सत्यमेव जयते

उधम सिंह नगरविविध

गदरपुर के ग्राम गोपाल नगर में बहुउद्देशीय जनकल्याण शिविर का आयोजन -नशा मुक्ति की दिलाई गई शपथ, शिविर में 18 आवेदन पत्र प्राप्त हुए, जिसमें से 15 का मौके पर ही निस्तारण किया गया

Share on:

विनोद वार्ता संवाद-सूत्र
गदरपुर।
विकासखंड गदरपुर के अंतर्गत ग्राम गोपाल नगर स्थित आश्रम पद्धति विद्यालय में आज ब्लॉक प्रमुख श्रीमती ज्योति ग्रोवर, सांसद प्रतिनिधि श्रीमान प्रीत ग्रोवर श्रीमती सिल्की खेड़ा, जिला पंचायत सदस्या एवं खंड विकास अधिकारी श्रीमती अतिया परवेज की उपस्थिति में बहुउद्देशीय जनकल्याण योजना शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में विभिन्न विभागों द्वारा स्टॉल स्थापित कर आमजन को विभागीय योजनाओं एवं सेवाओं की जानकारी प्रदान की गई। शिविर में जल संस्थान, युवा कल्याण एवं प्रांतीय रक्षक दल विभाग, बाल विकास विभाग, चिकित्सा विभाग, कृषि विभाग, मत्स्य विभाग, पशुपालन विभाग, शिक्षा विभाग, मनरेगा, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम), उझन मसाला ग्रोथ सेंटर, समाज कल्याण विभाग तथा खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग सहित अन्य विभागों ने सहभागिता की। सभी विभागों द्वारा अपनी-अपनी जनकल्याणकारी योजनाओं, कार्यक्रमों एवं सेवाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार करते हुए आमजन को योजनाओं की पात्रता, लाभ एवं आवेदन प्रक्रिया के संबंध में विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। विभागीय अधिकारिय एवं कर्मचारियों द्वारा नागरिकों की समस्याओं एवं जिज्ञासाओं का समाधान भी किया गया। एनआरएलएम एवं रीप के माध्यम से ग्रामीण उद्यमिता, स्वरोजगार एवं स्वयं सहायता समूहों के सशक्तिकरण संबंधी जानकारी दी गई। वहीं उड़ान मसाला गोथ सेंटर द्वारा स्वयं सहायता समूहों द्वारा निर्मित उत्पादों का प्रदर्शन कर स्थानीय उद्यमिता को बढ़ावा दिया गया। कार्यक्रम के दौरान पात्र लाभार्थियों को महालक्ष्मी किटों का वितरण भी किया गया, साथ ही विभिन्न विभागों द्वारा संचालित कल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वित होने हेतु आवश्यक मार्गदर्शन प्रदान किया गया। इस अवसर पर उपस्थित अधिकारियों, कर्मचारियों एवं ग्रामीणों को नशा मुक्त समाज के निर्माण हेतु नशा मुक्ति की शपथ दिलाई गयी तथा सभी से नशे के विरु़द्ध जनजागरुकता फैलाने का आहृवाहन किया गया। शिविर में 18 आवेदन पत्र प्राप्त हुए, जिसमें से 15 का मौके पर ही निस्तारण किया गया। 311 ग्रामीणों ने प्रतिभाग कर विभिन्न विभागों की योजनाओं की जानकारी प्राप्त  की तथा उपलब्ध सेवाओं का लाभ उठाया। कार्यक्रम का उद्देश्य सरकारी योजनाओं के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना, पात्र लाभार्थियों को  योजनाओ से जोड़ना तथा जनकल्याण कार्यक्रमों के प्रति जागरुकता बढ़ाना रहा। 

खबरें

गदरपुर के ग्राम गोपाल नगर में बहुउद्देशीय जनकल्याण शिविर का आयोजन -नशा मुक्ति की दिलाई गई शपथ, शिविर में 18 आवेदन पत्र प्राप्त हुए, जिसमें से 15 का मौके पर ही निस्तारण किया गया

