को स्थान दिया जाता है। कुछ क्षेत्रों में पीली मिट्टी से माता गौरी की प्रतिमा बनाकर उन्हें चैकी पर स्थापित किया जाता है। इसके बाद सिंदूर, बिंदी, चूड़ी, कंघी, शीशा और अन्य सुहाग सामग्री अर्पित कर पूजा की जाती है। इन परंपराओं में सुहाग, सौभाग्य और समृद्धि की कामना निहित होती है।
करवाचौथ की कथा सुनने की परंपरा
करवाचौथ की पूजा में व्रत कथा सुनने का विशेष महत्व है। महिलाएं पूजा के समय अपने-अपने करवे और हाथ में चावल लेकर बैठती हैं। कथा सुनने के बाद चावल को संभालकर रखने तथा करवे की पूजा करने की परंपरा भी कई क्षेत्रों में प्रचलित है। पूजा के पश्चात महिलाएं अपनी सास के चरण स्पर्श कर आशीर्वाद लेती हैं और परंपरा के अनुसार करवा या अन्य उपहार उन्हें भेंट करती हैं। अलग-अलग परिवारों में इन रस्मों को निभाने के तरीके अलग हो सकते हैं, लेकिन इनका मूल भाव परिवार के प्रति सम्मान, स्नेह और आशीर्वाद प्राप्त करना है।
चंद्र दर्शन के बाद पूरा होता है व्रत
करवाचौथ के दिन शाम से ही महिलाएं चंद्रमा के निकलने की प्रतीक्षा करती हैं। चंद्रमा के दर्शन होने पर महिलाएं छलनी से चंद्रमा को देखती हैं और फिर पति का चेहरा देखती हैं। इसके बाद चंद्रमा को जल अर्पित कर अर्घ्य दिया जाता है और पति की लंबी आयु तथा सुखी वैवाहिक जीवन की कामना की जाती है। परंपरा के अनुसार, महिलाएं पति के हाथों से जल ग्रहण कर व्रत खोलती हैं। इसके बाद परिवार के साथ भोजन किया जाता है। यह पल कई दंपतियों के लिए भावनात्मक और यादगार होता है, क्योंकि इसमें दिनभर की आस्था, प्रतीक्षा और पारिवारिक अपनत्व का अनुभव जुड़ा रहता है।
प्रेम और आपसी सामंजस्य का संदेश देता है पर्व
करवाचौथ का महत्व केवल व्रत और पूजा तक सीमित नहीं है। यह पर्व पति-पत्नी को एक-दूसरे के प्रति अपने प्रेम, सम्मान और जिम्मेदारियों का एहसास भी कराता है। दांपत्य जीवन में छोटी-छोटी खुशियां, एक-दूसरे की भावनाओं को समझना और कठिन समय में साथ देना रिश्ते को मजबूत बनाता है। आज के बदलते दौर में करवाचैथ की परंपराओं में भी बदलाव देखने को मिल रहा है। कई दंपति इस अवसर पर एक-दूसरे के प्रति प्रेम और सम्मान व्यक्त करते हैं, वहीं कुछ पति भी अपनी पत्नी के साथ व्रत रखते हैं। इस तरह यह पर्व पारंपरिक आस्था के साथ-साथ आपसी सहयोग और साझेदारी का संदेश भी देता है। कुल मिलाकर, करवाचैथ भारतीय संस्कृति का ऐसा पर्व है, जिसमें धार्मिक आस्था, पारिवारिक परंपराएं और वैवाहिक प्रेम एक साथ दिखाई देते हैं। इसकी वास्तविक सुंदरता केवल रीति-रिवाजों में नहीं, बल्कि उस विश्वास, सम्मान और अपनत्व में है, जो पति-पत्नी के रिश्ते को जीवनभर मजबूत बनाए रखता है।

जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया ने खेत में पहुंचकर की क्रॉप कटिंग, धान की उत्पादकता का लिया जायजा -43.30 वर्गमीटर के प्लॉट में 16.200 किलोग्राम धान की उपज, 40 क्विंटल प्रति हेक्टेयर आंका गया उत्पादन

