सत्यमेव जयते

उधम सिंह नगरविविध

क्षेत्र पंचायत की बैठक में विकास कार्यों पर चर्चा, पेयजल व सड़क मरम्मत के मुद्दे प्रमुखता से उठे

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विनोद वार्ता संवाद-सूत्र
गदरपुर
।  क्षेत्र पंचायत विकास समिति गदरपुर की बैठक विकास खंड के सभागार में ब्लॉक प्रमुख श्रीमती ज्योति ग्रोवर एवं सांसद प्रतिनिधि श्री प्रीत ग्रोवर की अध्यक्षता में प्रारंभ हुई। बैठक में जिला स्तरीय अधिकारी श्री गोपाल गिरी तथा जिला विकास अधिकारी उधमसिंह नगर के निर्देशन में विभिन्न विकास कार्यों पर चर्चा की गई। बैठक में सिंचाई, नहरों की सफाई, जर्जर विद्युत पोल व विद्युत लाइनों, पेयजल लाइन बिछाने तथा क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत जैसी समस्याएं प्रमुखता से उठाई गईं। जनप्रतिनिधियों ने जल संस्थान की पेयजल लाइनों में लीकेज और ग्रामीणों को प्राप्त हो रहे पानी के बिलों की समस्या से अधिकारियों को अवगत कराया। इस पर जिला विकास अधिकारी ने जल संस्थान के अधिकारियों को पेयजल लाइन की मरम्मत के निर्देश दिए। बैठक में वीबी-जीआरएम योजना में मजदूरी अंश के लिए अनुपूरक बजट की मांग के संबंध में सहायक खंड विकास अधिकारी प्रथम द्वारा जानकारी उपलब्ध कराई गई। जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करने में लगने वाले समय के संबंध में तहसीलदार गदरपुर से जानकारी मांगी गई। बाल विकास विभाग द्वारा आंगनबाड़ी निर्माण के संबंध में जानकारी दी गई। वहीं पंचायतीराज विभाग द्वारा कूड़ा निस्तारण हेतु भूमि चयन की कार्रवाई से सदन को अवगत कराया गया। वर्तमान में चल रहे सेवा संकल्प अभियान की जानकारी एवं उक्त कार्यक्रम को समयबद्ध रूप से संचालित करने के लिए विभागों को आवश्यक कार्रवाई हेतु अवगत कराया गया। प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण की स्थायी प्रतीक्षा सूची की जानकारी सहायक खंड विकास अधिकारी द्वितीय द्वारा सदन को उपलब्ध कराई गई।
 

खबरें

सेवा संकल्प अभियान के तहत जिला सूचना विभाग द्वारा जनपद की विभिन्न ग्राम पंचायतों में केंद्र एवं राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी आमजन तक पहुंचाने के लिए व्यापक स्तर पर जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे है

