सत्यमेव जयते

ब्रेकिंग न्यूज़ :

उधम सिंह नगरविविध

सूबे के मुख्यमंत्री ने हरेला पर्व के अवसर पर नगला तराई अपने निजी आवास परिसर में पौधा रोपण किया

Share on:

खटीमा (सू.वि.)। सूबे के माननीय मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी गुरुवार को हरेला पर्व के अवसर पर नगला तराई अपने निजी आवास परिसर में पौधा रोपण किया। इस दौरान उन्होंने सभी को पर्यावरण को समर्पित देवभूमि उत्तराखंड का लोक पर्व हरेला की शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि पर्यावरण का संरक्षण करना हम सब की सामूहिक जिम्मेदारी है, इस लिए हम सबको पेड़ अवश्य लगाना चाहिए और उसका संरक्षण भी करना चाहिए।
 

खबरें

नगर पंचायत गूलरभोज में हरेला पर्व पर वृक्षारोपण कार्यक्रम किया गया

विनोद वार्ता संवाद-सूत्र
गदरपुर।
उत्तराखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण नैनीताल के तत्वाधान में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ऊधम सिंह नगर के सचिव महोदया के निर्देशन में ग्रामीण विधिक सेवा एवं सहायता से केंद्र नगर पंचायत गूलरभोज प्रधानाचार्य व म.व की अध्यक्षता में बिषय-हरेला पर्व पर वृक्षारोपण कार्यक्रम किया गया जिसमें नींबू,अमरूद,कटहल,के पेड़ लगाए गए।और जन-मानस को हरेला पर्व के बारे में बताया गया हरेला पर्व उत्तराखंड का प्रमुख कृषि और सांस्कृतिक पर्व है किसका मुख्य उद्देश्य हरियाली है। तथा साइबर अपराध,इंटरनेट और सोशल मीडिया धोखाधड़ी घोटालों और घरेलू हिंसा से महिलाओं की सुरक्षा अधिनियम 2005के सम्बन्ध में जागरूकता कार्यक्रम किया साथ विशेष लोक अदालत एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा मिलने वाली निःशुल्क विधिक सेवाओं की जानकारी,स्थायी लोक अदालत,राष्ट्रीय लोक अदालत,नालसा टोल फ्री नंबर 15100, नालसा थीम सांग,राष्ट्रीय साइबर हैल्पलाईन नं1930के बारें में जानकारी दी गई।इस कार्यक्रम में पराविधिक कार्यकर्ता राजकुमारी,मीना,कु.दीपा,गोपाल सिंह गौतम द्वारा छात्र छात्राओं व ग्रामीणों को जागरूक किया गया।इस कार्यक्रम में छात्र छात्राओं, आंगनबाड़ी कार्यकत्री, आंगनबाड़ी सहायिका सहित ग्रामीणों की संख्या 55रही।व हरेला पर्व के उपलक्ष में नींबू, अमरूद के पेड़ लगाकर वृक्षारोपण कार्यक्रम भी किया गया। 
 

महावीर नगर में  युवा कौशल दिवस के उपलक्ष में जागरूकता कार्यक्रम किया गया

विनोद वार्ता संवाद-सूत्र
गदरपुर।
उत्तराखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण नैनीताल के तत्वाधान में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ऊधम सिंह नगर के सचिव महोदया ममता पन्त के निर्देशन मे स्थान-राजकीय जूनियर हाईस्कूल महावीर नगर में  प्रधानाचार्या की अध्यक्षता में बिषय-विश्व युवा कौशल दिवस के उपलक्ष में जागरूकता कार्यक्रम किया गया। युवाओं के कौशल विकास के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए हर बर्ष 15जुलाई को इस दिवस को मनाने की घोषणा की गयी थी। भारत में युवाओं को कुशल बनाने के लिए स्किल इंडिया मिशन और राष्ट्रीय कौशल विकास मिशन जैसी योजनाएं चल रही है एवं विशेष लोक अदालत एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा मिलने वाली निःशुल्क विधिक सेवाओं की जानकारी,स्थायी लोक अदालत,राष्ट्रीय लोक अदालत,नालसा टोल फ्री नंबर 15100, नालसा थीम सांग,राष्ट्रीय साइबर हैल्पलाईन नं1930के बारें में जानकारी दी गई।इस कार्यक्रम में पराविधिक कार्यकर्ता राजकुमारी,मीना,कु.दीपा,गोपाल सिंह गौतम द्वारा छात्र छात्राओं व ग्रामीणों को जागरूक किया गया।इस कार्यक्रम में  छात्र छात्राओं सहित ग्रामीणों की संख्या 42 रही। वही हरेला पर्व के उपलक्ष में नींबू, अमरूद के पेड़ लगाकर वृक्षारोपण कार्यक्रम भी किया गया।
 