विनोद वार्ता संवाद-सूत्र
गदरपुर।
विकासखंड गदरपुर के अंतर्गत ग्राम गोपाल नगर स्थित आश्रम पद्धति विद्यालय में आज ब्लॉक प्रमुख श्रीमती ज्योति ग्रोवर, सांसद प्रतिनिधि श्रीमान प्रीत ग्रोवर श्रीमती सिल्की खेड़ा, जिला पंचायत सदस्या एवं खंड विकास अधिकारी श्रीमती अतिया परवेज की उपस्थिति में बहुउद्देशीय जनकल्याण योजना शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में विभिन्न विभागों द्वारा स्टॉल स्थापित कर आमजन को विभागीय योजनाओं एवं सेवाओं की जानकारी प्रदान की गई। शिविर में जल संस्थान, युवा कल्याण एवं प्रांतीय रक्षक दल विभाग, बाल विकास विभाग, चिकित्सा विभाग, कृषि विभाग, मत्स्य विभाग, पशुपालन विभाग, शिक्षा विभाग, मनरेगा, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम), उझन मसाला ग्रोथ सेंटर, समाज कल्याण विभाग तथा खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग सहित अन्य विभागों ने सहभागिता की। सभी विभागों द्वारा अपनी-अपनी जनकल्याणकारी योजनाओं, कार्यक्रमों एवं सेवाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार करते हुए आमजन को योजनाओं की पात्रता, लाभ एवं आवेदन प्रक्रिया के संबंध में विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। विभागीय अधिकारिय एवं कर्मचारियों द्वारा नागरिकों की समस्याओं एवं जिज्ञासाओं का समाधान भी किया गया। एनआरएलएम एवं रीप के माध्यम से ग्रामीण उद्यमिता, स्वरोजगार एवं स्वयं सहायता समूहों के सशक्तिकरण संबंधी जानकारी दी गई। वहीं उड़ान मसाला गोथ सेंटर द्वारा स्वयं सहायता समूहों द्वारा निर्मित उत्पादों का प्रदर्शन कर स्थानीय उद्यमिता को बढ़ावा दिया गया। कार्यक्रम के दौरान पात्र लाभार्थियों को महालक्ष्मी किटों का वितरण भी किया गया, साथ ही विभिन्न विभागों द्वारा संचालित कल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वित होने हेतु आवश्यक मार्गदर्शन प्रदान किया गया। इस अवसर पर उपस्थित अधिकारियों, कर्मचारियों एवं ग्रामीणों को नशा मुक्त समाज के निर्माण हेतु नशा मुक्ति की शपथ दिलाई गयी तथा सभी से नशे के विरु़द्ध जनजागरुकता फैलाने का आहृवाहन किया गया। शिविर में 18 आवेदन पत्र प्राप्त हुए, जिसमें से 15 का मौके पर ही निस्तारण किया गया। 311 ग्रामीणों ने प्रतिभाग कर विभिन्न विभागों की योजनाओं की जानकारी प्राप्त  की तथा उपलब्ध सेवाओं का लाभ उठाया। कार्यक्रम का उद्देश्य सरकारी योजनाओं के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना, पात्र लाभार्थियों को  योजनाओ से जोड़ना तथा जनकल्याण कार्यक्रमों के प्रति जागरुकता बढ़ाना रहा। 

12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस कार्यक्रम के अन्तर्गत मनोज सरकार स्टेडियम से रन फॉर योगा व नशामुक्त जागरूकता रैली कार्यक्रम का आयोजन किया गया