रूद्रपुर (सू0वि0)। जिला सूचना अधिकारी गोविन्द सिंह बिष्ट ने बताया कि सेवा संकल्प अभियान के तहत जिला सूचना विभाग द्वारा जनपद की विभिन्न ग्राम पंचायतों में केंद्र एवं राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी आमजन तक पहुंचाने के लिए व्यापक स्तर पर जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी क्रम में सूचना विभाग में पंजीकृत सांस्कृतिक दल माॅ नैना सांस्कृतिक एवंज न कल्याण सेवा समिति, राना प्रताप थारू जनजाति विकास समिति, पंखुड़ी थारू सांस्कृतिक समिति, खटीमा स्वयं सिद्धा विकास खण्ड सोसायटी, राणा थारू जनजाति सांस्कृतिक उत्थान समिति, देवभूमि थारू जनजाति सांस्कृतिक विकास समिति, जनजाति थारू कला एवं उत्थान समिति, थारू कला निपुण जनजाति सांस्कृतिक समिति, व्याख्या जन जागृति संस्कृति संगीत एवं नाट्य समिति, वन्या थारू उत्थान समिति, जय भूमसेन होलिका उत्थान समिति, वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप थारू सांस्कृतिक उत्थान समिति, परिर्वतन सेवा समिति, रतनपुर थारू हंस सांस्कृतिक जन कल्याण सेवा समिति व नई रोशनी थारू समाज कल्याण समिति द्वारा जनपद के विभिन्न ग्राम पंचायतों में गीत-नाट्य प्रस्तुतियों, नुक्कड़ नाटकों एवं प्रचार साहित्य के माध्यम से ग्रामीणों को सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं एवं जनहितकारी कार्यक्रमों की जानकारी दी जा रही है। जिला सूचना अधिकारी ने बताया कि सांस्कृतिक दलों के कलाकारों द्वारा लोकगीत एवं नाट्य प्रस्तुतियों के माध्यम से ग्रामीणों को केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं के लाभ, पात्रता एवं उद्देश्यों के बारे में सरल एवं रोचक तरीके से जानकारी दी जा रही है। इस दौरान ग्रामीणों को सरकार की योजनाओं से संबंधित प्रचार-प्रसार सामग्री भी वितरित की जा रही रही है ताकि वे योजनाओं की जानकारी प्राप्त कर उनका लाभ उठा सकें। उन्होने बताया कि सेवा संकल्प अभियान के तहत पूरे माह जनपद की विभिन्न ग्राम पंचायतों में इस प्रकार के जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि इन कार्यक्रमों का मुख्य उद्देश्य केन्द्र व राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी अंतिम छोर तक पहुंचाना, पात्र लाभार्थियों को योजनाओं से जोड़ना तथा ग्रामीणों को अपने अधिकारों एवं उपलब्ध सुविधाओं के प्रति जागरूक करना है। उन्होंने कहा कि लोक कला एवं गीत-नाट्य के माध्यम से दी जाने वाली जानकारी ग्रामीणों तक प्रभावी ढंग से पहुंचती है, इसी को ध्यान में रखते हुए सूचना विभाग द्वारा पंजीकृत सांस्कृतिक दलों के माध्यम से जनपद के ग्रामीण क्षेत्रों में लगातार जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
 

सीडीओ ने किया हथकरघा कौशल प्रशिक्षण केंद्र का उद्घाटन

रुद्रपुर (सू.वि.)। मुख्य विकास अधिकारी दिवेश शासनी ने रुद्रपुर ब्लॉक में रेड इंडिया के संयुक्त पहल के तहत श्परिश्रम कौशलश्हथकरघा कौशल प्रशिक्षण केंद्र का रिबन काटकर शुभारंभ किया।मुख्य विकास अधिकारी ने कहा कि प्रशिक्षण केंद्र में कौशल विकास और महिला सशक्तिकरण एवं आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से शुरू किया गया है,जिससे स्थानीय लोगों को हथकरघा और अन्य कौशल में प्रशिक्षण प्राप्त करने का अवसर मिलेगा। रूरल एजुकेशन एंड डेवलपमेंट संस्था की मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ.गीता मल्होत्रा ने संस्था द्वारा महिला सशक्तिकरण और ग्रामीण विकास के लिए चलाए जा रहे विभिन्न कार्यक्रमों की जानकारी दी। डॉ.मल्होत्रा ने बताया कि रीड इंडिया पूरे भारत में महिलाओं का कौशल विकास करके उन्हें स्वरोजगार और व्यावसायिक अवसर उपलब्ध कराने का कार्य कर रही है।संस्था की कार्यप्रणाली पर बात करते हुए उन्होंने बताया कि सबसे पहले महिलाओं की क्षमता और व्यावसायिक समझ को बढ़ाया जाता है। इसके बाद उनकी रुचि और सुविधा के अनुसार हुनर (स्किल्स) का प्रशिक्षण दिया जाता है। प्रशिक्षण के बाद महिलाओं के समूह बनाकर उन्हें व्यावसायिक अवसरों से जोड़ा जाता है। संस्था समुदाय प्रथम दृष्टिकोण पर काम करती है, जिसमें समुदाय को आगे रखकर संस्था उनके मार्गदर्शन और सहयोग की भूमिका निभाती है। उन्होंने बताया कि उत्तराखंड सरकार के सहयोग से रुद्रपुर में एक नए बुनाई (वीविंग) सेंटर की शुरुआत की गई है। इस केंद्र पर रीड इंडिया के मास्टर ट्रेनर्स के माध्यम से महिलाओं को हथकरघा बुनाई का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके साथ ही तैयार उत्पादों को बाजार से जुड़ने का प्रशिक्षण भी महिलाओं को दिया जाएगा। इस अवसर पर खंड विकास अधिकारी आसित आनंद सहित ग्रामीण महिलाएं,संस्था के लोग अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
 

