सत्यमेव जयते

ब्रेकिंग न्यूज़ :

उधम सिंह नगरविविध

युवाओं को राज्य में ही मिलेंगे रोजगार और शिक्षा के अवसर,पलायन रोकने पर सरकार का जोर -युवा आयोग और डेलीकेटेड  अग्निवीर सेलश् से सुरक्षित होगा युवाओं का भविष्य: मुख्यमंत्री

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काशीपुर (सू.वि.)। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को काशीपुर में एक निजी होटल में आयोजित युवा विद्यार्थी संवाद कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी जी ने विकसित भारत 2047 का एक महान संकल्प देश के सामने रखा है। उन्होंने कहा कि इस संकल्प को सिद्धि तक पहुँचाने में हमारे युवाओं का योगदान सबसे महत्वपूर्ण रहने वाला है। क्योंकि हमारे युवाओं के पास नया विजन है, आउट-ऑफ-द-बॉक्स थिंकिंग है और सबसे बड़ी बात कुछ कर गुजरने का जुनून है।इसलिए जब भी मुझे प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों में जाकर विद्यार्थियों और युवाओं से मिलने का अवसर मिलता है, मैं उनसे संवाद जरूर करता हूँ। मुख्यमंत्री ने कहा कि जब मैं, आपके विचार सुनता हूँ,तो मुझे महसूस होता है कि हमारा आज का युवा कितना जागरूक है, आपको हर विषय की कितनी गहरी समझ है। मुख्यमंत्री ने कहा कि ये बात मैं इसलिए कह रहा हूँ क्योंकि अभी हाल ही में हमारी सरकार ने युवाओं से ष्मेरे सपनों के उत्तराखंडष् को लेकर सुझाव मांगे थे।इन सुझावों के माध्यम से विद्यार्थियों ने हमें राज्य के अलग-अलग विषयों को लेकर बहुत ही शानदार आइडियाज दिए।इन सभी विचारों को पढ़कर मेरा ये विश्वास और मजबूत हो गया है कि हमारे उत्तराखंड का भविष्य बेहद ही सुरक्षित और सक्षम हाथों में है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारा उत्तराखंड छोटा राज्य जरूर है, लेकिन हमारे युवाओं के सपने छोटे नहीं है।आज की पीढ़ी तो वैसे भी जेन जी है,जो ना केवल सपने देखती है बल्कि उन सपनों को पूरा करने का साहस भी रखती है।इसलिए चाहे विकसित उत्तराखंड का लक्ष्य हो या विकसित भारत का आपका योगदान सबसे महत्वपूर्ण होने वाला है।आपमें वो क्षमता है कि आप दुनिया के किसी भी बड़े मंच पर जाकर अपने प्रदेश और अपने देश का नाम रोशन कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि आगे चलकर आपमें से कोई वैज्ञानिक,कोई शिक्षक,कोई खिलाड़ी बनेगा,तो कोई अपना स्टार्टअप शुरू करेगा, लेकिन कई बार अवसरों के अभाव में प्रतिभा पीछे छूट जाती है और मैं भली-भांति समझता हूँ कि जब अवसरों का अभाव होता है, तो एक युवा और उसके परिवार पर क्या बीतती है।इसलिए जब मुझे आपके ष्मुख्य सेवकष् के रूप में काम करने का अवसर मिला, तो मैंने ये संकल्प लिया कि उत्तराखंड का कोई भी होनहार बेटा या बेटी अवसरों के अभाव में पीछे नहीं छूटना चाहिए।इसी दिशा में कदम उठाते हुए हमारी सरकार वर्चुअल क्लासरूम नेटवर्क का लगातार विस्तार कर रही है।हमने शिक्षा की गुणवत्ता को मजबूत करने के लिए प्रदेश में 189 अटल उत्कृष्ट विद्यालय संचालित किए हैं तथा सरकारी विद्यालयों में एनसीईआरटी आधारित पाठ्यक्रम लागू किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार द्वारा छात्राओं को नंदा गौरा योजना के माध्यम से आर्थिक सहायता दी जा रही है। हम चाहते हैं कि हमारे विद्यार्थी सिर्फ किताबी ज्ञान तक सीमित न रहें, बल्कि विज्ञान और नई तकनीक को भी समझें।इसी सोच के तहत, हम देहरादून में देश की पाँचवीं साइंस सिटी विकसित कर रहे हैं।प्रदेश में स्टेम लैब्स, साइंस और इनोवेशन से जुड़ी गतिविधियों तथा बाल विज्ञान कार्यक्रमों के जरिए विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच, क्रिएटिविटी और प्रैक्टिकल लर्निंग को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। सरकार का स्पष्ट लक्ष्य है कि उत्तराखंड का हर विद्यार्थी ज्ञान, कौशल और तकनीक से सशक्त होकर भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार हो। इसके अलावा हमारा प्रयास है कि हमारे युवा जॉब सीकर के साथ-साथ जॉब क्रिएटर बनने का सपना देखें। इसी दिशा में प्रदेश में स्टार्टअप और नवाचार को भी बढ़ावा दिया जा रहा है।युवाओं को बदलती जरूरतों के अनुसार आधुनिक और डिमांड-बेस्ड स्किल्स से जोड़ने का प्रयास भी किया जा रहा है।हमारी एक और बड़ी प्राथमिकता है कि युवाओं को बेहतर अवसरों के लिए अपना घर और अपना पहाड़ छोड़ने की मजबूरी न हो,इसी के तहत प्रदेश में लगातार औद्योगिक और रोजगार के नए अवसर विकसित किए जा रहे हैं। खेल के क्षेत्र में भी युवाओं को आगे बढ़ाने के लिए हमारी सरकार द्वारा विश्वस्तरीय खेल नीतियां और स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स तैयार किए जा रहे हैं। लेकिन सरकार आपको बेहतर अवसर दे सकती है, संसाधन दे सकती है, प्लेटफॉर्म दे सकती है... लेकिन उन अवसरों को सफलता में बदलना सिर्फ और सिर्फ आपके अपने हाथों में है।इसलिए खूब मेहनत करिए, खूब पढ़ाई करिए और सबसे बढ़कर अपने आप पर विश्वास रखिए,कभी यह मत सोचिए कि आप कोई काम नहीं कर सकते या कोई लक्ष्य आपके लिए बहुत बड़ा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे पूर्व राष्ट्रपति और महान वैज्ञानिक डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम जी का जीवन हम सभी के लिए इसका एक प्रेरणादायक उदाहरण है।