महामहिम राज्यपाल ने कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि हरेला केवल पर्व नहीं, प्रकृति संरक्षण का जनआंदोलन बने रू राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) गुरमीत सिंह

पंतनगर, । महामहिम राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेनि0)गुरमीत सिंह ने गोविन्द वल्लभ पंत कृषि एवं प्रोद्योगिकी विश्वविद्यालय के गाँधी हॉल में उत्तराखंड के लोकपर्व के अवसर पर आयोजित हरित यज्ञ कार्यक्रम में बतौर मुख्यातिथि प्रतिभाग किया। कार्यक्रम का शुभारम्भ महामहिम ने दीप प्रज्जवलित कर किया। कार्यक्रम में महामहिम ने विश्वविद्यालय के पूर्व विद्यार्थियों को विभिन्न क्षेत्र में कार्य में सफलता प्राप्त करने के उपरांत विश्वविद्यालय के साथ ऐमोयू करने पर बधाई दी एवं सम्मानित किया। महामहिम ने गाँधी हॉल में लगे विभिन्न स्टॉलों का निरिक्षण किया। महामहिम राज्यपाल ने प्रदेशवासियों को शुभकामनाएँ देते हुए हरेला को प्रकृति, संस्कृति और लोकजीवन का महापर्व बताया। उन्होंने कहा कि भारतीय सनातन परंपरा में प्रकृति को माता का स्वरूप माना गया है और पर्यावरण संरक्षण केवल एक दायित्व नहीं, बल्कि हमारी सांस्कृतिक, आध्यात्मिक एवं नैतिक जिम्मेदारी है। राज्यपाल ने कहा कि देवभूमि उत्तराखण्ड ऋषियों की तपोभूमि, माँ गंगा-यमुना की उद्गमस्थली और समृद्ध जैव विविधता का धाम है। यहाँ प्रकृति केवल संसाधन नहीं, बल्कि जीवन और संस्कृति का आधार है। हरेला पर्व हमें हरियाली, नवजीवन, कृषि समृद्धि और पर्यावरण संरक्षण का संदेश देता है तथा धरती और प्रकृति के प्रति अपने दायित्वों का स्मरण कराता है। उन्होंने कहा कि आज जलवायु परिवर्तन, वैश्विक तापवृद्धि, वनाग्नि, हिमालयी ग्लेशियरों के पिघलने और जैव विविधता पर बढ़ते संकट जैसी चुनौतियाँ पूरी मानवता के सामने हैं। ऐसे समय में हरेला हमें केवल पौधे लगाने की नहीं, बल्कि प्रकृति के साथ संतुलित जीवनशैली अपनाने और पौधों को वृक्ष बनने तक संरक्षित करने की प्रेरणा देता है। महामहिम ने उत्तराखण्ड की पर्यावरणीय चेतना का उल्लेख करते हुए विश्वविख्यात चिपको आंदोलन, गौरा देवी के योगदान तथा मैती आंदोलन जैसी प्रेरणादायी पहल का स्मरण किया। उन्होंने कहा कि बीज बम (सीड बॉल), वन पंचायतों, महिला मंगल दलों, स्वयंसेवी संस्थाओं और युवाओं की सक्रिय भागीदारी पर्यावरण संरक्षण को नई ऊर्जा प्रदान कर रही है। राज्यपाल ने कहा कि भारतीय संविधान भी प्रत्येक नागरिक को प्राकृतिक पर्यावरण, वनों, नदियों, झीलों और वन्यजीवों के संरक्षण का दायित्व सौंपता है। उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा प्रारंभ किए गए ष्एक पेड़ माँ के नामष् अभियान को मातृशक्ति, मातृभूमि और मातृप्रकृति के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने वाला प्रेरणादायी अभियान बताया और सभी नागरिकों से इसमें सक्रिय सहभागिता का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि विकसित भारत-2047 और विकसित उत्तराखण्ड का लक्ष्य तभी साकार होगा, जब पर्यावरण संरक्षण जनभागीदारी का अभियान बने। उन्होंने युवाओं, विद्यार्थियों, शिक्षकों, महिला मंगल दलों, स्वयं सहायता समूहों, वन पंचायतों और सामाजिक संगठनों से हरेला को जनआंदोलन बनाने का आग्रह करते हुए प्रत्येक परिवार से कम-से-कम एक पौधा लगाकर उसके संरक्षण का संकल्प लेने की अपील की। राज्यपाल ने कहा कि जल संरक्षण, ऊर्जा की बचत, प्लास्टिक के न्यूनतम उपयोग, स्वच्छता और जैव विविधता का संरक्षण केवल पर्यावरणीय सरोकार नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण के महत्वपूर्ण आधार हैं। उन्होंने सभी नागरिकों से अपने दैनिक जीवन में पर्यावरण संरक्षण को अपनाने और आने वाली पीढ़ियों के लिए हरित, स्वच्छ एवं सुरक्षित भविष्य के निर्माण में सक्रिय योगदान देने का आह्वान किया। अपने संदेश के अंत में महामहिम ने ईश्वर से देवभूमि उत्तराखण्ड की निरंतर हरियाली, समृद्धि, सुख-समृद्धि एवं सुरक्षा की कामना करते हुए सभी प्रदेशवासियों को हरेला पर्व की हार्दिक शुभकामनाएँ दीं। महामहिम राज्यपाल ने कहा कि हरेला केवल एक पर्व नहीं बल्कि प्रकृति, किसान और मातृभूमि के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का अवसर है। उन्होंने कहा कि पंतनगर विश्वविद्यालय ने देश को हरित क्रांति का मार्ग दिखाया था और अब समय आ गया है कि यह संस्थान ‘ग्रीन रिवोल्यूशन 2.0’ का नेतृत्व करे। उन्होंने कृषि में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), डेटा विज्ञान, जल संरक्षण, कार्बन प्रबंधन तथा आधुनिक तकनीकों के उपयोग पर बल देते हुए कहा कि भविष्य की कृषि जलवायु अनुकूल, तकनीक आधारित एवं किसान-केंद्रित होनी चाहिए। उन्होंने विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों का आह्वान किया कि उनका प्रत्येक शोध सीधे किसानों तक पहुंचे और उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव लाए। राज्यपाल ने उत्तराखंड की 71 प्रतिशत वन संपदा तथा पर्यावरण संरक्षण में महिलाओं के ऐतिहासिक योगदान का उल्लेख करते हुए विश्वविद्यालय द्वारा 50 हजार पौधरोपण के संकल्प की सराहना की। उन्होंने कहा कि पौधे लगाना जितना आवश्यक है, उनका संरक्षण उससे भी अधिक महत्वपूर्ण है। इससे पूर्व महामहिम राज्यपाल ने तराई भवन में रुद्राक्ष का पौधा लगा कर पर्यावरण संरक्षित करने का संदेश भी दिया। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रांत प्रचारक डा. शैलेन्द्र ने अपने संबोधन में कहा कि हरेला भारतीय संस्कृति एवं प्रकृति संरक्षण का जीवंत प्रतीक है। उन्होंने गौरा देवी, अमृता देवी बिश्नोई तथा चिपको आंदोलन का उल्लेख करते हुए जल, जंगल और जमीन के संरक्षण का आह्वान किया तथा प्रत्येक नागरिक से कम से कम तीन पौधे लगाकर उनके संरक्षण का संकल्प लेने की अपील की। अपने स्वागत उद्बोधन में कुलपति डा. शिवेंद्र कुमार कश्यप ने कहा कि पंतनगर विश्वविद्यालय देश की हरित क्रांति का जन्मस्थान रहा है और आज भी कृषि अनुसंधान, नवाचार एवं किसान हितैषी तकनीकों के विकास में अग्रणी भूमिका निभा रहा है। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय में हाल के महीनों में ब्रेन 3.0 का आयोजन किया गया जिसमें  एलुमनाई सहभागिता तथा कृषि एवं नवाचार आधारित अनेक नई परियोजनाओं की शुरुआत की गई है। उन्होंने बताया कि हरेला महोत्सव के अंतर्गत विश्वविद्यालय परिसर, अनुसंधान केंद्रों, कृषि विज्ञान केंद्रों एवं उनके द्वारा गोद लिए गए गांवों में 50 हजार पौधों का रोपण एवं संरक्षण किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह अभियान केवल वृक्षारोपण तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि जनभागीदारी के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण का जनआंदोलन बनेगा। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के पांच प्रतिष्ठित पूर्व छात्रों, श्री गुरू इंदर मोहन सिंह, संस्थापक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी, कार्बन सर्कलय श्री एस.के. गौतम, मुख्य कार्यकारी अधिकारी, सरवीर एग्रीटेक प्रा.लि.य श्री मंजुल प्रताप सिंह, मुख्य कार्यकारी अधिकारी, ओराईजो राईस घर एग्रोवल्ड प्रा.लि.य श्री विजय प्रताप सिंह, संस्थापक, देवलसारी नेचुरल्स एवं श्री रजत वर्धन, संस्थापक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी स्कैनेक्स्ट साइंटिफिक टेक्नोलॉजीज प्रा.लि. को अतिथियों द्वारा सम्मानित किया गया। उन्होंने संपीडित बायोगैस एवं बायो-रिफाइनरी सुविधा, फर्टिगेशन प्रणाली में स्वचालन को बढ़ावा, कार्बन मैपिंग एवं कार्बन क्रेडिट परामर्ष साझेदारी तथा विषिश्ट रेडी-टू-ईट कार्यात्मक खाद्य उत्पादों हेतु उन्नत अनुसंधान एवं विकास सुविधा की स्थापना, नवाचार एवं कृशि उद्यमिता केन्द्र की स्थापना जैसी परियोजनाओं पर विश्वविद्यालय के साथ समझौता ज्ञापन (एमओयू) करने का संकल्प लिया। कार्यक्रम के दौरान माननीय राज्यपाल, उत्तराखण्ड द्वारा ड्रैगन फ्रूट की खेती के क्षेत्र में अनुकरणीय एवं उत्कृष्ट कार्य के लिए श्री अनूप मौर्य को प्रशस्ति पत्र एवं रूपये एक लाख पच्चीस हजार की पुरस्कार राशि का चैक प्रदान कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में महाप्रबंधक (ऑपरेशन फार्म) डा. अमित भटनागर ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि भारतीय स्टेट बैंक, पंतनगर शाखा ने पौध क्रय हेतु रू. 3 लाख की सहायता राशि तथा पौधों की सुरक्षा के लिए 500 ट्री गार्ड उपलब्ध कराए हैं। इस अवसर पर जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय गणपति, मुख्य विकास अधिकारी दिवेश शाशनी, अपर पुलिस अधीक्षक डॉ उत्तम सिंह नेगी, विश्वविद्यालय की कुलसचिव, नियंत्रक, अधिष्ठाता, निदेशक, अधिकारी, किसान, कृषि वैज्ञानिक, विद्यार्थी आदि उपस्थित थे।