क्षेत्र पंचायत की बैठक में विकास कार्यों पर चर्चा, पेयजल व सड़क मरम्मत के मुद्दे प्रमुखता से उठे

विनोद वार्ता संवाद-सूत्र
गदरपुर
।  क्षेत्र पंचायत विकास समिति गदरपुर की बैठक विकास खंड के सभागार में ब्लॉक प्रमुख श्रीमती ज्योति ग्रोवर एवं सांसद प्रतिनिधि श्री प्रीत ग्रोवर की अध्यक्षता में प्रारंभ हुई। बैठक में जिला स्तरीय अधिकारी श्री गोपाल गिरी तथा जिला विकास अधिकारी उधमसिंह नगर के निर्देशन में विभिन्न विकास कार्यों पर चर्चा की गई। बैठक में सिंचाई, नहरों की सफाई, जर्जर विद्युत पोल व विद्युत लाइनों, पेयजल लाइन बिछाने तथा क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत जैसी समस्याएं प्रमुखता से उठाई गईं। जनप्रतिनिधियों ने जल संस्थान की पेयजल लाइनों में लीकेज और ग्रामीणों को प्राप्त हो रहे पानी के बिलों की समस्या से अधिकारियों को अवगत कराया। इस पर जिला विकास अधिकारी ने जल संस्थान के अधिकारियों को पेयजल लाइन की मरम्मत के निर्देश दिए। बैठक में वीबी-जीआरएम योजना में मजदूरी अंश के लिए अनुपूरक बजट की मांग के संबंध में सहायक खंड विकास अधिकारी प्रथम द्वारा जानकारी उपलब्ध कराई गई। जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करने में लगने वाले समय के संबंध में तहसीलदार गदरपुर से जानकारी मांगी गई। बाल विकास विभाग द्वारा आंगनबाड़ी निर्माण के संबंध में जानकारी दी गई। वहीं पंचायतीराज विभाग द्वारा कूड़ा निस्तारण हेतु भूमि चयन की कार्रवाई से सदन को अवगत कराया गया। वर्तमान में चल रहे सेवा संकल्प अभियान की जानकारी एवं उक्त कार्यक्रम को समयबद्ध रूप से संचालित करने के लिए विभागों को आवश्यक कार्रवाई हेतु अवगत कराया गया। प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण की स्थायी प्रतीक्षा सूची की जानकारी सहायक खंड विकास अधिकारी द्वितीय द्वारा सदन को उपलब्ध कराई गई।
 

गदरपुर​​​​​​​ पुलिस ने 5.3 ग्राम अवैध स्मैक के साथ एक को किया गिरफ्तार किया

(पुलिस एण्ड मीडिया, गदरपुर)
गदरपुर।
ऑपरेशन प्रहार अभियान के तहत  कोतवाली गदरपुर पुलिस ने कार्यवाही करते हुए एक अभियुक्त को 5.3 ग्राम अवैध स्मैक (हिरोईन)  के साथ गिरफ्तार किया। वर्तमान में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जनपद ऊधम सिह नगर द्वारा अवैध मादक पदार्थो के, निर्यात, तस्करी तथा बिक्री आदि पर प्रभावी अंकुश लगाये जाने हेतु चलाये जा रहे अभियान के तहत  पुलिस अधीक्षक अपराध/पुलिस अधीक्षक काशीपुर तथा क्षेत्राधिकारी बाजपुर के कुशल पर्यवेक्षण मे तथा प्रभारी निरीक्षक गदरपुर के नेतृत्व में  पुलिस टीम द्वारा दिनांक 21-09-2026 सघन चैकिंग अभियान चालते हुए गुलरभोज रोड गदरपुर  ट्रांसफार्मर के पास संजय सिंह उर्फ संजू पुत्र गुरदीप सिंह निवासी  तेजा फौजा गदरपुर को 5.3 ग्राम अवैध स्मैक  के साथ गिरफ्तार किया गया।  बरामदगी के आधार पर थाना हाजा एफआईआर नंबर280/2026 अन्तर्गत धारा-8/21 एनडीपीएस एक्ट बनाम संजय सिंह उर्फ संजू पुत्र गुरदीप सिंह निवासी  तेजा फौजा गदरपुर, का अभियोग पंजीकृत किया गया। गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीम में वरिष्ठ उपनिरीक्षक मदन सिंह बिष्ट, उपनिरीक्षक संजय बोरा, कानि. मोहन भट्ट, कानि. राजेन्द्र बिष्ट शामिल थे।  