उनका जीवन हमें सिखाता है कि परिस्थितियां चाहे कितनी भी कठिन क्यों न हों,अगर सीखने की इच्छा हो और मेहनत करने का जज्बा हो,तो इंसान अपनी मंजिल तक जरूर पहुंच सकता है।इसलिए अपने सपनों को कभी छोटा मत रखिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज हमारे युवाओं के सामने नशा भी एक बड़ी चुनौती बनकर सामने खड़ी है। नशा केवल एक व्यक्ति के शरीर को ही खत्म नहीं करता,बल्कि उसके पूरे परिवार के सपनों को और उसके उज्ज्वल भविष्य को बर्बाद कर देता है।इसलिए,आइए आज मेरे साथ मिलकर संकल्प लीजिए कि आप खुद भी किसी भी तरह के नशे से दूर रहेंगे और अपने दोस्तों, अपने साथियों को भी इससे दूर रहने के लिए प्रेरित करेंगे।जब हमारा युवा स्वस्थ और नशा-मुक्त रहेगा, तभी हमारा उत्तराखंड तेजी से आगे बढ़ेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड की इस विकास यात्रा के आप असली कर्णधार हैं, आपकी सोच और आपकी मेहनत ही देवभूमि को विकास की नई ऊँचाइयों पर ले जाएगी।आप खूब मेहनत कीजिए और हमेशा बड़े सपने देखिए।आपकी ये सरकार आपकी प्रतिभा को नए अवसर देने और आपके रास्ते को आसान बनाने के लिए हरसंभव प्रयास करती रहेगी।मुझे पूर्ण विश्वास है कि आप जैसे प्रतिभाशाली व मेहनती युवा उत्तराखंड को देश का सबसे अग्रणी और सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने के हमारे विकल्प रहित संकल्प को पूर्ण करने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। मुख्यमंत्री ने विभिन्न मुद्दों पर विद्यार्थियों के सवालों का सहजता व सरलता जवाब देते हुए सरकार की प्राथमिकताओं और आगामी योजनाओं को स्पष्ट किया। विद्यार्थी शौर्य,दक्ष,चंद्रा,प्रभजोत,खुशी,सिमरन, कात्यायनी ,आरती, वैष्णवी और आद्रिका द्वारा पूछे गए प्रश्नों पर मुख्यमंत्री ने युवा आयोग, उत्तराखंड के विकास, अग्निवीर योजना, साईबर क्राइम और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर विचार साझा किए। छात्र शौर्य के सवाल का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि युवा आयोग युवाओं की पढ़ाई पूरी होने के बाद उनके लिए रोजगार के अवसर पैदा करने और सरकारी सेवाओं से जोड़ने का काम करेगा।छात्र दक्ष के श्सपनों का उत्तराखंडश् से जुड़े सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ऐसा उत्तराखंड बनाना चाहती है जहाँ युवाओं को शिक्षा, रोजगार और कौशल विकास के लिए पलायन न करना पड़े। राज्य में ही स्वास्थ्य, शिक्षा और बेहतर कनेक्टिविटी जैसी आधुनिक सुविधाएँ उपलब्ध कराई जा रही हैं। इसके साथ ही किसानों को उनके उत्पादों का स्थानीय स्तर पर बाजार मिले ताकि फसलों का उचित मूल्य प्राप्त हो सके। छात्रा चंद्रा द्वारा अग्निवीर सैनिकों के भविष्य को लेकर पूछे गए प्रश्न पर उन्होंने बताया कि सरकार अग्निवीरों के भविष्य को लेकर पूरी तरह सजग है और इसके लिए एक डेलीकेटेड अग्निवीर सेल का गठन किया गया है।छात्रा ख़ुशी द्वारा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और टेक्नोलॉजीपर किए गए सवाल के जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि एआई हमारे लिए चुनौती के साथ-साथ एक बेहतरीन अवसर भी है। आधुनिकता के इस दौर में हमें इसके अनुरूप खुद को ढालना होगा। टेक्नोलॉजी से अनभिज्ञ न रहने की सलाह देते हुए उन्होंने कहा कि साइंस एंड टेक्नोलॉजी के नए शोधों ने कठिन कार्यों को आसान बना दिया है।मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार राज्य के हर जिले में साइंस एंड टेक्नोलॉजी सेंटर स्थापित कर रही है। इसी दिशा में देश की पाँचवीं सबसे बड़ी साइंस सिटी देहरादून में स्थापित की जा रही है।छात्रा  प्रभजोत ने भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने को लेकर मुख्यमंत्री से सवाल किया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने छात्रों से संवाद करते हुए एक पारदर्शी, भ्रष्टाचार-मुक्त और सशक्त उत्तराखंड के निर्माण का संकल्प दोहराया। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ श्जीरो टॉलरेंसश् की नीति पर काम कर रही है और इसे पूरी तरह समाप्त करने के लिए प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि यदि कोई भी व्यक्ति काम के बदले रिश्वत मांगता है या अनुचित दबाव बनाता है, तो नागरिक निसंकोच टोल-फ्री नंबर 1064 या संबंधित मोबाइल ऐप पर अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। उन्होंने आश्वस्त किया कि शिकायतकर्ता की पहचान पूरी तरह गुप्त रखी जाती है और प्राप्त शिकायतों पर विशेष टीमों द्वारा त्वरित जांच की जाती है। मुख्यमंत्री ने कहा हमारा राज्य देवभूमि है और देवभूमि की कार्यप्रणाली पूरी तरह पारदर्शी और भ्रष्टाचार-मुक्त होनी चाहिए। इससे पूर्व माननीय मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हेलीपैड पर जनप्रतिनिधियों व जनता से मुलाकात की। विद्यार्थी संवाद कार्यक्रम में 17 विद्यालयों के करीब 1400 छात्राओं ने भाग लिया। इस दौरान विधायक त्रिलोक सिंह चीमा,मेयर दीपक बाली, दर्जा मंत्री उत्तम दत्ता, फरजाना बेगम, मनजीत सिंह राजू, सुरेंद्र सिंह नामधारी, मुकेश कुमार, जिलाध्यक्ष मनोजपाल, खिलेंद्र चैधरी, मोहनपाल, गुरविंदर सिंह चंडोक सहित एसएसपी अजय गणपति, वीसी जयकिशन, सीडीओ दिवेश शासनी, एडीएम पंकज उपाध्याय, एसडीएम अभय प्रताप सिंह  एवं अन्य अधिकारी व जनप्रतिनिधिगण मौजूद रहे।