रूद्रपुर (सू0वि0)। 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस कार्यक्रम के अन्तर्गत शुक्रवार को मनोज सरकार स्टेडियम से रन फॉर योगा व नशामुक्त जागरूकता रैली कार्यक्रम का आयोजन किया गया। रन फॉर योगा दौड़ का दर्जा राज्य मंत्री उत्तम दत्ता ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। रन फाॅर योगा में पुरूष वर्ग में हिमेश राजपूत प्रथम, केवल चमियाल  द्वितीय, युवराज जोशी तृतीय, भरत कुमार चतुर्थ, गनेश सिंह पंचम व विजय सिंह छठवें स्थान पर रहें इसी तरह महिला वर्ग में गौरी मनोहोरिया प्रथम, आयुषी कश्यप द्वितीय, पल्वी मोहन्तो  तृतीय, प्रीति चतुर्थ, आरती पंचम व सिद्धी छठवें स्थान पर रही। सभी विजेताओं को पुरस्कार व प्रमाण पत्र वितरित किये गये। सम्बोधित करते हुए श्री दत्ता ने कहा कि योग एक जीवन पद्धति है, प्रतिदिन योग को जीवन में अपनाने की अपील जनमानस से की। उन्होने कहा कि योग केवल एक व्यायाम नहीं बल्कि जीवन जीेने की एक समृद्ध शैली है। आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में रन फाॅर योगा जैसी पहल युवाओं और नागरिको को निरोग काया की ओर प्रेरित करने में मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने कहा कि नियमित योग करने से कई गंभीर बीमारियों से बचा जा सकता हैं। उन्होंने कहा कि योग से शारीरिक स्वस्थता के साथ ही मानसिक विकास भी होता है। उन्होने जनता से अपील की कि सभी योग के साथ जुड़े, करें योग-रहंे निरोग। रन फॉर योगा कार्यक्रम में 350 से अधिक युवा, बच्चे, खिलाड़ियों द्वारा प्रतिभाग किया गया। कार्यक्रम में जिला क्रीडा अधिकारी जनकी कार्की, जिला युवा कल्याण अधिकारी  भूपेंद्र सिंह रावत, जिला मंत्री भाजपा प्रमोद मित्तल, जिला आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी डाॅ0 निवेदिता जोशी, अपर जिला आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी डाॅ0 दीपक सरकार, नोडल अधिकारी डाॅ0 बीरेन्द्र सिंह रौतेला, डाॅ0 महेश जोशी, डाॅ0 भावना जोशी, डाॅ0 सुरेन्द्र कुमार पपनेजा, डाॅ0 धर्मेन्द्र सोनी, डाॅ0 मंजू मिश्रा, डाॅ0 मीना अधिकारी, डाॅ0 ऋषि गुप्ता, राहुल पुरोहित, दीपक पंवार, अशरूफ अहमद, संजय कुमार, रमेश जोशी, दिनेश कुमार, योग अनुदेशक राम किशोर, रंजीत कुमार, पुष्पा रूबाली, सुरेश चन्द्र कुडाई, सूरज प्रताप, अनिल चैधरी, लक्ष्मी देवी, तरूण सिंह बगड़वाल, विजय शंकर खिलाड़ी, विभिन्न विभागीय अधिकारी, कर्मचारी आदि उपस्थित थे।

जिलाधिकारी/जिला निर्वाचन अधिकारी के निर्देशन में अपर जिलाधिकारी/उप जिला निर्वाचन अधिकारी ने एसआईआर कार्यक्रम की समीक्षा की