रुद्रपुर (सू.वि.)। जनपद में धान की उत्पादकता का आकलन करने के लिए जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया ने खेत में पहुंचकर क्रॉप कटिंग प्रयोग का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने स्वयं धान की फसल काटकर क्रॉप कटिंग प्रयोग का शुभारंभ किया। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत फसलों की उपज का अनुमान लगाने के उद्देश्य से तहसील रुद्रपुर के राजस्व ग्राम जयनगर नंबर-3 में काश्तकार दौलत सिंह एवं अदालत सिंह के खेत में धान की क्रॉप कटिंग की गई। इस दौरान 43.30 वर्गमीटर के त्रिभुजाकार प्लॉट से 16.200 किलोग्राम धान की उपज प्राप्त हुई। इसके आधार पर धान का उत्पादन 40 क्विंटल प्रति हेक्टेयर आंका गया। जिलाधिकारी ने बताया कि फसल कटाई प्रयोग जनपद, प्रदेश और देशभर में कराए जाते हैं। इन प्रयोगों से प्राप्त आंकड़ों के आधार पर फसलों की उत्पादकता का आकलन किया जाता है। साथ ही, इन आंकड़ों का उपयोग फसल बीमा योजनाओं और खाद्य नीति निर्धारित करने में किया जाता है। इस अवसर पर तहसीलदार दिनेश कुटौला, मुख्य कृषि अधिकारी डॉ. वीकेएस यादव, सहायक भूलेख अधिकारी मदन बिष्ट, क्षेत्रीय राजस्व निरीक्षक, राजस्व उप निरीक्षक सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।


 

बाघ एक्सप्रेस की चपेट में आकर नर हाथी की मौत, छतरपुर-हल्दी रेलवे ट्रैक पर हादसा

रुद्रपुर (संवाद-सूत्र)। पंतनगर के छतरपुर-हल्दी रेलवे ट्रैक पर बाघ एक्सप्रेस की चपेट में आकर एक नर हाथी की मौत हो गई। टक्कर से हाथी का दांत टूट गया, जिसे रेलवे ने कब्जे में ले लिया है। वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। पंतनगर के छतरपुर-हल्दी रेलवे ट्रैक पर बुधवार को एक भीषण रेल हादसा सामने आया, जिसमें लालकुआं से रुद्रपुर की ओर जा रही बाघ एक्सप्रेस ट्रेन की चपेट में आने से एक नर हाथी की दर्दनाक मौत हो गई। घटना छतरपुर-हल्दी रेलवे ट्रैक के पिलर संख्या 55ध्8 के समीप की है। हादसा तराई केंद्रीय वन प्रभाग की रुद्रपुर रेंज के तहत हुआ है। टक्कर इतनी जोरदार थी कि हाथी का एक दांत टूटकर दूर जा गिरा, जिसे घटना के बाद रेलवे प्रशासन ने सुरक्षात्मक दृष्टि से अपने कब्जे में ले लिया है। रेलवे अधिकारियों के अनुसार, आज (बुधवार) औपचारिक प्रक्रिया पूरी करने के बाद हाथी का दांत वन विभाग को सौंप दिया जाएगा। इधर हादसे की सूचना मिलते ही वन विभाग और रेलवे की टीमों में हड़कंप मच गया। तराई केंद्रीय वन प्रभाग रुद्रपुर डिवीजन के उच्च अधिकारी एवं कर्मचारी आनन-फानन में दल-बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। वन विभाग की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, मृत नर हाथी के शव का पोस्टमार्टम आज दोपहर 11 बजे विशेषज्ञों के डॉक्टर पैनल द्वारा किया जाएगा। पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद हाथी के शव को नियमानुसार निस्तारित किया जाएगा। वहीं, वन विभाग इस बात की भी जांच कर रहा है कि क्या ट्रेन अपनी निर्धारित गति सीमा में चल रही थी या नहीं।
 

स्कूलों में सुरक्षित बचपन अभियान के तहत बच्चों को किया जागरूक -गुड टच-बैड टच, महिला हिंसा और साइबर अपराधों से बचाव की दी जानकारी

विनोद वार्ता संवाद-सूत्र
गदरपुर।
ऊधम सिंह नगर। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव एवं सिविल जज (सीनियर डिवीजन) श्रीमती ममता पंत ने मंगलवार को रेड रोज कॉन्वेंट स्कूल और सेंट मैरी स्कूल में जागरूकता शिविर आयोजित कर छात्र-छात्राओं को सुरक्षित बचपन अभियान के प्रति जागरूक किया। शिविर में उन्होंने बच्चों को यौन अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम (पॉक्सो एक्ट), 2012 की जानकारी देते हुए गुड टच-बैड टच, महिला हिंसा तथा विभिन्न अपराधों से बचाव के उपाय बताए। उन्होंने विद्यार्थियों को किसी भी प्रकार के अनुचित व्यवहार के प्रति सतर्क रहने और जरूरत पड़ने पर तत्काल सहायता लेने के लिए प्रेरित किया। इस दौरान उन्होंने आपातकालीन सहायता के लिए डायल 112, चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 और साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर 1930 की जानकारी देते हुए इनके उपयोग के बारे में बताया। कार्यक्रम में रेड रोज कॉन्वेंट स्कूल की प्रधानाध्यापिका श्रीमती मुस्कान गोस्वामी, सेंट मैरी स्कूल के फादर वीजोए, छात्र-छात्राएं, शिक्षक-शिक्षिकाएं तथा पीएलवी इल्मा बी, संगीता सरदार, राजकुमारी और गोपाल सिंह गौतम सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।