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कुमाऊँ कमिश्नर ने काशीपुर तहसील का औचक निरीक्षण किया

काशीपुर (सू.वि.। कुमाऊँ कमिश्नर दीपक रावत ने सोमवार को काशीपुर तहसील का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने तहसील कार्यालय के विभिन्न पटलों, अभिलेखागार और राजस्व अनुभागों का बारीकी से जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान मंडलायुक्त ने जनता से जुड़ी सेवाओं, 143 के मामलों, पाँच साल से अधिक लम्बित स्वामित्व वादों का विशेष रूप से संज्ञान लिया। उन्होंने फाइलों के लंबित रहने पर कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए स्पष्ट किया कि आम जनता के कार्यों में किसी भी प्रकार की हीलाहवाली बर्दाश्त नहीं की जाएगी।उन्होंने उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को निर्देशित किया कि तहसील में आने वाले फरियादियों की समस्याओं का समयबद्ध व पारदर्शी तरीके से निस्तारण किया जाए। मंडलायुक्त ने उपजिलाधिकारी  कोर्ट में पाँच वर्ष से लंबित स्वामित्व वादों की समीक्षा की। इस दौरान पाँचवादों में से दो वादों में बरती गई लापरवाही पर कमिश्नर ने डीएम को संबंधित अधिकारियों का स्पष्टीकरण लेने एवं पूर्व आदेशों का उल्लंघन करने वाले लेखपाल और पेशकार दोनों कार्मिकों को एक सप्ताह के भीतर प्रतिकूल प्रविष्टि देने का निर्देश भी जिलाधिकारी  को दिए। तहसील का निरीक्षण करते हुए मंडलायुक्त ने 143 के तहत भूमि के गैर-कृषि प्रयोग से संबंधित आवेदनों की भी समीक्षा की।ऑनलाइन व ऑफ लाइन आवेदनों एवं पंजिका का अवलोकन करते हुए कमिश्नर ने ऑफलाइन प्रक्रिया के माध्यम से प्राप्त होने वाले आवेदन की जानकारी एसडीएम व तहसीलदार से मांगी।उसके बाद कमिश्नर ने कानूनगो कक्ष का निरीक्षण किया। कानूनगों के द्वारा प्राप्त होने वाले आवेदनों की प्राप्ति पंजिका नहीं बनाई गई। जिस पर कमिश्नर ने गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए संबंधित दोनों कानूनगो का  स्पष्टीकरण लेने के निर्देश जिलाधिकारी  को दिए। कमिश्नर ने दस बड़े बकायदारों की सूची भी तहसील परिसर में प्रदर्शित करने के निर्देश एसडीएम व तहसीलदार को दिए। मीडिया से मुखातिब होते हुए मंडलायुक्त ने कहा कि 5 साल से अधिक पुराने लंबित मामलों (जैसे धारा 176, 210,229 बी आदि) को देखा गया है। निरीक्षण में पाया गया कि कई मामले जल्दी तय हो सकते थे, लेकिन बार-बार आदेश करने के बावजूद अंतिम आदेश जारी नहीं किए गए। इसके लिए डीएम को संबंधित कार्मिकों का स्पष्टीकरण लेने के निर्देश दिए हैं। जमीनी व पारिवारिक बंटवारे से जुड़े मामलों में जहाँ कुर्रे बनाने के आदेश बहुत पहले हो चुके थे,लेकिन लेखपाल द्वारा समय पर कुररा तैयार नहीं किया गया। इसको लेकर भी डीएम को संबंधित का स्पष्टीकरण लेने के निर्देश दिए हैं।143 से संबंधित प्रकरणों और तहसील में प्राप्त होने वाले विभिन्न आवेदनों पर प्राप्ति की तिथि दर्ज न होने के कारण यह पता लगाना कठिन हो रहा है कि कितने मामले लंबित हैं। आयुक्त ने व्यवस्था को दुरुस्त करने के निर्देश मौके पर दिए है।
आवेदन से पहले रिपोर्ट- 
मंडलायुक्त ने कहा कि निरीक्षण के दौरान एक ऐसा मामला भी सामने आया जहाँ आवेदन 18 तारीख को जमा हुआ,लेकिन उस पर रिपोर्ट 16 तारीख को ही लगा दी गई थी। उन्होंने कहा कि इसका कड़ा संज्ञान लिया गया तथा डीएम को तुरंत संबंधित कानूनगों का जवाब तलब करने के निर्देश दिए है। कहा कि कानूनगो व अन्य संबंधित अधिकारियों से प्राप्त स्पष्टीकरण यदि संतोषजनक नहीं पाया जाता है,तो उनके विरुद्ध नियमानुसार सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। निरीक्षण के दौरान उपाध्यक्ष जिला विकास प्राधिकरण जयकिशन, अपर जिलाधिकारी कौस्तुभ मिश्र, एसडीएम अभय प्रताप सिंह, सीओ प्रशांत कुमार सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
 