हरेला पर्व पर गदरपुर नगर पालिका परिषद द्वारा विभिन्न स्थानों पर किया गया वृक्षारोपण

(आकाश कोचर)
गदरपुर
। हरेला पर्व के पावन अवसर पर नगर पालिका परिषद गदरपुर के लोकप्रिय अध्यक्ष श्री मनोज गुम्बर (मिंटू) जी की अध्यक्षता में नगर क्षेत्र के विभिन्न स्थानों पर व्यापक वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण, हरियाली को बढ़ावा देना तथा आमजन को अधिक से अधिक पौधारोपण के लिए प्रेरित करना रहा। इस अवसर पर पालिकाध्यक्ष श्री मनोज गुम्बर (मिंटू) जी ने कहा कि हरेला पर्व प्रकृति के प्रति हमारी आस्था और पर्यावरण संरक्षण का संदेश देता है। प्रत्येक नागरिक को अपने जीवन में कम से कम एक पौधा अवश्य लगाकर उसकी देखभाल करने का संकल्प लेना चाहिए, ताकि आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ एवं हरित वातावरण मिल सके। कार्यक्रम में मुख्य रूप से नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी कैलाश सिंह पटवाल, सभासद रमन छाबड़ा, सचिन गुप्ता एवं श्री मुकेश चावला उपस्थित रहे। इसके साथ ही पालिका कर्मी सोहन लाल, जयपाल शर्मा, विजेंद्र कुमार, मुकेश कुमार, रोहन गुप्ता, अरुण एवं प्रिंस तथा पर्यावरण मित्र उमेश, शेषनारायण शुक्ला, राहुल, गौरव एवं राजवीर ने भी वृक्षारोपण अभियान में उत्साहपूर्वक सहभागिता निभाई। कार्यक्रम के दौरान सभी ने अधिक से अधिक वृक्ष लगाने एवं उनकी नियमित देखभाल करने का संकल्प लिया तथा नगरवासियों से भी पर्यावरण संरक्षण के इस अभियान में बढ़-चढ़कर भाग लेने की अपील की।
 

हरेला पर्व पर जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया ने किया वृक्षारोपण, पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश

वीडियो देखने के लिए लिंक पर क्लिक करें-
रुद्रपुर, (सू0वि0)।
उत्तराखंड के लोकपर्व हरेला के पावन अवसर पर जनपद ऊधम सिंह नगर में पर्यावरण संरक्षण एवं हरित उत्तराखंड के संकल्प को आगे बढ़ाते हुए जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया ने कलेक्ट्रेट परिसर में बना पार्किंग क्षेत्र में पौधरोपण किया। इस दौरान उन्होंने उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों से अधिक से अधिक पौधे लगाने तथा लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल करने का आह्वान किया। जिलाधिकारी ने कहा कि हरेला केवल एक पारंपरिक पर्व नहीं, बल्कि प्रकृति, पर्यावरण और जीवन के प्रति हमारी जिम्मेदारी का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि बढ़ते पर्यावरणीय संकट और जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों के बीच प्रत्येक नागरिक को वृक्षारोपण को जनआंदोलन बनाकर आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ एवं हरित वातावरण उपलब्ध कराने में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करनी चाहिए। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी, अपर जिलाधिकारी, उप जिलाधिकारी सहित जनपद के विभिन्न विभागों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने भी कलेक्ट्रेट परिसर में पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया। अधिकारियों ने लोगों से अपील की कि वे हरेला पर्व के अवसर पर कम से कम एक पौधा अवश्य लगाएं और उसकी नियमित देखभाल कर उसे वृक्ष बनने तक संरक्षित रखें। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी दिवेश शाशनी, उपाध्यक्ष जिला विकास प्राधिकरण जय किशन, अपर जिलाधिकारी कौस्तुभ मिश्र, पंकज उपाध्याय, मुख्य कोषाधिकारी पंकज कुमार शुक्ल, जिला विकास अधिकारी गोपाल गिरी, उपजिलाधिकारी मनीष बिष्ट, ऋचा सिंह, गौरव पाण्डे, कमल कफल्टिया, तहसीलदार दिनेश कुटोला, जिला युवा कल्याण अधिकारी बीएस रावत, जिला पंचायत राज अधिकारी विद्या सिंह सोमनाल, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी उमा शंकर नेगी सहित अन्य अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित थे।
वीडियो देखने के लिए लिंक पर क्लिक करें-
 

सूबे के मुख्यमंत्री ने हरेला पर्व के अवसर पर नगला तराई अपने निजी आवास परिसर में पौधा रोपण किया