रूद्रपुर (सू0वि0)।  जिलाधिकारीध्जिला निर्वाचन अधिकारी नितिन सिंह भदौरिया के निर्देशन में अपर जिलाधिकारी/उप जिला निर्वाचन अधिकारी कौस्तुभ मिश्र ने गुरूवार को अपर जिलाधिकारी कार्यालय में नोडल अधिकारियों के साथ भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार 01 जुलाई 2026 की अर्हता तिथि के अधार पर निर्वाचक नामावलियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) कार्यक्रम की समीक्षा की। अपर जिलाधिकारी ने कहा कि विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम के तहत समयबद्ध तरीके से सभी बीएलओ पात्र मतदाताओं को गणना प्रपत्र वितरण व गणना पत्र भर कर वापस लेना सुनिश्चित करें साथ ही भरे हुए गणना प्रपत्रों को डिजिटाइज कराना भी सुनिश्चत करें। उन्होने कहा कि एसआईआर  मजबूत लोकतंत्र के लिए त्रुटिरहित और अद्यतन मतदाता सूची अत्यंत आवश्यक है, यह कार्यक्रम समबद्ध है इसमे किसी भी प्रकार की लापरवाही बरदास्त नही की जायेगी। उन्होने सभी बीएलओ व रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों से गणना प्रपत्र वितरण की सूचना प्रतिदिन सांय तक कन्ट्रोल रूम एवं निर्वाचन कार्यालय को उपलब्ध कराने के निर्देश दिये। उन्होंने जनमानस से भी अभियान में सक्रिय सहयोग देने का आह्वान किया। अपर जिलाधिकारी ने बताया कि 07 जुलाई तक बीएलओ घर-घर जाकर मतदाताओं का सत्यापन एवं गणना प्रपत्र भरने का कार्य करेंगे। मतदान केंद्रों का युक्तिकरण 07 जुलाई तक तथा मतदाता सूची के मसौदे का प्रकाशन 14 जुलाई तक किया जाएगा व दावे और आपत्तियां दर्ज करने की अवधि 14 जुलाई से 13 अगस्त तक तथा नोटिस चरणबद्ध दावों का निपटान एवं आपत्ति 14 जुलाई से 11 सितंबर तक व अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन 15 सितम्बर को किया जाएगा। इस अभियान का उद्देश्य प्रत्येक पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची में शामिल करना तथा मृत, स्थानांतरित, अपात्र एवं डुप्लीकेट प्रविष्टियों को हटाकर सूची को अधिक विश्वसनीय एवं अद्यतन बनाना है। बैठक में यह भी स्पष्ट किया गया कि एन्यूमरेशन चरण के दौरान किसी प्रकार के दस्तावेज एकत्र नहीं किए जाएंगे। उन्होंने राजनीतिक दलों से अपने कार्यकर्ताओं एवं बीएलए के माध्यम से अधिक से अधिक लोगों को एसआईआर कार्यक्रम के प्रति जागरूक करने तथा बीएलओ को आवश्यक सहयोग प्रदान करने की अपील की, ताकि कार्यक्रम को निष्पक्ष, प्रभावी एवं त्रुटिरहित पूरा किया जा सके। अपर जिलाधिकारी ने सभी उप जिलाधिकारियों को एसआईआर कार्य की नियमित माॅनिट्रिंग करने के साथ ही सप्ताह में एक बार राजनैतिक दलों के पदाधिकारियों के साथ बैठक करने के भी निर्देश दिये। बैठक में मुख्य शिक्षा अधिकारी हरेन्द्र मिश्रा, जिला सूचना विज्ञान अधिकारी हेमन्त मौर्य, जिला सूचना अधिकारी गोविन्द सिंह बिष्ट, जिला कार्यक्रम अधिकारी मुकुल चैधरी, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी उमाशंकर नेगी, तहसीलदार दिनेश कुटौला, सहायक निर्वाचन अधिकारी राजेन्द्र सिंह अधिकारी आदि मौजूद थे व सभी उप जिलाधिकारी एवं तहसीलदार वर्चुअल माध्यम से जुड़े थे। 
 

आगामी 21 जून रविवार  को अपराह्न 02 बजे से 05 बजे तक नीट-2026 की परीक्षा आयोजित होगी -अपर जिलाधिकारी ने केन्द्र व्यवस्थापकों व समन्वयको की बैठक लेते परीक्षा को शांतिपूर्ण, पारदर्शिता  से सम्पन्न कराने के निर्देश दिये