मजबूत एम-पैक्स से गांव मजबूत होंगे और मजबूत गांवों से समृद्ध उत्तराखण्ड बनेगा : मुख्यमंत्री -मुख्यमंत्री ने पंतनगर में आयोजित द्वितीय सहकारिता नेतृत्व प्रशिक्षण वर्ग के शुभारंभ सत्र को वर्चुअल माध्यम सेब किया संबोधित

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पंतनगर (सू.वि.
। सूबे के माननीय मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को मुख्यमंत्री आवास से वर्चुअल माध्यम से गोविन्द बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय, पंतनगर में सहकार भारती उत्तराखण्ड द्वारा आयोजित श्री लक्ष्मणराव इनामदार द्वितीय सहकारिता नेतृत्व प्रशिक्षण वर्ग के शुभारंभ सत्र को संबोधित किया। मुख्यमंत्री ने सहकार भारती के संस्थापक श्रद्धेय लक्ष्मणराव इनामदार जी की जयंती पर उन्हें नमन करते हुए कहा कि सहकारिता को सशक्त बनाकर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करने की दिशा में ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। उन्होंने कहा कि मजबूत नेतृत्व से एम-पैक्स मजबूत होंगे, मजबूत एम-पैक्स से गांव मजबूत होंगे और मजबूत गांवों से उत्तराखण्ड समृद्ध बनेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि पंतनगर की ज्ञानभूमि से सहकारिता को नई दिशा देने वाली अनेक महत्वपूर्ण पहल प्रारंभ की गई हैं। सहकार ग्रंथ के लोकार्पण, देवभूमि सारथी राज्य सहकारी संघ की पहल, सहकारिता के क्षेत्र में नए पाठ्यक्रम की शुरुआत, युवाओं को सहकारिता से जोड़ने के लिए सोशल मीडिया रील्स अभियान तथा एम-पैक्स नेतृत्व प्रशिक्षण कार्यक्रम के शुभारंभ से सहकारिता के क्षेत्र को नई ऊर्जा मिलेगी। उन्होंने इन पहलों के लिए सहकारिता विभाग, पंतनगर विश्वविद्यालय और सहकार भारती को शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य देवभूमि उत्तराखण्ड को ‘सहकार से समृद्धि’ की दिशा में तेजी से आगे बढ़ाना है। पर्वतीय राज्य उत्तराखण्ड में सहकारिता अनेक चुनौतियों के समाधान का प्रभावी माध्यम बन सकती है। पलायन को रोकने, पर्वतीय कृषि को मजबूत करने, स्थानीय उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने में सहकारिता की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि पैक्स राज्य की सहकारिता व्यवस्था की महत्वपूर्ण आधारशिला हैं। बदलती आवश्यकताओं के अनुरूप इन्हें एम-पैक्स के रूप में और अधिक सक्षम एवं प्रभावी बनाया जा रहा है। राज्य सरकार एम-पैक्स के माध्यम से किसानों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने, युवाओं के लिए नए अवसर सृजित करने और ग्रामीण क्षेत्रों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने की दिशा में कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि एम-पैक्स को प्रभावी बनाने के लिए कुशल और दूरदर्शी नेतृत्व आवश्यक है। इसी उद्देश्य से नेतृत्व प्रशिक्षण कार्यक्रम प्रारंभ किया गया है। प्रशिक्षण केवल जानकारी बढ़ाने का माध्यम नहीं, बल्कि नेतृत्व को नई सोच, कार्यदृष्टि और दिशा प्रदान करने का भी सशक्त माध्यम है। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसान, युवा और मातृशक्ति सभी को सहकारिता से जोड़ना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। सरकार सहकारिता को केवल समितियों तक सीमित रखने के बजाय इसे जनभागीदारी और आर्थिक सशक्तिकरण का प्रभावी माध्यम बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। प्रयास है कि सहकारिता का लाभ गांव के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और प्रत्येक व्यक्ति विकास की प्रक्रिया में सहभागी बने। मुख्यमंत्री ने प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रतिभाग कर रहे प्रतिनिधियों से अपने-अपने क्षेत्रों में सहकारिता की भावना को और अधिक मजबूत करने तथा अधिक से अधिक लोगों को इससे जोड़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि सहकारिता को जन-जन की शक्ति बनाकर गांवों को सशक्त करने, युवाओं को अवसर प्रदान करने और किसानों की आर्थिक शक्ति बढ़ाने की दिशा में सभी को मिलकर कार्य करना होगा। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने भी वर्चुअल माध्यम से संबोधित किया।उन्होंने सभी का स्वागत करते हुए कहा कि सहकार भारती किसानों के लिए समर्पित है। सहकार भारती का मुख्य कार्य जन जन तक सहकारिता को पहुंचाना है। इस तीन दिवसीय एमपैक्स नेतृत्व प्रशिक्षण का अतिथियों द्वारा  दीप प्रज्ज्वलित कर शुभारम्भ किया गया तथा सहकार ग्रन्थम स्मारिका व सोशल मीडिया रील का विमोचन,देवभूमि सारथी राज्य सहकारी संघ लिव का अनावरण तथा नई सहकारिता नीति का लोकार्पण किया गया।इस अवसर पर कुलपति गोविन्द बल्लभ पंत कृषि विश्वविद्यालय पंतनगर  शिवेन्द्र कुमार कश्यप,सचिव सहकारिता डॉ अहमद इकबाल,सहकार भारती संघ से राष्ट्रीय महासचिव  दीपक चैरसिया, प्रदेश अध्यक्ष  विनोद कुमार गौड़, संगठन मंत्री श्री मणिराम नौटियाल, प्रदेश कोषाध्यक्ष सुधीर कुमार जोशी सहित डॉ. बृजेश, डॉ. दिनेश कुमार सिंह,आदि मौजूद थे ।
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भाजपा सरकार की प्रशासनिक कार्रवाई के कारण ऐसी कानूनी स्थिति बनी