कुमाऊँ कमिश्नर ने काशीपुर तहसील का औचक निरीक्षण किया

काशीपुर (सू.वि.। कुमाऊँ कमिश्नर दीपक रावत ने सोमवार को काशीपुर तहसील का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने तहसील कार्यालय के विभिन्न पटलों, अभिलेखागार और राजस्व अनुभागों का बारीकी से जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान मंडलायुक्त ने जनता से जुड़ी सेवाओं, 143 के मामलों, पाँच साल से अधिक लम्बित स्वामित्व वादों का विशेष रूप से संज्ञान लिया। उन्होंने फाइलों के लंबित रहने पर कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए स्पष्ट किया कि आम जनता के कार्यों में किसी भी प्रकार की हीलाहवाली बर्दाश्त नहीं की जाएगी।उन्होंने उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को निर्देशित किया कि तहसील में आने वाले फरियादियों की समस्याओं का समयबद्ध व पारदर्शी तरीके से निस्तारण किया जाए। मंडलायुक्त ने उपजिलाधिकारी  कोर्ट में पाँच वर्ष से लंबित स्वामित्व वादों की समीक्षा की। इस दौरान पाँचवादों में से दो वादों में बरती गई लापरवाही पर कमिश्नर ने डीएम को संबंधित अधिकारियों का स्पष्टीकरण लेने एवं पूर्व आदेशों का उल्लंघन करने वाले लेखपाल और पेशकार दोनों कार्मिकों को एक सप्ताह के भीतर प्रतिकूल प्रविष्टि देने का निर्देश भी जिलाधिकारी  को दिए। तहसील का निरीक्षण करते हुए मंडलायुक्त ने 143 के तहत भूमि के गैर-कृषि प्रयोग से संबंधित आवेदनों की भी समीक्षा की।ऑनलाइन व ऑफ लाइन आवेदनों एवं पंजिका का अवलोकन करते हुए कमिश्नर ने ऑफलाइन प्रक्रिया के माध्यम से प्राप्त होने वाले आवेदन की जानकारी एसडीएम व तहसीलदार से मांगी।उसके बाद कमिश्नर ने कानूनगो कक्ष का निरीक्षण किया। कानूनगों के द्वारा प्राप्त होने वाले आवेदनों की प्राप्ति पंजिका नहीं बनाई गई। जिस पर कमिश्नर ने गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए संबंधित दोनों कानूनगो का  स्पष्टीकरण लेने के निर्देश जिलाधिकारी  को दिए। कमिश्नर ने दस बड़े बकायदारों की सूची भी तहसील परिसर में प्रदर्शित करने के निर्देश एसडीएम व तहसीलदार को दिए। मीडिया से मुखातिब होते हुए मंडलायुक्त ने कहा कि 5 साल से अधिक पुराने लंबित मामलों (जैसे धारा 176, 210,229 बी आदि) को देखा गया है। निरीक्षण में पाया गया कि कई मामले जल्दी तय हो सकते थे, लेकिन बार-बार आदेश करने के बावजूद अंतिम आदेश जारी नहीं किए गए। इसके लिए डीएम को संबंधित कार्मिकों का स्पष्टीकरण लेने के निर्देश दिए हैं। जमीनी व पारिवारिक बंटवारे से जुड़े मामलों में जहाँ कुर्रे बनाने के आदेश बहुत पहले हो चुके थे,लेकिन लेखपाल द्वारा समय पर कुररा तैयार नहीं किया गया। इसको लेकर भी डीएम को संबंधित का स्पष्टीकरण लेने के निर्देश दिए हैं।143 से संबंधित प्रकरणों और तहसील में प्राप्त होने वाले विभिन्न आवेदनों पर प्राप्ति की तिथि दर्ज न होने के कारण यह पता लगाना कठिन हो रहा है कि कितने मामले लंबित हैं। आयुक्त ने व्यवस्था को दुरुस्त करने के निर्देश मौके पर दिए है।
आवेदन से पहले रिपोर्ट- 
मंडलायुक्त ने कहा कि निरीक्षण के दौरान एक ऐसा मामला भी सामने आया जहाँ आवेदन 18 तारीख को जमा हुआ,लेकिन उस पर रिपोर्ट 16 तारीख को ही लगा दी गई थी। उन्होंने कहा कि इसका कड़ा संज्ञान लिया गया तथा डीएम को तुरंत संबंधित कानूनगों का जवाब तलब करने के निर्देश दिए है। कहा कि कानूनगो व अन्य संबंधित अधिकारियों से प्राप्त स्पष्टीकरण यदि संतोषजनक नहीं पाया जाता है,तो उनके विरुद्ध नियमानुसार सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। निरीक्षण के दौरान उपाध्यक्ष जिला विकास प्राधिकरण जयकिशन, अपर जिलाधिकारी कौस्तुभ मिश्र, एसडीएम अभय प्रताप सिंह, सीओ प्रशांत कुमार सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
 