रूद्रपुर (सू0वि0) । आगामी 21 जून रविवार  को अपराह्न 02 बजे से 05 बजे तक नीट-2026 की परीक्षा आयोजित होगी। परीक्षा को शान्तिपूर्ण तथा पारदर्शिता से सम्पन्न कराने हेतु जनपद में 05 परीक्षा केन्द्र बनाये गये है। जिसमे कुल 2528 परीक्षार्थी परीक्षा में शामिल होगें। अपर जिलाधिकारी कौस्तुभ मिश्र ने जिला सभागार में केन्द्र व्यवस्थापकों व समन्वयको की बैठक लेते हुए परीक्षा को शांतिपूर्ण, पारदर्शिता  से सम्पन्न कराने के निर्देश दिये। उन्होने कहा कि जनपद में 05 परीक्षा केन्द्र जिसमे प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय नया भवन पंतनगर, प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय पुराना भवन पंतनगर, पीएमश्री केन्द्रीय विद्यालय काशीपुर, आईआईएम काशीपुर व पीएमश्री अटल उत्कृष्ठ एएनझा राजकीय इण्टर कालेज रूद्रपुर परीक्षा केन्द्र बनाये गये है। उन्होंने कहा कि परीक्षा कार्य में कोई भी लापरवाही क्षम्य नहीं होगी। उन्होंने कहा कि परीक्षा की ड्îूटी बहुत ही महत्वपूर्ण कार्य है, निर्धारित समय पर अभ्यर्थियों का परीक्षा केंद्र में प्रवेश होना चाहिए, परीक्षा केंद्र में आवश्यक दिशा-निर्देशों का शतप्रतिशत अनुपालन करते हुए सीसी टीवी कैमरे की जद में प्रश्नपत्र रखे व खोले जाएं। उन्होने कहा कि परीक्षा केन्द्रों पर जैमर लगाकर चैक भी कर लिया जाये की जैमर काम कर रहा है या नही। उन्होंने निर्देश दिये कि परीक्षा का आयोजन जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार ही करवाया जाए। उन्होंने कहा कि परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा व्यवस्था के साथ-साथ यह भी सुनिश्चित करें कि किसी भी कर्मचारी के पास मोबाइल न हो। उन्होंने कहा कि परीक्षा केन्द्र के भीतर मोबाइल फोन तथा ब्लूटूथ डिवाइस, घड़ी या किसी भी अन्य प्रकार का इलेक्ट्रॉनिक, डिजिटल गैजेट पूर्णतः प्रतिबन्धित है, इसलिए परीक्षार्थियो से अपील है कि वे अपने घर से ही मोबाईल आदि न लाये। परीक्षा केन्द्रों पर सुरक्षा हेतु पर्याप्त पुलिसकर्मी तैनात रहेंगे। उन्होने सम्बन्धित उप जिलाधिकारियों को निर्देश दिये कि परीक्षा से पूर्व सभी परीक्षा केन्द्रों का निरीक्षण कर सभी व्यवस्थाएं समय से पूर्ण करा लें। उन्होने कहा कि परीक्षा केन्द्रों पर विद्युत, पानी, एम्बुलेंस आदि की व्यवस्था भी सुनिश्चित कर ली जाये। बैठक में अपर पुलिस अधीक्षक डाॅ0 उत्तम सिंह नेगी, उप जिलाधिकारी मनीष बिष्ट, ओसी हिमांशु कफल्टिया, मुख्य शिखा अधिकारी हरेन्द्र मिश्रा, प्राचार्य जवाहर नवोदय विद्यालय कंचन जोशी, स्वास्थ्य विभाग से डाॅ0 सुधीर आदि उपस्थित थे व सम्बन्धित उप जिलाधिकारी तथा केन्द्र प्रभारी वर्चुअल माध्यम से जुड़े थे। 

अमोनिया गैस सिलेंडर फटने से श्रमिक की मौत, दहशत में घर छोड़ खेतों की ओर भागे लोग -नगर के वार्ड नंबर चार स्थित एक बर्फ फैक्ट्री में अमोनिया गैस का सिलेण्ड फटने से हुई घटना