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किच्छा (संवाद-सूत्र) ।
पूर्व दर्जा राज्यमंत्री एवं प्रदेश कांग्रेस महामंत्री डॉ गणेश उपाध्याय ने प्रेस को जारी एक विज्ञप्ति में कहा है कि भाजपा सरकार की प्रशासनिक कार्रवाई के कारण ऐसी कानूनी स्थिति बनी जिसमें पहले से घोषित चुनाव की मतगणना माननीय उच्च न्यायालय द्वारा रोकनी पड़ी, इसका सीधा अर्थ है कि सरकार ने चुनाव प्रक्रिया को अनावश्यक रूप से जटिल बनाया।जब अदालत में मामला लंबित था तो अधिसूचनाएँ जारी करने में जल्दबाजी क्यों की गयी। सिरौलीकलां के क्षेत्रीय गठनध्अलग किए जाने को लेकर पहले से विवाद चल रहा था। इसके बावजूद बाद में चुनाव संबंधी अधिसूचना जारी हुई। सरकार को जब पहले से पता था कि संबंधित अधिसूचना न्यायालय में चुनौती के अधीन थी और बाद में उस अधिसूचना को वापस लेने की कार्रवाई भी हुई। ऐसे घटनाक्रम पर भाजपा सरकार की स्थानीय निकाय चुनाव में होती हार पर घबराहट और बेचैनी से इनकी मंशा पर सवाल उठाया है। उन्होने कहा कि उत्तराखंड भाजपा सरकार व राज्य निर्वाचन आयोग ने न्यायालय में लंबित मामले को ध्यान में रखते हुए पर्याप्त सावधानी नहीं बरती। मतदाताओं के अधिकार और चुनाव परिणाम घोषित करने में देरी ठीक नहीं है। संविधान के अनुच्छेद 24र्3। के अनुसार नगरपालिकाओं के चुनावों के संचालन का अधीक्षण, निर्देशन और नियंत्रण राज्य निर्वाचन आयोग में निहित है। इसलिए सरकार की किसी ऐसी कार्रवाई पर सवाल उठाया जा सकता है जो आयोग की स्वतंत्र चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित करती दिखाई दे रही है।

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वर्तमान युवा पीढ़ी को कुशल मार्गदर्शन की आवश्यकता - डाॅ पाण्डेय 

 विनोद वार्ता संवाद-सूत्र                           
गदरपुर।
राजकीय बालिका इंटर कॉलेज गदरपुर में राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद देहरादून के निर्देशानुसार सामाजिक विज्ञान महोत्सव व प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। इसमें बच्चों ने अपने कौशल और प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया। सोमवार को आयोजित ब्लॉक स्तरीय सामाजिक विज्ञान महोत्सव एवं प्रदर्शनी का शुभारंभ ब्लॉक समन्वयक डॉ.संदीप कुमार पाण्डेय,प्रधानाचार्या नंदनी शर्मा व रवि विश्वकर्मा ने संयुक्त रूप से किया। महोत्सव के अंतर्गत क्विज, भाषण और मॉडल प्रतियोगिताएं आयोजित की गई। भाषण प्रतियोगिता में कु.सौम्या मौर्य, कु.हसिंका व गौरव ने क्रमशः प्रथम, दितीय व तृतीय स्थान प्राप्त किया जबकि माॅडल में कु.प्रिया राय, कु. लखविन्दर कौर व कु. हिमांशी ने क्रमशः प्रथम स्थान प्राप्त किया और क्विज.में जीत शर्मा व कु.जिया दानू ने प्रथम, द्वितीय व तृतीय स्थान प्राप्त किया। डॉ पाण्डेय ने बताया कि यह तीनों छात्र अब जनपद स्तरीय सामाजिक विज्ञान महोत्सव में प्रतिभा करेंगे। उन्होंने कहा कि वर्तमान युवा पीढ़ी में प्रतिभा और कौशल की कोई कमी नहीं है, केवल उन्हें कुशल मार्गदर्शन की आवश्यकता है। प्रधानाचार्या नंदनी शर्मा ने शिक्षकों को  उनके कुशल मार्गदर्शन के लिए बधाई दी ।संचालक उर्वशी गंगवार ने किया। इस दौरान नीलू जोशी,राजेन्द्र कुमार, प्रवीण कुमार एवं अन्य विद्वान शिक्षक उपस्थित थे।
 