मजबूत एम-पैक्स से गांव मजबूत होंगे और मजबूत गांवों से समृद्ध उत्तराखण्ड बनेगा : मुख्यमंत्री -मुख्यमंत्री ने पंतनगर में आयोजित द्वितीय सहकारिता नेतृत्व प्रशिक्षण वर्ग के शुभारंभ सत्र को वर्चुअल माध्यम सेब किया संबोधित

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पंतनगर (सू.वि.
। सूबे के माननीय मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को मुख्यमंत्री आवास से वर्चुअल माध्यम से गोविन्द बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय, पंतनगर में सहकार भारती उत्तराखण्ड द्वारा आयोजित श्री लक्ष्मणराव इनामदार द्वितीय सहकारिता नेतृत्व प्रशिक्षण वर्ग के शुभारंभ सत्र को संबोधित किया। मुख्यमंत्री ने सहकार भारती के संस्थापक श्रद्धेय लक्ष्मणराव इनामदार जी की जयंती पर उन्हें नमन करते हुए कहा कि सहकारिता को सशक्त बनाकर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करने की दिशा में ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। उन्होंने कहा कि मजबूत नेतृत्व से एम-पैक्स मजबूत होंगे, मजबूत एम-पैक्स से गांव मजबूत होंगे और मजबूत गांवों से उत्तराखण्ड समृद्ध बनेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि पंतनगर की ज्ञानभूमि से सहकारिता को नई दिशा देने वाली अनेक महत्वपूर्ण पहल प्रारंभ की गई हैं। सहकार ग्रंथ के लोकार्पण, देवभूमि सारथी राज्य सहकारी संघ की पहल, सहकारिता के क्षेत्र में नए पाठ्यक्रम की शुरुआत, युवाओं को सहकारिता से जोड़ने के लिए सोशल मीडिया रील्स अभियान तथा एम-पैक्स नेतृत्व प्रशिक्षण कार्यक्रम के शुभारंभ से सहकारिता के क्षेत्र को नई ऊर्जा मिलेगी। उन्होंने इन पहलों के लिए सहकारिता विभाग, पंतनगर विश्वविद्यालय और सहकार भारती को शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य देवभूमि उत्तराखण्ड को ‘सहकार से समृद्धि’ की दिशा में तेजी से आगे बढ़ाना है। पर्वतीय राज्य उत्तराखण्ड में सहकारिता अनेक चुनौतियों के समाधान का प्रभावी माध्यम बन सकती है। पलायन को रोकने, पर्वतीय कृषि को मजबूत करने, स्थानीय उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने में सहकारिता की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि पैक्स राज्य की सहकारिता व्यवस्था की महत्वपूर्ण आधारशिला हैं। बदलती आवश्यकताओं के अनुरूप इन्हें एम-पैक्स के रूप में और अधिक सक्षम एवं प्रभावी बनाया जा रहा है। राज्य सरकार एम-पैक्स के माध्यम से किसानों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने, युवाओं के लिए नए अवसर सृजित करने और ग्रामीण क्षेत्रों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने की दिशा में कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि एम-पैक्स को प्रभावी बनाने के लिए कुशल और दूरदर्शी नेतृत्व आवश्यक है। इसी उद्देश्य से नेतृत्व प्रशिक्षण कार्यक्रम प्रारंभ किया गया है। प्रशिक्षण केवल जानकारी बढ़ाने का माध्यम नहीं, बल्कि नेतृत्व को नई सोच, कार्यदृष्टि और दिशा प्रदान करने का भी सशक्त माध्यम है। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसान, युवा और मातृशक्ति सभी को सहकारिता से जोड़ना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। सरकार सहकारिता को केवल समितियों तक सीमित रखने के बजाय इसे जनभागीदारी और आर्थिक सशक्तिकरण का प्रभावी माध्यम बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। प्रयास है कि सहकारिता का लाभ गांव के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और प्रत्येक व्यक्ति विकास की प्रक्रिया में सहभागी बने। मुख्यमंत्री ने प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रतिभाग कर रहे प्रतिनिधियों से अपने-अपने क्षेत्रों में सहकारिता की भावना को और अधिक मजबूत करने तथा अधिक से अधिक लोगों को इससे जोड़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि सहकारिता को जन-जन की शक्ति बनाकर गांवों को सशक्त करने, युवाओं को अवसर प्रदान करने और किसानों की आर्थिक शक्ति बढ़ाने की दिशा में सभी को मिलकर कार्य करना होगा। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने भी वर्चुअल माध्यम से संबोधित किया।उन्होंने सभी का स्वागत करते हुए कहा कि सहकार भारती किसानों के लिए समर्पित है। सहकार भारती का मुख्य कार्य जन जन तक सहकारिता को पहुंचाना है। इस तीन दिवसीय एमपैक्स नेतृत्व प्रशिक्षण का अतिथियों द्वारा  दीप प्रज्ज्वलित कर शुभारम्भ किया गया तथा सहकार ग्रन्थम स्मारिका व सोशल मीडिया रील का विमोचन,देवभूमि सारथी राज्य सहकारी संघ लिव का अनावरण तथा नई सहकारिता नीति का लोकार्पण किया गया।इस अवसर पर कुलपति गोविन्द बल्लभ पंत कृषि विश्वविद्यालय पंतनगर  शिवेन्द्र कुमार कश्यप,सचिव सहकारिता डॉ अहमद इकबाल,सहकार भारती संघ से राष्ट्रीय महासचिव  दीपक चैरसिया, प्रदेश अध्यक्ष  विनोद कुमार गौड़, संगठन मंत्री श्री मणिराम नौटियाल, प्रदेश कोषाध्यक्ष सुधीर कुमार जोशी सहित डॉ. बृजेश, डॉ. दिनेश कुमार सिंह,आदि मौजूद थे ।
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भाजपा सरकार की प्रशासनिक कार्रवाई के कारण ऐसी कानूनी स्थिति बनी