विनोद वार्ता संवाद-सूत्र
गदरपुर
। नगर के वार्ड नंबर चार में स्थित एक बर्फ फैक्ट्री में अमोनिया गैस का सिलेंडर फटने से एक श्रमिक की मौत हो गई जबकि गैस रिसाव से आसपास के क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई। आंखों में जलन और घबराहट महसूस होने पर लोग अपने घरों से निकलकर खेतों की ओर भाग खड़े हुए। सूचना पर पुलिस, फायर ब्रिगेड, प्रशासनिक अधिकारियों के साथ एनडीआरएफ की टीम भी मौके पर पहुंच गई। वार्ड नंबर चार में गदरपुर निवासी राजकुमार की भोला आइस एंड कोल्ड स्टोरेज में शाम करीब छह बजे अचानक अमोनिया गैस के सिलेंडर में रिसाव होने लगा। रिसाव की भनक लगने पर फैक्ट्री में कार्यरत श्रमिक राजेंद्र कुमार (65) निवासी गणेशपुर, रामपुर (उत्तर प्रदेश) छत पर जाकर रिसाव को रोकने की कोशिश करने लगा। इसी बीच जोरदार धमाके के साथ अमोनिया गैस का सिलेंडर फट गया और राजेंद्र कुमार चपेट में आकर अचेत होकर गिर पड़ा। जोरदार धमाके और रिसाव होने से वार्ड वासियों में अफरा तफरी मच गई। तमाम लोग आंखों में जलन और घबराहट होने पर घरों से निकलकर खेतों की ओर दौड़ पड़े। घटना की सूचना पर कोतवाली के कार्यवाहक प्रभारी निरीक्षक प्रदीप शर्मा, फायर ब्रिगेड कर्मियों के साथ मौके पर पहुंच गए। पुलिस और स्थानीय लोगों ने छत पर अचेत राजेंद्र कुमार को चारपाई से बनाए गए अस्थायी स्ट्रेचर के जरिए नीचे उतारकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। सूचना पर एसडीएम ऋचा सिंह और तहसीलदार देवेंद्र सिंह ने भी मौके पर आकर फैक्टरी प्रबंधन से जानकारी ली।
पहले भी हो चुकीं है मामूली गैस रिसाव की घटनाएं
मामले की गंभीरता को देखते हुए 15वीं वाहिनी एनडीआरएफ की रेस्क्यू टीम को भी बुलाया गया। लोगों ने बताया कि फैक्टरी में पहले भी मामूली रूप से अमोनिया गैस के रिसाव की घटनाएं हो चुकी हैं। उन्होंने घनी आबादी के बीच संचालित फैक्टरी को बंद करने की मांग उठाई। एसडीएम ऋचा सिंह ने बताया  कि  प्रथम दृष्टया आबादी क्षेत्र में संचालित फैक्टरी को सील करने के निर्देश दिए गए हैं। जांच के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। 
 