किच्छा नगर निकाय चुनाव को निष्पक्ष, पारदर्शी और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने को लेकर तैयारियां पूर्ण, चुनाव की सभी तैयारियाँ चैबंद 

किच्छा (सू.वि.)। किच्छा नगर निकाय चुनाव को निष्पक्ष,पारदर्शी और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने को लेकर तैयारियां पूर्ण हो चुकी हैं। चुनाव की सभी तैयारियाँ चैबंद की गई हैं। सोमवार को जिला निर्वाचन अधिकारी/जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया ने नवीन फल मंडी किच्छा में बनाए गए स्ट्रांग रूम का निरीक्षण कर जायजा लिया। जिला निर्वाचन अधिकारी ने स्ट्रांग रूम का निरीक्षण करते हुए वहाँ सुरक्षा व्यवस्थाओं, बैरिकेडिंग, सीसीटीवी कैमरे आदि का निरीक्षण किया। जिला निर्वाचन अधिकारी ने मतदान पार्टियों के मत पेटियों की प्राप्ति के लिए लगाए गए टेबल के साथ परिसर में सुरक्षा के दृष्टिगत और बेरिकेडिंग लगाने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने स्ट्रांग रूम परिसर में हाई मास्क लाइट लगाने एवं परिसर के बाहर वाहनों की पार्किंग की व्यवस्था भी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान एसएसपी अजय गणपति, आरओ हिमांशु फलटिया,एसडीएम गौरव पांडेय,सहायक निदेशक मत्स्य संजय छिमवाल सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

सेंटमैरी स्कूल गदरपुर के छात्र तनमय गुप्ता को उत्कृष्ट प्रदर्शन पर बधाई -मुख्यमंत्री युवा विद्यार्थी मंथन के राज्यव्यापी मंच पर शानदार प्रदर्शन के लिए विद्यालय ने दी शुभकामनाएँ

विनोद वार्ता संवाद-सूत्र
गदरपुर।
सेंटमैरी स्कूल, गदरपुर के कक्षा 12वीं ए के प्रतिभाशाली छात्र तनमय गुप्ता को मुख्यमंत्री युवा विद्यार्थी मंथन के राज्यव्यापी मंच पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने पर विद्यालय परिवार की ओर से हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ दी गई हैं। विद्यालय की ओर से जारी बधाई संदेश में तनमय गुप्ता की मेहनत, लगन और समर्पण की सराहना करते हुए कहा गया है कि उनकी उपलब्धि विद्यालय के लिए गर्व का विषय है। इस अवसर पर विद्यालय प्रबंधन, शिक्षकगण एवं विद्यार्थियों ने तनमय के उज्ज्वल भविष्य की कामना की। विद्यालय के संदेश में कहा गया है कि “आज का समर्पण ही कल के उज्ज्वल भविष्य का निर्माण करता है।” साथ ही विद्यार्थियों को बड़े सपने देखने, सकारात्मक सोच रखने, कड़ी मेहनत करने और अपने लक्ष्यों को हासिल करने के लिए प्रेरित किया गया। सेंटमैरी स्कूल, गदरपुर के प्रबंधन, स्टाफ एवं विद्यार्थियों की ओर से तनमय गुप्ता को इस उपलब्धि के लिए शुभकामनाएँ देते हुए उनके आगामी शैक्षणिक एवं व्यक्तिगत जीवन में निरंतर सफलता की कामना की गई। यह उपलब्धि विद्यालय के अन्य विद्यार्थियों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत है।

युवाओं को राज्य में ही मिलेंगे रोजगार और शिक्षा के अवसर,पलायन रोकने पर सरकार का जोर -युवा आयोग और डेलीकेटेड  अग्निवीर सेलश् से सुरक्षित होगा युवाओं का भविष्य: मुख्यमंत्री