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किच्छा (संवाद-सूत्र) ।
पूर्व दर्जा राज्यमंत्री एवं प्रदेश कांग्रेस महामंत्री डॉ गणेश उपाध्याय ने प्रेस को जारी एक विज्ञप्ति में कहा है कि भाजपा सरकार की प्रशासनिक कार्रवाई के कारण ऐसी कानूनी स्थिति बनी जिसमें पहले से घोषित चुनाव की मतगणना माननीय उच्च न्यायालय द्वारा रोकनी पड़ी, इसका सीधा अर्थ है कि सरकार ने चुनाव प्रक्रिया को अनावश्यक रूप से जटिल बनाया।जब अदालत में मामला लंबित था तो अधिसूचनाएँ जारी करने में जल्दबाजी क्यों की गयी। सिरौलीकलां के क्षेत्रीय गठनध्अलग किए जाने को लेकर पहले से विवाद चल रहा था। इसके बावजूद बाद में चुनाव संबंधी अधिसूचना जारी हुई। सरकार को जब पहले से पता था कि संबंधित अधिसूचना न्यायालय में चुनौती के अधीन थी और बाद में उस अधिसूचना को वापस लेने की कार्रवाई भी हुई। ऐसे घटनाक्रम पर भाजपा सरकार की स्थानीय निकाय चुनाव में होती हार पर घबराहट और बेचैनी से इनकी मंशा पर सवाल उठाया है। उन्होने कहा कि उत्तराखंड भाजपा सरकार व राज्य निर्वाचन आयोग ने न्यायालय में लंबित मामले को ध्यान में रखते हुए पर्याप्त सावधानी नहीं बरती। मतदाताओं के अधिकार और चुनाव परिणाम घोषित करने में देरी ठीक नहीं है। संविधान के अनुच्छेद 24र्3। के अनुसार नगरपालिकाओं के चुनावों के संचालन का अधीक्षण, निर्देशन और नियंत्रण राज्य निर्वाचन आयोग में निहित है। इसलिए सरकार की किसी ऐसी कार्रवाई पर सवाल उठाया जा सकता है जो आयोग की स्वतंत्र चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित करती दिखाई दे रही है।

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