गदरपुर पुलिस ने 40 लीटर कच्ची शराब के साथ दो आरोपियों को किया गिरफ्तार -ऑपरेशन प्रहार के तहत कार्रवाई, तस्करी में प्रयुक्त बाइक भी बरामद

(पुलिस एंड मीडिया, गदरपुर)
गदरपुर।
ऑपरेशन प्रहार अभियान के तहत गदरपुर कोतवाली पुलिस ने गूलरभोज क्षेत्र में चेकिंग के दौरान 40 लीटर अवैध कच्ची शराब के साथ दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से एक मोटरसाइकिल (यूके06बीएच7024) भी बरामद की है। पुलिस के अनुसार, 26 अक्टूबर 2026 को चलाए गए चेकिंग अभियान के दौरान मुखत्यार सिंह (51 वर्ष), निवासी कुईखेड़ी, गदरपुर तथा सूरज सिंह (19 वर्ष), निवासी पिक्चर हॉल कॉलोनी, गदरपुर को गिरफ्तार किया गया। आरोपियों के कब्जे से सफेद प्लास्टिक के कट्टे में रखे छोटे-बड़े 131 पाउच में करीब 40 लीटर कच्ची शराब बरामद हुई। इस मामले में कोतवाली गदरपुर में एफआईआर संख्या 328/2026, धारा 60(1)/72 आबकारी अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस टीम में शामिल रहे उपनिरीक्षक मेघा शर्मा, प्रभारी चैकी गूलरभोज, कांस्टेबल शान्त लाल, लक्ष्मण कुमार और रघुवर सिंह रावत। पुलिस ने बताया कि अवैध शराब के निर्माण, तस्करी और बिक्री पर अंकुश लगाने के लिए ऑपरेशन प्रहार के तहत अभियान जारी है।
 

रुद्रपुर ओमेक्स रिवेरा के विला में जुआ खेलते छह पकड़े, 3.88 लाख रुपये और पोकर सेट बरामद

ऊधम सिंह नगर (संवाद-सूत्र)। रुद्रपुर के ओमेक्स रिवेरा स्थित लेमडा-39 विला में जुए की सूचना पर पुलिस ने छापा मारकर छह लोगों को पकड़ा। मौके से 3,88,100 रुपये नकद, ताश की दो गड्डियां और पोकर सेट बरामद हुआ। रुद्रपुर शहर के ओमेक्स रिवेरा के लेमडा-39 विला में जुआ खेलने की सूचना पर पुलिस ने छापा मारा और छह लोगों को पकड़ लिया। पुलिस ने मौके से 3,88,100 रुपये नकद, ताश की दो गड्डियां और एक पोकर सेट बरामद किया। पुलिस के अनुसार, मेट्रोपोलिस मॉल के पास चेकिंग के दौरान सूचना मिली कि ओमेक्स रिवेरा के मुख्य गेट के दाईं ओर स्थित लेमडा-39 विला में जुआ खेला जा रहा है। सूचना पर क्षेत्राधिकारी विमल सैनी के निर्देशन में पंतनगर थाना पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। विला की ऊपरी मंजिल के कमरे में छह लोग टेबल के चारों ओर बैठे ताश खेलते मिले। पुलिस को देखकर उन्होंने पत्ते और रुपये टेबल पर रख दिए। बरामद नकदी में 500 रुपये के 773 नोट और 100 रुपये के 16 नोट शामिल हैं। पुलिस ने पोकर सेट भी जब्त किया है। पकड़े गए लोगों की पहचान अमित कुमार (लेमडा-39 विला), अशोक कुमार (वार्ड नंबर चार, गदरपुर), अपूर्व कुमार (सिविल लाइंस आदर्श कॉलोनी, रुद्रपुर), अभिषेक कुमार (एईआईजेड एस-201, ओमेक्स), मनवेन्द्र सिंह (लेमडा-18 विला) और विवेक गुप्ता (फ्लैट एच-ए-401, ओमेक्स) के रूप में हुई है। पुलिस ने उक्त के खिलाफ कार्यवाही की है।