काशीपुर (सू.वि.)। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को काशीपुर में एक निजी होटल में आयोजित युवा विद्यार्थी संवाद कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी जी ने विकसित भारत 2047 का एक महान संकल्प देश के सामने रखा है। उन्होंने कहा कि इस संकल्प को सिद्धि तक पहुँचाने में हमारे युवाओं का योगदान सबसे महत्वपूर्ण रहने वाला है। क्योंकि हमारे युवाओं के पास नया विजन है, आउट-ऑफ-द-बॉक्स थिंकिंग है और सबसे बड़ी बात कुछ कर गुजरने का जुनून है।इसलिए जब भी मुझे प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों में जाकर विद्यार्थियों और युवाओं से मिलने का अवसर मिलता है, मैं उनसे संवाद जरूर करता हूँ। मुख्यमंत्री ने कहा कि जब मैं, आपके विचार सुनता हूँ,तो मुझे महसूस होता है कि हमारा आज का युवा कितना जागरूक है, आपको हर विषय की कितनी गहरी समझ है। मुख्यमंत्री ने कहा कि ये बात मैं इसलिए कह रहा हूँ क्योंकि अभी हाल ही में हमारी सरकार ने युवाओं से ष्मेरे सपनों के उत्तराखंडष् को लेकर सुझाव मांगे थे।इन सुझावों के माध्यम से विद्यार्थियों ने हमें राज्य के अलग-अलग विषयों को लेकर बहुत ही शानदार आइडियाज दिए।इन सभी विचारों को पढ़कर मेरा ये विश्वास और मजबूत हो गया है कि हमारे उत्तराखंड का भविष्य बेहद ही सुरक्षित और सक्षम हाथों में है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारा उत्तराखंड छोटा राज्य जरूर है, लेकिन हमारे युवाओं के सपने छोटे नहीं है।आज की पीढ़ी तो वैसे भी जेन जी है,जो ना केवल सपने देखती है बल्कि उन सपनों को पूरा करने का साहस भी रखती है।इसलिए चाहे विकसित उत्तराखंड का लक्ष्य हो या विकसित भारत का आपका योगदान सबसे महत्वपूर्ण होने वाला है।आपमें वो क्षमता है कि आप दुनिया के किसी भी बड़े मंच पर जाकर अपने प्रदेश और अपने देश का नाम रोशन कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि आगे चलकर आपमें से कोई वैज्ञानिक,कोई शिक्षक,कोई खिलाड़ी बनेगा,तो कोई अपना स्टार्टअप शुरू करेगा, लेकिन कई बार अवसरों के अभाव में प्रतिभा पीछे छूट जाती है और मैं भली-भांति समझता हूँ कि जब अवसरों का अभाव होता है, तो एक युवा और उसके परिवार पर क्या बीतती है।इसलिए जब मुझे आपके ष्मुख्य सेवकष् के रूप में काम करने का अवसर मिला, तो मैंने ये संकल्प लिया कि उत्तराखंड का कोई भी होनहार बेटा या बेटी अवसरों के अभाव में पीछे नहीं छूटना चाहिए।इसी दिशा में कदम उठाते हुए हमारी सरकार वर्चुअल क्लासरूम नेटवर्क का लगातार विस्तार कर रही है।हमने शिक्षा की गुणवत्ता को मजबूत करने के लिए प्रदेश में 189 अटल उत्कृष्ट विद्यालय संचालित किए हैं तथा सरकारी विद्यालयों में एनसीईआरटी आधारित पाठ्यक्रम लागू किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार द्वारा छात्राओं को नंदा गौरा योजना के माध्यम से आर्थिक सहायता दी जा रही है। हम चाहते हैं कि हमारे विद्यार्थी सिर्फ किताबी ज्ञान तक सीमित न रहें, बल्कि विज्ञान और नई तकनीक को भी समझें।इसी सोच के तहत, हम देहरादून में देश की पाँचवीं साइंस सिटी विकसित कर रहे हैं।प्रदेश में स्टेम लैब्स, साइंस और इनोवेशन से जुड़ी गतिविधियों तथा बाल विज्ञान कार्यक्रमों के जरिए विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच, क्रिएटिविटी और प्रैक्टिकल लर्निंग को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। सरकार का स्पष्ट लक्ष्य है कि उत्तराखंड का हर विद्यार्थी ज्ञान, कौशल और तकनीक से सशक्त होकर भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार हो। इसके अलावा हमारा प्रयास है कि हमारे युवा जॉब सीकर के साथ-साथ जॉब क्रिएटर बनने का सपना देखें। इसी दिशा में प्रदेश में स्टार्टअप और नवाचार को भी बढ़ावा दिया जा रहा है।युवाओं को बदलती जरूरतों के अनुसार आधुनिक और डिमांड-बेस्ड स्किल्स से जोड़ने का प्रयास भी किया जा रहा है।हमारी एक और बड़ी प्राथमिकता है कि युवाओं को बेहतर अवसरों के लिए अपना घर और अपना पहाड़ छोड़ने की मजबूरी न हो,इसी के तहत प्रदेश में लगातार औद्योगिक और रोजगार के नए अवसर विकसित किए जा रहे हैं। खेल के क्षेत्र में भी युवाओं को आगे बढ़ाने के लिए हमारी सरकार द्वारा विश्वस्तरीय खेल नीतियां और स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स तैयार किए जा रहे हैं। लेकिन सरकार आपको बेहतर अवसर दे सकती है, संसाधन दे सकती है, प्लेटफॉर्म दे सकती है... लेकिन उन अवसरों को सफलता में बदलना सिर्फ और सिर्फ आपके अपने हाथों में है।इसलिए खूब मेहनत करिए, खूब पढ़ाई करिए और सबसे बढ़कर अपने आप पर विश्वास रखिए,कभी यह मत सोचिए कि आप कोई काम नहीं कर सकते या कोई लक्ष्य आपके लिए बहुत बड़ा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे पूर्व राष्ट्रपति और महान वैज्ञानिक डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम जी का जीवन हम सभी के लिए इसका एक प्रेरणादायक उदाहरण है।उनका जीवन हमें सिखाता है कि परिस्थितियां चाहे कितनी भी कठिन क्यों न हों,अगर सीखने की इच्छा हो और मेहनत करने का जज्बा हो,तो इंसान अपनी मंजिल तक जरूर पहुंच सकता है।