खटीमा (सू.वि.)। सूबे के माननीय मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी गुरुवार को हरेला पर्व के अवसर पर नगला तराई अपने निजी आवास परिसर में पौधा रोपण किया। इस दौरान उन्होंने सभी को पर्यावरण को समर्पित देवभूमि उत्तराखंड का लोक पर्व हरेला की शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि पर्यावरण का संरक्षण करना हम सब की सामूहिक जिम्मेदारी है, इस लिए हम सबको पेड़ अवश्य लगाना चाहिए और उसका संरक्षण भी करना चाहिए।
 

भारत विकास परिषद के रक्तदान शिविर में उमड़ा उत्साह, 45 यूनिट रक्त संग्रहित -गुरुद्वारा सिंह सभा में भारत विकास परिषद द्वारा आयोजित शिविर में 9 युवाओं ने पहली बार किया रक्तदान

विनोद वार्ता संवाद-सूत्र
गदरपुर।
भारत विकास परिषद के स्थापना दिवस पर चल रहे सेवा पखवाड़े के तहत भारत विकास परिषद शाखा गदरपुर ने भारतीय रेड क्रॉस सोसायटी के सहयोग से गुरुद्वारा सिंह सभा, गदरपुर में स्वैच्छिक रक्तदान शिविर आयोजित किया। शिविर का शुभारंभ तहसीलदार लीना चंद्रा धामी और भारत विकास परिषद के प्रांतीय संगठन सचिव रविंद्र बजाज ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। शिविर में 45 लोगों ने रक्तदान कर जरूरतमंद मरीजों के लिए रक्त उपलब्ध कराने में सहयोग दिया। इनमें 9 युवा ऐसे रहे जिन्होंने पहली बार रक्तदान किया। रक्त संग्रहण का कार्य शहीद ऊधम सिंह रक्तकोष की टीम ने किया। रक्तकोष के तकनीशियन प्रशांत सक्सेना और दीपक गंवावार ने रक्तदाताओं का स्वास्थ्य परीक्षण कर रक्त संग्रहित किया। गुरुद्वारा सिंह सभा परिसर में आयोजित इस शिविर में सुबह से ही रक्तदाताओं का उत्साह देखने को मिला। बड़ी संख्या में युवाओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने पहुंचकर रक्तदान किया तथा मानव सेवा के इस अभियान में अपनी सहभागिता निभाई। भारत विकास परिषद शाखा गदरपुर के अध्यक्ष राजीव ग्रोवर ने कहा कि रक्तदान जीवनदान के समान है। एक यूनिट रक्त कई जरूरतमंद मरीजों के उपचार में उपयोगी साबित होता है। उन्होंने लोगों से नियमित रूप से रक्तदान करने और ऐसे सामाजिक कार्यों में बढ़-चढ़कर भाग लेने की अपील की। रेड क्रॉस सोसायटी के अध्यक्ष डॉ. विप्रजीत विश्वास सोनू ने कहा कि रक्तदान सामाजिक समरसता का सबसे बड़ा उदाहरण है। जरूरत पड़ने पर व्यक्ति केवल अपने रक्त समूह का रक्त मांगता है, जाति या धर्म नहीं। रक्तदान समाज को एक सूत्र में जोड़ने का कार्य करता है। उन्होंने लोगों से जीवनकाल में रक्तदान और मरणोपरांत नेत्रदान का संकल्प लेने का आह्वान किया, ताकि जरूरतमंद लोगों के जीवन में नई रोशनी लाई जा सके। कार्यक्रम में भारत विकास परिषद के प्रांतीय संगठन सचिव रविंद्र बजाज, शाखा अध्यक्ष राजीव ग्रोवर, परिषद के सचिव एवं रेड क्रॉस सोसायटी के चेयरमैन डॉ. विप्रजीत विश्वास सोनू, परिषद के कोषाध्यक्ष सागर गाबा, रक्तदान शिविर संयोजक राकेश कम्बोज, डॉ. विनीत अरोरा, डॉ. अरविंद धवन, डॉ. अजय श्रीवास्तव, दीपक सुधा, प्रमोद बजाज, विनोद चुग, मनोज डावर, पृथ्वी बजाज, बंटी छाबड़ा, संतोष गुप्ता, राजकुमार तेजवानी, गौरव मदान, अनिल गाबा, विकास बजाज सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे। शिविर में बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी भी पहुंचे और रक्तदाताओं का उत्साहवर्धन किया।