गदरपुर में मतदाता सूची से नाम काटने की साजिश का आरोप, महिला कांग्रेस ने तहसीलदार को सौंपा ज्ञापन -शल्पी अरोड़ा बोलीं-फार्म-7 का दुरुपयोग कर 2000 से ज्यादा मतदाताओं के नाम काटने की कोशिश
विनोद वार्ता संवाद-सूत्र
गदरपुर। गदरपुर विधानसभा क्षेत्र की मतदाता सूची में फार्म-7 के दुरुपयोग कर बड़े पैमाने पर नाम काटे जाने का मामला सामने आया है। महिला कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव शिल्पी अरोड़ा, गदरपुर ब्लॉक अध्यक्ष चंदन सिंह नयाल एवं नगर अध्यक्ष सिद्धार्थ भुसरी के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मंगलवार को उप जिलाधिकारी/निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी लीना चंद्रा को शिकायत पत्र सौंपकर जांच और कार्रवाई की मांग की। शिकायत पत्र में आरोप लगाया गया है कि मुख्य निर्वाचन अधिकारी, उत्तराखंड की वेबसाइट के अनुसार गदरपुर विधानसभा में 5 अगस्त 2026 को 159, 7 अगस्त को 163, 8 अगस्त को 480, 9 अगस्त को 775 तथा 10 अगस्त को 854 मतदाताओं के नाम काटने के लिए फार्म-7 का दुरुपयोग किया गया है। इस प्रकार 5 दिनों में कुल 2486 मतदाताओं के नाम काटने की कोशिश की गई। शिल्पी अरोड़ा ने कहा कि हमारी जानकारी के अनुसार इनमें से 95 प्रतिशत से अधिक मतदाता अपने-अपने भागों में निवास करते हैं और उन्होंने देश के किसी अन्य भाग में स्वयं को मतदाता के रूप में रजिस्टर्ड नहीं कराया है। जिनके खिलाफ फार्म-7 लगाया गया है वे सभी मतदाता रहने के पात्र हैं। कांग्रेस नेताओं ने बताया कि 10 अगस्त को 131, 9 अगस्त को 119, 8 अगस्त को 70 और 7 अगस्त को 24 फर्जी आपत्तिकर्ताओं ने 5 या 5 से अधिक बार फार्म-7 का दुरुपयोग कर पात्र मतदाताओं के नाम कटवाने की कोशिश की है। इन सभी आपत्तिकर्ताओं की प्रारंभिक जांच में फर्जी प्रतीत हो रहे हैं क्योंकि जिन मतदाताओं के नाम पर आपत्ति लगाई गई है वे वर्तमान में अपने भाग में उपस्थित हैं। शिल्पी अरोड़ा ने कहा हर स्तर पर शिकायत करने के बाद भी गदरपुर सहित ऊधमसिंह नगर की अन्य विधानसभाओं में आपराधिक गिरोह द्वारा ऑनलाइन फार्म-7 भरकर वोट काटने का षड्यंत्र रुक नहीं रहा है। यह लोकतंत्र पर सीधा हमला है। ज्ञापन में कांग्रेस नेताओं ने 5 प्रमुख मांगें रखी हैंरू 1. फार्म-7 की शिकायतों की जांच प्रत्येक मतदान केंद्र की बैग समिति से कराई जाए और गलत पाई जाने पर शिकायतें निरस्त कर मतदाता का नाम यथावत रखा जाए। 2. 14 जुलाई 2026 के बाद दाखिल प्रत्येक फार्म-7 पर आपत्तिकर्ता को फार्म-13 और संबंधित मतदाता को फार्म-14 का नोटिस भेजकर सुनवाई की जाए। 3. झूठी शिकायत करने वाले आपत्तिकर्ताओं के खिलाफ लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1950 की धारा-31 के तहत कड़ी कार्रवाई की जाए। 4. संगठित गिरोह के खिलाफ एसआईटी या सीबीआई जांच कराकर रिपोर्ट मुख्य निर्वाचन अधिकारी को भेजी जाए। 5. फार्म-7 के दुरुपयोग में संलिप्त अधिकारी या कर्मचारी पर भी लोक प्रतिनिधित्व कानून के तहत कार्रवाई की जाए। कांग्रेस नेताओं ने यह भी आरोप लगाया कि कार्यालय के नोटिस बोर्ड पर फार्म-10 सार्वजनिक सूचना हेतु नहीं लगाया गया है, जबकि नियमों के अनुसार इसे दूसरे दिन वेबसाइट और नोटिस बोर्ड पर लगाना अनिवार्य है। इस दौरान मौके पर पहुंची उपजिलाधिकारी अमृता सिंह से भी शिल्पी अरोड़ा ने वार्ता कर पूरे मामले की गंभीरता से जांच कराने की मांग की। इस अवसर पर बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे। तहसीलदार लीना चंद्रा ने ज्ञापन लेकर निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया।