इसलिए अपने सपनों को कभी छोटा मत रखिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज हमारे युवाओं के सामने नशा भी एक बड़ी चुनौती बनकर सामने खड़ी है। नशा केवल एक व्यक्ति के शरीर को ही खत्म नहीं करता,बल्कि उसके पूरे परिवार के सपनों को और उसके उज्ज्वल भविष्य को बर्बाद कर देता है।इसलिए,आइए आज मेरे साथ मिलकर संकल्प लीजिए कि आप खुद भी किसी भी तरह के नशे से दूर रहेंगे और अपने दोस्तों, अपने साथियों को भी इससे दूर रहने के लिए प्रेरित करेंगे।जब हमारा युवा स्वस्थ और नशा-मुक्त रहेगा, तभी हमारा उत्तराखंड तेजी से आगे बढ़ेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड की इस विकास यात्रा के आप असली कर्णधार हैं, आपकी सोच और आपकी मेहनत ही देवभूमि को विकास की नई ऊँचाइयों पर ले जाएगी।आप खूब मेहनत कीजिए और हमेशा बड़े सपने देखिए।आपकी ये सरकार आपकी प्रतिभा को नए अवसर देने और आपके रास्ते को आसान बनाने के लिए हरसंभव प्रयास करती रहेगी।मुझे पूर्ण विश्वास है कि आप जैसे प्रतिभाशाली व मेहनती युवा उत्तराखंड को देश का सबसे अग्रणी और सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने के हमारे विकल्प रहित संकल्प को पूर्ण करने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। मुख्यमंत्री ने विभिन्न मुद्दों पर विद्यार्थियों के सवालों का सहजता व सरलता जवाब देते हुए सरकार की प्राथमिकताओं और आगामी योजनाओं को स्पष्ट किया। विद्यार्थी शौर्य,दक्ष,चंद्रा,प्रभजोत,खुशी,सिमरन, कात्यायनी ,आरती, वैष्णवी और आद्रिका द्वारा पूछे गए प्रश्नों पर मुख्यमंत्री ने युवा आयोग, उत्तराखंड के विकास, अग्निवीर योजना, साईबर क्राइम और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर विचार साझा किए। छात्र शौर्य के सवाल का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि युवा आयोग युवाओं की पढ़ाई पूरी होने के बाद उनके लिए रोजगार के अवसर पैदा करने और सरकारी सेवाओं से जोड़ने का काम करेगा।छात्र दक्ष के श्सपनों का उत्तराखंडश् से जुड़े सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ऐसा उत्तराखंड बनाना चाहती है जहाँ युवाओं को शिक्षा, रोजगार और कौशल विकास के लिए पलायन न करना पड़े। राज्य में ही स्वास्थ्य, शिक्षा और बेहतर कनेक्टिविटी जैसी आधुनिक सुविधाएँ उपलब्ध कराई जा रही हैं। इसके साथ ही किसानों को उनके उत्पादों का स्थानीय स्तर पर बाजार मिले ताकि फसलों का उचित मूल्य प्राप्त हो सके। छात्रा चंद्रा द्वारा अग्निवीर सैनिकों के भविष्य को लेकर पूछे गए प्रश्न पर उन्होंने बताया कि सरकार अग्निवीरों के भविष्य को लेकर पूरी तरह सजग है और इसके लिए एक डेलीकेटेड अग्निवीर सेल का गठन किया गया है।छात्रा ख़ुशी द्वारा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और टेक्नोलॉजीपर किए गए सवाल के जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि एआई हमारे लिए चुनौती के साथ-साथ एक बेहतरीन अवसर भी है। आधुनिकता के इस दौर में हमें इसके अनुरूप खुद को ढालना होगा। टेक्नोलॉजी से अनभिज्ञ न रहने की सलाह देते हुए उन्होंने कहा कि साइंस एंड टेक्नोलॉजी के नए शोधों ने कठिन कार्यों को आसान बना दिया है।मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार राज्य के हर जिले में साइंस एंड टेक्नोलॉजी सेंटर स्थापित कर रही है। इसी दिशा में देश की पाँचवीं सबसे बड़ी साइंस सिटी देहरादून में स्थापित की जा रही है।छात्रा  प्रभजोत ने भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने को लेकर मुख्यमंत्री से सवाल किया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने छात्रों से संवाद करते हुए एक पारदर्शी, भ्रष्टाचार-मुक्त और सशक्त उत्तराखंड के निर्माण का संकल्प दोहराया। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ श्जीरो टॉलरेंसश् की नीति पर काम कर रही है और इसे पूरी तरह समाप्त करने के लिए प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि यदि कोई भी व्यक्ति काम के बदले रिश्वत मांगता है या अनुचित दबाव बनाता है, तो नागरिक निसंकोच टोल-फ्री नंबर 1064 या संबंधित मोबाइल ऐप पर अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। उन्होंने आश्वस्त किया कि शिकायतकर्ता की पहचान पूरी तरह गुप्त रखी जाती है और प्राप्त शिकायतों पर विशेष टीमों द्वारा त्वरित जांच की जाती है। मुख्यमंत्री ने कहा हमारा राज्य देवभूमि है और देवभूमि की कार्यप्रणाली पूरी तरह पारदर्शी और भ्रष्टाचार-मुक्त होनी चाहिए। इससे पूर्व माननीय मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हेलीपैड पर जनप्रतिनिधियों व जनता से मुलाकात की। विद्यार्थी संवाद कार्यक्रम में 17 विद्यालयों के करीब 1400 छात्राओं ने भाग लिया। इस दौरान विधायक त्रिलोक सिंह चीमा,मेयर दीपक बाली, दर्जा मंत्री उत्तम दत्ता, फरजाना बेगम, मनजीत सिंह राजू, सुरेंद्र सिंह नामधारी, मुकेश कुमार, जिलाध्यक्ष मनोजपाल, खिलेंद्र चैधरी, मोहनपाल, गुरविंदर सिंह चंडोक सहित एसएसपी अजय गणपति, वीसी जयकिशन, सीडीओ दिवेश शासनी, एडीएम पंकज उपाध्याय, एसडीएम अभय प्रताप सिंह  एवं अन्य अधिकारी व जनप्रतिनिधिगण मौजूद रहे।

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