चारधाम यात्रा-आस्था, मर्यादा और वर्तमान चुनौतियाँ

(श्वेता शर्मा)
भारतीय सनातन परंपरा में तीर्थयात्रा केवल एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचने का साधन नहीं रही है, बल्कि यह आत्मशुद्धि, तप, संयम और ईश्वर से जुड़ने का माध्यम मानी गई है। विशेष रूप से चारधाम यात्रा का अपना एक अलग आध्यात्मिक महत्व है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार भगवान के धामों की यात्रा मनुष्य को अपने जीवन, कर्म और कर्तव्यों पर चिंतन करने का अवसर प्रदान करती है। यह यात्रा केवल पर्वतों, नदियों और मंदिरों के दर्शन तक सीमित नहीं थी, बल्कि स्वयं के भीतर स्थित ईश्वर की अनुभूति का मार्ग मानी जाती थी। प्राचीन समय में लोग चारधाम यात्रा पर निकलने से पहले मानसिक और शारीरिक रूप से स्वयं को तैयार करते थे। यात्रा के दौरान भक्ति, सादगी, अनुशासन और धैर्य को विशेष महत्व दिया जाता था। कठिन रास्तों और सीमित संसाधनों के बावजूद श्रद्धालुओं के मन में किसी प्रकार की शिकायत नहीं होती थी, क्योंकि उनका उद्देश्य केवल दर्शन नहीं, बल्कि आध्यात्मिक उन्नति होता था। किन्तु समय के साथ यात्रा का स्वरूप बदलता दिखाई दे रहा है। आज चारधाम यात्रा में श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ रही है, लेकिन व्यवस्थाएं कई बार उस अनुपात में पर्याप्त नहीं दिखतीं। परिणामस्वरूप लंबा ट्रैफिक जाम, भीड़भाड़ और अव्यवस्था जैसी समस्याएं सामने आती हैं। कई श्रद्धालु घंटों तक मार्ग में फंसे रहते हैं, जिससे उनकी पूर्व निर्धारित योजनाएं प्रभावित हो जाती हैं। समय पर गंतव्य तक न पहुंच पाने के कारण उन्हें अनेक प्रकार की असुविधाओं का सामना करना पड़ता है और उनकी यात्रा का आध्यात्मिक आनंद भी प्रभावित होता है। एक अन्य चिंता का विषय यह है कि तीर्थयात्रा और पर्यटन के बीच की सीमा धीरे-धीरे धुंधली होती जा रही है। जहां तीर्थों में श्रद्धा, मर्यादा और आध्यात्मिक वातावरण को प्राथमिकता दी जानी चाहिए, वहीं कुछ लोग इन्हें केवल मनोरंजन और घूमने-फिरने का स्थान समझने लगे हैं। विशेष रूप से कुम्भ नगरी हरिद्वार एवं योगनगरी ऋषिकेश जैसे पवित्र तीर्थ क्षेत्रों में भी कई स्थानों पर ऐसे दृश्य देखने को मिलते हैं  जिनको किसी भी तीर्थ स्थलों की गरिमा के अनुरूप नहीं कहा जा सकता। वहीं पवित्र गंगा तट, जो कि ध्यान, साधना और आत्मिक शांति के केंद्र माने जाते हैं, वहां कई बार तीर्थ की गंभीरता के स्थान पर केवल मनोरंजन का भाव अधिक दिखाई देखने को मिल रहा है जिससे वास्तविक साधना करने वाले भक्तों की भावनाओं के साथ भी खिलवाड़ होता दिखाई देता है। निस्संदेह तीर्थस्थलों पर आने वाले प्रत्येक व्यक्ति का स्वागत है, लेकिन यह भी आवश्यक है कि तीर्थ की पवित्रता और मर्यादा का सम्मान किया जाना हर सनातनी की जिम्मेदारी होनी चाहिए। जिस पतित पावनी,मोक्षदायिनी मां गंगा को हमारी संस्कृति में मां का स्थान दिया गया है और जिन धामों को देवभूमि कहा गया है, वहां आचरण भी उसी भावना के अनुरूप ही होना चाहिए । जिस प्रकार से हम सांसारिक जीवन अपने घर को और घर के पूजा स्थल को पवित्र और स्वच्छ रखना पसंद करते हैं वैसे ही जहां साक्षात् ईश्वरीय शक्तियाँ वास करती हैं वहां की पवित्रता और स्वच्छता का ध्यान रखना भी हमारी पहली जिम्मेदारी होनी चाहिए। चारधाम यात्रा की वास्तविक महत्ता तभी बनी रह सकती है जब श्रद्धालु, समाज और प्रशासन सभी अपनी-अपनी जिम्मेदारियों को समझें। बेहतर व्यवस्थाओं के साथ-साथ तीर्थयात्रियों में भी यह भाव जागृत होना आवश्यक है कि वे केवल एक पर्यटन स्थल नहीं, बल्कि आस्था और आध्यात्मिक चेतना के केंद्र में प्रवेश कर रहे हैं। जब यात्रा में सुविधा के साथ श्रद्धा, अनुशासन के साथ भक्ति और दर्शन के साथ आत्मचिंतन जुड़ जाएगा, तभी चारधाम यात्रा अपने वास्तविक स्वरूप और उद्देश्य को पुनः प्राप्त कर सकेगी।
 

जिलाधिकारी की अध्यक्षता में पंतनगर एयरपोर्ट की एरोडोªम समिति की बैठक आयोजित हुई

रूद्रपुर (सू0वि0)।  जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया की अध्यक्षता में जिला सभागार में पंतनगर एयरपोर्ट की एरोडोªम समिति की बैठक आयोजित हुई। बैठक में निदेशक विमाननपत्तन भाविप्रा पंतनगर एयरपोर्ट पवन कुमार ने बताया कि एयरपोर्ट के आस-पास सुरक्षा के दृष्टिगत बड़े पेड़ों की कटाई-छटाई, झाड़ियो की सफाई की आवश्यकता है। जिसपर जिलाधिकारी ने पंतनगर एयरपोर्ट व वन विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिये कि टीम लगाकर पेड़ों को चिन्हित करते हुए पेड़ों व झाड़ियों की कटाई-छटाई करना सुनिश्चित करें। एयरपोर्ट निदेशक द्वारा एयरपोर्ट की सुरक्षा व एयरपोर्ट पर यात्रियों और परिचालन की गतिविधियों में वृद्धि को देखते हुए पर्याप्त सुरक्षा कार्मिकों की तैनाती व हवाई क्षेत्र में गस्त के लिए पेट्रोलिंग वाहन उपलब्ध कराने का अनुरोध किया। जिसपर जिलाधिकारी ने पुलिस विभाग के अधिकारियों को एयरपोर्ट की सुरक्षा की दृष्टिगत सुरक्षा कर्मिकों की तैनाती व पेट्रोलिंग वाहन हेतु पुलिस मुख्यालय को मांग पत्र भेजने के निर्देश दिये। निदेशक एयरपोर्ट ने कहा कि एयरपोर्ट परिसर में जंगली जानवरो का आवागमन रहता है जिससे दुर्घटना की सम्भावनाएं बनी रहती है। जिसपर जिलाधिकारी ने जंगली जानवरों को भगाने हेतु नियमित हाका अभियान चलाने के निर्देश वन व एयरपोर्ट के अधिकारियों को दिये ताकि एयरपोर्ट पर किसी प्रकार की दुर्घटना की सम्भावना न रहे। निदेशक पंतनगर एयरपोर्ट ने अवगत कराया कि एयरपोर्ट के आस-पास की कालोनियों में अनाधिकृत मांस की दुकाने संचालित की जाती है जिससे चील, कौएं मंडराते रहते है व दुर्घटना की सम्भावना बनी रहती है। जिसपर जिलाधिकारी ने पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देश दिये कि एयरपोर्ट के आस-पास की कालोनियों में निरंतर चैकिंग अभियान चलाकर मांस की दुकानों को हटवाना सुनिश्चित करें। जिलाधिकारी ने पंतनगर एयरपोर्ट विस्तारीकरण की जद में आ रहे अतिक्रमण को चिन्हित करते हुए नोटिस देकर ध्वस्तीकरण कराने के निर्देश दिये। उन्होने एयरपोर्ट व एनएचएआई को विस्तारीकरण कार्य एवं स्वीकृति में तेजी लाने के भी निर्देश दिये। बैठक में प्रभागीय वनाधिकारी यूसी तिवारी, डैम पंतनगर विश्वविद्यालय बीएस चलाल, अपर जिलाधिकारी कौस्तुभ मिश्र, अपर पुलिस अधीक्षक डाॅ0 उत्तम सिंह नेगी, उप जिलाधिकारी मनीष बिष्ट, ओसी संयुक्त कार्यालय हिमांशु कफल्टिया, डीजीएम भाविप्रा अनूप गुप्ता, अधीक्षण अभियंता एनएचएआई सोनू गुप्ता, अधिशासी अभियंता सिंचाई बीएस डांगी, सीएसओ पंतनगर एयरपोर्ट राजकुमार सिंह आदि उपस्थित थे।    
 

Most Viewed